Electric Car से बेहतर क्यों हो सकती है Hybrid Car? ये वजहें बदल देंगी आपका फैसला
हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर खरीदार के लिए वही सबसे सही विकल्प है. कई ऐसे लोग हैं जिनकी जरूरतों के हिसाब से Hybrid कार ज्यादा व्यावहारिक साबित होती है. Hybrid तकनीक में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर काम करते हैं, जिससे ईंधन की बचत भी होती है और चार्जिंग की चिंता भी नहीं रहती. अगर आप नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं और हाइब्रिड (Hybrid) तथा इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) के बीच उलझन में हैं, तो Hybrid कार के ये बड़े फायदे आपका फैसला आसान बना सकते हैं. चार्जिंग की जरूरत नहीं, सफर रहता है आसान Hybrid कार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती. इसकी बैटरी ब्रेक लगाने के दौरान बनने वाली ऊर्जा और पेट्रोल इंजन की मदद से खुद चार्ज होती रहती है. ऐसे में अपार्टमेंट में रहने वाले या सड़क किनारे पार्किंग करने वाले लोगों को चार्जिंग स्टेशन खोजने की परेशानी नहीं होती. यही वजह है कि Hybrid कार उन लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती है, जिनके पास घर पर चार्जिंग की व्यवस्था नहीं है. लंबी दूरी और हाईवे पर ज्यादा भरोसेमंद अगर आप अक्सर लंबी दूरी तय करते हैं, तो Hybrid कार ज्यादा सुविधाजनक साबित हो सकती है. पेट्रोल भरवाने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कार को चार्ज होने में ज्यादा समय लग सकता है. इसके अलावा हाईवे या दूर-दराज के इलाकों में चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता हर जगह समान नहीं होती. Hybrid कार में यह चिंता नहीं रहती क्योंकि जरूरत पड़ने पर किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाकर सफर जारी रखा जा सकता है. हर मौसम में बेहतर भरोसा सर्द मौसम में इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी की क्षमता और ड्राइविंग रेंज प्रभावित हो सकती है. वहीं Hybrid कार में पेट्रोल इंजन मौजूद होने के कारण ऐसी स्थिति में भी यात्रा आसानी से जारी रखी जा सकती है. यही वजह है कि अलग-अलग मौसम और लंबी यात्राओं के दौरान Hybrid तकनीक कई लोगों को ज्यादा भरोसेमंद विकल्प लगती है. रोजमर्रा की जिंदगी में नहीं बदलनी पड़ती आदतें Hybrid कार चलाने का तरीका लगभग पारंपरिक पेट्रोल कार जैसा ही होता है. पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाना, लंबी यात्रा की योजना बनाना और रोजाना इस्तेमाल का तरीका पहले जैसा ही रहता है. इसके साथ ही इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग जैसी तकनीक भी मिलती है, जो ब्रेक लगाने के दौरान बनने वाली ऊर्जा को बैटरी में स्टोर कर ईंधन की बचत में मदद करती है. शहर की ट्रैफिक में यह तकनीक काफी उपयोगी साबित होती है. ग्रामीण इलाकों और आपात स्थिति में भी मिलता है फायदा जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, वहां Hybrid कार ज्यादा व्यावहारिक साबित होती है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चार्जिंग स्टेशन खोजने की चिंता नहीं करनी पड़ती. अगर किसी वजह से ईंधन खत्म भी हो जाए, तो पेट्रोल की व्यवस्था करना अपेक्षाकृत आसान होता है. वहीं पूरी तरह डिस्चार्ज हुई इलेक्ट्रिक कार के लिए चार्जिंग या टोइंग की जरूरत पड़ सकती है. क्या Hybrid कार आपके लिए सही विकल्प है? अगर आपके पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है, आप अक्सर लंबी दूरी तय करते हैं, हाईवे पर ज्यादा सफर करते हैं या एक ऐसी कार चाहते हैं जो हर परिस्थिति में बिना किसी अतिरिक्त योजना के इस्तेमाल की जा सके, तो Hybrid कार आपके लिए बेहतर विकल्प बन सकती है. हालांकि, अगर आपकी ज्यादातर ड्राइविंग शहर के भीतर होती है और चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध है, तो इलेक्ट्रिक कार भी एक मजबूत विकल्प हो सकती है. इसलिए कार खरीदने से पहले अपनी जरूरत, ड्राइविंग पैटर्न और भविष्य के खर्च को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए. ये भी पढ़ें: पलक झपकते ही 0-100 kmph की रफ्तार, ये हैं 5 सबसे फास्टेस्ट इलेक्ट्रिक कारें The post Electric Car से बेहतर क्यों हो सकती है Hybrid Car? ये वजहें बदल देंगी आपका फैसला appeared first on Naya Vichar.

