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May 30, 2026

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‘डॉन 3’ विवाद के बीच रणवीर सिंह ने शेयर की खास तस्वीर, इस स्टार फुटबॉलर संग आए नजर

Ranveer Singh: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़े विवाद और खुद पर लगे बैन को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं. लेकिन इन सब परेशानियों को भूलकर रणवीर सिंह बिल्कुल बेफिक्र होकर अपनी लाइफ को खुलकर एन्जॉय कर रहे हैं. वह इस वक्त हंगरी देश के बुडापेस्ट शहर में हैं. जहां से उन्होंने इंटरनेट पर अपनी एक बहुत प्यारी फोटो पोस्ट की है, जिसे देखकर उनके फैंस काफी खुश हो गए हैं. आइए जानते हैं कि रणवीर सिंह आखिर किससे मिलने बुडापेस्ट पहुंचे हैं. फुटबॉल खिलाड़ी के साथ वायरल हुई फोटो रणवीर सिंह ने शुक्रवार की देर रात अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी पर एक मशहूर फुटबॉलर के साथ अपनी फोटो पोस्ट की है. इस तस्वीर में वह इंग्लिश फुटबॉल क्लब आर्सेनल के मिडफील्डर डेक्लन राइस के साथ बेहद खुश और बेफिक्र नजर आ रहे हैं. रणवीर ने इस फोटो के साथ हार्ट वाली इमोजी भी लगाई है. आपको बता दें कि रणवीर सिंह फुटबॉल के बहुत बड़े दीवाने हैं और वह अक्सर दुनिया के बड़े-बड़े फुटबॉल खिलाड़ियों से मिलते रहते हैं. यहां देखें फोटो क्या है ‘डॉन 3’ का पूरा विवाद? दरअसल, रणवीर सिंह ने अचानक फिल्म ‘डॉन 3’ में काम करने से मना कर दिया था, जिसके बाद उनके और फिल्म के डायरेक्टर फरहान अख्तर के बीच का झगड़ा बहुत ज्यादा बढ़ गया. यह मामला सिनेमा जगत की संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज तक पहुंच गया. फरहान अख्तर ने वहां रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और फिल्म छोड़ने की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए रणवीर से 40 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है. रणवीर सिंह पर क्यों लगा बैन? डायरेक्टर फरहान अख्तर का आरोप है कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने और पूरी टीम के रवाना होने में सिर्फ तीन हफ्ते का समय बचा था, लेकिन ऐन वक्त पर रणवीर सिंह ने फिल्म से अपना नाम वापस ले लिया. इस मामले को लेकर FWICE की तरफ से रणवीर सिंह को तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन रणवीर ने किसी भी नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया. आखिरकार संस्था ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर रणवीर सिंह पर बैन लगाने का ऐलान कर दिया. यह भी पढ़ें: दूसरे हफ्ते में लड़खड़ाई ‘चांद मेरा दिल’, जानिए 8 दिनों का पूरा हिसाब The post ‘डॉन 3’ विवाद के बीच रणवीर सिंह ने शेयर की खास तस्वीर, इस स्टार फुटबॉलर संग आए नजर appeared first on Naya Vichar.

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AI की रेस में Anthropic ने कैसे OpenAI को पीछे छोड़ा? 1 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंची वैल्यूएशन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में मुकाबला अब सिर्फ बेहतर चैटबॉट या स्मार्ट मॉडल बनाने तक सीमित नहीं रह गया है. यह लड़ाई अब वैल्यूएशन, रेवेन्यू और बिजनेस एडॉप्शन तक पहुंच चुकी है. इसी दौड़ में Anthropic ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कंपनी की वैल्यूएशन अब 965 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की चर्चा में है, जिससे वह लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर क्लब के दरवाजे पर खड़ी नजर आ रही है. खास बात यह है कि इस रेस में उसने OpenAI जैसी दिग्गज कंपनी को भी पीछे छोड़ दिया है. एक फंडिंग राउंड ने बदल दी तस्वीर Anthropic की तेज रफ्तार के पीछे सबसे बड़ा कारण उसका विशाल Series H फंडिंग राउंड माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने 65 बिलियन डॉलर की नयी पूंजी जुटाई है. इस निवेश में दुनिया की कई बड़ी वेंचर कैपिटल फर्मों के साथ क्लाउड और चिप इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनियों ने भी हिस्सा लिया है. यह फंडिंग सिर्फ पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि बड़े निवेशकों को Anthropic के बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर कितना भरोसा है. कुछ ही महीनों में कंपनी की वैल्यूएशन कई गुना बढ़ना टेक सेक्टर के लिए एक असाधारण घटना मानी जा रही है. Claude Code बना सबसे बड़ा गेम चेंजर Anthropic की सफलता के पीछे उसका AI कोडिंग प्लैटफॉर्म Claude Code सबसे अहम भूमिका निभाता दिखाई दे रहा है. यह टूल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के कई कामों को ऑटोमेट करने में सक्षम बताया जाता है. दुनिया भर की कंपनियां तेजी से ऐसे टूल्स अपना रही हैं, जिससे डेवलपर्स की उत्पादकता बढ़ रही है और प्रोजेक्ट्स तेजी से पूरे हो रहे हैं. यही वजह है कि एंटरप्राइज सेक्टर में Anthropic की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है. कई बड़ी कंपनियां अब AI सेवाओं के लिए Anthropic को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे कंपनी का रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है. OpenAI से आगे निकलने में क्या रही खास रणनीति? जहां OpenAI ने ChatGPT के जरिये आम उपभोक्ताओं के बीच बड़ी पहचान बनाई, वहीं Anthropic ने कॉर्पोरेट और एंटरप्राइज ग्राहकों पर ज्यादा फोकस किया. इसका फायदा कंपनी को बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स और लगातार बढ़ती आय के रूप में मिला. विशेषज्ञों का मानना है कि Anthropic ने सुरक्षा, विश्वसनीयता और बिजनेस-फ्रेंडली AI मॉडल पर जोर देकर खुद को अलग पहचान दी. यही वजह है कि कई बड़े संस्थान और वित्तीय कंपनियां उसके प्लैटफॉर्म को अपनाने लगीं. कम लागत और ज्यादा मुनाफे का फॉर्मूला AI इंडस्ट्री की सबसे बड़ी चुनौती कंप्यूटिंग लागत है. बड़े मॉडल चलाने के लिए भारी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ती है. लेकिन Anthropic ने इस क्षेत्र में भी अलग रणनीति अपनाई. कंपनी ने केवल महंगे हार्डवेयर पर निर्भर रहने के बजाय क्लाउड पार्टनर्स और वैकल्पिक चिप तकनीकों का इस्तेमाल किया. इस रणनीति का असर कंपनी के खर्च पर पड़ा और ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर हुआ. यही कारण है कि निवेशकों को कंपनी के निकट भविष्य में मुनाफे में आने की संभावना ज्यादा दिखाई दे रही है. अब नजर IPO पर AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अब सभी की नजर Anthropic और OpenAI के संभावित IPO पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि हालिया फंडिंग के बाद Anthropic सार्वजनिक बाजार में उतरने की तैयारी तेज कर सकती है. अगर कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ बरकरार रखती है, तो आने वाले महीनों में AI इंडस्ट्री का शक्ति संतुलन और तेजी से बदल सकता है. फिलहाल इतना तय है कि Anthropic ने यह साबित कर दिया है कि AI की दौड़ में अब सिर्फ OpenAI ही सबसे बड़ा नाम नहीं रह गया है. यह भी पढ़ें: Anthropic के ग्लोबल सर्वे ने बताया- AI से क्या चाहते हैं लोग और डरते किस बात से हैं? यह भी पढ़ें: Claude अब आपके कमांड पर करेगा कंप्यूटर पर काम, Anthropic का नया फीचर लॉन्च The post AI की रेस में Anthropic ने कैसे OpenAI को पीछे छोड़ा? 1 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंची वैल्यूएशन appeared first on Naya Vichar.

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अनंत सिंह और गुंजन सिंह को मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका पर हुई सुनवाई, ये है मामला

Anant Singh: गोपालगंज से सत्येंद्र पांडेय की रिपोर्टमोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह और सिंगर गुंजन सिंह पर दर्ज एफआईआर मामले में एमपी -एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अनंत सिंह के साथ इस बार कोर्ट ने सिंगर गुंजन सिंह को बड़ी राहत दी और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. जबकि कुख्यात रहे गुड्डू राय समेत अन्य को राहत नहीं मिली. अब 5 जून को होगी अगली सुनवाई अब इस मामले में पांच जून को अगली सुनवाई होगी. बचाव पक्ष के तरफ से वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक, अतुल शाही जबकि गुड्डू राय और उनके परिजनों के तरफ से वरीय अधिवक्ता रामनाथ साहु, अजात शत्रु ने कोर्ट से कहा कि अभियोजन की ओर से कोई सबूत, एफएसएल रिपोर्ट, जांच की प्रगति नहीं दी गई है. केस जांच के लिए सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा, अब इस कोर्ट में अभियोजन पदाधिकारी का आना कुछ और ही इशारा कर रहा. कोर्ट इस मामले में जमानत की अर्जी पर अपना फैसला सुनाए. अभियोजन पदाधिकारी की ओर से 10 दिन का समय मांगा गया. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद इस केस का फैसला सुरक्षित कर लिया. सिंगर गुंजन सिंह के वकील ने क्या कहा? वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक ने सिंगर गुंजन सिंह का पक्ष रखते हुए कहा कि गुंजन सिंह की अरेस्टिंग पर रोक लगाई जाए. वह कलाकार हैं. वायरल वीडियो को देखने से स्पष्ट है कि विधायक अनंत सिंह और गुंजन सिंह का कोई दोष नहीं है. वीडियो में कहीं भी अश्लील मुजरा नहीं दिख रहा है. अश्लील गीत के साथ वीडियो को वायरल किया गया, वहां अनंत सिंह थे भी नहीं. अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने कोर्ट को बताया कि मीरगंज थाना इलाके के सेमराव गांव में कुख्यात रहे गुड्डू राय के घर जनेऊ के कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे. उनके साथ गायक गुंजन सिंह भी थे. सुनवाई के दौरान कोर्ट में गहमागहमी का माहौल बना हुआ था. सीआईडी को प्रशासन ने सौंप दी है जांच मीरगंज थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट मामले में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर दर्ज कांड की जांच अब सीआईडी को सौंपी गई हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोपालगंज पुलिस ने मामले से जुड़ी पूरी फाइल बिहार सीआईडी को ट्रांसफर कर दी है. अब इस केस की जांच नए सिरे से सीआईडी करेगी. साथ ही यह पता लगाएगी कि वायरल वीडियो में दिख रहे हथियार लाइसेंसी थे या नहीं और कार्यक्रम के दौरान किन परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन किया गया. कोर्ट को नहीं मिला एसएफएल रिपोर्ट कोर्ट में अश्लील गीत पर भी विस्तार से चर्चा हुआ. मीरगंज थाना इलाके के सेमराव गांव में अश्लील पर हथियार लहराते हुए डांसर के साथ ठुमका लगाने के मामले में वीडियो में प्रतिबंधित हथियार होने की आशंका जताई गई थी. पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरल वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भेजवाया था. कोर्ट में अबतक एसएफएल रिपोर्ट नहीं आ सका है. अभियुक्तों में दो निकले नाबालिग बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजात शत्रु ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने नौ लोगों को अभियुक्त बनाया है, उसमें दो नाबालिग है. जबकि एक आरोपित ट्रेस लेस है. नाबालिगों के केस को किशोर न्याय बोर्ड को सौंपा जाए. Also Read: बिहार के LPG कंज्यूमर्स के लिए e-KYC जरूरी, नहीं तो रुकेगी सब्सिडी, जानिए कब तक है आखिरी मौका The post अनंत सिंह और गुंजन सिंह को मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका पर हुई सुनवाई, ये है मामला appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज, राज्यपाल से मिलने पहुंचे डीके शिवकुमार; सिद्धारमैया चाहते हैं बेटे के लिए की-पोस्ट

DK Shivakumar : कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद से नेतृत्वक हलचल तेज है. शनिवार शाम चार बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक निर्धारित है, उसके पहले प्रदेश के उपमुख्ममंत्री और राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गवर्नर थावर चंद गहलोत से मुलाकात की. चूंकि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है और डीके शिवकुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे ऊपर है, इसलिए गवर्नर से उनकी मुलाकात पर सबकी नजरें टिकीं हैं. #WATCH | Bengaluru, Karnataka: Former Deputy CM and State Congress president DK Shivakumar leaves from Lok Bhavan. pic.twitter.com/cmMOfJtFhP — ANI (@ANI) May 30, 2026 विधायक दल की बैठक में चुने जाएंगे नेता शाम 4 बजे लीडरशिप और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर बातचीत के लिए विधायक दल की अहम बैठक होनी है. इस बैठक में सभी विधायक मौजूद रहेंगे और पार्टी ऑब्जर्वर भी रहेंगे, जो कांग्रेस हाईकमान से सलाह लेकर ही कोई फैसला लेंगे. हालांकि यह तय माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे. दिल्ली में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ मैराथन मीटिंग करने के बाद शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. संभव है कि बैठक में डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया जाए और उसके बाद अगले एक-दो दिन में नये मुख्यमंत्री का शपथ भी संभव है. डीके शिवकुमार ने शपथ लेने के सवालों का नहीं दिया जवाब डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी. उनसे जब मीडिया के लोगों ने यह सवाल पूछा कि वे कब शपथ लेंगे, तो उन्होंने कहा कि अभी उन्हें यह नहीं पता कि विधायक दल का नेता कौन चुना जाएगा. नेता चुने जाने के बाद ही शपथ पर चर्चा संभव है. सिद्धारमैया चाहते हैं बेटे यतींद्र के लिए कीपोस्ट हाईकमान के आदेश पर सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री की कुर्सी तो छोड़ दी है, लेकिन वे यह चाहते हैं कि उनके बेटे यतींद्र को प्रदेश प्रशासन में कीपोस्ट मिले. इसकी वजह यह है कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ना नहीं चाहते थे, उनकी रुचि राष्ट्रीय नेतृत्व में नहीं है, इसलिए वे राज्यसभा नहीं जाना चाहते हैं. ऐसे में सिद्धारमैया की भूमिका और उनके बेटे को सही जगह देना भी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि सिद्धारमैया की नाराजगी पार्टी को नुकसान पहुंचा जा सकती है. ये भी पढ़ें : शपथ लेने की बात पर बोले डीके शिवकुमार- उन्हें नहीं पता है कि कब विधायक दल के नेता चुने जाएंगे कर्नाटक सीएम का पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी से मिले सिद्धारमैया, शनिवार को विधायक दल की बैठक The post कर्नाटक में नेतृत्वक हलचल तेज, राज्यपाल से मिलने पहुंचे डीके शिवकुमार; सिद्धारमैया चाहते हैं बेटे के लिए की-पोस्ट appeared first on Naya Vichar.

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कौन होगा कर्नाटक का अगला सीएम? कांग्रेस नेताओं के आने लगे बयान

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है. कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक शनिवार शाम को होने वाली है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. वही नेता नेता सिद्धारमैया के बाद राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनेगा. माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री रहे डीके शिवकुमार को विधायक दल का नया नेता चुना जा सकता है. अब सबकी नजरें कांग्रेस की इस अहम बैठक और नए मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हैं. प्रियंक खड़गे ने क्या कहा? इस बीच बैठक को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसी बैठक हो रही है. CLP ही पहले अपने नेता का चुनाव करेगा और फिर उसका नाम राज्यपाल को भेजा जाएगा. आगे क्या होगा और कौन मुख्यमंत्री बनेगा, यह सब CLP के फैसले पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है और कैबिनेट भी अब स्वतः खत्म हो गई है. अब अगली प्रशासन में कौन शामिल होगा, यह पूरी तरह हाईकमान तय करेगा. लेकिन जो भी नई प्रशासन बनेगी वो सिद्धारमैया के नेतृत्व में शुरू हुए आर्थिक और सामाजिक काम आगे बढ़ाएगी. VIDEO | Bengaluru: On Congress Legislature Party meeting, Congress leader Priyank Kharge (@PriyankKharge) says, “It is not the first time a CLP meeting is happening. The CLP will decide the CLP leader first, and then that will be sent to the Governor, and then who will become,… pic.twitter.com/igwndoFRAe — Press Trust of India (@PTI_News) May 30, 2026 कांग्रेस नेता एमबी पाटिल ने कहा कि आज CLP की बैठक हो रही है और इसमें नए नेता का चयन किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि आगे क्या फैसला होगा, यह पूरी तरह पार्टी के हाथ में है. पार्टी ही तय करेगी कि अगला नेतृत्व कौन संभालेगा और प्रशासन से जुड़े सभी अहम निर्णय भी वहीं लिए जाएंगे. VIDEO | Bengaluru: On Congress Legislature Party meeting, Congress leader MB Patil says, “CLP meeting is being held today, and a new leader will be selected… Party will decide everything.” (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/tq7nNdwV34 — Press Trust of India (@PTI_News) May 30, 2026 शाम चार बजे सीएलपी बैठक सभी सांसदों को विधान सौध के सम्मेलन रूम में शाम चार बजे होने वाली सीएलपी बैठक में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है जिसकी निगरानी अखिल हिंदुस्तानीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के सी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला करेंगे. सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया स्वयं शिवकुमार को नए सीएलपी नेता के रूप में प्रस्तावित करेंगे या एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है जिसमें कांग्रेस आलाकमान को अगले नेता का चयन करने का अधिकार दिया जाएगा. The post कौन होगा कर्नाटक का अगला सीएम? कांग्रेस नेताओं के आने लगे बयान appeared first on Naya Vichar.

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उत्तर प्रदेश के लोगों को झटका! बिजली हुई महंगी

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है. नई दरें लागू होने के बाद बिजली बिल में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी. यूपी पावर कॉरपोरेशन ने बिजली बिल पर 10 फीसदी अतिरिक्त चार्ज लगाने का फैसला किया है. Uttar Pradesh | As per the instructions of the Government of India and the information of the Regulatory Commission, electricity bills may increase by 10% in the month of June due to surcharge on increased fuel prices. “…Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPAS)… pic.twitter.com/I5foRDtN6q — ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) May 30, 2026 प्रशासनी आदेश और रेगुलेटरी कमीशन की जानकारी के अनुसार जून महीने में बिजली के बिल लगभग 10% तक बढ़ सकते हैं. इसका कारण फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) बताया गया है. यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुताबिक मार्च 2026 के लिए जो अतिरिक्त ईंधन खर्च और बिजली खरीद पर जो सरचार्ज तय किया गया था, उसे अब जून 2026 के बिल में जोड़ा जाएगा. नियमों के अनुसार मार्च महीने का यह 10% FPPAS सभी उपभोक्ता श्रेणियों पर लागू किया जाएगा. विभाग ने कहा है कि इसी प्रावधान के तहत इसे बिलिंग में शामिल करना जरूरी है. यानी उपभोक्ताओं को जून में आने वाले बिजली बिल में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो सीधे तौर पर ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी और उसकी भरपाई से जुड़ी हुई है. The post उत्तर प्रदेश के लोगों को झटका! बिजली हुई महंगी appeared first on Naya Vichar.

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खराब मौसम का असर: रांची आने वाली सभी फ्लाइट कोलकाता डायवर्ट, सांसद संजय सेठ की भी उड़ान प्रभावित

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार सुबह खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर साफ देखने को मिला. खराब मौसम के कारण शनिवार सुबह रांची आने वाली सभी फ्लाइट कोलकाता डायवर्ट हुई.  संजय सेठ की फ्लाइट भी डायवर्ट  खराब मौसम के कारण रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की फ्लाइट भी कोलकाता डायवर्ट हुई.   खराब मौसम के कारण शनिवार सुबह रांची आने वाली सभी फ्लाइट्स को कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा. इसका असर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की उड़ान पर भी पड़ा, जिन्हें लेकर आ रही फ्लाइट भी रांची की बजाय कोलकाता भेज दी गई. #RanchiAirport #SanjaySeth #FlightNews #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/bkIxoLC6Az — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) May 30, 2026 सुबह-सुबह हुई बारिश शनिवार सुबह रांची में मौसम ने अचानक करवट ली. सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे और झमाझम बारिश शुरू हो गई. यह भी पढ़ें: गढ़वा: ‘PhonePe’ से घूस लेने वाले राजस्व कर्मचारी पर गिरी गाज, वीडियो वायरल होने के बाद हुए सस्पेंड यह भी पढ़ें: JUVNL घोटाला: 109 करोड़ रुपये के गबन मामले में आरोपी अरग्य सेनगुप्ता को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत The post खराब मौसम का असर: रांची आने वाली सभी फ्लाइट कोलकाता डायवर्ट, सांसद संजय सेठ की भी उड़ान प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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Android 17 का नया AI फीचर करेगा स्कैमर्स का खेल खत्म, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी पर लगेगी लगाम

ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड आज स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में से एक बन चुके हैं. फर्जी बैंक कॉल, OTP स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड और नकली लिंक के जरिए हर दिन हजारों लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. ऐसे समय में गूगल का आगामी Android 17 अपडेट यूजर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रॉयड 17 में कई ऐसे एडवांस्ड AI आधारित सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं जो संदिग्ध कॉल, फर्जी नंबर और खतरनाक ऐप्स की पहचान करने में मदद करेंगे. कॉल के दौरान ही मिलेगा स्कैम अलर्ट Android 17 का सबसे चर्चित फीचर रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन माना जा रहा है. यह सिस्टम फोन कॉल के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने की कोशिश करेगा. अगर AI को लगे कि सामने वाला व्यक्ति किसी तरह की धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहा है, तो यूजर को तुरंत चेतावनी दिखाई जा सकती है. इसका मकसद लोगों को उस समय सतर्क करना है जब वे स्कैमर्स के झांसे में आने वाले होते हैं. खासकर बैंकिंग, KYC अपडेट और इनाम जीतने जैसी कॉल्स में यह फीचर काफी उपयोगी साबित हो सकता है. फर्जी और स्पूफ नंबरों की पहचान होगी आसान साइबर अपराधी अक्सर ऐसे नंबरों का इस्तेमाल करते हैं जो देखने में स्थानीय या आधिकारिक लगते हैं. कई बार यूजर्स इन्हें बैंक, प्रशासनी विभाग या किसी विश्वसनीय संस्था का नंबर समझ लेते हैं. Android 17 में ऐसे स्पूफ नंबरों की पहचान करने की क्षमता को और मजबूत बनाया जा रहा है. इससे यूजर्स को कॉल रिसीव करने से पहले ही संभावित जोखिम की जानकारी मिल सकती है. OTP और निजी डेटा रहेगा ज्यादा सुरक्षित ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के दौर में OTP सबसे संवेदनशील जानकारी बन गया है. कई मालवेयर और फर्जी ऐप्स OTP चुराने की कोशिश करते हैं. नई रिपोर्ट्स के अनुसार Android 17 में ऐसे फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं जो OTP को कुछ समय के लिए सुरक्षित रखेंगे और दूसरे ऐप्स की पहुंच से दूर रखेंगे. इससे साइबर अपराधियों के लिए यूजर्स के अकाउंट तक पहुंच बनाना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा. Google Play Protect बनेगा और ज्यादा ताकतवर Google Play Protect पहले से ही एंड्रॉयड डिवाइस में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. Android 17 में इसे और ज्यादा स्मार्ट बनाया जा रहा है. यह फीचर संदिग्ध ऐप्स की निगरानी करेगा और यूजर को बताएगा कि कौन-सा ऐप स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर रहा है, माइक्रोफोन एक्सेस कर रहा है या बैकग्राउंड में संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है. इससे प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी. एडवांस्ड कॉल स्क्रीनिंग से मिलेगा अतिरिक्त सुरक्षा कवच Android 17 में कॉल स्क्रीनिंग फीचर को भी नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है. यह तकनीक अनजान कॉलर्स से पहले बातचीत कर सकती है और कॉल करने का कारण जान सकती है. अगर कॉल संदिग्ध लगती है, तो यूजर को पहले से जानकारी दी जा सकती है. इससे अनचाही और धोखाधड़ी वाली कॉल्स को काफी हद तक रोका जा सकेगा. बढ़ते साइबर खतरे के बीच क्यों अहम है Android 17? हिंदुस्तान समेत दुनिया भर में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. लोग बैंकिंग, शॉपिंग और प्रशासनी सेवाओं के लिए स्मार्टफोन पर निर्भर हो चुके हैं. ऐसे में सुरक्षा फीचर्स अब सिर्फ एक अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बन गए हैं. Android 17 के नए AI आधारित टूल्स अगर उम्मीद के मुताबिक काम करते हैं, तो यह अपडेट लाखों यूजर्स को साइबर अपराधियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. यह भी पढ़ें: AI की मदद से बंदे ने खोज डाली 25 पुश्तैनी प्रॉपर्टी, वायरल हुई कहानी The post Android 17 का नया AI फीचर करेगा स्कैमर्स का स्पोर्ट्स खत्म, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी पर लगेगी लगाम appeared first on Naya Vichar.

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पंजाब निकाय चुनाव : अब क्या करेगी बीजेपी? आप का दबदबा, कांग्रेस भी मजबूत

पंजाब के नगर निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार जीत दर्ज की है. AAP ने 48 फीसदी से ज्यादा वार्डों में जीत हासिल करते हुए 900 से अधिक सीटें अपने नाम कीं. वहीं कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही, लेकिन वह काफी पीछे दिखी और उसके खाते में 300 से कुछ ज्यादा वार्ड ही आए. AAP की इस जीत को पंजाब में उसकी मजबूत पकड़ का संकेत माना जा रहा है. चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और पार्टी पांचवें स्थान पर सिमट गई. बीजेपी से आगे निर्दलीय उम्मीदवार और शिरोमणि अकाली दल भी रहे. वहीं आम आदमी पार्टी की बड़ी जीत के बाद पूरे पंजाब में जश्न का माहौल दिखा. पार्टी कार्यालयों पर कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर नाचकर खुशी मनाई और मिठाइयां बांटीं. अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी को कहा “ईडी पार्टी” आम आदमी पार्टी की जीत के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता का धन्यवाद किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए उसे “ईडी पार्टी” कहा. केजरीवाल ने कहा कि छोटे व्यापारियों पर लगातार छापेमारी कर लोगों को परेशान करने वाली “ईडी पार्टी” को जनता ने चुनाव में करारा जवाब दिया है और उसे पूरी तरह नकार दिया है. यह भी पढ़ें : पंजाब निकाय चुनाव में चला AAP का जादू, 690 से अधिक वार्ड पर जीत, पार्टी मना रही जश्न पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी आम आदमी पार्टी की जीत का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों ने साबित कर दिया है कि जनता ने नफरत की नेतृत्व को खारिज कर दिया है और विकास तथा काम की नेतृत्व पर भरोसा जताया है. पार्टी-वार चुनाव परिणाम कुल 1,977 वार्डों में मतदान हुआ था. रात 11 बजे तक आए नतीजों में विभिन्न नेतृत्वक दलों की स्थिति साफ होती दिखी. आम आदमी पार्टी सबसे आगे रही. पार्टी जीती सीटें (वार्ड) AAP (आम आदमी पार्टी) 957 INC (कांग्रेस) 397 IND (निर्दलीय) 251 SAD (शिरोमणि अकाली दल) 191 BJP (हिंदुस्तानीय जनता पार्टी) 167 BSP (बहुजन समाज पार्टी) 7 रात 11 बजे तक आए नतीजे निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ पार्टी आप के लिए एक अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, जो राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है. The post पंजाब निकाय चुनाव : अब क्या करेगी बीजेपी? आप का दबदबा, कांग्रेस भी मजबूत appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक में सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार, 4 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक

कर्नाटक में नई प्रशासन के गठन को लेकर शुक्रवार (29 मई) को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार मंथन चलता रहा. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था और राज्य मंत्रिमंडल को भंग कर दिया था. इसके बाद नए मुख्यमंत्री, कैबिनेट गठन और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर पार्टी में बैठकों का दौर तेज हो गया है. कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच आज (30 मई)  शाम 4 बजे बेंगलुरु के विधान सौधा में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की अहम बैठक होगी. इस बैठक की अध्यक्षता सिद्धारमैया करेंगे. बैठक में नए नेता का चुनाव किया जाएगा. माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को विधायक दल का नया नेता चुना जा सकता है, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा. दिल्ली में हुई बैठक, सिद्धारमैया रहे मौजूद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद अपने बेटे यतींद्र के साथ नई दिल्ली का दौरा किया. वहां उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता के. सी. वेणुगोपाल समेत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से कई दौर की बैठकें कीं. इन बैठकों में कर्नाटक में नई प्रशासन के गठन और आगे की नेतृत्वक रणनीति पर चर्चा हुई. 30 मई को सिद्धारमैया ने सुबह करीब 9 बजे दिल्ली स्थित 10 जनपथ में राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान सोनिया गांधी मौजूद नहीं थीं. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का अपना वादा पूरा कर दिया है. कर्नाटक में सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित किया है. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कर्नाटक की नेतृत्व में सिद्धारमैया की आगे की भूमिका और उनके भविष्य के नेतृत्वक कदमों को लेकर भी बातचीत की गई. बेटे यतींद्र को उपयुक्त जिम्मेदारी देगी कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर उनके बेटे यतींद्र को कोई उपयुक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है. बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया नई प्रशासन और कैबिनेट में अपने करीबी नेताओं को जगह दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने यतींद्र को भी प्रशासन में शामिल किए जाने की पैरवी की है. यह भी पढ़ें : शपथ लेने की बात पर बोले डीके शिवकुमार- उन्हें नहीं पता है कि कब विधायक दल के नेता चुने जाएंगे सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया ने अभी तक नई कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले अपने पसंदीदा नेताओं की सूची कांग्रेस नेतृत्व को नहीं सौंपी है. उम्मीद है कि वह शनिवार को यह सूची अंतिम रूप देंगे और कांग्रेस के महासचिव रणदीप सुरजेवाला को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक के दौरान सौंपेंगे. इसके बाद नई कैबिनेट के स्वरूप पर तस्वीर और साफ हो सकती है. The post कर्नाटक में सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार, 4 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक appeared first on Naya Vichar.

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