Operation Sindoor 2.0: जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना के तीनों अंग उस मॉडर्न मल्टीडायमेंशनल वारफेयर (Modern Multidimensional Warfare) चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत कर रहे हैं, जो अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रह गया है. पाकिस्तान के साथ फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम : जनरल द्विवेदी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के अवसर पर जनरल द्विवेदी ने कहा- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम है, लेकिन यदि अगला चरण शुरू होता है तो उससे निपटने के लिए तीनों सेनाएं पूरी तैयारी कर रही हैं. गौरतलब है कि हिंदुस्तान ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई 2025 में पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी : जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने कहा, जहां तक ऑपरेशन सिंदूर का सवाल है, यह अब भी जारी है. फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम है. हिंदुस्तानीय सेना और सेना के तीनों अंग ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयारियां कर रहे हैं, यदि इसे अंजाम देने की स्थिति बनती है. उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों पर अंतरिक्ष, साइबर और मनोवैज्ञानिक एवं सूचना-आधारित युद्ध जैसे उभरते क्षेत्रों का प्रभाव लगातार बढ़ेगा. अत्यंत सतर्क रहना होगा : सेना प्रमुख सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र बेहद पारदर्शी हो चुके हैं. लगभग हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है, ऐसे में सैन्य योजनाकारों को सैनिकों की तैनाती तथा उनकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क रहना होगा. उन्होंने कहा, आज की स्थिति में युद्धक्षेत्र 24 घंटे निगरानी में रहता है. यह इतना पारदर्शी हो गया है कि हर गतिविधि दूसरे पक्ष को दिखाई देती है. इसलिए हमें अपनी तैनाती, अपने संसाधनों के उपयोग और अपने सैनिकों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को लेकर अत्यंत सतर्क रहना होगा. जीत हमेशा दिमाग में होती है, जमीन पर नहीं : जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य के संघर्षों में जनविश्वास और राष्ट्रीय एकता की भूमिका निर्णायक बनी रहेगी. उन्होंने कहा, जीत हमेशा दिमाग में होती है, जमीन पर नहीं. इसलिए सूचना युद्ध तभी सफल होता है, जब पूरा देश एकजुट हो और उन लोगों पर भरोसा करे जो जानकारी दे रहे हैं. यदि ऐसा होता है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वह राष्ट्र, जिसके लोग एक-दूसरे और सभी हितधारकों पर विश्वास करते हैं, हमेशा युद्ध जीतेगा. थलसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हिंदुस्तान के दृढ़ संकल्प और सशस्त्र बलों की संतुलित, सटीक और उद्देश्यपूर्ण जवाब देने की क्षमता को प्रदर्शित किया. इस अभियान ने एकीकृत योजना, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी, सटीक लक्ष्यभेदन, मजबूत वायु रक्षा, सुरक्षित संचार और विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल के महत्व को रेखांकित किया. जनरल द्विवेदी ने कहा कि हिंदुस्तानीय सेना आधुनिकीकरण और परिवर्तन की आवश्यकता को पूरी तरह समझती है. उन्होंने कहा, हम परिवर्तन के दशक के तहत स्वयं को भविष्य के लिए तैयार बल में बदल रहे हैं, जिसमें युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी. हर सैनिक के हाथ में एक ईगल होना चाहिए : जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने कहा- इंडस्ट्री ड्रोन बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरी, शक्तिमान रेजिमेंट, भैरव बटालियन और अन्य प्रौद्योगिकी-सक्षम संरचनाओं का गठन इसी परिवर्तन प्रक्रिया का हिस्सा है. जनरल ने कहा कि अगला बड़ा कदम नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता है, जहां डेटा एक रणनीतिक संसाधन बन जाएगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज, बुद्धिमत्तापूर्ण और लचीली होगी. ड्रोन और अन्य स्वदेशी हथियारों के उपयोग पर उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के बाद से वह लगातार ईगल ऑन द आर्म की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि हर सैनिक के हाथ में एक ईगल होना चाहिए. हर सैनिक में ड्रोन उड़ाने की क्षमता होनी चाहिए. आपने देखा होगा कि हमारी अकादमी और अन्य केंद्रों में इसके लिए प्रशिक्षण जारी है और सिमुलेटर भी उपलब्ध हैं. ये भी पढ़ें: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि रविवार को संभालेंगे देश के नए CDS का कार्यभार; जनरल चौहान की लेंगे जगह The post हिंदुस्तानीय सेना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार, जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम appeared first on Naya Vichar.