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July 30, 2026

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नारेबाजी के जोश में बैरिकेड पर चढ़े बीजेपी नेता, उतरने में फंसे… VIDEO में कैद हुआ पूरा मामला

Video : पंजाब में पेपर लीक मामले को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस हालात को नियंत्रित करने की कोशिश करती नजर आई. वीडियो में बीजेपी कार्यकर्ता पुलिस के बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं. उनके हाथों में पार्टी के झंडे नजर आ रहे हैं. कार्यकर्ता “केजरीवाल हाय-हाय” और “हरजोत सिंह बैंस इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाते दिख रहे हैं. 2 मिनट 48 सेकंड के इस वीडियो में करीब 1 मिनट 40 सेकंड पर एक बीजेपी नेता बैरिकेड पर चढ़ा नजर आता है. वह जोर-जोर से नारे लगाता है, लेकिन बाद में नीचे उतरने में उसे परेशानी होती दिखती है. वीडियो में दिख रहा है कि दो लोग मिलकर उक्त बीजेपी नेता को बैरिकेड से नीचे उतारते हैं. नीचे आने के बाद वह कार्यकर्ताओं से मिलते हैं और वहां से चले जाते हैं. इसके बाद उनके पीछे मौजूद दूसरे कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ जाते हैं और नारेबाजी शुरू कर देते हैं. The post नारेबाजी के जोश में बैरिकेड पर चढ़े बीजेपी नेता, उतरने में फंसे… VIDEO में कैद हुआ पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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कश्मीर की सनातन-यात्रा -1: Kashmir का भूला हुआ Kashi…जहां कभी खड़ा था 12 मंजिला शिव मंदिर

जोहर. आज है 30 जुलाई. आज से सावन शुरू हो चुका है. देशभर में शिवालयों की घंटियां बज रही हैं. कहीं कांवड़ यात्रा निकल रही है, कहीं जलाभिषेक की तैयारी है. लाखों लोग काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, महाकाल और बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं. लेकिन जरा ठहरिए. अगर कोई आपसे पूछे कि… क्या कभी कश्मीर में भी एक ऐसा शिव धाम था, जिसे लोग काशी के बराबर मानते थे? शायद बहुत कम लोग इसका जवाब दे पाएंगे. क्योंकि इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना यही है. जो सभ्यताएं कभी पूरी दुनिया को रास्ता दिखाती हैं, समय बीतने के साथ उनकी सबसे बड़ी लड़ाई अपने ही लोगों की स्मृति में बने रहने की होती है. आज की सनातन-यात्रा हमें South Kashmir के Anantnag जिले के एक ऐसे स्थान पर लेकर चलती है, जिसका नाम आज बिजबेहडा है, लेकिन जिसे कभी विजेश्वर कहा जाता था. एक ऐसा तीर्थ, जिसका उल्लेख नीलमत पुराण में मिलता है, जिसकी कहानी Rajtarangini में दर्ज है और जिसके बारे में लोककथाएं आज भी सांस लेती हैं. यह केवल एक मंदिर की कहानी नहीं है. यह उस कश्मीर की कहानी है, जिसे अक्सर उसकी प्राकृतिक सुंदरता से याद किया जाता है, लेकिन जिसकी असली पहचान उसकी हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत भी रही है. इस सिलसिले में हमने कश्मीर में सनातन परंपराओं को बचाए रखने के लिए समर्पित 25 वर्षीय Gen Z और कश्मीरी हिंदू, ईशा बहल से बात की. उनकी इस पहल को YouTube और Instagram पर दर्शकों से बहुत ज्यादा समर्थन और प्यार मिला है. आगे की कहानी, उन्हीं की जुबानी… जब कश्मीर में भी बसता था एक काशी बिजबेहडा का प्राचीन नाम था विजेश्वर. ‘विजेश्वर’ यानी विजय के ईश्वर, भगवान शिव. समय बदला. भाषा बदली. कश्मीरी बोली में यह नाम विजब्रोर बना और फिर धीरे-धीरे बदलकर आज का बिजबेहडा हो गया. लेकिन नाम बदलने से इतिहास नहीं बदलता. सभ्यताएं केवल राजाओं के नाम से नहीं बचतीं. वे अपने तीर्थों, नदियों और स्मृतियों से जीवित रहती हैं. विजेश्वर भी ऐसी ही एक स्मृति है. प्राचीन परंपराओं के अनुसार यह केवल एक मंदिर नहीं था, बल्कि पूरा क्षेत्र एक विशाल धार्मिक परिसर था. पूर्व में बहती थी पवित्र वितस्ता (Vitasta), जिसे आज हम झेलम (Jhelum) के नाम से जानते हैं. उत्तर में चक्रेश्वर. पश्चिम में जया देवी और विजया देवी के प्राचीन मंदिर. दक्षिण में हरिश्चंद्र घाट. इन चारों ने मिलकर ऐसा तीर्थ क्षेत्र बनाया, जिसे उस समय कश्मीर के सबसे पवित्र शैव केंद्रों में गिना जाता था. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थित हरिश्चंद्र घाट पर भगवान शिव का महत्व वही माना जाता था, जो वाराणसी में काशी विश्वनाथ का है. यही कारण है कि विजेश्वर को कई परंपराओं में कश्मीर का काशी कहा गया. इतना ऊंचा मंदिर कि उसकी परछाई भी कथा बन गई आज अगर कोई कहे कि कश्मीर में कभी 11 या 12 मंजिला पत्थर का मंदिर था, तो यह बात कहानी जैसी लग सकती है. लेकिन स्थानीय परंपराएं यही कहती हैं. कहा जाता है कि राजा विजय ने यहां एक ऐसा भव्य मंदिर बनवाया था, जिसकी ऊंचाई इतनी अधिक थी कि सूर्योदय के समय उसकी छाया अवंतीपुर की ओर और सूर्यास्त के समय मार्तंड यानी मटन की दिशा तक जाती दिखाई देती थी. हो सकता है इसमें लोककल्पना भी जुड़ गई हो. लेकिन लोककथाएं हमेशा झूठ नहीं होतीं. वे कई बार इतिहास की भावनात्मक स्मृति होती हैं. जब किसी इमारत की ऊंचाई लोगों की यादों में बची रह जाए, तो समझिए वह केवल स्थापत्य नहीं थी, वह एक युग की पहचान थी. आज जो मंदिर दिखाई देता है, वह मूल मंदिर नहीं है. ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार वर्तमान संरचना का पुनर्निर्माण महाराजा गुलाब सिंह के शासनकाल में हुआ. पुराने मंदिर के अवशेषों और पत्थरों का उपयोग कर इसे फिर खड़ा किया गया. यानी आज का मंदिर केवल पत्थरों से नहीं बना. वह इतिहास के टूटे हुए पन्नों से दोबारा लिखा गया है. सम्राट अशोक से लेकर राजतरंगिणी तक इस स्थल का उल्लेख केवल लोककथाओं में नहीं मिलता. प्राचीन परंपराएं बताती हैं कि सम्राट अशोक ने यहां पत्थरों की एक परिधि बनवाई थी और उसके भीतर दो अशोकेश्वर मंदिर स्थापित कराए थे. यदि यह परंपरा सही है, तो इसका अर्थ है कि विजेश्वर की धार्मिक प्रतिष्ठा दो हजार वर्ष से भी अधिक पुरानी हो सकती है. इसके बाद आती है कल्हण की राजतरंगिणी. राजतरंगिणी बताती है कि राजा कलश के समय उनके पिता राजा अनंत का निवास विजेश्वर में था. एक भीषण आग लगी और नगर का बड़ा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया. यानी यह केवल तीर्थ नहीं था. यह एक समृद्ध नगर था. जहां लोग रहते थे. व्यापार होता था. विद्या थी. जीवन था. इतिहास केवल युद्धों से नहीं बनता. इतिहास वहां भी बनता है, जहां लोग रोज सुबह उठकर नदी में स्नान करते हैं, मंदिर जाते हैं और अपने बच्चों को शिक्षा दिलाते हैं. वितस्ता केवल नदी नहीं, इतिहास की साक्षी है कश्मीर की सभ्यता को समझना है, तो वितस्ता को समझना होगा. आज जिसे हम झेलम कहते हैं, वही प्राचीन वितस्ता है. इसी नदी ने ऋषियों को देखा. इसी ने राजाओं को देखा. इसी ने मंदिरों को बनते और टूटते देखा. और शायद इसी ने लोगों को लौटते हुए भी देखा होगा. हर नदी अपने किनारे की कहानी जानती है. वितस्ता भी जानती है कि उसके किनारे कभी कैसी सभ्यता सांस लेती थी. विजेश्वर इसी नदी के किनारे विकसित हुआ. यही कारण था कि यह केवल धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि यात्रियों, विद्वानों और व्यापारियों का भी महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया. एक पत्थर, जिसे 11 लोग मिलकर उठाते थे हर प्राचीन तीर्थ के साथ कोई न कोई लोककथा जुड़ी होती है. विजेश्वर की सबसे प्रसिद्ध कथा है काह-काह पाल. हरे रंग का शंखाकार पत्थर. करीब 50 से 60 किलो वजन. मान्यता थी कि इसे कोई अकेला नहीं उठा सकता. लेकिन अगर 11 लोग एक साथ केवल एक-एक उंगली लगाएं और काह-काह बोलें, तो पत्थर ऊपर उठ जाता था. आज भी इंटरनेट पर इस परंपरा से जुड़े प्रदर्शन के वीडियो मिल जाते हैं. कुछ लोग इसे विज्ञान बताते हैं. कुछ सामूहिक संतुलन. कुछ लोकविश्वास. सच क्या है? शायद आज भी कोई निश्चित उत्तर नहीं है. लेकिन इससे भी दुखद

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राहुल गांधी की मांग: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच

Rahul Gandhi on Student Protest : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चाधिकार प्राप्त समिति से कराई जानी चाहिए. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “छात्र न्याय के हकदार हैं.” अमित शाह को ठहराया था जिम्मेदार राहुल गांधी ने बुधवार को भी इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरा था. उन्होंने आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं और उन्हें अपने पद से हटाया जाना चाहिए. राहुल ने यह भी कहा था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाना चाहिए. लगातार उठा रहे हैं जांच की मांग राहुल गांधी लगातार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने दोहराया कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और छात्रों को न्याय मिल सकेगा. ये भी पढ़ें : दिल्ली लक्ष्मी योजना: 1 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन, जानिए किन स्त्रीओं को मिलेंगे 2500 रुपये The post राहुल गांधी की मांग: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच appeared first on Naya Vichar.

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23 साल की उम्र में झड़ गए थे बाल, ऐसे मिला मंदार चांदवाडकर को TMKOC में ‘भिड़े’ का रोल

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में मंदार चांदवाडकर, आत्माराम तुकाराम भिड़े का आइकॉनिक किरदार निभाते हैं. इसमें उनके बाल काफी कम है और इसका कई बार जेठालाल से लेकर पोपटलाल तक मजाक उड़ाते हुए आए हैं. अब उन्होंने खुद 23 साल की उम्र में बाल झड़ने को लेकर बात की और बताया कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले उनके अंदर काफी झिझक और नर्वसनेस थी. Mandar Chandwadkar On Struggle Days: मंदार चांदवाडकर ने अपने स्ट्रगल को लेकर क्या कहा 28 जुलाई को तारक मेहता का उल्टा चश्मा के 18 साल पूरे हुए. इसी मौके पर मीडिया संग बातचीत में मंदार चांदवाडकर ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद किया और बताया कि कैसे उनकी सबसे बड़ी कमजोरी आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई. अपने सफर पर बात करते हुए एक्टर ने कहा, “मैं असल में मैकेनिकल इंजीनियर हूं. 1997 से 2000 तक मैं दुबई में था. वहां जाने से पहले मैंने एक मराठी सीरियल किया था और मुझे लगा था कि मेरा करियर अब सेट हो जाएगा, लेकिन जिम्मेदारियों की वजह से मुझे नौकरी के लिए दुबई जाना पड़ा.” Mandar Lost His Hair At The Age Of 23: 23 साल की उम्र में झड़ गए थे मंदार के बाल उन्होंने आगे कहा, “दुबई शिफ्ट होने के करीब छह महीने बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरे बाल तेजी से झड़ने लगे हैं. उस वक्त मेरी उम्र सिर्फ 23 साल थी. आप सोच सकते हैं कि इतनी कम उम्र में बाल झड़ने के बाद एक्टिंग में करियर बनाने का सपना देखने वाले इंसान की मानसिक स्थिति कैसी होगी। मैं काफी नर्वस था.” Asit Kumarr Modi Liked Mandar Look With Less Hair: असित कुमार मोदी को पसंद आया मंदार का कम बालों वाला लुक मंदार ने बताया कि उस मुश्किल वक्त में उनके रूममेट ने उन्हें पॉजिटिव सोचने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा, “मेरे रूममेट ने मुझसे कहा कि शायद मेरा यही लुक आगे चलकर मेरी सबसे बड़ी पहचान बन जाए और शायद ऐसा ही हुआ. असित सर को मेरा लुक बहुत पसंद आया और उन्होंने मुझ पर भरोसा करते हुए यह किरदार दिया.” तारक मेहता का उल्टा चश्मा के ऑडिशन वाले दिन को मंदार ने किया याद एक्टर ने ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के ऑडिशन का किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने कहा, “मुझे आज भी याद है कि ऑडिशन के दौरान मुझे गोकुलधाम सोसाइटी का सेक्रेटरी बनने वाला डायलॉग दिया गया था. वही अंदाज आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है. बहुत-बहुत धन्यवाद, असित सर…. 18 साल जरूर पूरे हो गए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह सफर अभी शुरू ही हुआ है. मंजिल अभी काफी दूर है.” ये भी पढ़ें: 4750+ एपिसोड, 18 साल का सफर… जेठालाल उर्फ दिलीप जोशी ने बताया शो की सफलता का राज The post 23 साल की उम्र में झड़ गए थे बाल, ऐसे मिला मंदार चांदवाडकर को TMKOC में ‘भिड़े’ का रोल appeared first on Naya Vichar.

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Samsung के लेटेस्ट अपडेट के बाद बैटरी बैकअप पर उठने लगे सवाल, जानिए पूरा मामला

Samsung के कुछ Galaxy स्मार्टफोन यूजर्स इन दिनों एक नई समस्या का सामना कर रहे हैं. कई यूजर्स का दावा है कि जुलाई 2026 का लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने के बाद उनके फोन की बैटरी पहले की तुलना में काफी तेजी से खत्म हो रही है. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने फोन के जरूरत से ज्यादा गर्म होने और चार्जिंग स्पीड धीमी होने की भी शिकायत की है. फिलहाल सैमसंग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन ऑनलाइन फोरम और सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं. किन Galaxy स्मार्टफोन्स में सामने आई समस्या? ‘मैशेबल’ की रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे ज्यादा शिकायतें Samsung Galaxy S24 Ultra और Galaxy S25 Ultra यूजर्स की ओर से सामने आई हैं. Reddit और Samsung Community Forum जैसे प्लैटफॉर्म पर कई यूजर्स ने बताया कि जुलाई सिक्योरिटी अपडेट के बाद बैटरी बैकअप में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. कुछ यूजर्स का कहना है कि पहले जहां फोन पूरे दिन आसानी से चल जाता था, वहीं अब कुछ घंटों में ही बैटरी खत्म हो रही है. एक यूजर ने दावा किया कि उसका फोन करीब दो घंटे के स्क्रीन टाइम में 85 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 5 प्रतिशत बैटरी पर पहुंच गया. बैटरी के साथ ओवरहीटिंग और स्लो चार्जिंग की भी शिकायत बैटरी ड्रेन के अलावा कुछ यूजर्स ने यह भी बताया कि अपडेट के बाद उनका स्मार्टफोन सामान्य इस्तेमाल के दौरान भी पहले से ज्यादा गर्म हो रहा है. वहीं कुछ लोगों ने चार्जिंग स्पीड में कमी आने की बात भी कही है. कई पोस्ट में WhatsApp का भी जिक्र किया गया है. कुछ यूजर्स का कहना है कि इस ऐप का इस्तेमाल करते समय बैटरी की खपत ज्यादा हो रही है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि समस्या किसी एक ऐप से जुड़ी है या पूरे सिस्टम अपडेट से. क्या अपडेट ही है वजह? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन सभी समस्याओं की वजह सिर्फ जुलाई सिक्योरिटी अपडेट ही है. हालांकि अधिकांश शिकायतों में एक बात समान है कि बैटरी, हीटिंग और चार्जिंग से जुड़ी दिक्कतें अपडेट इंस्टॉल करने के बाद ही शुरू हुईं. ऐसे मामलों में कई बार अपडेट के बाद सिस्टम बैकग्राउंड में ऑप्टिमाइजेशन और इंडेक्सिंग जैसी प्रक्रियाएं भी चलाता है, जिससे कुछ समय के लिए बैटरी की खपत बढ़ सकती है. लेकिन यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो कंपनी आमतौर पर अगले अपडेट में सुधार जारी करती है. Samsung की ओर से अभी नहीं आया कोई आधिकारिक जवाब अब तक Samsung ने इन शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी इन रिपोर्ट्स की जांच कर रही है या नहीं. अगर आने वाले दिनों में Samsung को इस समस्या की पुष्टि होती है, तो संभव है कि कंपनी नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी कर बैटरी ड्रेन, ओवरहीटिंग और चार्जिंग से जुड़ी दिक्कतों को दूर करे. अगर आपके Galaxy फोन में भी आ रही है दिक्कत तो क्या करें? अगर अपडेट के बाद आपके Galaxy स्मार्टफोन में भी बैटरी तेजी से खत्म हो रही है या फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो सबसे पहले यह जांच लें कि सभी ऐप्स अपडेट हैं या नहीं. बैकग्राउंड में ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करने वाले ऐप्स की पहचान करें और कुछ दिन तक फोन के व्यवहार पर नजर रखें. यदि समस्या लगातार बनी रहती है, तो Samsung के अगले सॉफ्टवेयर अपडेट का इंतजार करना बेहतर विकल्प हो सकता है. ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy S25 हुआ काफी सस्ता, ₹81 हजार का हैंडसेट अब आया ₹50 हजार के करीब, यहां देखें डील The post Samsung के लेटेस्ट अपडेट के बाद बैटरी बैकअप पर उठने लगे सवाल, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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‘Free Umar Khalid’ पोस्टर पर बवाल, गोवा पुलिस ने 240 सवालों से खंगाली पूरी जानकारी

गोवा के द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं से पूछा गया कि ‘Free Umar Khalid’ का क्या मतलब है. यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने भाषण में प्रशासन की आलोचना की थी. साथ ही प्रदर्शन के लिए पैसा किसने दिया, इसकी भी जानकारी मांगी गई. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से यह बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के अगले दिन यानी शनिवार (25 जुलाई) शाम गोवा पुलिस ने पणजी के आजाद मैदान में ‘Free Umar Khalid’ लिखा पोस्टर लेकर पहुंचे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कम से कम दो लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया. एक को रविवार और दूसरे को सोमवार को तलब किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई ‘सिटीजंस ऑफ मापुसा’ नाम के एक स्थानीय संगठन की शिकायत के आधार पर की गई. क्या सवाल किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों से? रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल लोगों से पुलिस ने 240 से ज्यादा सवालों वाली प्रश्नावली भी भरवाई. उनसे पूछा गया कि प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा था? क्या वे इस आंदोलन से जुड़े किसी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सिग्नल ग्रुप के सदस्य हैं? वे प्रदर्शन स्थल तक कैसे पहुंचे ? उनका मकसद क्या था और क्या वे किसी नेतृत्वक दल, सामाजिक संगठन, छात्र संगठन, एनजीओ या किसी एक्टिविस्ट समूह से जुड़े हैं? अधिकारियों के मुताबिक, गोवा पुलिस ने पिछले सप्ताह मापुसा और पणजी में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की. पुलिस ने बताया कि दोनों कार्यक्रम एनजीओ ‘उजवाद’ ने आयोजित किए थे. वहीं, ‘सिटिजन्स ऑफ मापुसा’ नाम के एक स्थानीय संगठन ने प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन वाली तख्तियों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दो युवक हिरासत में न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गोवा में छात्रों के कुछ प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के उद्देश्य और उसके लिए पैसा कहां से आया, इसे लेकर आयोजकों से पूछताछ की गई है. पुलिस का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के दौरान जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए थे. अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाने के दौरान उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया गया था. The post ‘Free Umar Khalid’ पोस्टर पर बवाल, गोवा पुलिस ने 240 सवालों से खंगाली पूरी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा-स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में पैलेट गन से घायल लोगों का सही इलाज कराया जाए

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रशासन को निर्देश दिया है कि 20 जुलाई को स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल हुए लोगों को सही मेडिकल इलाज दिया जाए. कोर्ट ने यह आदेश बृहस्पतिवार को दो लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. याचिका दाखिल करने वाले दो लोग हैं जिन्हें स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन से चोटें आई थीं. पूर्व IPS यशोवर्धन आजाद तीसरे पिटीशनर हैं. पिटीशन में आम लोगों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल पर बैन लगाने और पीड़ितों के लिए मुआवजा मांगा गया है. ये भी पढ़ें : न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर हिंदुस्तान का ऐतराज, कहा- पाकिस्तानी कश्मीर नहीं, सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा-स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में पैलेट गन से घायल लोगों का सही इलाज कराया जाए appeared first on Naya Vichar.

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श्रावणी मेला 2026: पहले ही दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 4:05 बजे से शुरू हुआ जलार्पण

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सावन के पहले दिन तड़के मंदिर के पट खुलने के बाद वैदिक विधि से पूजा हुई और सुबह 4:05 बजे से जलार्पण शुरू हुआ. श्रावणी मेला 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ राजकीय श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हुई. तड़के 3:05 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट खोले गए. इसके बाद रात्रि में अर्पित पूजा सामग्री हटाकर बाबा भोलेनाथ की कच्चा जल पूजा संपन्न कराई गई. इस दौरान मंदिर परिसर में पुरोहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. महंत ने की विशेष पूजा, 4:05 बजे शुरू हुआ जलार्पण सावन के प्रथम दिन मंदिर के महंत श्रीश्री सरदार पांडा गुलाबनंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की. दूध, दही, वस्त्र और अन्य पूजन सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार एवं भोग अर्पित किया गया. पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:05 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया. नए ओवरब्रिज से श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत इस वर्ष प्रशासन द्वारा कूपनधारी और सामान्य श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतारों के लिए बनाए गए नए ओवरब्रिज का सकारात्मक असर देखने को मिला. इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ और जलार्पण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित एवं तेज रही. सुबह श्रद्धालुओं की कतार तिवारी चौक तक रही, जबकि लगभग 10 बजे तक लाइन संस्कार मंडप तक पहुंच गई. सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी. ये भी पढ़ें: आज से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, 30 जुलाई से एक माह तक बंद रहेगी बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा प्रशासन और परंपरा का सफल समन्वय श्रावणी मेला झारखंड का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. इस वर्ष प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं और मंदिर प्रबंधन की तैयारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई है. बेहतर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था ने पहले दिन की व्यवस्थाओं को सफल बनाया. संजीव कुमार मिश्रा (संवाददाता, देवघर) की रिर्पोट The post श्रावणी मेला 2026: पहले ही दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 4:05 बजे से शुरू हुआ जलार्पण appeared first on Naya Vichar.

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₹4000 करोड़ की ‘रामायण’ ने ट्रेलर से मचाया तहलका, रणबीर कपूर के राम, यश के रावण और भव्य विजुअल्स ने जीत लिया फैंस का दिल

लंबे इंतजार के बाद नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. करीब चार मिनट लंबे इस ट्रेलर ने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी. इसमें भगवान राम के जीवन के कई अहम पड़ाव, रावण का बढ़ता अहंकार और धर्म-अधर्म की लड़ाई की झलक दिखाई गई है. भव्य विजुअल्स, दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक और शानदार वीएफएक्स ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. ट्रेलर देखने के बाद कई लोग इसे हिंदुस्तानीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बता रहे हैं. What Does The Trailer Show?: ट्रेलर में क्या-क्या दिखाया गया है? ट्रेलर की शुरुआत यश के रावण अवतार से होती है, जहां वह खुद को तीनों लोकों का स्वामी बताते हैं. इसके बाद भगवान विष्णु, भगवान राम के रूप में अवतार लेते हैं ताकि धरती पर धर्म की रक्षा हो सके. ट्रेलर में भगवान राम के बचपन, सीता स्वयंवर, विवाह, वनवास और राक्षसों से संघर्ष की झलक दिखाई गई है. आगे सीता हरण और राम-रावण युद्ध की भी कई अहम झलकियां देखने को मिलती हैं. Ranbir Kapoor As Lord Ram: भगवान राम के रूप में दिखे रणबीर कपूर रणबीर कपूर ट्रेलर में भगवान राम के शांत, मर्यादित और संतुलित रूप में नजर आते हैं. उनका लुक और स्क्रीन प्रेजेंस लोगों को पसंद आ रहा है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि उन्होंने भगवान राम के किरदार को सादगी और गंभीरता के साथ निभाया है. Yash’s Ravana Impresses Fans: यश के रावण अवतार ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान ट्रेलर की सबसे ज्यादा चर्चा यश के रावण अवतार की हो रही है. उनका दमदार लुक, गहरी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस लोगों को काफी प्रभावित कर रही है. कई यूजर्स का कहना है कि ट्रेलर में रावण का किरदार सबसे ज्यादा असर छोड़ता है. Ranbir Kapoor On Yash: रणबीर कपूर ने की यश की तारीफ सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में रणबीर कपूर ने यश की तारीफ करते हुए कहा कि वह लंबे समय से उनके काम के प्रशंसक हैं. उन्होंने कहा कि रावण जैसे दमदार किरदार के लिए ऐसे अभिनेता की जरूरत थी, जिसके पास अलग आभा, मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस और बड़ा स्टारडम हो. उनके मुताबिक, यश इस भूमिका के लिए बिल्कुल सही हैं. View on Instagram Have They Shot Together?: क्या रणबीर और यश ने साथ में शूटिंग की है? रणबीर कपूर ने बताया कि भगवान राम और रावण का सबसे बड़ा आमना-सामना फिल्म के आखिर में देखने को मिलेगा. बीच में भी दोनों किरदारों की एक अहम मुलाकात होगी, लेकिन उन दृश्यों की शूटिंग अभी बाकी है. इसलिए उन्हें अब तक यश के साथ कैमरे के सामने काम करने का मौका नहीं मिला. Who Is Airavata?: कौन हैं ऐरावत? ट्रेलर में भगवान इंद्र के दिव्य सफेद हाथी ऐरावत की भी झलक दिखाई गई है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार ऐरावत भगवान इंद्र का वाहन है और उसका संबंध स्वर्ग, बादलों और वर्षा से माना जाता है. ट्रेलर में रावण और ऐरावत का दृश्य यह दिखाने की कोशिश करता है कि रावण को तीनों लोकों को चुनौती देने वाली शक्ति के रूप में पेश किया गया है. Sai Pallavi And Supporting Cast: बाकी कलाकारों ने भी छोड़ी छाप साई पल्लवी माता सीता के किरदार में सादगी भरे अंदाज में नजर आती हैं. वहीं रवि दुबे लक्ष्मण, सनी देओल भगवान हनुमान, काजल अग्रवाल मंदोदरी, लारा दत्ता कैकेयी, अरुण गोविल राजा दशरथ और विवेक ओबेरॉय समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. ट्रेलर में सभी की छोटी-छोटी झलक ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है. Fans Praise The VFX: वीएफएक्स और विजुअल्स की हो रही तारीफ फिल्म के नए ट्रेलर के बाद सोशल मीडिया पर वीएफएक्स की काफी तारीफ हो रही है. कई यूजर्स का कहना है कि फिल्म का विजुअल स्केल और इफेक्ट्स पहले से ज्यादा बेहतर नजर आ रहे हैं. कई लोगों ने इसे हिंदुस्तानीय सिनेमा के सबसे शानदार ट्रेलरों में से एक बताया है. View on Instagram Why Was The Trailer Released At 4:15 AM?: सुबह 4:15 बजे ही क्यों रिलीज हुआ ट्रेलर? मेकर्स ने ट्रेलर को सुबह 4:15 बजे रिलीज किया, क्योंकि यह समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है. हिंदुस्तानीय परंपरा में इस समय को पूजा, ध्यान और शुभ कार्यों के लिए खास माना जाता है. फिल्म की पौराणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इसी समय ट्रेलर रिलीज किया गया. Why Is Ramayana In Two Parts?: फिल्म दो भागों में क्यों बनाई गई? निर्देशक नितेश तिवारी के मुताबिक, ‘रामायण’ की कहानी इतनी बड़ी है कि उसे एक फिल्म में पूरी तरह दिखाना संभव नहीं था. इसलिए इसे दो भागों में बनाया गया है. पहला भाग ऐसे मोड़ पर खत्म होगा, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी दूसरे भाग के लिए बनी रहे. How Did Ranbir Prepare For Ram?: भगवान राम के किरदार के लिए रणबीर ने कैसे की तैयारी? रणबीर कपूर ने इस भूमिका के लिए लंबे समय तक तैयारी की. उन्होंने धार्मिक ग्रंथ पढ़े, विद्वानों से मुलाकात की, योग और ध्यान का अभ्यास किया. इसके अलावा उन्होंने अपनी जीवनशैली में भी बदलाव किए ताकि वह भगवान राम के किरदार को पूरी ईमानदारी के साथ निभा सकें. View on Instagram When Will Ramayana Release?: फिल्म कब होगी रिलीज? नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बनी ‘रामायण: पार्ट 1’ इस साल दिवाली पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इसके बाद ‘रामायण: पार्ट 2’ दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी. ट्रेलर को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब दर्शकों को फिल्म के बड़े पर्दे पर आने का बेसब्री से इंतजार है. Most Expensive Indian Films Ever: हिंदुस्तान की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक ‘रामायण’ को बड़े स्तर पर तैयार किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के दोनों भागों का कुल बजट करीब ₹4,000 करोड़ है. इस बजट का इस्तेमाल शानदार वीएफएक्स, बड़े सेट और दमदार एक्शन सीक्वेंस तैयार करने में किया गया है. यही वजह है कि इसे हिंदुस्तानीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है. Ranbir Kapoor’s Double Role: भगवान राम के साथ परशुराम के अवतार में भी आएंगे नजर ‘रामायण’ में रणबीर कपूर सिर्फ भगवान राम ही नहीं, बल्कि भगवान परशुराम के किरदार में भी नजर आएंगे. रणबीर पहले ही बता चुके हैं कि दोनों भगवान विष्णु

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शिवभक्तों के लिए रेलवे का खास प्लान, प्रयागराज से चलेंगी 2 स्पेशल ट्रेनें, IRCTC कराएगा 4 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन

Sawan Special Train: सावन की शुरुआत के साथ ही बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है. इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे और हिंदुस्तानीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने शिवभक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. एक ओर प्रयागराज से वाराणसी और औड़िहार के लिए दो श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, वहीं दूसरी ओर IRCTC हिंदुस्तान गौरव टूरिस्ट ट्रेन के जरिए चार ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की तैयारी कर चुका है. प्रयागराज से वाराणसी के लिए चलेंगी दो श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें उत्तर मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए (गाड़ी संख्या 01915/01916) सूबेदारगंज-प्रयागराज-बनारस श्रावणी मेला अनारक्षित स्पेशल ट्रेन का संचालन सावन के पहले दिन यानी आज (30 जुलाई) और 29 अगस्त तक करने का फैसला किया है. 12 मेमू कोच वाली यह ट्रेन सूबेदारगंज से सुबह 9:30 बजे रवाना होगी और 11:50 बजे बनारस पहुंचेगी. वापसी में यह ट्रेन दोपहर 12:30 बजे बनारस से चलकर शाम 4:10 बजे सूबेदारगंज पहुंचेगी. औड़िहार तक भी मिलेगी विशेष ट्रेन की सुविधा रेलवे ने श्रद्धालुओं के लिए (गाड़ी संख्या 01917/01918) सूबेदारगंज-वाराणसी-औड़िहार श्रावणी मेला स्पेशल भी शुरू की है. यह ट्रेन 29 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगी. सूबेदारगंज से रात 9:30 बजे रवाना होकर रात 1:30 बजे औड़िहार पहुंचेगी. वापसी में औड़िहार से रात 1:55 बजे चलकर सुबह 6:25 बजे प्रयागराज पहुंचेगी. कुछ मेमू ट्रेनों के संचालन में रहेगा बदलाव स्पेशल ट्रेनों के संचालन के कारण रेलवे ने कुछ नियमित मेमू ट्रेनों की सेवाओं में भी आंशिक बदलाव किया है. 29 जुलाई से लागू इस व्यवस्था के तहत (गाड़ी संख्या 63237) पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन–सूबेदारगंज मेमू 29 अगस्त तक प्रयागराज और सूबेदारगंज के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी. वहीं, (गाड़ी संख्या 64596) सूबेदारगंज–पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन मेमू आज (30 जुलाई) से 30 अगस्त तक सूबेदारगंज और प्रयागराज के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी. रेलवे ने यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है. IRCTC कराएगा चार ज्योतिर्लिंगों के दर्शन सावन के दौरान IRCTC श्रद्धालुओं के लिए हिंदुस्तान गौरव टूरिस्ट ट्रेन का संचालन करेगा. यह ट्रेन 17 अगस्त को रवाना होगी और 26 अगस्त को लखनऊ लौटेगी. यात्रा के दौरान श्रद्धालु महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, नागेश्वर और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे. इसके अलावा द्वारकाधीश मंदिर, बेट द्वारका और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण भी पैकेज में शामिल है. इन स्टेशनों से शुरू कर सकेंगे यात्रा श्रद्धालु गोरखपुर, मनकापुर, अयोध्या कैंट, सुल्तानपुर, मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, प्रयागराज संगम, रायबरेली, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और ललितपुर स्टेशन से इस यात्रा में शामिल हो सकेंगे. क्या होगा यात्रा का किराया IRCTC के इस पैकेज में स्लीपर क्लास का किराया 18,380, एसी थर्ड का 29,570 और एसी सेकेंड का 38,870 प्रति यात्री निर्धारित किया गया है. यात्रा की बुकिंग IRCTC कार्यालय और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है. दक्षिण हिंदुस्तान धार्मिक यात्रा का भी मिलेगा विकल्प IRCTC 31 जुलाई से 11 अगस्त तक दक्षिण हिंदुस्तान धार्मिक यात्रा का भी संचालन करेगा. इस यात्रा में श्रद्धालु तिरुपति बालाजी, रामनाथस्वामी मंदिर, मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे. सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा पर रेलवे का फोकस सावन के दौरान हर साल वाराणसी और अन्य प्रमुख शिवधामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसी को देखते हुए रेलवे और IRCTC ने अतिरिक्त ट्रेनों और विशेष धार्मिक यात्रा की व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके. Also Read: UP में उफनाईं नदियां, कई जिले बाढ़ से प्रभावित, बलिया में बहा स्कूल, यूपी में आज भी दिखेगा बारिश का रौद्र रूप The post शिवभक्तों के लिए रेलवे का खास प्लान, प्रयागराज से चलेंगी 2 स्पेशल ट्रेनें, IRCTC कराएगा 4 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन appeared first on Naya Vichar.

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