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July 17, 2026

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NEET UG 2026 Topper: झारखंड के सुहर्ष बने स्टेट टॉपर, जानें कितनी मिली रैंक

NEET UG 2026 Topper From Jharkhand: एनटीए की तरफ से जारी टॉपर्स लिस्ट के अनुसार, नीट यूजी 2026 में इस बार भी झारखंड का कोई भी छात्र देश की टॉप 100 रैंक में जगह नहीं बना सका. इसके बावजूद राज्य के कई छात्रों ने अच्छे अंक हासिल कर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की उम्मीद मजबूत की है. रांची के ज्ञानेंद्र गर्व का शानदार प्रदर्शन रांची के ज्ञानेंद्र गर्व ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 676 हासिल की. उन्हें परीक्षा में 665 अंक मिले और उनका परसेंटाइल 99.96 रहा. ज्ञानेंद्र के पिता कुमार मयंक भूषण गढ़वा में एसडीओ हैं, जबकि उनकी मां कुमारी अंजली प्रशासनी शिक्षिका हैं. उन्होंने 12वीं की पढ़ाई जेवीएम श्यामली से और 10वीं की पढ़ाई डीएवी कपिलदेव स्कूल से पूरी की है. इसके अलावा रांची के अक्षत प्रेम को AIR 2034 और 642 अंक मिले. शाकिब अहमद ने AIR 2282 के साथ 640 अंक हासिल किए. वहीं मयंक कुमार को AIR 3211 और सर्वजीत को AIR 4271 मिली. रांची से इस बार करीब 10 हजार छात्रों ने NEET UG परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया. देशभर में पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने किया टॉप राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल संयुक्त रूप से NEET UG 2026 के टॉपर बने हैं. दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए. देशभर में कुल 11.21 लाख उम्मीदवार सफल घोषित किए गए हैं. इस बार 19 छात्रों ने 700 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 1,492 अभ्यर्थियों ने 650 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं. NTA ने समय पर रिजल्ट जारी किया है ताकि मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया तय समय पर पूरी हो सके. 1.08 लाख MBBS सीटों पर होगा दाखिला NEET UG 2026 के नतीजों के आधार पर देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला होगा. इस बार MBBS की कुल 1.08 लाख सीटें उपलब्ध हैं. इनमें लगभग 56 हजार सीटें प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में और करीब 52 हजार सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं. री-एग्जाम से पहले NTA ने फाइनल आंसर-की भी जारी की थी. इसमें एक प्रश्न को हटाया गया, जबकि एक अन्य प्रश्न के दो सही उत्तर स्वीकार किए गए. गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद पहले आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई. इस पूरे मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है. ये भी पढ़ें: NEET UG में नवादा के आयुष भलोटिया ने किया टॉप, AIR 4, देखें मार्कशीट The post NEET UG 2026 Topper: झारखंड के सुहर्ष बने स्टेट टॉपर, जानें कितनी मिली रैंक appeared first on Naya Vichar.

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रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों पर लगा विराम, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने दी सफाई

Rohit Sharma retirement rumors: हिंदुस्तानीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर दबाव नहीं बना रहा है. कोच ने लॉर्ड्स में रोहित की वापसी की उम्मीद जताई है. इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में हिंदुस्तान की हार के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई थी. रोहित शर्मा को लेकर क्या बोले बल्लेबाजी कोच यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों को ओपनिंग में मौका देने के सवाल पर हिंदुस्तानीय बल्लेबाजी कोच ने कहा कि रोहित शर्मा को लेकर टीम में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है. कोच ने स्पष्ट किया, “मुझे नहीं लगता कि रोहित शर्मा किसी दबाव में हैं. वह इतने शानदार खिलाड़ी हैं कि इस तरह की बातों से प्रभावित नहीं होते. भले ही उन्होंने पिछले कुछ मैचों में रन नहीं बनाए हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आज भी वे लय में दिख रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वे बड़ी पारी स्पोर्ट्स सकते हैं. लॉर्ड्स में वापसी कर सकते हैं रोहित दूसरे वनडे में रोहित शर्मा 47 गेंदों पर सिर्फ 27 रन बना सके. उनकी धीमी शुरुआत और शॉट चयन को लेकर चर्चा हुई, लेकिन कोटक ने इसे संघर्ष नहीं बल्कि परिस्थितियों का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा, “मैंने काफी क्रिकेट स्पोर्ट्सी और देखी है. कई बार बल्लेबाज उस लय को हासिल नहीं कर पाते जिसकी उन्हें तलाश होती है. ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है. आप लॉर्ड्स में रोहित शर्मा की पूरी तरह अलग पारी देख सकते हैं.” कोटक के मुताबिक, कार्डिफ की पिच पर गेंद का दो बार उछलना रोहित के लिए कुछ असहज स्थिति पैदा कर रहा था. उन्होंने कहा कि रोहित आमतौर पर जो शॉट आसानी से स्पोर्ट्सते हैं, उनमें उन्हें इस वजह से परेशानी महसूस हुई होगी. सीरीज में रोहित का खराब प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में रोहित शर्मा अभी तक अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. सीरीज के पहले मुकाबले में एजबेस्टन पर हिंदुस्तान की जीत के बावजूद रोहित सिर्फ 11 रन बना सके थे. उन्होंने 21 गेंदों का सामना किया था और उन्हें सैम करन ने आउट किया था. वहीं, दूसरे वनडे में उन्होंने 47 गेंदों में 27 रन बनाए. लगातार दो कम स्कोर के बाद उनके वनडे करियर को लेकर सवाल उठने लगे हैं. 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चल रही है तैयारी रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर कयासों का दौर जारी है. 2027 वर्ल्ड कप के लिए नई रणनीति बना रही हिंदुस्तानीय टीम के लिए सितांशु कोटक के बयान ने स्पष्ट किया है कि मैनेजमेंट ने अभी रोहित को लेकर कोई फैसला नहीं किया है. उन्हें टीम के इस अनुभवी बल्लेबाज की फॉर्म में वापसी का भरोसा है. इसे भी पढ़े- जसप्रीत बुमराह का कमाल, वनडे में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले पहले हिंदुस्तानीय बने The post रोहित शर्मा के संन्यास की समाचारों पर लगा विराम, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने दी सफाई appeared first on Naya Vichar.

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‘हम सभी उनकी सेहत और जिंदगी को लेकर चिंतित हैं’, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर आमिर खान का रिएक्शन

Aamir Khan On Sonam Wangchuk: अगर आपको अब तक लगता था कि ‘3 इडियट्स’ का पॉपुलर किरदार फुनसुख वांगडू सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से प्रेरित था, तो आमिर खान ने इस धारणा को पूरी तरह गलत बता दिया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर एक्टर ओमी वैद्य (चतुर) ने उनका सपोर्ट किया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग आमिर की चुप्पी पर सवाल उठा रहे थे. अब आखिरकार आमिर ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. ‘3 इडियट्स’ और सोनम वांगचुक को लेकर आमिर खान ने क्या कहा? ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट में बातचीत के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक और उनकी भूख हड़ताल को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर आमिर ने कहा, “यह बात सही नहीं है. यह सिर्फ एक गलतफहमी है. जब हम ‘3 इडियट्स’ बना रहे थे, तब मैं सोनम वांगचुक को जानता भी नहीं था. हाल ही में मैंने चतुर यानी ओमी वैद्य का वीडियो देखा, लेकिन वह इस मामले में गलत हैं. न मैं, न निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही लेखक अभिजात जोशी, हममें से कोई भी उस समय सोनम वांगचुक को नहीं जानता था.” आमिर बोले- हम सभी उनकी सेहत और जिंदगी को लेकर चिंतित हैं आमिर खान ने यह भी कहा कि इससे सोनम वांगचुक के काम की अहमियत बिल्कुल कम नहीं होती. उन्होंने कहा कि “सोनम वांगचुक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. उनका सम्मान करने के लिए यह जरूरी नहीं कि ‘3 इडियट्स’ का किरदार उन्हीं पर आधारित हो.” भूख हड़ताल को लेकर आमिर ने चिंता जताते हुए कहा, “हम सभी उनकी सेहत और जिंदगी को लेकर चिंतित हैं. हम चाहते हैं कि सब कुछ अच्छे तरीके से खत्म हो और वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त करके अपना ध्यान रखें.” ओमी वैद्य के बयान के बाद बढ़ी थी चर्चा कुछ दिन पहले ओमी वैद्य, जिन्होंने फिल्म में ‘चतुर’ का किरदार निभाया था ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा था, “मैं नहीं चाहता कि फुनसुख वांगडू की मौत हो जाए.” View on Instagram ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक के सपोर्ट में 1 दिन का अनशन करेंगे अतुल कुलकर्णी, कहा- दर्द को समझने के लिए जरूरी है कि हम दूसरे के दर्द से जुड़ें ये भी पढ़ें: ‘जो आमिर खान को टपकाएगा उसके परिवार को 5 करोड़ देंगे’, जगद्गुरु परमहंस आचार्य के विवादित बयान से बढ़ी हलचल The post ‘हम सभी उनकी सेहत और जिंदगी को लेकर चिंतित हैं’, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर आमिर खान का रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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NEET UG में नवादा के आयुष भलोटिया ने किया टॉप, AIR 4, देखें मार्कशीट

NEET UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट जारी होते ही बिहार के नवादा जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. नवादा के वारिसलीगंज निवासी आयुष भलोटिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल की है. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले और बिहार का नाम रोशन कर दिया है. NEET UG 2026 Topper From Bihar: कौन हैं आयुष भलोटिया? आयुष की सफलता की शुरुआत उनके गृह प्रखंड वारिसलीगंज से हुई. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई विवेकानंद पब्लिक स्कूल, वारिसलीगंज से पूरी की. यहीं से उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करते हुए शानदार अंक हासिल किए. NEET UG Re Exam Toppers List अब जब NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी हो चुका है, तो आयुष मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया में शामिल होंगे और देश के शीर्ष प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में MBBS में दाखिला लेने का मौका मिलेगा. उनकी इस उपलब्धि पर नवादा के लोगों के साथ-साथ पूरे बिहार को गर्व है. कैसा रहा NEET UG Result 2026? NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 21 जून 2026 को किया गया था. इस परीक्षा में देशभर और विदेश के केंद्रों को मिलाकर करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए. परीक्षा हिंदुस्तान के 551 शहरों के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि कुल 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं. इस साल परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी और सफल उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक स्त्रीएं शामिल हैं. ये भी पढ़ें: NEET UG Re-Exam में सिर्फ 19 छात्रों ने पार किया 700 का आंकड़ा, देखें पास प्रतिशत The post NEET UG में नवादा के आयुष भलोटिया ने किया टॉप, AIR 4, देखें मार्कशीट appeared first on Naya Vichar.

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गया जी में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष को 7 घंटे बाद सकुशल निकाला, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के सफल रेस्क्यू से गांव में खुशी

Gaya Ji News : गया जी जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक हादसे का सुखद अंत तब हुआ, जब करीब 7 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष कुमार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने सकुशल बाहर निकाल लिया. रेस्क्यू के तुरंत बाद शिशु को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया. पीयूष के सुरक्षित बाहर आने की समाचार मिलते ही परिजनों समेत पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली. शाम 6:28 बजे खुले बोरवेल में गिरा था मासूम जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष कुमार नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल में स्पोर्ट्सते समय गिर गया था. घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और शिशु की सलामती के लिए दुआ करने लगे. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन ने मिलकर चलाया अभियान रेस्क्यू अभियान जिला प्रशासन की निगरानी में चलाया गया. मौके पर वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडेय, अंचलाधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने अत्यंत सावधानी, धैर्य और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए लगातार प्रयास किया और आखिरकार शिशु को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की. रेस्क्यू के दौरान स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल रेस्क्यू अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही भी सामने आई. ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराए गए पांच ऑक्सीजन सिलेंडरों में से चार खाली थे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया. हालांकि स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया. लापरवाही की जांच और कार्रवाई की तैयारी मामले को गंभीरता से लेते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. सफल रेस्क्यू अभियान की हो रही सराहना पीयूष कुमार के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद पूरे क्षेत्र में राहत और खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के साहस, धैर्य और समर्पण की जमकर सराहना की. यह सफल रेस्क्यू अभियान पूरे गया जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. Also Read : गया जी : 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरा तीन साल का पीयूष, रेस्क्यू जारी The post गया जी में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष को 7 घंटे बाद सकुशल निकाला, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के सफल रेस्क्यू से गांव में खुशी appeared first on Naya Vichar.

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पुरी रथ यात्रा: भारी भीड़ के बीच दो श्रद्धालुओं की मौत, आज फिर मिलेगा रथ खींचने का मौका

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के मुताबिक, रथ यात्रा के दौरान सात श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. इनमें 60 साल से अधिक उम्र के एक श्रद्धालु की इलाज के दौरान मौत हो गई. अधिकारियों का कहना है कि उनकी मौत की सही वजह का पता लगाया जा रहा है. वहीं, एक दूसरी घटना में 35 साल से अधिक उम्र के एक श्रद्धालु को अचानक दिल का दौरा पड़ा. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, बारिश की वजह से जिन श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी थी, उनका अस्पताल में इलाज किया गया और हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई. दिनभर भारी भीड़ और लगातार बारिश के कारण कई लोगों को थकान, शरीर में पानी की कमी, घुटन और अन्य मामूली स्वास्थ्य समस्याएं हुईं. हालांकि, राज्य प्रशासन का कहना है कि रथ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और बेहतर व्यवस्था के साथ संपन्न हुई. प्रशासन ने यह भी साफ किया कि कार्यक्रम के दौरान भगदड़ या भीड़ प्रबंधन पूरी तरह फेल होने जैसी कोई घटना नहीं हुई. देश-विदेश से करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालु शामिल हुए रथ यात्रा में अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, सेवादारों और स्वयंसेवकों ने मिलकर व्यवस्था संभाली, जिससे श्रद्धालुओं का आना-जाना बिना किसी बड़ी परेशानी के चलता रहा. पूरे आयोजन के दौरान हालात सामान्य रहे और सभी जरूरी सेवाएं सुचारु रूप से काम करती रहीं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस साल पुरी की वार्षिक रथ यात्रा में देश-विदेश से करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालु शामिल हुए. ये भी पढ़ें: Puri Rath Yatra 2026: श्रद्धालुओं को कनेक्ट रखने के लिए एयरटेल का मास्टरस्ट्रोक, पूरे ओडिशा में 5G नेटवर्क हुआ सुपरफास्ट  ‘बड़ा डंडा’ मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ गई फायर सर्विस के महानिरीक्षक (Inspector General) उमाशंकर दाश ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान ‘बड़ा डंडा’ मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ गई थी. इसी रास्ते से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ श्री गुंडिचा मंदिर तक ले जाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि भीड़ में दम घुटने और तबीयत बिगड़ने वाले करीब 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद उन्हें अस्थायी अस्पतालों और एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया, जिससे समय पर इलाज मिल सका और उनकी हालत में सुधार हुआ. तीनों देवता शुक्रवार रात भी रथों पर ही रहेंगे प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी ने पत्रकारो से कहा कि अनुष्ठानों में बिल्कुल भी देरी नहीं हुई, लेकिन ‘पहंडी’ प्रक्रिया में एक घंटे से अधिक की देरी हुई. भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा मुख्य द्वार पर करीब 40 मिनट तक आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके कारण ‘पहंडी’ में देरी हुई. उन्होंने बताया कि रथ खींचने की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे फिर शुरू होगी और देवता रातभर रथों पर ही विराजमान रहेंगे. पाढ़ी ने कहा कि तीनों देवता शुक्रवार रात भी रथों पर ही रहेंगे, जबकि गुंडिचा मंदिर में प्रवेश का जुलूस शनिवार को आयोजित किया जाएगा. The post पुरी रथ यात्रा: भारी भीड़ के बीच दो श्रद्धालुओं की मौत, आज फिर मिलेगा रथ खींचने का मौका appeared first on Naya Vichar.

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जश्न के बीच मेसी ने खोला इंग्लैंड का पेनल्टी प्लान, तस्वीर हुई वायरल

Lionel Messi viral water bottle: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जीत के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने इंग्लैंड के गोलकीपर की पानी की बोतल पर लिखी पेनल्टी की रणनीति देखी. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और खूब चर्चा बटोरी. अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी के हाथ जीत के जश्न के दौरान इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की पानी की बोतल लग गई. मेसी ने बोतल पर लगे उन नोट्स को गौर से पढ़ा, जिनमें अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के नाम और उनके पेनल्टी शॉट लेने की संभावित दिशा लिखी हुई थी. बाद में उन्होंने अपने साथियों को भी वह बोतल दिखाई. पेनल्टी की पूरी तैयारी मॉडर्न फुटबॉल में पेनल्टी शूटआउट के दौरान गोलकीपर विपक्षी खिलाड़ियों की शॉट मारने की आदतों का डेटा (नोट्स) इस्तेमाल करते हैं. मेसी ने पिकफोर्ड की बोतल पर लिखे ऐसे ही नोट्स को पढ़कर अपनी टीम को सतर्क किया, ताकि वे अपनी रणनीति में बदलाव कर सकें. यह मैदान पर चलने वाली एक गहरी ‘दिमागी लड़ाई’ है, जहां खिलाड़ी विरोधी की तैयारी को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं. अपने नाम देखकर हंस पड़े अर्जेंटीना के खिलाड़ी वीडियो में अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज समेत कई खिलाड़ी अपने नाम और उनके सामने लिखी जानकारी देखकर मुस्कुराते और हंसते नजर आए. यह पल टीम के जश्न के बीच हल्के-फुल्के अंदाज का हिस्सा बन गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. हालांकि इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी निराशा यह रही कि मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा ही नहीं. ऐसे में पिकफोर्ड को अपनी पूरी तैयारी का इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिला. इंग्लैंड ने बनाई थी बढ़त सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में शानदार शुरुआत की. 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई. उस समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंच जाएगा. लेकिन अर्जेंटीना ने दबाव में शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया. मेसी ने दो असिस्ट से बदल दी मैच की तस्वीर कप्तान लियोनेल मेसी ने एक बार फिर बड़े मैच में अपनी क्लास दिखाई. उन्होंने पहले एंजो फर्नांडीज के लिए गोल का मौका बनाया, जिससे अर्जेंटीना ने बराबरी हासिल की. इसके बाद स्टॉपेज टाइम में मेसी ने शानदार क्रॉस दिया, जिस पर लाउतारो मार्टिनेज ने निर्णायक गोल कर अर्जेंटीना को 2-1 की यादगार जीत दिला दी. लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली है. अब फाइनल में उसका सामना स्पेन से होगा. अगर अर्जेंटीना खिताब जीतने में सफल रहता है, तो वह 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगा. इससे पहले ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो विश्व कप अपने नाम किए थे. वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय मैच खत्म होने के बाद मेसी द्वारा पिकफोर्ड की पेनल्टी रणनीति वाली बोतल देखने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. फुटबॉल प्रशंसक इस दिलचस्प पल पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कई लोगों ने इसे आधुनिक फुटबॉल में डेटा और रणनीति की अहमियत का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने मेसी और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की सहज प्रतिक्रिया को मैच के बाद का सबसे मजेदार पल करार दिया. इसे भी पढ़े- FIFA World Cup: 1986 में माराडोना ने तोड़ा था इंग्लैंड का सपना, 2026 में मेसी ने दोहराई वही कहानी The post जश्न के बीच मेसी ने खोला इंग्लैंड का पेनल्टी प्लान, तस्वीर हुई वायरल appeared first on Naya Vichar.

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बच्चे को गुस्से पर काबू पाना सिखाएं, पैरेंट्स के लिए ये टिप्स हैं बेहद काम के

How to Manage Child Anger: बच्चों का गुस्सा करना एक सामान्य बात है. छोटी-छोटी बातों पर रोना, चिल्लाना, चीजें फेंकना या जिद करना अक्सर उनकी भावनाओं को ठीक से व्यक्त न कर पाने का तरीका होता है. लेकिन अगर समय रहते बच्चों को अपने गुस्से को संभालना नहीं सिखाया जाए, तो आगे चलकर यह आदत उनके व्यवहार और रिश्तों पर असर डाल सकती है. ऐसे में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है. प्यार, धैर्य और सही तरीके से समझाकर शिशु को गुस्सा कंट्रोल करना सिखाया जा सकता है.  How to Manage Child Anger: सबसे पहले गुस्से की वजह समझें जब बच्चा गुस्सा करे, तो उसे डांटने या चुप कराने की बजाय यह जानने की कोशिश करें कि आखिर वह नाराज क्यों है. कई बार भूख, थकान, नींद पूरी न होना या अपनी बात न कह पाना भी गुस्से की वजह बन जाता है. कारण समझने के बाद समस्या का हल निकालना आसान हो जाता है.  शिशु को अपनी भावनाएं बताना सिखाएं शिशु को समझाएं कि गुस्सा आना गलत नहीं है, लेकिन उसे सही तरीके से जाहिर करना जरूरी है. उसे बोलना सिखाएं कि “मुझे गुस्सा आ रहा है” या “मुझे यह बात पसंद नहीं आई.” जब बच्चा अपनी भावनाएं शब्दों में व्यक्त करना सीखता है, तो उसका गुस्सा धीरे-धीरे कम होने लगता है.  How to Manage Child Anger: खुद बनें अच्छे उदाहरण शिशु वही सीखते हैं जो अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं. अगर घर में हर छोटी बात पर चिल्लाने या गुस्सा करने की आदत होगी, तो बच्चा भी वही अपनाएगा. इसलिए कोशिश करें कि किसी भी परिस्थिति में शांत रहकर बात करें. आपका व्यवहार ही शिशु के लिए सबसे बड़ी सीख है.  गहरी सांस लेने की आदत डालें जब शिशु को गुस्सा आए, तो उसे धीरे-धीरे गहरी सांस लेने के लिए कहें. आप इसे स्पोर्ट्स की तरह भी सिखा सकते हैं. जैसे 5 तक गिनते हुए सांस अंदर लें और 5 तक गिनते हुए बाहर छोड़ें. इससे बच्चा शांत महसूस करेगा और उसका ध्यान गुस्से से हटेगा.  गुस्से में तुरंत सजा न दें अगर बच्चा बहुत गुस्से में है, तो उसी समय उसे डांटना या सजा देना सही तरीका नहीं है. पहले उसे थोड़ा शांत होने का समय दें. जब उसका गुस्सा कम हो जाए, तब प्यार से समझाएं कि उसका व्यवहार क्यों गलत था और अगली बार उसे क्या करना चाहिए.  शिशु की अच्छी आदतों की तारीफ करें जब भी बच्चा बिना गुस्सा किए अपनी बात समझाए या किसी मुश्किल स्थिति को शांत होकर संभाले, तो उसकी तारीफ जरूर करें. आपकी सराहना शिशु का आत्मविश्वास बढ़ाती है और वह दोबारा भी वैसा ही व्यवहार करने की कोशिश करता है.  स्क्रीन टाइम और रूटीन पर रखें ध्यान ज्यादा मोबाइल, टीवी या वीडियो गेम भी कई बार बच्चों के चिड़चिड़ेपन की वजह बन सकते हैं. इसलिए स्क्रीन टाइम सीमित रखें. साथ ही, शिशु की नींद, स्पोर्ट्सकूद और खाने-पीने का समय नियमित रखें. अच्छी दिनचर्या शिशु के मूड को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.  यह भी पढ़ें: क्या आपका बच्चा प्लेट में खाना छोड़ देता है? इन तरीकों से सिखाएं रोटी-चावल की अहमियत The post शिशु को गुस्से पर काबू पाना सिखाएं, पैरेंट्स के लिए ये टिप्स हैं बेहद काम के appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाने के चक्कर में शुभेंदु को नहीं मिला सम्मान, बोले पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी

Partha Chatterjee on Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार और उसके बाद पार्टी में जारी टूट के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोला है. एक निजी चैनल में बातचीत में उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के पतन की शुरुआत उसी दिन हो गयी थी, जब ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाना शुरू किया. उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक को स्थापित करने की प्रक्रिया में शुभेंदु अधिकारी जैसे नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया गया. यदि अभिषेक बनर्जी को पार्टी में ‘बाघ’ बताया जा रहा है, तो फिर बाकी नेताओं की स्थिति क्या रह जाती है? अगर अभिषेक बाघ हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि बाघ के डर और अत्याचार से बाकी बिल्लियां भाग गयीं. – पार्थ चटर्जी, तृणमूल नेता कभी तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता थे पार्थ चटर्जी एक समय तृणमूल में नंबर दो माने जाने वाले पार्थ चटर्जी ने कहा कि आज जो नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, उन सभी को गद्दार कहना सही नहीं होगा. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अभिषेक को ‘बाघ’ कहा जा रहा है, तो बाकी नेताओं को क्या माना जायेगा. उनके शब्दों में- अगर अभिषेक बाघ हैं, तो कहना होगा कि बाघ के अत्याचार से बाकी बिल्लियां भाग गयीं. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी ने मुझे जेल भिजवाया, टीएमसी के बागी नेता अनुब्रत मंडल ने ममता बनर्जी के भतीजे पर लगाये आरोप ‘अभिषेक की वजह से चुनाव हारी तृणमूल कांग्रेस’ पार्थ चटर्जी ने कहा कि जिस दिन से अभिषेक को संगठन में प्रमुखता मिलनी शुरू हुई, उसी दिन से तृणमूल के संगठनात्मक पतन की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में पार्टी आम लोगों से कटती चली गयी और वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली हार उसी का परिणाम है. ये भी पढ़ें: पत्नी और बेटे को ईडी ने भेजा समन, अगले ही दिन ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़ रीतब्रत बनर्जी गुट में शामिल हुए मदन मित्रा The post अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाने के चक्कर में शुभेंदु को नहीं मिला सम्मान, बोले पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी appeared first on Naya Vichar.

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ईरान पर अमेरिकी हमले जारी : 4 की मौत, बंदर अब्बास में छा गया अंधेरा

अमेरिका ने शुक्रवार (17 जुलाई) को लगातार छठी रात भी ईरान पर सैन्य हमले किए. इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि सैन्य कार्रवाई के बावजूद बातचीत के रास्ते अब भी खुले हैं. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ईरान अभी भी वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते पर पहुंचना चाहता है और बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ताजा सैन्य अभियान अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2 बजे (हिंदुस्तानीय समयानुसार देर रात) शुरू किया गया. इस कार्रवाई में ईरान की सैन्य क्षमताओं और उससे जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर करने के उद्देश्य से उसके खिलाफ नए दौर के हवाई हमले शुरू किए गए हैं. ये भी पढ़ें: दूसरी बार अमेरिका का ईरान पर हमला : होर्मुज से जुड़े सैन्य ठिकानों को बनाया टारगेट कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं बंदर अब्बास में ईरान के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक रिलेशन के प्रमुख होसैन मोगिमी ने तस्नीम न्यूज एजेंसी को बताया कि बंदर अब्बास पर हुए हमलों के बाद कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके चलते दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई. बाद में कुछ जगहों पर बिजली बहाल होने के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे एसी जैसे भारी इलेक्ट्रिक एप्लाइंसेस का इस्तेमाल कम करें, ताकि बिजली व्यवस्था पर ज्यादा दबाव न पड़े. अमेरिका के हमलों में चार की मौत ईरान के प्रशासनी मीडिया आईआरआईबी (IRIB) के मुताबिक, शुक्रवार तड़के अमेरिका के हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. होर्मोजगान प्रांत में हुए हमले में तीन लोगों की जान गई और नौ लोग घायल हो गए. वहीं, बंदर अब्बास में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि आठ अन्य घायल बताए गए हैं. हवाई अड्डे की बिजली ठप आईआरआईबी के मुताबिक, शुक्रवार तड़के हुए अमेरिकी हमलों के दौरान एक मिसाइल दक्षिण-पूर्वी प्रांत में स्थित ईरानशहर हवाई अड्डे पर आ गिरी. इस हमले के बाद आग लग गई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया. वहीं, हवाई अड्डे की बिजली भी ठप हो गई, जिससे वहां ऑपरेशनल दिक्कत का सामना करना पड़ा. The post ईरान पर अमेरिकी हमले जारी : 4 की मौत, बंदर अब्बास में छा गया अंधेरा appeared first on Naya Vichar.

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