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April 28, 2026

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ट्रंप का दावा, बर्बादी के कगार पर ईरान, होर्मुज खोलने की लगा रहा गुहार

Strait of Hormuz: ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को संकेत दिया है कि वह बेहद गंभीर स्थिति में है, ‘बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है. ट्रंप के अनुसार ईरान चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को जल्द से जल्द खोला जाए, ताकि व्यापार और तेल आपूर्ति फिर से शुरू हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद हैं, जिन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से यह नहीं बताया गया है कि ईरानी पक्ष की ओर से यह संदेश किसने दिया है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर किया पोस्ट राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने हाल ही में अमेरिका को बताया है कि वह पूरी तरह से टूटने की स्थिति में पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि ईरान चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोला जाए, ताकि वह अपने नेतृत्व की स्थिति को संभाल सके. होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट, वैश्विक व्यापार पर असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. जहाजों की आवाजाही बाधित होने के कारण करीब 20,000 नाविक विभिन्न जहाजों पर फंसे हुए हैं. इस जलमार्ग से दुनिया के लगभग 20% तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई होती है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक वित्तीय स्थिति पर पड़ता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध से पहले जहां रोजाना 130 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या काफी घटकर रह गई है. हमलों और तनाव के चलते कई जहाजों को रोकना पड़ा है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं. कूटनीति बनाम टकराव… क्या होगा आगे? मिडिल ईस्ट संकट के दौरान एक ओर जहां शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य तनाव और आर्थिक दबाव भी बना हुआ है. ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है.ऐसे में अगर होर्मुज की स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक रूप से पड़ सकता है. प्रगाढ़ हो रहे रूस-ईरान संबंध, पुतिन से अराघची ने की मुलाकात इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस का दौरा किया और राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की. यह बैठक सेंट पीटर्सबर्ग में हुई, जो करीब दो घंटे तक चली. अराघची ने कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद रूस और ईरान के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. उन्होंने रूस के समर्थन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कठिन समय में मॉस्को ने तेहरान का साथ दिया है. पुतिन ने भी भरोसा दिलाया कि रूस शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा. Also Read: होर्मुज खोलने को तैयार हुआ ईरान, लेकिन अमेरिका के सामने रख दी यह दो शर्त The post ट्रंप का दावा, बर्बादी के कगार पर ईरान, होर्मुज खोलने की लगा रहा गुहार appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान ने पंजाब को 6 विकेट से हराया, यशस्वी-वैभव के बाद फरेरा और शुभम की आतिशबाजी

PBKS vs RR, IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स के सभी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. वैभव और यशस्वी जायसवाल ने टीम को विस्फोटक शुरुआत दिलाई. 3.2 ओवर में राजस्थान के स्कोर को 51 रन पर पहुंचा दिया. वैभव ने 16 गेंदों में 43 रन की पारी स्पोर्ट्सी. जिसमें 3 चौके और 5 छक्के जमाए. यशस्वी जायसवाल ने 27 गेंदों में 7 चौके और एक छक्के की मदद से 51 रन बनाए. ध्रुव जुरेल ने 16 रन की पारी स्पोर्ट्सी. रियान पराग दो चौके और दो छक्कों की मदद से 16 गेंद में 29 रन बनाए. डोनोवन फेरेरा ने नाबाद 52 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने 26 गेंदों का सामना किया, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के जमाए. शुभम दुबे भी नाबाद रहे और 12 गेंदों में 31 रन की पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने 3 चौके और दो छक्के जमाए. प्रभसिमरन सिंह और मार्कस स्टोइनिस की पारी बेकार गई पंजाब किंग्स की ओर से प्रभसिमरन सिंह और मार्कस स्टोइनिस ने बेहतरीन पारी स्पोर्ट्सी. प्रभसिमरन और स्टोइनिस की तूफानी पारी के दम पर पंजाब किंग्स ने 4 विकेट खोकर 222 रन का स्कोर बनाया था. प्रभसिमरन सिंह ने 44 गेंदों में 6 चौकों और एक छक्के की मदद से 59 रन बनाए. जबकि मार्कस स्टोइनिस ने केवल 22 गेंदों में नाबाद 62 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने 4 चौके और 6 छक्के भी जमाए. पंजाब की ओर से प्रियांश आर्य ने 11 गेंदों में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 29 रन बनाए. कूपर कॉनॉली ने 14 गेंद का सामना किया, जिसमें 2 चौके और 3 छक्कों की मदद से 30 रन बनाए. श्रेयस अय्यर ने 27 गेंद में एक चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन की पारी स्पोर्ट्सी. अर्शदीप सिंह सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए पंजाब किंग्स की ओर से अर्शदीप सिंह सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने 4 ओवर में 68 रन दिए और केवल एक विकेट लेने में कामयाब रहे. युजवेंद्र चहल ने अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक 3 विकेट चटकाए. हालांकि चहल ने भी 4 ओवर में 36 रन लुटाए. लॉकी फर्ग्यूसन ने 4 ओवर में 57 रन दिए. जबकि मार्को जानसेन 3.2 ओवर में 41 रन दे दिए और एक भी विकेट नहीं ले पाए. राजस्थान से हारकर भी पंजाब टॉप पर राजस्थान से हार के बाद भी पंजाब की टीम प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर मौजूद है. पंजाब ने 8 मैच स्पोर्ट्से हैं, जिसमें 6 में जीत और केवल एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा. केकेआर के साथ मुकाबला बारिश के कारण नहीं हो पाया था. पंजाब के कुल 13 अंक हैं. दूसरे स्थान पर आरसीबी है, जिसके 12 प्वाइंट्स हैं. राजस्थान की टीम तीसरे नंबर पर है. राजस्थान के भी 12 अंक हैं. प्वाइंट्स टेबल में लखनऊ की टीम सबसे नीचे है. उसके कुल 4 प्वाइंट्स हैं. उसे केवल दो मैच में जीत मिली है, जबकि 6 मैच में हार का सामना करना पड़ा है. The post राजस्थान ने पंजाब को 6 विकेट से हराया, यशस्वी-वैभव के बाद फरेरा और शुभम की आतिशबाजी appeared first on Naya Vichar.

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चुनाव से पहले दक्षिण 24 परगना और बीरभूम के ADM चुनाव ड्यूटी से हटाये गये, ज्वाइंट BDO का भी ट्रांसफर, जानें पूरा मामला

ECI Removed From Election Duty: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण 24 परगना और बीरभूम जिले के अतिरिक्त जिलाधिकारियों (ADM) को चुनावी ड्यूटी से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. इसके अलावा, फालता में ‘सिंघम’ बनाम ‘पुष्पा’ विवाद के केंद्र में रहे ज्वाइंट बीडीओ (Joint BDO) सौरव हाजरा का भी तबादला कर दिया गया है. मतदान से महज कुछ घंटे पहले हुई इस कार्रवाई ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. The post चुनाव से पहले दक्षिण 24 परगना और बीरभूम के ADM चुनाव ड्यूटी से हटाये गये, ज्वाइंट BDO का भी ट्रांसफर, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में BEd एडमिशन के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगी प्रवेश परीक्षा

Bihar BEd Admission 2026: बिहार में बीएड करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी समाचार है. Bihar BEd Admission 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. दो वर्षीय बीएड प्रोग्राम में दाखिले के लिए उम्मीदवार अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस बार भी Bihar CET BEd 2026 के जरिए एडमिशन दिया जाएगा. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट biharcetbed-brabu.in पर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है. बिना लेट फीस के आवेदन की अंतिम तिथि 18 मई 2026 तय की गई है. इसी दिन तक एग्जाम फीस भी जमा करना होगा. अगर कोई उम्मीदवार समय पर आवेदन नहीं कर पाता है, तो वह 21 मई 2026 तक लेट फीस के साथ रजिस्ट्रेशन कर सकता है. आवेदन फॉर्म में सुधार के लिए 22 और 23 मई 2026 को करेक्शन विंडो भी खुली रहेगी. Bihar BEd Admission 2026: आवेदन करने के स्टेप्स सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट biharcetbed-brabu.in पर जाएं. Bihar CET BEd 2026 Apply Online लिंक पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करें और जरूरी जानकारी भरें. लॉगिन करके आवेदन फॉर्म पूरा भरें. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें. एप्लीकेशन फीस का भुगतान करें. फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंट निकाल लें. कब होगी परीक्षा? बिहार में बीएड एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा सीबीटी मोड में 7 जून 2026 को आयोजित होगी. एडमिट कार्ड 1 जून 2026 से उपलब्ध होंगे, जबकि रिजल्ट 19 जून 2026 को घोषित किया जाएगा. एप्लीकेशन फीस सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1000 रुपये रखा गया है. EBC, BC, EWS और स्त्री उम्मीदवारों के लिए 750 रुपये फीस देना होगा. वहीं SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 500 रुपये तय किया गया है. फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए किया जा सकता है. कौन कर सकता है आवेदन? दो वर्षीय BEd कोर्स में एडमिशन (Bihar BEd Admission 2026) के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी है. सामान्य तौर पर कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए. जो उम्मीदवार BE या BTech बैकग्राउंड से हैं, उनके लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक जरूरी हैं. शिक्षा शास्त्री कार्यक्रम के लिए भी यही पात्रता लागू होगी. यह भी पढ़ें: आने वाला है ICSE बोर्ड 10वीं का रिजल्ट, UID और Index Number से करें चेक The post बिहार में BEd एडमिशन के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगी प्रवेश परीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ, पीएम मोदी ने दी बधाई

Gujarat Nikay Chunav Result: गुजरात निकाय चुनाव 2026 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना परचम लहरा दिया है. बीजेपी ने सभी सीटों पर क्लीन स्वीप कर लिया है. अहमदाबाद और राजकोट सहित सभी 15 नगर निगमों पर अब बीजेपी का कब्जा हो गया है. ये चुनाव 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में हुए थे. बीजेपी ने अहमदाबाद की 192 में से 158 सीटें जीतकर गुजरात के सबसे बड़े शहर में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है. राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के आंकड़ों के अनुसार, सुरेंद्रनगर, जामनगर, पोरबंदर, करमसाद-आणंद, नाडियाड, नवसारी, वापी, सूरत और मोरबी के नगर निगमों में कुल सीटों में से अधिकांश सीटें बीजेपी ने जीत ली है. राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़े गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने 9,900 से अधिक सीटों में से 6,472 सीटें जीत ली हैं. राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस ने 1,412 सीटें हासिल की हैं जबकि निर्दलीय, आम आदमी पार्टी (AAP), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सहित अन्य दलों ने 597 सीटें ही जीत सकी. बीजेपी की जीत से गदगद हुए पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की सभी 15 नगर निगमों में शानदार जीत पर पार्टी को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि इस जनादेश से गुजरात और भाजपा के बीच का रिश्ता और मजबूत हुआ है. प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गुजरात की जनता ने राज्य में भाजपा के कार्यों और सुशासन की नेतृत्व पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि जनता ने पार्टी की सालों की मेहनत को सराहा है और यह परिणाम उसी का प्रमाण है. पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि पार्टी आगे भी पूरी मेहनत के साथ काम करती रहेगी और गुजरात को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी. ગુજરાત અને ભારતીય જનતા પાર્ટી વચ્ચેનો સંબંધ હવે વધુ ગાઢ અને અખંડ બન્યો છે! રાજ્યભરમાં યોજાયેલી મહાનગરપાલિકા, નગરપાલિકા, તાલુકા પંચાયત અને જિલ્લા પંચાયતની ચૂંટણીઓમાં ભાજપને મળેલા પ્રચંડ જનસમર્થન અને જનાદેશ બદલ ગુજરાતની જનતાનો હૃદયપૂર્વક આભાર વ્યક્ત કરું છું. રાજ્ય સરકારના… — Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026 बीजेपी ने सूरत में किया क्लीन स्वीप, AAP का सूपड़ा साफ बीजेपी ने सूरत नगर निगम में जबरदस्त जीत दर्ज की है. पार्टी ने 127 में से 115 सीटें जीतकर इस निकाय पर अपनी पुरानी पकड़ और मज़बूत कर ली है. आम आदमी पार्टी (AAP) को सिर्फ 4 सीटें पर ही जीत मिल पाई है. जबकि कांग्रेस ने पांच साल बाद महज एक सीट जीतकर सिर्फ अपना खाता खोल पाई. पिछले निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 27 सीटें जीती थीं. इस बार AAP 4 पर सिमट गई. Also Read: ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’, 60 हजार का टार्गेट The post गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ, पीएम मोदी ने दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी खेला’, 60 हजार का टार्गेट

खास बातें नंदीग्राम में ‘शांतिकुंज के मंझले बेटे’ से हारीं ममता बनर्जी नंदीग्राम का जख्म और भवानीपुर का भरोसा अभिषेक बनर्जी ने तय किया टार्गेट क्या दीदी इस बार चिंतित हैं? अनोखी बात : परिवार के हर सदस्य का नाम ‘A’ से क्यों? राज्य के कोने-कोने में विरोधियों को चुनौती दे रहीं ममता Mamata Banerjee Bhabanipur Election 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की प्रमुख ममता बनर्जी के लिए नेतृत्व का मतलब सिर्फ सत्ता नहीं, निरंतर ‘संघर्ष’ (लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई) है. 71 वर्ष की उम्र में भी उनका जोश वैसा ही है, जैसा दशकों पहले था. इस बार के विधानसभा चुनाव में उनके निशाने पर कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सीधे चुनाव आयोग है. नंदीग्राम में ‘शांतिकुंज के मंझले बेटे’ से हारीं ममता बनर्जी ‘दीदी’ के बारे में कहा जाता है कि वह बिना लड़ाई के रह ही नहीं सकतीं. पिछले चुनाव में नंदीग्राम के संग्राम में ‘शांतिकुंज के मंझले बेटे’ (शुभेंदु अधिकारी) से मिली हार के बाद, इस बार वह अपनी ‘बड़ी बहन’ यानी भवानीपुर विधानसभा सीट से मैदान में हैं. क्या शुभेंदु अधिकारी ने इस बार यहां उनकी राह कठिन बना दी है? नंदीग्राम का जख्म और भवानीपुर का भरोसा ममता बनर्जी की नेतृत्वक बिसात हमेशा चौंकाने वाली होती है. 2021 में उन्होंने अचानक नंदीग्राम से लड़ने का फैसला किया था. चोटिल पैर और प्लास्टर के साथ ‘भांगा पाये स्पोर्ट्सा होबे’ का नारा दिया, लेकिन जीत शुभेंदु अधिकारी की हुई. इस बार ममता बनर्जी ने नारा बदलकर ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा होबे’ कर दिया है. वह नंदीग्राम (मंझली बहन) की बजाय अब सिर्फ भवानीपुर (बड़ी बहन) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अभिषेक बनर्जी ने तय किया टार्गेट ममता बनर्जी भले ही एक सीट से लड़ रही हों, लेकिन राज्य की सभी 294 सीटों पर वह खुद को ही उम्मीदवार मानती हैं. उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भवानीपुर में दीदी की जीत का अंतर 60 हजार वोटों का तय किया है. कार्यकर्ताओं पर ‘अदृश्य CCTV’ जैसी नजर रखी जा रही है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’ Mamata Banerjee Bhabanipur Election 2026: क्या दीदी इस बार चिंतित हैं? नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी इस बार थोड़ी नर्वस हैं, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन्होंने भवानीपुर के बीएलए (BLA) के साथ करीब 5 बार बैठकें की हैं. उनके करीबियों का कहना है कि यह चिंता नहीं, बल्कि चुनाव के प्रति उनकी गंभीरता है. वह किसी भी लड़ाई को हल्के में नहीं लेतीं. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में वोट से पहले ‘जंग’, शुभेंदु अधिकारी का दावा- TMC ने BJP की स्त्री कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकाया अनोखी बात : परिवार के हर सदस्य का नाम ‘A’ से क्यों? ममता बनर्जी के परिवार में नाम रखने का एक बेहद दिलचस्प और अनोखा चलन है, जो शायद ही किसी को पता हो. ममता बनर्जी ने अपने सभी भतीजे और भतीजियों के नाम अंग्रेजी वर्णमाला के पहले अक्षर ‘A’ से रखे हैं. उदाहरण के लिए- अभिषेक, आकाश, आबेश और अग्निशा. यह सिलसिला अगली पीढ़ी में भी जारी है. अभिषेक बनर्जी के बच्चों के नाम अजानिया और अयांश हैं. उनके भाई कार्तिक के पोते का नाम खुद ‘पिटी दादी’ (ममता बनर्जी) ने आदिरा रखा है. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी? राज्य के कोने-कोने में विरोधियों को चुनौती दे रहीं ममता आदिगंगा के किनारे बसी भवानीपुर की गलियों से लेकर राज्य के कोने-कोने तक, ममता बनर्जी एक बार फिर अपनी सादगी और हवाई चप्पल के साथ विरोधियों को चुनौती दे रही हैं. अब देखना यह है कि ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’ में जनता उन्हें कितना समर्थन देती है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें ममता बनर्जी ने टीएमसी के 74 विधायकों की कर दी छुट्टी, शुभेंदु अधिकारी से भवानीपुर में होगा नंदीग्राम का हिसाब The post ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’, 60 हजार का टार्गेट appeared first on Naya Vichar.

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पढ़ाई का नाम सुनते ही थका हुआ और चिड़चिड़ा हो जाता है बच्चा? जानें इसके छिपे 5 कारण

Parenting Tips: अक्सर पैरेंट्स की यह शिकायत रहती है कि जैसे ही पढ़ाई करने का समय आता है, उनके शिशु थके हुए लगने लगते हैं और चिड़चिड़ा व्यवहार भी करने लगते हैं. ऐसा इसलिए होता है कि आपका बच्चा पढ़ाई करने से बचने की कोशिश करते हैं. जब ऐसा होता है तो पैरेंट्स को लगता है कि शिशु आलसी हो रहे है, लकिन कई बार इसके पीछे वजह कुछ और ही होती है. अगर आपके घर पर छोटे शिशु हैं और वे भी पढ़ाई के नाम पर चिढ़ने लगे हैं तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि आखिर आपके शिशु ऐसा कर क्यों रहे हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. हद से ज्यादा प्रेशर भी हो सकती है वजह कई बच्चों पर पढ़ाई को लेकर हद से ज्यादा प्रेशर रहता है. उनपर अच्छे मार्क्स लाने, हर एग्जाम में बेस्ट करने या फिर दूसरे बच्चों से तुलना होने की वजह से एक अलग लेवल का प्रेशर होता है. यह भी एक बड़ी वजह है कि शिशु मेंटली थका हुआ लगने लगता है. जब शिशु पर ज्यादा प्रेशर रहेगा, तो उसके लिए पढ़ाई जैसी जरूरी चीज भी बोझ जैसी लगने लगेगी. यह भी एक बड़ी वजह है कि बच्चा चिड़चिड़ा व्यवहार करने लग जाता है. किसी भी माता-पिता के लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि वे अपने शिशु से हद से ज्यादा एक्सपेक्टेशन न रखें. यह भी पढ़ें: शिशु को बुरी संगति और गलत दोस्तों से बचाना चाहते हैं? आज ही अपनाएं ये 5 आसान आदतें नींद पूरी न होना भी है एक वजह अगर आपका बच्चा देर रात तक जागता रहता है या फिर मोबाइल का इस्तेमाल करने में बिजी रहता है, तो उसकी नींद सही से पूरी नहीं हो पाती है. ऐसा होने पर भी उसका मूड पढ़ाई के समय खराब हो जाता है. जब शिशु की नींद पूरी नहीं होती है तो वह थका हुआ महसूस करता है, उसे गुस्सा जल्दी आता है और वह पढ़ाई पर फोकस भी नहीं कर पाता है. पढ़ाई का तरीका बोरिंग लगना हर शिशु चीजों को एक जैसा नहीं सीखता और समझता है. कुछ शिशु चीजों को पढ़कर सीख लेते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें देखकर और सुनकर चीजें बेहतर तरीके से समझ में आती है. अगर आप शिशु को सिर्फ किताबें खोलकर घंटों बैठा देते हैं, तो इस वजह से भी उसे पढ़ाई बोरिंग लगने लगती है. जब शिशु को पढ़ाई बोरिंग लगने लगती है तो वह पढ़ाई से दूर भागने लगता है. ऐसे में अगर आप पढ़ाई को मजेदार बनाना चाहते हैं तो चार्ट, गेम्स, स्टोरीज या फिर एक्टिविटीज की मदद ले सकते हैं. यह भी पढ़ें: शिशु की इन 5 आदतों को शरारत या बदतमीजी समझने की न करें गलती? उसके जीनियस होने के हैं संकेत शरीर में कमजोरी या न्यूट्रिशन की कमी अगर आपका बच्चा अपनी डाइट सही से नहीं लेता है, ज्यादा जंक फूड्स खाने लगता है या फिर उसके शरीर में जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी हो जाती है, तो भी उसे पढ़ाई में मन नहीं लगता है. न्यूट्रिशन की कमी से बच्चा जल्दी थक जाता है और वह कम एनर्जेटिक महसूस करने लगता है. अगर आपका बार-बार थका हुआ दिखे, तो आपको उसकी डाइट पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. उसे घर पर बनी न्यूट्रिशियस चीजें, फल, दूध और हरी साग-सब्जियां खिलाना शुरू कर दें. इमोशनल प्रॉब्लम्स को समझें अगर आपके शिशु का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, तो इसके पीछे एक वजह यह भी हो सकती है कि वह इमोशनली किसी चीज से परेशान है. कई बार शिशु अपने स्कूल, दोस्तों, टीचर या फिर घर के माहौल की वजह से काफी ज्यादा परेशान रहते हैं. अगर आपका बच्चा परेशान है तो आपको उससे प्यार से बात करनी चाहिए और उसके इमोशंस को समझने की कोशिश भी करनी चाहिए. यह भी पढ़ें: क्या बिना ट्यूशन आपका बच्चा नहीं कर सकता क्लास में टॉप? यह आर्टिकल बदल देगा आपकी सोच The post पढ़ाई का नाम सुनते ही थका हुआ और चिड़चिड़ा हो जाता है बच्चा? जानें इसके छिपे 5 कारण appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म

खास बातें ममता बनर्जी से अमित शाह तक : अब नहीं बदलेंगे ‘गुरु’ फिटनेस और डाइट : ‘शवासन’ के उस्ताद हैं शुभेंदु सफर का साथी काली एसयूवी अनोखी बात : क्लास 7 के बाद 35 साल तक नहीं देखी फिल्म Suvendu Adhikari ‍Biography: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में पिछले 5 वर्षों में अगर कोई चेहरा ‘कट्टर हिंदुत्व’ का सबसे बड़ा पोस्टर ब्वॉय बनकर उभरा है, तो वह हैं शुभेंदु अधिकारी. कभी तृणमूल कांग्रेस के संकटमोचक रहे शुभेंदु आज बीजेपी के सबसे मारक हथियार हैं. नेतृत्वक गलियारों में भले ही उनके तीखे भाषणों की गूंज हो, लेकिन उनकी निजी जिंदगी अनुशासन, धार्मिक संस्कारों और एक अजीबोगरीब ‘सिनेमाई परहेज’ से भरी है. 55 साल के शुभेंदु के लिए नेतृत्व कोई पेशा नहीं, एक ‘चरैवेति’ (निरंतर चलते रहना) का संकल्प है. ममता बनर्जी से अमित शाह तक : अब नहीं बदलेंगे ‘गुरु’ गुरु दीक्षा : एक समय था, जब ममता बनर्जी उनकी ‘नेतृत्वक गुरु’ हुआ करती थीं. वर्ष 2019 के बाद उनकी निष्ठा बदली और अब वह अमित शाह को अपना मार्गदर्शक मानते हैं. शुभेंदु का दावा है कि अब वह जीवन भर अपना ‘गुरु’ नहीं बदलेंगे. आदर्श नायक : वह सतीश सामंत और सुशील धाड़ा जैसे क्रांतिकारियों को अपना आदर्श मानते हैं. उन्हीं की राह पर चलने का दावा करते हैं. भक्ति भाव : शुभेंदु का हिंदुत्व केवल भाषणों तक सीमित नहीं है. पूर्व मेदिनीपुर के मंदिरों और धार्मिक संस्थानों से उनका गहरा नाता है. अक्सर उन्हें गले में श्रीखोल (मृदंग) लटकाकर हरिनाम संकीर्तन करते देखा जा सकता है. संस्कारों की जड़ें : शुभेंदु के करीबी बताते हैं कि यह बदलाव अचानक नहीं है, उनके भीतर बचपन से ही धार्मिक संस्कारों के बीज बोये गये थे. संकीर्तन के दौरान उन्हें भक्ति में डूबे हुए नृत्य करते देखना एक आम बात है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें फिटनेस और डाइट : ‘शवासन’ के उस्ताद हैं शुभेंदु शुभेंदु अधिकारी की फिटनेस का अपना एक अलग गणित है. देखने में भले वह स्लिम न हों, लेकिन उनकी डाइट बहुत सख्त है. वह ब्राउन राइस और सिंघाड़े के आटे की रोटी खाते हैं. रात में आधा घंटा टहलना उनके रूटीन का हिस्सा है. विश्व योग दिवस पर जब उन्होंने सूर्य नमस्कार करने की कोशिश की थी, तो वह थोड़ा असहज हो गये थे. उनके साथी मजाक में कहते हैं कि वह ‘शवासन’ करने में माहिर हैं. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर बना ‘मनोवैज्ञानिक युद्धक्षेत्र’, ममता के गढ़ में शुभेंदु की एंट्री से दिलचस्प हुआ मुकाबला, क्या ‘मिनी इंडिया’ तोड़ेगा दीदी की अजेय छवि? Suvendu Adhikari: सफर का साथी काली एसयूवी शुभेंदु अधिकारी अपनी काली एसयूवी (SUV) में हर दिन 400 से 500 किलोमीटर का सफर तय करते हैं. खास बात यह है कि वह ड्राइवर की बगल वाली सीट पर नहीं, बल्कि बीच की सीट पर बैठते हैं. अनोखी बात : क्लास 7 के बाद 35 साल तक नहीं देखी फिल्म शुभेंदु अधिकारी के बारे में एक ऐसी सच्चाई है, जो किसी को भी हैरान कर देगी. उन्होंने आखिरी बार सिने हॉल में तब फिल्म देखी थी, जब वह सातवीं कक्षा में पढ़ाई करते थे. बीजेपी में शामिल होने के बाद पिछले 5 वर्षों में उन्होंने केवल 3 फिल्में देखीं. वह भी पार्टी के निर्देश पर. शुभेंदु का कहना है कि नेतृत्व में चौबीस घंटे सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के पास फिल्में देखने का वक्त नहीं होता. इसे भी पढ़ें : बंगाल की सत्ता का ‘गेट-वे’ है हुगली, सिंगूर से शुरू हुई थी वामदलों के पतन की कहानी, अब 43.61 लाख वोटर करेंगे दीदी और दादा का फैसला सियासत के मैदान में जीत के आदी शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. देखना होगा कि उनकी यह ‘चरैवेति’ उन्हें सत्ता के शिखर तक ले जाती है या नहीं. इसे भी पढ़ें दक्षिण कोलकाता में वोटर लिस्ट पर कैंची, ममता बनर्जी की भवानीपुर समेत 4 सीटों पर रोमांचक हुआ मुकाबला बंगाल की नेतृत्व के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया भवानीपुर में वोट से पहले ‘जंग’, शुभेंदु अधिकारी का दावा- TMC ने BJP की स्त्री कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकाया The post शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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Google का 15 अरब डॉलर AI डेटा सेंटर, विशाखापत्तनम बनेगा नया टेक हब

हिंदुस्तान की डिजिटल दौड़ अब एक नए स्तर पर पहुंचने वाली है. Google के 15 अरब डॉलर के मेगा एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट ने देश के टेक मैप पर बड़ा बदलाव संकेत दिया है. केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही Visakhapatnam एक उभरता हुआ AI हब बन जाएगा. यह सिर्फ एक डेटा सेंटर नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के डिजिटल भविष्य की नई नींव माना जा रहा है. विशाखापत्तनम बनेगा AI सिटी आंध्र प्रदेश के तारलुवाड़ा इलाके में इस बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है. प्रशासन का कहना है कि यह हाइपरस्केल डेटा सेंटर शहर की पहचान बदल देगा. AI आधारित सेवाओं, स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के लिए यह नया केंद्र बन सकता है. मंत्री ने साफ कहा कि यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान को ग्लोबल AI रेस में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगा. आने वाले समय में विशाखापत्तनम सिर्फ एक पोर्ट सिटी नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सकता है. कितना बड़ा है यह प्रोजेक्ट? यह डेटा सेंटर करीब 1 गीगावाट क्षमता का होगा, जो इसे हिंदुस्तान के सबसे बड़े टेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल करता है. इस प्रोजेक्ट को AdaniConneX और Airtel Nxtra के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है. इसके लिए करीब 600 एकड़ जमीन आवंटित की गई है, जिससे साफ है कि इसका स्केल कितना बड़ा है. इतना बड़ा निवेश हिंदुस्तान में डेटा प्रोसेसिंग और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ताकत देगा. AI और डिजिटल सेवाओं में बड़ा बदलाव AI का असर अब शिक्षा, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और खेती तक पहुंच चुका है. इस डेटा सेंटर के जरिए इन सभी सेक्टर में बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकती हैं. बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग होने से कंपनियों को हिंदुस्तान में ही एडवांस AI सॉल्यूशंस विकसित करने का मौका मिलेगा. इससे देश में टेक इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बड़ा बूस्ट मिल सकता है. ग्लोबल कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर इस प्रोजेक्ट के साथ समुद्री केबल नेटवर्क भी जोड़ा जा रहा है, जिससे हिंदुस्तान की कनेक्टिविटी यूरोप, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और अमेरिका तक मजबूत होगी. प्रशासन का मानना है कि यह कदम हिंदुस्तान को डिजिटल और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगा. साथ ही, टेक कंपनियों को देश में सर्वर और GPU निर्माण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है. हिंदुस्तान की टेक पावर को मिलेगा नया बूस्ट हिंदुस्तान पहले ही आईटी सर्विसेज में दुनिया में मजबूत पहचान बना चुका है. अब फोकस इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग पर है. प्रशासन की नीतियां और बड़े निवेश मिलकर हिंदुस्तान को एक भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर बना रहे हैं. ऐसे में यह डेटा सेंटर प्रोजेक्ट सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की डिजिटल ताकत का प्रतीक बन सकता है. यह भी पढ़ें: आपकी आदतें समझकर जवाब देगा Gemini, Google ने हिंदुस्तान में रोलआउट किया नया फीचर यह भी पढ़ें: Google AI Pro में बड़ा अपग्रेड, अब 2TB की जगह मिलेगा 5TB स्टोरेज, बिना एक्स्ट्रा चार्ज के The post Google का 15 अरब डॉलर AI डेटा सेंटर, विशाखापत्तनम बनेगा नया टेक हब appeared first on Naya Vichar.

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भागलपुर में दिनदहाड़े शूटआउट: नगर परिषद ऑफिस में घुसकर ईओ की हत्या, सभापति को मारी कई गोलियां

Bihar Crime News: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार दोपहर अपराधियों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया. बाइक सवार बदमाश नगर परिषद कार्यालय में घुस गए और वहां मौजूद अधिकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के दौरान ईओ की मौत घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. हालांकि, रास्ते में ही ईओ कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई. वहीं, सभापति राजकुमार गुड्डू का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर में गोली लगी है और स्थिति नाजुक बनी हुई है. सभापति को मारी गई कई गोलियां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने सभापति को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग की. बताया जा रहा है कि उन्हें करीब पांच गोलियां लगी हैं. नगर परिषद कार्यालय परिसर में आठ से अधिक राउंड फायरिंग के सबूत मिले हैं, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. मज़दूर का भेष, झोले में बंदूक और दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग… भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद ऑफिस में फायरिंग, कार्यपालक पदाधिकारी की मौत. सभापति की हालत गंभीर. ऑफिस में घुसकर बरसाईं गोलियां. देखिए गोलीबारी का CCTV फुटेज.#Bhagalpur #Bihar #Firing #Breaking #PrabhatKhabar… pic.twitter.com/SR4UflmqDQ — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 28, 2026 इलाके में दहशत, दफ्तर बना छावनी घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई. सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और नगर परिषद कार्यालय को सील कर दिया गया. सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. एसएसपी, सिटी एसपी और अन्य अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से जांच पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक बाइक पर सवार तीन अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद किया गया है. कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल दिनदहाड़े हुई इस घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अपराधियों ने खुलेआम पुलिस को चुनौती दी है. अंग क्षेत्र में हुई इस वारदात से पूरे राज्य में दहशत का माहौल है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. वारदात के पीछे के कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा. (सुलतानगंज से शुभांकर की रिपोर्ट) Also Read: पटना मरीन ड्राइव पर बनेगा एंटरटेनमेंट और किड्स जोन, दो फेज में होगा निर्माण, सेल्फी पॉइंट भी होंगे तैयार The post भागलपुर में दिनदहाड़े शूटआउट: नगर परिषद ऑफिस में घुसकर ईओ की हत्या, सभापति को मारी कई गोलियां appeared first on Naya Vichar.

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