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July 28, 2026

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दिल्ली में आफत की बारिश: जलभराव से सड़कें बनीं तालाब, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए सुबह येलो अलर्ट को बदलकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया गया है, क्योंकि आगे भी तेज बारिश की संभावना है. सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश मौसम के मिजाज की बात करें तो सुबह से ही दिल्ली में काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है. सुबह 8:30 बजे तक दर्ज आंकड़ों के मुताबिक रिज: 37.6 मिमी लोधी रोड: 36.7 मिमी सफदरजंग: 32.4 मिमी आया नगर: 4.0 मिमी पालम: 0.8 मिमी The post दिल्ली में आफत की बारिश: जलभराव से सड़कें बनीं तालाब, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Batwara 1947 ट्रेलर लॉन्च से आमिर खान क्यों रहे गायब? Sonam Wangchuk Controversy से जोड़ रहे लोग

Batwara 1947 Trailer Launch: ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. लेकिन ट्रेलर से ज्यादा चर्चा आमिर खान की होने लगी, वजह थी उनकी गैरमौजूदगी. अपनी ही प्रोडक्शन फिल्म के ट्रेलर लॉन्च में जब आमिर नजर नहीं आए, तो सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगने शुरू हो गए. कई लोगों ने इसे हाल ही में हुए सोनम वांगचुक कंट्रोवर्सी से जोड़ दिया. दरअसल, कुछ दिन पहले आमिर ने ‘3 इडियट्स’ के अपने आइकॉनिक किरदार रैंचो को लेकर कहा था कि यह सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर जमकर बहस हुई और आमिर ट्रोलर्स के निशाने पर भी आ गए. ऐसे में कई लोगों को उम्मीद थी कि ‘बंटवारा 1947’ के ट्रेलर लॉन्च में वह इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे. लेकिन जब आमिर इवेंट में नजर ही नहीं आए, तो कुछ यूजर्स ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि शायद वह इस विवाद से जुड़े सवालों से बचना चाहते हैं. हालांकि, यह सस्पेंस ज्यादा देर तक नहीं रहा. Aamir Khan Productions की नई CEO अपर्णा पुरोहित ने स्टेज से ही उनकी गैरमौजूदगी की असली वजह बता दी. Aparna Purohit Statement: आखिर क्यों नहीं पहुंचे आमिर खान? ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब आमिर खान की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे, तब आमिर खान प्रोडक्शंस की नई CEO अपर्णा पुरोहित ने इस पर सफाई दी. उन्होंने बताया कि आमिर खान बीती रात लंदन से हिंदुस्तान आने वाले थे, लेकिन उनकी फ्लाइट कैंसिल हो गई. इसी वजह से वह ट्रेलर लॉन्च का हिस्सा नहीं बन पाए. अपर्णा ने कहा कि अगर फ्लाइट कैंसिल नहीं होती, तो आमिर इस इवेंट में जरूर मौजूद रहते. NEET Protest: यहीं से शुरू हुआ पूरा बवाल पूरे विवाद की शुरुआत जुलाई 2026 में हुई, जब सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए. जैसे-जैसे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, सोशल मीडिया पर ‘3 इडियट्स’ की टीम से उनके समर्थन में सामने आने की मांग तेज हो गई. इसी बीच फिल्म में ‘चतुर रामलिंगम’ का किरदार निभाने वाले ओमी वैद्य ने एक वीडियो शेयर कर दिया, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया. वीडियो में उन्होंने दावा किया कि फुनसुख वांगड़ू (रैंचो) का किरदार असल में सोनम वांगचुक से प्रेरित था. बस फिर क्या था, वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. इसके बाद लोगों ने आमिर खान से भी जवाब मांगना शुरू कर दिया कि आखिर सच क्या है. Sonam Wangchuk Controversy: आमिर खान ने क्या कहा था? बढ़ते विवाद के बीच लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में आमिर खान से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि ‘3 इडियट्स’ बनते समय न वह, न निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही लेखक अभिजात जोशी सोनम वांगचुक को जानते थे. आमिर ने यह भी कहा कि ओमी वैद्य ने वीडियो में जो दावा किया, वह सही नहीं है. हालांकि उन्होंने सोनम वांगचुक के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें सम्मान देने के लिए किसी फिल्म के किरदार से जोड़ना जरूरी नहीं है. साथ ही उन्होंने उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई और अनशन खत्म करने की अपील भी की. 17 साल बाद बयान देने पर क्यों उठे सवाल? आमिर खान का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई. लोगों का कहना था कि अगर फुनसुख वांगड़ू का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था, तो यह बात 17 साल बाद क्यों बताई गई? कई यूजर्स ने आमिर पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने कहा कि यह बयान ऐसे समय में आया, जब सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे. सोशल मीडिया पर आमिर को लेकर कई पोस्ट वायरल होने लगे. वहीं, कुछ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आमिर के बयान के समय पर सवाल उठाए. कुछ लोगों ने सोनम वांगचुक के पुराने इंटरव्यू का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने बताया था कि ‘3 इडियट्स’ की टीम लद्दाख में उनके स्कूल देखने पहुंची थी. यही वजह रही कि ‘बंटवारा 1947’ के ट्रेलर लॉन्च में जब आमिर नजर नहीं आए, तो सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनकी गैरमौजूदगी को इसी विवाद से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. ये भी पढ़ें: Batwara 1947 Trailer: जलते घर, चीखते लोग और बिछड़ते रिश्ते… सनी देओल की फिल्म ने दिखाया 1947 के बंटवारे का दर्द The post Batwara 1947 ट्रेलर लॉन्च से आमिर खान क्यों रहे गायब? Sonam Wangchuk Controversy से जोड़ रहे लोग appeared first on Naya Vichar.

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बेड के अंदर छिपाई लाश, बदबू दबाने को परफ्यूम छिड़कते रहे कातिल, यूपी के ब्लाइंड मर्डर की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान

UP News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज थाना क्षेत्र में सामने आए ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रसंग के विवाद में एक युवक की हत्या कर उसका शव करीब 24 घंटे तक घर के बेड के नीचे बोरे में छिपाकर रखा गया. बदबू रोकने के लिए आरोपी पूरे दिन परफ्यूम छिड़कते रहे और अगले दिन देर रात शव को बाइक से ले जाकर नहर किनारे फेंक दिया. मामले में स्त्री, उसके पति और उसके दूसरे प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है. प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अमित का स्त्री कल्पना से प्रेम संबंध था. घटना वाली रात अमित स्त्री के घर पहुंचा, जहां पहले से स्त्री का दूसरा प्रेमी लोकेश मौजूद था. इसी दौरान विवाद बढ़ गया. पुलिस के मुताबिक, स्त्री ने लोकेश के साथ मिलकर पीछे से फूंकनी से अमित के सिर पर हमला किया. बेहोश होने के बाद उसकी लात-घूंसों से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई. स्त्री का पति संजू भी वारदात में शामिल था. 24 घंटे तक बेड के नीचे रखा शव, फिर नहर किनारे फेंका हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरे में बांधकर सिंगल बेड के नीचे छिपा दिया. बदबू न फैले, इसके लिए कमरे में लगातार परफ्यूम छिड़कते रहे. अगले दिन देर रात शव को बाइक पर ले जाकर माछुआ नहर के पास फेंक दिया. पुलिस के अनुसार, घटना 30 अप्रैल की रात हुई थी, जबकि 2 मई को शव बरामद हुआ था. ढाई महीने बाद ऐसे खुला ब्लाइंड मर्डर केस शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी, जिससे मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बना रहा. करीब ढाई महीने बाद मृतक अमित की पहचान होने पर पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. पूछताछ में स्त्री कल्पना ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. Also Read: बैराज से बढ़ा पानी का डिस्चार्ज, प्रयागराज में DM ने तटवर्ती इलाकों को किया अलर्ट The post बेड के अंदर छिपाई लाश, बदबू दबाने को परफ्यूम छिड़कते रहे कातिल, यूपी के ब्लाइंड मर्डर की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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Maruti Brezza खरीदने जा रहे हैं? जानिए कौन-सी ऑफिशियल एक्सेसरीज हैं सबसे ज्यादा काम की

नई कार खरीदते समय ज्यादातर लोग केवल वेरिएंट और फीचर्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन सही एक्सेसरीज चुनना भी उतना ही जरूरी होता है. Maruti Suzuki ने 2026 Brezza के लिए अपनी ऑफिशियल जेन्युइन एक्सेसरीज रेंज को अपडेट किया है, जिससे ग्राहक अपनी SUV को अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं. अच्छी बात यह है कि ये सभी एक्सेसरीज Brezza के लिए खास तौर पर डिजाइन की गई हैं और डिलीवरी से पहले ही ऑथराइज्ड डीलरशिप पर फिट करवाई जा सकती हैं. लेकिन सवाल यह है कि कौन-सी एक्सेसरीज वाकई पैसे वसूल हैं और किन पर अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत नहीं है. एक्सटीरियर को मिलेगा स्टाइलिश और प्रीमियम लुक अगर आप अपनी मारुति सुजुकी ब्रेजा (Maruti Suzuki Brezza) को बिना किसी बड़े मॉडिफिकेशन के अलग पहचान देना चाहते हैं तो कंपनी कई स्टाइलिंग एक्सेसरीज देती है. इसमें फ्रंट ग्रिल, हेडलैंप, टेललैंप और टेलगेट के लिए क्रोम गार्निश किट शामिल हैं. इसके अलावा बॉडी साइड मोल्डिंग, डोर वाइजर, बंपर प्रोटेक्टर और व्हील आर्च क्लैडिंग जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं. एलॉय व्हील स्टाइलिंग एक्सेसरीज, इल्यूमिनेटेड डोर सिल गार्ड और प्रीमियम ग्राफिक्स पैकेज SUV के लुक को और आकर्षक बना सकते हैं. वहीं मड फ्लैप और बंपर प्रोटेक्टर जैसी एक्सेसरीज रोजमर्रा की ड्राइविंग में छोटे-मोटे स्क्रैच, पत्थरों और पार्किंग के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करती हैं. अगर आपकी कार अक्सर खुले में पार्क रहती है तो बॉडी कवर और डोर एज प्रोटेक्टर लंबे समय तक कार की बाहरी फिनिश को बेहतर बनाए रखने में उपयोगी साबित हो सकते हैं. कैबिन को ज्यादा आरामदायक और प्रैक्टिकल बनाती हैं ये एक्सेसरीज Brezza के इंटीरियर के लिए भी कंपनी ने कई उपयोगी एक्सेसरीज पेश की हैं. अलग-अलग डिजाइन वाले सीट कवर, ऑल-वेदर फ्लोर मैट, 3D मैट, बूट मैट और लगेज ट्रे कैबिन की सफाई आसान बनाने के साथ इंटीरियर को भी सुरक्षित रखते हैं. इसके अलावा वायरलेस चार्जर, एम्बिएंट लाइटिंग किट, सनशेड, एयर प्यूरिफायर, परफ्यूम डिफ्यूजर, कैबिन ऑर्गेनाइजर और नेक कुशन जैसी एक्सेसरीज लंबी यात्राओं को ज्यादा आरामदायक बना सकती हैं. जो लोग अक्सर परिवार के साथ ट्रैवल करते हैं, उनके लिए ये विकल्प काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. अगर सफर के दौरान अतिरिक्त सामान ले जाना पड़ता है तो कंपनी रूफ कैरियर और कार्गो ऑर्गेनाइजर जैसे विकल्प भी देती है. हर एक्सेसरी खरीदना जरूरी नहीं, समझदारी से करें चुनाव नई कार बुक करते समय कई बार ग्राहक उत्साह में जरूरत से ज्यादा एक्सेसरीज जोड़ लेते हैं. लेकिन हर एक्सेसरी उतनी उपयोगी नहीं होती. अगर आपका मकसद कार को सुरक्षित रखना है तो सबसे पहले फ्लोर मैट, मड फ्लैप, रियर बंपर प्रोटेक्टर और बूट लाइनर जैसी जरूरी एक्सेसरीज चुनना बेहतर रहेगा. अगर आप SUV को ज्यादा प्रीमियम लुक देना चाहते हैं तो क्रोम गार्निश पैकेज, इल्यूमिनेटेड सिल गार्ड और एलॉय व्हील एक्सेसरीज सबसे ज्यादा विजुअल बदलाव लाती हैं, जबकि कार का ओरिजिनल डिजाइन भी बरकरार रहता है. जेन्युइन एक्सेसरीज क्यों हैं बेहतर विकल्प? ऑफिशियल Maruti Suzuki जेन्युइन एक्सेसरीज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इन्हें Brezza के लिए ही तैयार किया गया है. इसलिए इनकी फिटिंग बेहतर होती है और इन्हें डिलीवरी से पहले ही डीलरशिप पर इंस्टॉल कराया जा सकता है. आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज की तुलना में ये बेहतर फिनिश और भरोसेमंद फिटमेंट देती हैं. ऐसे में सभी एक्सेसरीज खरीदने की बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनना ज्यादा समझदारी वाला फैसला हो सकता है. ये भी पढ़ें: Maruti Brezza Facelift खरीदने का प्लान है? जान लीजिए इसके टॉप मॉडल ZXI Plus में क्या-क्या मिलता है The post Maruti Brezza खरीदने जा रहे हैं? जानिए कौन-सी ऑफिशियल एक्सेसरीज हैं सबसे ज्यादा काम की appeared first on Naya Vichar.

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संसद में पेपर लीक पर बहस: जितेंद्र सिंह ने कहा, कांग्रेस राज में लीक होते रहे पेपर, हमने बनाया फुलप्रूफ सिस्टम

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं काफी समय से होती रही हैं. यह समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं थी, लेकिन अतीत में इसके खिलाफ वैसी कठोर कार्रवाई नहीं की गई जैसी अब मोदी प्रशासन कर रही है. जितेंद्र सिंह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस और यूपीए प्रशासनों के कार्यकाल में हुए पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि 2009 के रेलवे भर्ती पेपर लीक से लेकर 2012 के एम्स प्रवेश परीक्षा लीक तक कई मामले सामने आए. 1992 और 2010 में गठित कमेटियों ने केंद्रीय परीक्षा कमेटी बनाने के सुझाव दिए थे, जिन्हें तत्कालीन प्रशासनों ने खारिज कर दिया. केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने गिनाए कांग्रेस काल के पेपर लीक मामले डॉ जितेंद्र सिंह कांग्रेस काल के पेपर लीक मामलों को गिनाते हुए कहा, 2009 में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, 2011 में एआईईईई (AIEEE), 2012 में एम्स (AIIMS) नई दिल्ली, और 2013 में महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा का पेपर लीक होना. यदि मैं ऐसी घटनाओं की गिनती कराने बैठूं, तो इस बिल पर चर्चा ही नहीं हो पाएगी. 2010 का उत्तर प्रदेश B.Ed. एंट्रेंस, 2012 का तमिलनाडु लोक सेवा आयोग, और 2009 का पश्चिम बंगाल जॉइंट एंट्रेंस, ये सभी इसके उदाहरण हैं. आज केंद्र प्रशासन के अधीन चार प्रमुख भर्ती एजेंसियां कार्यरत हैं : जितेंद्र सिंह जितेंद्र सिंह ने कहा, “आज केंद्र प्रशासन के अधीन चार प्रमुख भर्ती एजेंसियां कार्यरत हैं—UPSC, SSC, RRB, और IBPS. इसी प्रकार, उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए 2017 में इसी प्रशासन द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन किया गया. एंटी पेपर लीक बिल मील का पत्थर साबित होगा : जितेंद्र सिंह “हमारी प्रशासन ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA) का गठन किया. जून 2024 में हम कानून लेकर आए और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए 2026 का संशोधन बिल लाया गया है. यह कानून देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा.” – मंत्री जितेंद्र सिंह विपक्ष को चर्चा के लिए जितना वक्त चाहिए, प्रशासन तैयार: किरेन रिजिजू विधेयक की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने संसद में चर्चा का दायरा और समय बढ़ाने की घोषणा की है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और एनसीपी समेत तमाम प्रमुख विपक्षी दलों के चीफ व्हिप और नेताओं से बातचीत की है. “शुरुआत में इस बिल पर 6 घंटे की चर्चा तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 8 घंटे करने पर सहमति बनी है. यदि विपक्ष को और अधिक समय चाहिए, तो प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है. हम इस पर 10 घंटे तक भी चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, ताकि एक मजबूत और असरदार कानून सामने आ सके.” – संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू 2024 कानून के मुकाबले 2026 संशोधन बिल में क्या-क्या बदला? केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया, प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता को बहाल करने के उद्देश्य से ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ लाया गया है. इस नए संशोधन के जरिए अपराधियों और सर्विस प्रोवाइडरों पर आर्थिक व जेल की सजा के प्रावधानों को दोगुना तक कड़ा कर दिया गया है. व्यक्तिगत दोषियों पर कार्रवाई सजा: पहले 3-5 साल की जेल, अब 5-10 साल की जेल जुर्माना: पहले 10 लाख रुपये तक, अब 50 लाख रुपये तक सर्विस प्रोवाइडर (एजेंसियों) के खिलाफ कड़ाई जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 5 करोड़ रुपये तक ब्लैकलिस्टिंग : पहले 4 साल तक बैन, अब 8 साल के लिए बैन पेपर लीक माफिया पर शिकंजा सजा: पहले 5-10 साल की जेल, अब 7-10 साल की जेल जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 10 करोड़ रुपये तक फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त समय-सीमा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी. केंद्रीय एजेंसी या स्पेशल टास्क फोर्स को जांच 2 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी. ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 20 जुलाई के CJP प्रोटेस्ट के दौरान जिसने भी ज्यादती की उसे सजा मिलनी चाहिए The post संसद में पेपर लीक पर बहस: जितेंद्र सिंह ने कहा, कांग्रेस राज में लीक होते रहे पेपर, हमने बनाया फुलप्रूफ सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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उद्धव ठाकरे ने अभिजीत दीपके को बताया ‘विष्णु का अवतार’, बोले- एक कॉकरोच ने सिखाया सरकार को सबक

Uddhav Thackeray on Abhijeet Dipke : मुंबई में शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से आयोजित तिरंगा विजय सभा में उद्धव ठाकरे ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर बड़ा बयान दिया. छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में आयोजित सभा में उन्होंने कहा, “एक कॉकरोच जिसने प्रशासन को सबक सिखाया, वह असली विष्णु का अवतार है. यह अंधभक्तों पर देशभक्तों की जीत है.” उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रशासन को घेरा उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी जिक्र किया. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर तंज कसा, जिसमें कहा गया था कि एनडीए में इस्तीफे नहीं होते. उद्धव ने कहा, “रक्षा मंत्री ने कहा था कि एनडीए में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान की रक्षा तो कर नहीं पाए.” उन्होंने इसे छात्रों के आंदोलन की बड़ी जीत बताया. राज ठाकरे ने नहीं की नेतृत्वक टिप्पणी सभा में मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने कोई बड़ा नेतृत्वक भाषण नहीं दिया. उन्होंने सिर्फ मुंबई पुलिस और दिल्ली पुलिस के कामकाज की तुलना की और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बात की. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी रही. संभावित भीड़ को देखते हुए शिवाजी पार्क और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कई रास्तों पर यातायात भी बंद रखा गया. रैली में छात्रों और नेताओं ने क्या कहा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि छात्रों पर हुए अन्याय ने पूरे देश के युवाओं को एकजुट कर दिया और यही एकता आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बनी. वहीं, सभा में शामिल एक समर्थक ने कहा कि प्रशासन सवालों से बच रही थी, लेकिन इस आंदोलन ने उसे जवाबदेह बनने के लिए मजबूर कर दिया. एक छात्रा ने कहा कि लंबे समय तक चले संघर्ष के बाद छात्रों की एक बड़ी मांग पूरी हुई है, इसलिए वे इस जीत का जश्न मनाने पहुंचे हैं. ये भी पढ़ें : भारी बारिश और भूस्खलन से चार धाम यात्रा पर ब्रेक, दो दिन तक नहीं जा सकेंगे श्रद्धालु The post उद्धव ठाकरे ने अभिजीत दीपके को बताया ‘विष्णु का अवतार’, बोले- एक कॉकरोच ने सिखाया प्रशासन को सबक appeared first on Naya Vichar.

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जापान के दक्षिणी कुमामोटो इलाके में 7.1 तीव्रता का भूकंप

जापान के दक्षिणी कुमामोटो इलाके में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया है. यह जानकारी जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने दी है. भूकंप से जानमाल को हानि हुई है या नहीं इसके बारे में अभी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है. समाचार अपडेट की जा रही है- The post जापान के दक्षिणी कुमामोटो इलाके में 7.1 तीव्रता का भूकंप appeared first on Naya Vichar.

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Electric Car से बेहतर क्यों हो सकती है Hybrid Car? ये वजहें बदल देंगी आपका फैसला

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर खरीदार के लिए वही सबसे सही विकल्प है. कई ऐसे लोग हैं जिनकी जरूरतों के हिसाब से Hybrid कार ज्यादा व्यावहारिक साबित होती है. Hybrid तकनीक में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर काम करते हैं, जिससे ईंधन की बचत भी होती है और चार्जिंग की चिंता भी नहीं रहती. अगर आप नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं और हाइब्रिड (Hybrid) तथा इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) के बीच उलझन में हैं, तो Hybrid कार के ये बड़े फायदे आपका फैसला आसान बना सकते हैं. चार्जिंग की जरूरत नहीं, सफर रहता है आसान Hybrid कार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती. इसकी बैटरी ब्रेक लगाने के दौरान बनने वाली ऊर्जा और पेट्रोल इंजन की मदद से खुद चार्ज होती रहती है. ऐसे में अपार्टमेंट में रहने वाले या सड़क किनारे पार्किंग करने वाले लोगों को चार्जिंग स्टेशन खोजने की परेशानी नहीं होती. यही वजह है कि Hybrid कार उन लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती है, जिनके पास घर पर चार्जिंग की व्यवस्था नहीं है. लंबी दूरी और हाईवे पर ज्यादा भरोसेमंद अगर आप अक्सर लंबी दूरी तय करते हैं, तो Hybrid कार ज्यादा सुविधाजनक साबित हो सकती है. पेट्रोल भरवाने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कार को चार्ज होने में ज्यादा समय लग सकता है. इसके अलावा हाईवे या दूर-दराज के इलाकों में चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता हर जगह समान नहीं होती. Hybrid कार में यह चिंता नहीं रहती क्योंकि जरूरत पड़ने पर किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाकर सफर जारी रखा जा सकता है. हर मौसम में बेहतर भरोसा सर्द मौसम में इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी की क्षमता और ड्राइविंग रेंज प्रभावित हो सकती है. वहीं Hybrid कार में पेट्रोल इंजन मौजूद होने के कारण ऐसी स्थिति में भी यात्रा आसानी से जारी रखी जा सकती है. यही वजह है कि अलग-अलग मौसम और लंबी यात्राओं के दौरान Hybrid तकनीक कई लोगों को ज्यादा भरोसेमंद विकल्प लगती है. रोजमर्रा की जिंदगी में नहीं बदलनी पड़ती आदतें Hybrid कार चलाने का तरीका लगभग पारंपरिक पेट्रोल कार जैसा ही होता है. पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाना, लंबी यात्रा की योजना बनाना और रोजाना इस्तेमाल का तरीका पहले जैसा ही रहता है. इसके साथ ही इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग जैसी तकनीक भी मिलती है, जो ब्रेक लगाने के दौरान बनने वाली ऊर्जा को बैटरी में स्टोर कर ईंधन की बचत में मदद करती है. शहर की ट्रैफिक में यह तकनीक काफी उपयोगी साबित होती है. ग्रामीण इलाकों और आपात स्थिति में भी मिलता है फायदा जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, वहां Hybrid कार ज्यादा व्यावहारिक साबित होती है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चार्जिंग स्टेशन खोजने की चिंता नहीं करनी पड़ती. अगर किसी वजह से ईंधन खत्म भी हो जाए, तो पेट्रोल की व्यवस्था करना अपेक्षाकृत आसान होता है. वहीं पूरी तरह डिस्चार्ज हुई इलेक्ट्रिक कार के लिए चार्जिंग या टोइंग की जरूरत पड़ सकती है. क्या Hybrid कार आपके लिए सही विकल्प है? अगर आपके पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है, आप अक्सर लंबी दूरी तय करते हैं, हाईवे पर ज्यादा सफर करते हैं या एक ऐसी कार चाहते हैं जो हर परिस्थिति में बिना किसी अतिरिक्त योजना के इस्तेमाल की जा सके, तो Hybrid कार आपके लिए बेहतर विकल्प बन सकती है. हालांकि, अगर आपकी ज्यादातर ड्राइविंग शहर के भीतर होती है और चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध है, तो इलेक्ट्रिक कार भी एक मजबूत विकल्प हो सकती है. इसलिए कार खरीदने से पहले अपनी जरूरत, ड्राइविंग पैटर्न और भविष्य के खर्च को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए. ये भी पढ़ें: पलक झपकते ही 0-100 kmph की रफ्तार, ये हैं 5 सबसे फास्टेस्ट इलेक्ट्रिक कारें The post Electric Car से बेहतर क्यों हो सकती है Hybrid Car? ये वजहें बदल देंगी आपका फैसला appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपकी स्किन भी खो चुकी है अपना नेचुरल ग्लो? आज ही ट्राई करें नारियल से बना यह होममेड फेस स्क्रब

DIY Coconut Face Scrub: हर किसी का यह सपना होता है कि उसकी स्किन हर समय खूबसूरत, निखरी हुई और ग्लोइंग लगे. लेकिन कई बार पार्लर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद भी यह सपना पूरा नहीं होता है. जब ऐसा होता है, तो अक्सर हम हार मान लेते हैं और अपनी स्किन क्वालिटी से समझौता कर लेते हैं. हमें लगता है कि जब इतने पैसे खर्च करके भी कोई फायदा नहीं हुआ, तो अब कुछ नहीं हो सकता है. अगर आप भी हर तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके हार मान चुके हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके काम का है. आज हम आपको घर पर ही नारियल से फेस स्क्रब बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं. नारियल आपकी स्किन के लिए फायदेमंद होता है और जब आप इसका इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी स्किन को अंदर से नरिशमेंट भी मिलता है. नारियल के तेल और पिसी हुई चीनी से घर पर ही सिर्फ कुछ ही मिनटों में एक बहुत कमाल का और असरदार फेस स्क्रब बनाया जा सकता है. यह नेचुरल स्क्रब बिना किसी नुकसान के चेहरे की पुरानी और बेजान स्किन को हटाकर उसे तुरंत सॉफ्ट, फ्रेश और ग्लोइंग बना देता है. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका. DIY coconut face scrub कोकोनट फेस स्क्रब क्यों है खास? कोकोनट यानी कि नारियल में फैटी एसिड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये आपकी स्किन को अंदर तक मॉइस्चराइज करने का काम करते हैं. जब हम नारियल को एक स्क्रब की तरह इस्तेमाल करते हैं, तो यह स्किन को ड्राई किए बिना उसे बहुत ही धीरे-धीरे साफ करता है. जब आप रेगुलर बेसिस पर इस स्क्रब का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू करते हैं, तो आपकी स्किन सॉफ्ट तो बनती ही है, साथ ही आपके चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो भी आने लगता है. ये भी पढ़ें: महंगे सीरम पर खर्च करने से पहले घर पर बना लें यह कोलेजन जेल, कुछ ही हफ्तों में शीशे की तरह चमक उठेगी स्किन कोकोनट स्क्रब बनाने के लिए जरूरी इंग्रेडिएंट्स अगर आप इस नेचुरल स्क्रब को घर पर बनाने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए आपको बहुत कम और आसानी से मिलने वाली चीजों की जरूरत पड़ने वाली है. नारियल का तेल: 1 बड़ा चम्मच, यह आपकी स्किन को अंदर से मॉइस्चराइज्ड रखेगा. पिसी हुई बारीक चीनी या नारियल का बुरादा: 1 बड़ा चम्मच, यह स्किन को स्क्रब करने का काम करेगा. शहद: 1 छोटा चम्मच, यह चेहरे की रंगत सुधारने और ग्लो लाने में मदद करेगा. कोकोनट फेस स्क्रब तैयार करने का आसान तरीका अगर आप घर पर इस कोकोनट स्क्रब को तैयार करना चाहते हैं, तो इसका तरीका बहुत ही ज्यादा आसान है और इसमें सिर्फ कुछ ही मिनटों का समय लगता है. इस स्क्रब को बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ कटोरी लें और उसमें एक चम्मच नारियल का तेल डालें. अब इसमें एक चम्मच बारीक पिसी हुई चीनी या नारियल का बुरादा मिलाएं. इस बात का ख्याल रखें कि चीनी बहुत मोटी न हो, नहीं तो चेहरे पर स्क्रैच आ सकते हैं. इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच शहद मिलाएं और इन तीनों ही चीजों को चम्मच से अच्छी तरह मिला लें जब तक कि एक गाढ़ा पेस्ट न बन जाए. आपका प्योर और नेचुरल कोकोनट फेस स्क्रब तैयार है. कोकोनट फेस स्क्रब को इस्तेमाल करने का सही तरीका किसी भी स्क्रब का पूरा फायदा उठाने के लिए उसे सही तरीके से लगाना बहुत जरूरी है. इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने चेहरे को नॉर्मल पानी से धोकर साफ कर लें. इसके बाद इस तैयार स्क्रब की थोड़ी सी मात्रा उंगलियों पर लें और चेहरे पर लगाएं. उंगलियों से हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए 2 से 3 मिनट तक मसाज करें. इस बात का ख्याल रखें कि इस स्क्रब को गलती से भी आंखों के आसपास की सेंसिटिव स्किन पर बिल्कुल न लगाएं. अच्छे से मसाज करने के बाद चेहरे को हल्के गुनगुने या नॉर्मल पानी से धो लें और फिर तौलिए से चेहरे को हल्के-हल्के हाथों से पोंछें. ये भी पढ़ें: न होगी चिपचिपाहट, न ही निकलेंगे पिंपल्स, मॉनसून में दिनभर फ्रेश लुक के लिए सुबह उठते ही अपनाएं ये 5 स्किनकेयर हैक्स The post क्या आपकी स्किन भी खो चुकी है अपना नेचुरल ग्लो? आज ही ट्राई करें नारियल से बना यह होममेड फेस स्क्रब appeared first on Naya Vichar.

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E20 विवाद : नितिन गडकरी को हटाने की मांग, सड़क पर उतरेंगे ट्रांसपोर्टर

नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक को लेकर मचा बवाल अब धीरे-धीरे शांत पड़ता दिख रहा है. इसी बीच, गाड़ियों के लिए लागू की गई E20 ईंधन नीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है. विपक्ष के साथ-साथ कई संगठन भी इसके खिलाफ खुलकर आवाज उठाने लगे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) ने ऐलान किया है कि वह अगले महीने से E20 नीति के खिलाफ अभियान शुरू करेगी. वहीं, दिल्ली के ट्रांसपोर्ट यूनियन भी इस नीति के विरोध में प्रदर्शन मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं. इस बीच, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पद से हटाने की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) नीति की कथित विफलता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि इस नीति को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. राय ने पत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को तत्काल पद से हटाने के अलावा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. ‘ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन’ के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा, “यह एक बड़ा मुद्दा है. इससे वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है. हमें उम्मीद है कि प्रशासन ई-20 मिश्रित पेट्रोल को यात्रियों के लिए वैकल्पिक बनाएगी.” संसद तक मार्च निकालने की तैयारी में ट्रांसपोर्ट यूनियन दिल्ली के ट्रांसपोर्ट यूनियन ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) नीति के विरोध में 4 अगस्त को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने इस नीति को वापस लेने की मांग की है. संगठन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि एथनॉल मिश्रण की वजह से देशभर में वाहनों में दिक्कतें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब तक चुप रहे सांसदों को जगाने के लिए यह विरोध मार्च निकाला जाएगा. संजय सम्राट ने कहा,“हम इसे नेतृत्वक मुद्दा नहीं बनाना चाहते और न ही हमारा किसी ‘ई-20 जनता पार्टी’ या कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा)या किसी अन्य नेतृत्वक दल से कोई संबंध है.” वह ई-20 ईंधन के खिलाफ जारी ऑनलाइन आंदोलन का जिक्र कर रहे थे. इसमें 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है. The post E20 विवाद : नितिन गडकरी को हटाने की मांग, सड़क पर उतरेंगे ट्रांसपोर्टर appeared first on Naya Vichar.

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