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May 30, 2026

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दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी, कई लोगों के दबे होने की आशंका

Delhi Five Storey Building Collapsed: अधिकारियों के अनुसार, पूरी बहुमंजिला इमारत ढह गई और मलबे के विशाल ढेर में तब्दील हो गई. पुलिस के अनुसार, इमारत के भूतल पर एक कोचिंग संस्थान था और ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था. आशंका है कि फंसे हुए लोग छात्र हो सकते हैं. हादसे के बाद अफरा-तफरी का मंजर संकरी गली और घनी आबादी वाले इलाके में अफरा-तफरी का मंजर देखने को मिला. स्थानीय निवासी बचाव वाहनों और कर्मियों के लिए रास्ता खाली करने की कोशिश कर रहे थे. कई लोगों ने खोजबीन में मदद के लिए मोबाइल फोन की लाइट का इस्तेमाल किया. आस-पास की इमारतों को तत्काल कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. अधिकारियों ने अभी तक फंसे हुए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की है. #WATCH | Delhi: Rescue operation is underway after a five storey building collapsed in the Mehrauli police station area. pic.twitter.com/hzQl92FsSp — ANI (@ANI) May 30, 2026 राहत-बचाव कार्य जारी दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को शाम 7.44 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली. यह घटना सैदुलाजाब में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर हुई. राहत और बचाव कार्य के लिए दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. घटनास्थल कंक्रीट, मुड़ी हुई धातु और टूटे हुए खंभों के ढेर में तब्दील हो चुकी है, और मलबा पूरे क्षेत्र में बिखरा हुआ था. दमकल कर्मियों और पुलिस टीमों द्वारा खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. The post दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी, कई लोगों के दबे होने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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डी के शिवकुमार: कांग्रेस के संकटमोचक से कर्नाटक के मुख्यमंत्री तक

DK Shivakumar: शिवकुमार को ‘कनकपुरा बंदे’ के नाम से जाना जाता है – यानी कनकपुरा की ग्रेनाइट चट्टान – यह वही विधानसभा क्षेत्र है जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के संकट मोचक के रूप में भी जाना जाता है. उन्हें नेतृत्व में पहला बड़ा मौका 1985 में मिला जब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सथानूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, हालांकि वे असफल रहे. चार साल बाद, उन्होंने उस निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की और 1989 में विधानसभा में प्रवेश किया. तब से उन्होंने बिना किसी रुकावट के लगातार आठ विधानसभा चुनाव जीते हैं. शिवकुमार ने वोक्कालिगा नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई पिछले कुछ वर्षों में शिवकुमार ने खुद को कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वोक्कालिगा नेता के रूप में स्थापित किया है. वोक्कालिगा कर्नाटक के प्रमुख कृषि समुदायों में से एक हैं. कांग्रेस आलाकमान ने 2017 में शिवकुमार के नेतृत्वक प्रबंधन कौशल की परीक्षा ली, जब उन्हें राज्यसभा चुनावों से पहले बेंगलुरु में गुजरात के 42 कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई ताकि क्रॉस वोटिंग को रोका जा सके. वह पार्टी नेतृत्व की उम्मीदों पर खरा उतरे और गुजरात से कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल ने जीत दर्ज की. 2020 में शिवकुमार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया पार्टी ने 2020 में शिवकुमार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया. शिवकुमार ने कर्नाटक में कांग्रेस के लिए एक कठिन दौर में कार्यभार संभाला. पार्टी ने 2018 के विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन किया था, और 2019 के लोकसभा चुनावों में यह झटका और गहरा गया, जब नरेंद्र मोदी लहर के बीच कांग्रेस राज्य की 28 सीटों में से केवल एक सीट जीतने में कामयाब रही. भाजपा ने 26 सीटें जीतीं जिनमें मांड्या से भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुमालता अंबरीश की सीट भी शामिल थी. कांग्रेस को एकमात्र जीत बेंगलुरु ग्रामीण से मिली, जिसे शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने जीता. डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस ने कर्नाटक की सत्ता में धमाकेदार वापसी की कांग्रेस ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की, और 224 सदस्यीय सदन में 134 सीटें जीतीं. शिवकुमार के अनुसार, निर्दलीय विधायकों के समर्थन से पार्टी की प्रभावी संख्या बाद में बढ़कर 140 हो गई. 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान उन्हें एक और महत्वपूर्ण परीक्षा का सामना करना पड़ा, जहां उन्होंने 2019 में कर्नाटक में कांग्रेस की एक सीट की संख्या को 2024 में नौ सीटों तक बढ़ाकर एक बार फिर अपनी नेतृत्वक सूझबूझ का प्रदर्शन किया. 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद, शिवकुमार को बेंगलुरु विकास और जल संसाधन मंत्रालय का प्रभार सौंपते हुए उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान की शुरुआत हुई कुछ नेताओं द्वारा राज्य इकाई के नेतृत्व में बदलाव की मांग के बावजूद, वे कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहे. कांग्रेस द्वारा 2023 में प्रशासन बनाने के कुछ ही समय बाद, सत्ता-साझाकरण व्यवस्था की समाचारें सामने आईं, जिसमें सिद्धरमैया पांच साल के कार्यकाल के पहले आधे हिस्से के लिए मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करेंगे, जिसके बाद शिवकुमार पदभार संभालेंगे. दोनों नेताओं ने इस दावे की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया. कांग्रेस प्रशासन के ढाई साल पूरे होने के बाद कर्नाटक में हुआ नेतृत्व परिवर्तन 20 नवंबर, 2025 को कांग्रेस प्रशासन के ढाई साल पूरे होने के बाद, नेतृत्व परिवर्तन और सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष को लेकर अटकलें तेज हो गईं. अंततः, शिवकुमार शनिवार को यहां कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए और वे तीन जून को कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के लिए तैयार हैं. बेंगलुरु दक्षिण जिले के कनकपुरा कस्बे के पास डोड्डा अलाहल्ली गांव में केम्पेगौड़ा और गौराम्मा के घर 15 मई, 1962 को जन्मे शिवकुमार ने 1980 के दशक की शुरुआत में अपने कॉलेज के दिनों के दौरान नेतृत्व में प्रवेश किया. 1993 में शिवकुमार ने उषा से शादी की. इस दंपति की दो बेटियां, ऐश्वर्या और आभरना और एक बेटा, आकाश है. ये भी पढ़ें: कर्नाटक: डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर नई प्रशासन बनाने का दावा पेश किया The post डी के शिवकुमार: कांग्रेस के संकटमोचक से कर्नाटक के मुख्यमंत्री तक appeared first on Naya Vichar.

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Godda News: गोड्डा के सनौर गांव की गेरुवा नदी में दिखा 10 फीट का मगरमच्छ, गांव में दहशत

गोड्डा के सनौर गांव से निरभ किशोर की रिपोर्ट Godda News: झारखंड के गोड्डा जिले के सनौर गांव से गुजरने वाली गेरुवा नदी में एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. ग्रामीणों के अनुसार मगरमच्छ की लंबाई करीब 10 से 12 फीट है. नदी में मगरमच्छ के दिखने की समाचार फैलते ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया. नहाने गए ग्रामीणों ने सबसे पहले देखा मगरमच्छ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे कुछ ग्रामीण गेरुवा नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी नजर नदी के बीचोंबीच तैर रहे एक विशाल मगरमच्छ पर पड़ी. मगरमच्छ का आकार देखकर लोग घबरा गए और तुरंत इसकी सूचना गांव के अन्य लोगों को दी. कुछ ही देर में यह समाचार पूरे इलाके में फैल गई. सनौर गांव के अलावा बसंतराय और आसपास के कई गांवों के लोग नदी किनारे पहुंचने लगे. हालांकि ग्रामीणों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी. गांवों में फैला भय का माहौल मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है. कई लोग रोजमर्रा के कार्यों के लिए नदी पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में नदी में मगरमच्छ की मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले कभी इस क्षेत्र में इतना बड़ा मगरमच्छ नहीं देखा गया था. खासकर बच्चों और पशुपालकों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. नदी किनारे चरने जाने वाले मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण सतर्क हो गए हैं. वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने नदी के आसपास निगरानी बढ़ा दी है. मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नदी के दोनों किनारों पर गश्त की जा रही है. वन विभाग की टीम लगातार मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है ताकि मगरमच्छ और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा सतर्क स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में माइकिंग भी शुरू कर दी है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे फिलहाल नदी के पास न जाएं और बच्चों को भी नदी किनारे जाने से रोकें. इसके अलावा पशुपालकों को अपने मवेशियों को नदी के आसपास नहीं ले जाने की सलाह दी गई है. विभाग का मानना है कि सावधानी बरतकर किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सकता है. गर्मी और घटते जलस्तर को माना जा रहा कारण फोरेस्टर राजीव कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में कई जलाशयों और नदियों का जलस्तर कम हो जाता है. ऐसी स्थिति में मगरमच्छ भोजन और पर्याप्त पानी की तलाश में नए क्षेत्रों की ओर बढ़ जाते हैं. संभवतः यही कारण है कि यह मगरमच्छ गेरुवा नदी के इस हिस्से तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर किसी उपयुक्त जलाशय में छोड़ने की तैयारी कर रही है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. इसे भी पढ़ें: हिंदुस्तानमाला परियोजना में लापरवाही पर गिरी गाज, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने दिए सख्त निर्देश सतर्कता बरतने की अपील वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू नहीं कर लिया जाता, तब तक लोग नदी किनारे जाने से बचें. विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके. इसे भी पढ़ें: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का भाजपा पर हमला, राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग की जताई आशंका The post Godda News: गोड्डा के सनौर गांव की गेरुवा नदी में दिखा 10 फीट का मगरमच्छ, गांव में दहशत appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक: डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया

Karnataka: कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डीके शिवकुमार को 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है. इस दौरान निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे. विधायक दल ने सर्वसम्मति से डीके शिवकुमार को चुना अपना नेता डीके शिवकुमार को शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से अपना नेता चुना. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया, कांग्रेस आलाकमान ने कांग्रेस विधायक दल के नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम का सुझाव दिया. सिद्धारमैया जी ने विधायक दल के नए नेता के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. डॉ जी परमेश्वर ने इसका समर्थन किया. CLP ने सिद्धारमैया द्वारा प्रस्तावित नाम को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया. मैं गर्व के साथ यह घोषणा करना चाहता हूं कि विधायक दल ने सर्वसम्मति से डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना है. Bengaluru, Karnataka: DK Shivakumar, new Congress Legislature Party leader, meets Governor Thaawarchand Gehlot to stake claim to form a new government in the state. Outgoing CM Siddaramaiah and other Congress leaders present on the occasion. (Source: Office of DK Shivakumar) pic.twitter.com/8biy5IfkZN — ANI (@ANI) May 30, 2026 डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कर्नाटक में 2028 में फिर सत्ता में लौटेगी कांग्रेस : केसी वेणुगोपाल कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व में पार्टी एक बार फिर से सत्ता में लौटेगी. विधायक दल की बैठक के बाद वेणुगोपाल ने कहा- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में कर्नाटक में सत्ता का सुचारू हस्तांतरण हुआ है. उन्होंने कहा, कर्नाटक में शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनाव में सिद्धरमैया के समर्थन के साथ एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी. The post कर्नाटक: डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर नई प्रशासन बनाने का दावा पेश किया appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी पर हमले से दिल्ली तक हड़कंप, खरगे बोले- यह बड़ी साजिश, अखिलेश ने भाजपा को घेरा

खास बातें अखिलेश यादव ने हमले की निंदा की मल्लिकार्जुन खरगे बोले- प्रतिशोध की नेतृत्व का चरम अखिलेश यादव बोले- नफरत भरी नेतृत्व के सिवा कुछ नहीं Abhishek Banerjee Attacked: नेतृत्वक घेराबंदी की तैयारी Abhishek Banerjee Attacked: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने राष्ट्रीय नेतृत्व का रुख मोड़ दिया है. शनिवार को जिस तरह अभिषेक बनर्जी पर जूते-पत्थर बरसाये गये और उनके कपड़े फाड़े गये, उसने विपक्ष को एकजुट कर दिया है. अखिलेश यादव ने हमले की निंदा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है. दिल्ली से लेकर लखनऊ तक के नेताओं का मानना है कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को सुरक्षा न देना किसी बड़ी ‘साजिश’ का हिस्सा है. मल्लिकार्जुन खरगे बोले- प्रतिशोध की नेतृत्व का चरम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की नकारात्मक नेतृत्व का परिणाम बताया. खरगे ने ट्वीट कर कहा कि इतने संवेदनशील माहौल में भी एक बड़े विपक्षी नेता को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा न मिलना बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. उन्होंने केंद्र और बंगाल की वर्तमान प्रशासन से मांग की है कि सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये. इसे भी पढ़ें : मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे अखिलेश यादव बोले- नफरत भरी नेतृत्व के सिवा कुछ नहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अभिषेक बनर्जी के प्रति एकजुटता दिखाते हुए भाजपा प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बंगाल की वर्तमान ‘अराजक’ भाजपा प्रशासन ने साबित कर दिया है कि वे नफरत और हिंसा के सिवा कुछ नहीं कर सकते. उन्होंने इसे विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश बताया और कहा कि जनता इस तरह के हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Abhishek Banerjee Attacked: नेतृत्वक घेराबंदी की तैयारी विपक्ष अब इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की तैयारी में है. खरगे और अखिलेश के बयानों ने साफ कर दिया है कि बंगाल की हिंसा अब सिर्फ राज्य का मुद्दा नहीं रह गयी है. अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं. वहीं, विपक्ष के इन बड़े बयानों के बाद प्रशासन पर हमलावरों की पहचान करने और सख्त कार्रवाई करने का दबाव दोगुना हो गया है. इसे भी पढ़ें सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ायी अभिषेक बनर्जी की टेंशन, भवानीपुर थाने में केस दर्ज, दीदी के बाद मुश्किल में ‘भाईपो’! The post अभिषेक बनर्जी पर हमले से दिल्ली तक हड़कंप, खरगे बोले- यह बड़ी साजिश, अखिलेश ने भाजपा को घेरा appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटकः डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया, 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Karnataka New Chief Minister: निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधायक दल के नए नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. डॉ जी परमेश्वर ने इसका अनुमोदन किया. बैठक में सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया गया. AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुना गया है. सिद्धारमैया जी ने विधायक दल के नए नेता के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, कांग्रेस आलाकमान ने कांग्रेस विधायक दल के नेता के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम का सुझाव दिया. सिद्धारमैया जी ने विधायक दल के नए नेता के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. डॉ जी परमेश्वर ने इसका समर्थन किया. CLP ने सिद्धारमैया द्वारा प्रस्तावित नाम को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया. मैं गर्व के साथ यह घोषणा करना चाहता हूं कि विधायक दल ने सर्वसम्मति से डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना है. #WATCH | Bengaluru, Karnataka: Congress general secretary (organisation) KC Venugopal says, “Now, he (DK Shivakumar) is going to Raj Bhavan to stake claim as Chief Minister, and he will be sworn in as Chief Minister on the evening of June 3rd with his team.” “Everyone thought… https://t.co/LgVdcNMISm pic.twitter.com/BeqYTHl3Gu — ANI (@ANI) May 30, 2026 3 जून की शाम को डीके शिवकुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया, डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री के तौर पर दावा पेश करने के लिए राजभवन जा रहे हैं, और 3 जून की शाम को वह अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस विधायक दल ने सिद्धारमैया की सेवाओं को सर्वसम्मति से सराहा केसी वेणुगोपाल ने कहा- हर किसी को लगा था कि यह बदलाव कांग्रेस पार्टी के लिए एक समस्या बन जाएगा. हर किसी ने यही सोचा था. हम एक परिवार हैं, एक बहुत बड़ा परिवार. कांग्रेस विधायक दल ने पिछले आठ सालों में मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्धारमैया की सेवाओं को सर्वसम्मति से सराहा है. यह प्रस्ताव किसी और ने नहीं, बल्कि खुद डीके शिवकुमार ने पेश किया था. उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए उन्हें बधाई देते हुए एक प्रस्ताव पेश किया. यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक गर्व का पल है. 2028 में, कांग्रेस सभी नेताओं के समर्थन से कर्नाटक में फिर से सत्ता में लौटेगी. The post कर्नाटकः डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया, 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ appeared first on Naya Vichar.

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मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे

Abhishek Banerjee Murder Attempt Allegation: पश्चिम बंगाल की सत्ता से तृणमूल कांग्रेस की विदाई के बाद पहली बार बड़े नेतृत्वक दौरे पर निकले अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया. दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में डायमंड हार्बर के सांसद पर उग्र भीड़ ने उस वक्त हमला कर दिया, जब वे चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गये टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्मकार के परिजनों से मिलने जा रहे थे. हेलमेट पहनकर गलियों में दौड़े सांसद सोनारपुर में शनिवार दोपहर जो कुछ हुआ, उसने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही अभिषेक का काफिला सोनारपुर में घुसा, भाजपा समर्थकों ने काले झंडे दिखाकर ‘गो बैक’ और ‘चोर-चोर’ के नारों से उनका स्वागत किया. भारी विरोध के कारण अभिषेक ने अपनी लग्जरी गाड़ी छोड़ दी और बाइक पर सवार हुए, लेकिन वहां भी भीड़ ने उन्हें घेर लिया. फटी शर्ट, बरसे अंडे धक्का-मुक्की के दौरान अभिषेक की शर्ट के बटन टूट गये. प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे, जूते और चप्पलें फेंकीं. उन्हें थप्पड़ मारने की भी कोशिश की गयी. स्थिति को बेकाबू देख सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें क्रिकेट हेलमेट पहनाया, जिसे पहनकर वे किसी तरह संजू कर्मकार के घर तक पहुंचे. अपनी जान बचाने के लिए सांसद को क्रिकेट हेलमेट पहनकर गलियों में पैदल भागना पड़ा. घटना के बाद अभिषेक ने कहा कि यह उनकी हत्या की एक सुनियोजित साजिश थी. इसे भी पढ़ें : सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा Abhishek Banerjee Murder Attempt Allegation: मार दो मुझे, मैं झुकूंगा नहीं : अभिषेक अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सामने अपना दर्द और गुस्सा दोनों जाहिर किया. अभिषेक ने सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- वे चाहते हैं कि मुझे मार दें. जनता सब देख रही है कि कैसे एक विपक्षी नेता को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने ललकारते हुए कहा कि वे इन हमलों से डरने वाले नहीं हैं और किसी के भी आगे अपना सिर नहीं झुकायेंगे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें लोकतंत्र का गला घोंटने का टीएमसी ने लगााय आरोप तृणमूल ने इसे ‘नेतृत्वक प्रतिशोध’ करार दिया है. पार्टी का कहना है कि पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे नेता पर हमला करना लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या है. #WATCH | Sonarpur, West Bengal: TMC MP Abhishek Banerjee was attacked during his visit to Sonarpur to meet the post-poll violence victims’ families He says, “It’s all BJP-sponsored. Look what they have done. This is their example of democracy. It hasn’t even been a month,… pic.twitter.com/UXM9dzsb4U — ANI (@ANI) May 30, 2026 बीजेपी का पलटवार – यह जनता का आक्रोश भाजपा ने अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उसका कहना है कि यह कोई सुनियोजित हमला नहीं, बल्कि उन लोगों का गुस्सा है, जिन्होंने पिछले सालों में तृणमूल के शासन में हिंसा झेली है. पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनाव बाद हुई हिंसा में जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया, अभिषेक का वहां जाना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा था. इसे भी पढ़ें अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप रॉय के घर के पास मिला कंबल-तिरपाल का जखीरा, भाजपा ने पकड़ी मैटाडोर, लगे चोर-चोर के नारे नदिया में तिरपाल समेत अन्य राहत सामग्री जब्त, नवद्वीप नगरपालिका के चेयरमैन गिरफ्तार, जनता ने जूते-बोतल से किया हमला मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला The post मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे appeared first on Naya Vichar.

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CUET UG एग्जाम में गड़बड़ी, अब NTA देगा दूसरा मौका

CUET UG 2026 Exam: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG 2026) परीक्षा के दौरान हुई इस समस्या के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई थी. हालांकि अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस मामले पर बड़ा अपडेट जारी किया है. 30 मई को CUET UG 2026 की पहली शिफ्ट की परीक्षा शुरू होने से पहले कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या आ गई थी. इसकी वजह से परीक्षा शुरू होने में देरी हुई. NTA ने कहा है कि इससे छात्रों को हुई परेशानी और तनाव को वह समझता है और इसके लिए खेद जताया है. NTA ने दी अपडेट NTA ने तकनीकी सेवा देने वाली कंपनी TCS iON को इस गड़बड़ी की पूरी जांच करने और जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. एजेंसी के मुताबिक, लगभग 95 प्रतिशत उम्मीदवारों ने तकनीकी समस्या दूर होने के बाद अपनी परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली. हालांकि, 3,765 ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने बायोमेट्रिक सत्यापन करा लिया था और परीक्षा केंद्र पर मौजूद भी थे, लेकिन परीक्षा दोबारा शुरू होने से पहले ही केंद्र छोड़कर चले गए. Update on CUET (UG) 2026 — 30 May, Shift 1 Earlier today, some centres faced a technical glitch that delayed the start of Shift 1. We know this was stressful, and we’re sorry for the anxiety it caused. The technical service provider, TCS iON, has been asked to conduct a… — National Testing Agency (@NTA_Exams) May 30, 2026 CUET UG 2026 Exam: NTA देगा एक और मौका नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने माना कि इस तकनीकी रुकावट से छात्रों को परेशानी हुई है. NTA के अनुसार प्रभावित उम्मीदवारों के लिए जल्द ही नई परीक्षा तिथि और अन्य जरूरी जानकारी जारी की जाएगी. इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जिनका पेपर बीच में प्रभावित हो गया था. National Testing Agency- “We know today’s unfortunate technical disruption caused distress for some CUET (UG) 2026 candidates. Candidates who did their Biometric Registration and were present at their examination centres today in Shift-I, but couldn’t complete their examination… pic.twitter.com/ZgSHVKGgAg — ANI (@ANI) May 30, 2026 TCS ने बताई गड़बड़ी की वजह CUET परीक्षा के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी TCS ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने बताया कि सुबह की शिफ्ट में एक संक्षिप्त तकनीकी समस्या सामने आई थी. उनके मुताबिक इस समस्या की वजह से परीक्षा शुरू होने में करीब दो घंटे की देरी हुई. जैसे ही समस्या की जानकारी मिली, तकनीकी टीमों ने तुरंत काम शुरू किया और उसे ठीक कर दिया. इसके बाद परीक्षा सामान्य रूप से फिर शुरू कर दी गई. यह भी पढ़ें: देश के टॉप 10 IITs में शामिल है IIT Roorkee, जानें क्यों है छात्रों की पहली पसंद The post CUET UG एग्जाम में गड़बड़ी, अब NTA देगा दूसरा मौका appeared first on Naya Vichar.

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भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार, जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम

Operation Sindoor 2.0: जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना के तीनों अंग उस मॉडर्न मल्टीडायमेंशनल वारफेयर (Modern Multidimensional Warfare) चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत कर रहे हैं, जो अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रह गया है. पाकिस्तान के साथ फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम : जनरल द्विवेदी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के अवसर पर जनरल द्विवेदी ने कहा- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम है, लेकिन यदि अगला चरण शुरू होता है तो उससे निपटने के लिए तीनों सेनाएं पूरी तैयारी कर रही हैं. गौरतलब है कि हिंदुस्तान ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई 2025 में पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी : जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने कहा, जहां तक ऑपरेशन सिंदूर का सवाल है, यह अब भी जारी है. फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम है. हिंदुस्तानीय सेना और सेना के तीनों अंग ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयारियां कर रहे हैं, यदि इसे अंजाम देने की स्थिति बनती है. उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों पर अंतरिक्ष, साइबर और मनोवैज्ञानिक एवं सूचना-आधारित युद्ध जैसे उभरते क्षेत्रों का प्रभाव लगातार बढ़ेगा. अत्यंत सतर्क रहना होगा : सेना प्रमुख सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र बेहद पारदर्शी हो चुके हैं. लगभग हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है, ऐसे में सैन्य योजनाकारों को सैनिकों की तैनाती तथा उनकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क रहना होगा. उन्होंने कहा, आज की स्थिति में युद्धक्षेत्र 24 घंटे निगरानी में रहता है. यह इतना पारदर्शी हो गया है कि हर गतिविधि दूसरे पक्ष को दिखाई देती है. इसलिए हमें अपनी तैनाती, अपने संसाधनों के उपयोग और अपने सैनिकों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को लेकर अत्यंत सतर्क रहना होगा. जीत हमेशा दिमाग में होती है, जमीन पर नहीं : जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य के संघर्षों में जनविश्वास और राष्ट्रीय एकता की भूमिका निर्णायक बनी रहेगी. उन्होंने कहा, जीत हमेशा दिमाग में होती है, जमीन पर नहीं. इसलिए सूचना युद्ध तभी सफल होता है, जब पूरा देश एकजुट हो और उन लोगों पर भरोसा करे जो जानकारी दे रहे हैं. यदि ऐसा होता है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वह राष्ट्र, जिसके लोग एक-दूसरे और सभी हितधारकों पर विश्वास करते हैं, हमेशा युद्ध जीतेगा. थलसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हिंदुस्तान के दृढ़ संकल्प और सशस्त्र बलों की संतुलित, सटीक और उद्देश्यपूर्ण जवाब देने की क्षमता को प्रदर्शित किया. इस अभियान ने एकीकृत योजना, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी, सटीक लक्ष्यभेदन, मजबूत वायु रक्षा, सुरक्षित संचार और विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल के महत्व को रेखांकित किया. जनरल द्विवेदी ने कहा कि हिंदुस्तानीय सेना आधुनिकीकरण और परिवर्तन की आवश्यकता को पूरी तरह समझती है. उन्होंने कहा, हम परिवर्तन के दशक के तहत स्वयं को भविष्य के लिए तैयार बल में बदल रहे हैं, जिसमें युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी. हर सैनिक के हाथ में एक ईगल होना चाहिए : जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने कहा- इंडस्ट्री ड्रोन बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरी, शक्तिमान रेजिमेंट, भैरव बटालियन और अन्य प्रौद्योगिकी-सक्षम संरचनाओं का गठन इसी परिवर्तन प्रक्रिया का हिस्सा है. जनरल ने कहा कि अगला बड़ा कदम नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता है, जहां डेटा एक रणनीतिक संसाधन बन जाएगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज, बुद्धिमत्तापूर्ण और लचीली होगी. ड्रोन और अन्य स्वदेशी हथियारों के उपयोग पर उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के बाद से वह लगातार ईगल ऑन द आर्म की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि हर सैनिक के हाथ में एक ईगल होना चाहिए. हर सैनिक में ड्रोन उड़ाने की क्षमता होनी चाहिए. आपने देखा होगा कि हमारी अकादमी और अन्य केंद्रों में इसके लिए प्रशिक्षण जारी है और सिमुलेटर भी उपलब्ध हैं. ये भी पढ़ें: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि रविवार को संभालेंगे देश के नए CDS का कार्यभार; जनरल चौहान की लेंगे जगह The post हिंदुस्तानीय सेना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार, जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम appeared first on Naya Vichar.

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आम-लीची लेकर सिंगापुर पहुंचे लालू यादव, बेटी रोहिणी ने लगाया गले, बोलीं- आज मेरे घर भगवान आए हैं

Lalu Yadav: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए सिंगापुर पहुंच गए हैं. एयरपोर्ट पर उनकी बेटी रोहिणी आचार्या ने उनका स्वागत किया. लंबे समय बाद पिता से मुलाकात होते ही रोहिणी भावुक हो गईं और उन्हें गले लगा लिया. इस दौरान लालू यादव अपने साथ आम, लीची, लड्डू समेत कई घरेलू चीजें भी लेकर पहुंचे थे. सोशल मीडिया पर शेयर किया इमोशनल वीडियो पिता के आगमन से खुश रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि हमारे घर आज हमारे भगवान आए हैं. हमारी छोटी सी दुनिया में हमारे चारो धाम आए हैं. उनके चरणों की धूल ले लें हम हमारे कृपानिधान आए हैं. हमारे घर आज हमारे भगवान आए हैं .. हमारी छोटी सी दुनिया में हमारे चारो धाम आए हैं उनके चरणों की धूल ले लें हम हमारे कृपानिधान आए हैं 🙏 pic.twitter.com/1MiMoQIIL4 — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) May 30, 2026 रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए गए हैं सिंगापुर लालू प्रसाद यादव का साल 2022 में सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. उनकी बेटी रोहिणी आचार्या ने ही उन्हें अपनी किडनी दान की थी. ट्रांसप्लांट के बाद लालू समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर जाते रहते हैं. इस बार भी वह नियमित मेडिकल चेकअप के लिए वहां पहुंचे हैं और फिलहाल रोहिणी के घर पर ही ठहरे हुए हैं. नेतृत्व में भी एक्टिव हैं रोहिणी रोहिणी आचार्या सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व में भी एक्टिव भूमिका निभाती रही हैं. उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव सारण सीट से लड़ा था. इसके अलावा बिहार विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने आरजेडी के पक्ष में जमकर प्रचार किया था. चुनावी हार के बाद परिवार में बढ़ा था विवाद पिछले विधानसभा चुनाव के बाद लालू परिवार के भीतर विवाद की समाचारें भी सामने आई थीं. रोहिणी आचार्या ने आरोप लगाया था कि तेजस्वी यादव के करीबी लोगों ने उनके साथ राबड़ी आवास में अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने कहा था कि चुनावी हार का ठीकरा उन पर फोड़ा गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया. मायके से दूरी, बर्थडे पार्टी से भी रहीं दूर उस विवाद के बाद रोहिणी आचार्या अब तक अपने मायके नहीं आई हैं. हाल ही में गाजियाबाद में आयोजित तेजस्वी यादव के बेटे इराज की जन्मदिन पार्टी में भी पूरा लालू परिवार मौजूद था, लेकिन रोहिणी इसमें शामिल नहीं हुईं. एमएलसी चुनाव लड़ने की अटकलों को किया खारिज रोहिणी आचार्या ने हाल ही में उन समाचारों को भी अफवाह बताया, जिनमें उन्हें राजद की ओर से विधान परिषद चुनाव का संभावित उम्मीदवार बताया जा रहा था. उन्होंने साफ कहा कि उन्हें किसी पद या नेतृत्वक लाभ का कोई लालच नहीं है. फिलहाल राजद ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है. Also Read: भारी संख्या में राबड़ी आवास पहुंची पुलिस की टीम, पूर्व सीएम ने कहा था- सम्राट चौधरी फोर्स भेजकर खाली करवा लें बंगला The post आम-लीची लेकर सिंगापुर पहुंचे लालू यादव, बेटी रोहिणी ने लगाया गले, बोलीं- आज मेरे घर भगवान आए हैं appeared first on Naya Vichar.

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