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August 18, 2026

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सीएम विजय ने कहा- मैं उनकी ओर से माफी मांगता हूं, जानें क्या हुआ तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार (17 अगस्त) को पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का बिना सम्मानजनक संबोधन के नाम लेने पर विवाद हो गया. एक मंत्री ने अपने बयान में करुणानिधि का सीधे नाम लिया, जिस पर विपक्षी डीएमके ने तुरंत विरोध जताया. पार्टी ने इसे विधानसभा की मर्यादा के खिलाफ बताया. मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हस्तक्षेप किया और मंत्री की टिप्पणी पर माफी मांगी. मुख्यमंत्री विजय ने तुरंत हस्तक्षेप कर विधानसभा में बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिश की. उन्होंने माना कि पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि को जिस तरह संबोधित किया गया, वह सही नहीं था. वन मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने अपने बयान में करुणानिधि का नाम लेते समय ‘कलैग्नर’ या ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ जैसे सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था. इसके बाद विजय ने कहा, “मैं उनकी ओर से माफी मांगता हूं.” ये भी पढ़ें: तमिलनाडु: किसानों को तोहफा, 75000 रुपये तक का कर्ज माफ, CM विजय का एलान चर्चा के दौरान क्या कहा मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने यह मामला स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर विधानसभा में चल रही चर्चा के दौरान सामने आया. मंत्री आरवी रंजीत कुमार ने पुराने समय में वोट के बदले पैसे बांटने की प्रथा पर सवाल उठाया. उन्होंने विवादित ‘तिरुमंगलम फॉर्मूला’ का भी जिक्र किया. मंत्री ने दावा किया कि पिछले चुनावों में कांचीपुरम विधानसभा क्षेत्र में एक वोट के बदले 1,500 रुपये तक बांटे गए थे. मंत्री ने पिछली चुनावी व्यवस्था की तुलना मौजूदा प्रशासन से करते हुए कहा कि पहले वोट के बदले पैसे बांटने की शिकायतें सामने आती थीं. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान प्रशासन बिना पैसे बांटे वोट हासिल कर सत्ता में आई है. तमिलनाडु विधानसभा में क्यों मचा हंगामा हालांकि, पुराने चुनावों में अपनाए गए तरीकों का जिक्र करते हुए मंत्री ने डीएमके के वरिष्ठ नेता करुणानिधि का सिर्फ नाम लिया. विधानसभा में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि सम्मानित नेताओं को औपचारिक और सम्मानजनक संबोधन के साथ याद किया जाता है. इसी वजह से मंत्री के बयान पर विवाद खड़ा हो गया और डीएमके नेताओं ने आपत्ति जताई. The post सीएम विजय ने कहा- मैं उनकी ओर से माफी मांगता हूं, जानें क्या हुआ तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता हवाई अड्डे के एटीसी बिल्डिंग में लगी आग, मौके पर पहुंची तीन दमकल गाड़ियां

कोलकाता. कोलकाता हवाई अड्डे पर अचानक आग लग गयी. समाचार है कि हवाई अड्डे पर स्थित एटीसी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर आग लग गई है. तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं. हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है. किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है. दमकल अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग इमारत की ट्यूनी लाइट से शुरू हुई थी. वास्तव में क्या हुआ? मंगलवार तड़के, सुबह के चार बजे, अचानक कर्मचारियों ने हवाई अड्डे के एटीसी भवन की अटारी से आग की लपटें उठती देखीं. फिर आग की तीव्रता बढ़ती गई. इमारत की तीसरी मंजिल का एक हिस्सा जलने लगा. इसके साथ ही, आसपास का इलाका काले धुएं से भर गया. तुरंत ही हवाई अड्डे से एक दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची. पहले आग बुझाने का काम शुरू हुआ. बाद में, आग पर काबू पाने के लिए दो और गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. कैसे लगी आग हवाई अड्डा अधिकारियों और अग्निशमन विभाग के सूत्रों के अनुसार, कुछ मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि कोई नुकसान नहीं हुआ है. उनका कहना है कि 15 अगस्त के अवसर पर भवन को सजाने के लिए इस्तेमाल की गई बत्तियों में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी. यह प्रारंभिक अनुमान है। आग लगने के कारण की अभी भी जांच की जा रही है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्या होता है एटीसी भवन हवाई यातायात का नियंत्रण एटीसी भवन की आठवीं मंजिल से होता है. यानी, विमान के उड़ान भरने से लेकर गंतव्य पर उतरने तक पायलट एटीसी अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहते हैं. एटीसी अधिकारी ही विमान की उड़ान की ऊंचाई और मार्ग की दिशा-निर्देश निर्धारित करते हैं. पायलटों को संदेश भी भेजे जाते हैं. संक्षेप में, हवाई यातायात का नियंत्रण इसी एटीसी द्वारा किया जाता है. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post कोलकाता हवाई अड्डे के एटीसी बिल्डिंग में लगी आग, मौके पर पहुंची तीन दमकल गाड़ियां appeared first on Naya Vichar.

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डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (18 अगस्त) को अमेरिका में वोटरों के लिए अनिवार्य फोटो पहचान पत्र की मांग दोहराई. इस दौरान उन्होंने हिंदुस्तान की चुनाव व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया. ट्रंप ने हिंदुस्तान की वोटर आईडी व्यवस्था की तारीफ करते हुए इसे मजबूत व्यवस्था बताया. ट्रंप अमेरिका में वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों को और सख्त करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए वह कांग्रेस से SAVE America Act नाम के कानून को मंजूरी देने की मांग कर रहे हैं. इस कानून का मकसद वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में पहचान और नागरिकता से जुड़े नियमों को कड़ा करना है. ट्रंप ने कहा कि इसी महीने हिंदुस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया था कि वैध फोटो आईडी के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे कराया जा सकता है. ट्रंप ने हिंदुस्तान के पिछले चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि वहां 64.6 करोड़ लोगों ने वोट किया और सभी वोटरों के पास वैध फोटो पहचान पत्र था. उन्होंने इसी आधार पर SAVE America Act को जल्द पास करने की मांग की. गोर ने भी ट्रंप की बात का समर्थन किया डोनाल्ड ट्रंप की यह पोस्ट हिंदुस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और हिंदुस्तान में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मुलाकात के एक हफ्ते बाद आई है. इस मुलाकात में दोनों ने चुनाव प्रबंधन और चुनाव कर्मचारियों की ट्रेनिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी. गोर ने भी ट्रंप की बात का समर्थन करते हुए हिंदुस्तान की वोटर आईडी व्यवस्था की तारीफ की. ये भी पढ़ें: ट्रंप बोले- ‘मुझे फिर चुनाव लड़ना पसंद होगा, लेकिन…’, 2028 को लेकर खुद बताया क्यों नहीं लड़ सकते SAVE America Act पर ट्रंप का जोर ट्रंप प्रशासन SAVE America Act को कानून बनाने पर जोर दे रहा है. इसके तहत वोटर बनने के लिए नागरिकता का दस्तावेज देना और मतदान के समय फोटो पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा. यह बिल इस साल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से पास हो चुका है, लेकिन सीनेट में इसे अभी मंजूरी नहीं मिल पाई है. अमेरिका में वोटर आईडी को अनिवार्य करने का मुद्दा लंबे समय से विवादित रहा है. इसके समर्थकों का कहना है कि मतदान के समय पहचान पत्र जरूरी होने से चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी.  The post डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया हिंदुस्तान का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ appeared first on Naya Vichar.

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आज 18 अगस्त 2026 का राशिफल: आपकी किस्मत का ताला खुलेगा या बढ़ेगा संघर्ष? पढ़ें अपना आज का भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal 18 August 2026:आज 18 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष षष्ठी रात 07:25 तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी. श्री शुभ संवत-2083, शाके-1948 और हिजरी सन-1447-48 है. ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आज सभी राशियों के लिए अलग-अलग संभावनाएं बन रही हैं. मेष राशि आज कार्यशैली में सुधार पर आपका ध्यान रहेगा. ऑफिस में आपकी नई सोच और समस्या सुलझाने की क्षमता वरिष्ठों को प्रभावित कर सकती है. लंबे समय से चल रहे प्रोजेक्ट में प्रगति होगी. व्यापारियों को नए सप्लायर या डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ने का मौका मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में छोटे लेकिन स्थायी लाभ के संकेत हैं. परिवार के किसी सदस्य की सलाह भविष्य की योजना में उपयोगी होगी. शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: लाल वृषभ राशि व्यावहारिक सोच से आप कई उलझनों को आसानी से सुलझा सकते हैं. नौकरी में धैर्य और सटीकता वाले काम की जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में ग्राहकों की पसंद के अनुसार बदलाव लाभ देगा. कृषि, डेयरी, वस्त्र और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. परिवार के किसी पुराने विषय का समाधान हो सकता है. पर्याप्त पानी पीना और नियमित दिनचर्या स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगी. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: क्रीम मिथुन राशि सीखने की इच्छा और कल्पनाशक्ति आपको आगे बढ़ाएगी. कार्यस्थल पर नई तकनीक या सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण मिल सकता है. व्यापार में डिजिटल प्रचार और विस्तार से फायदा होगा. विद्यार्थियों को पढ़ाई, रिसर्च और प्रतियोगी तैयारी में प्रगति मिलेगी. भाई-बहनों का सहयोग बना रहेगा. किसी नई जगह या अवसर से जुड़ी जानकारी भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: पिस्ता हरा कर्क राशि परिवार की जरूरतें पूरी करने से मन को संतोष मिलेगा. घर में किसी सदस्य की उपलब्धि या शुभ समाचार से खुशी बढ़ेगी. नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलने से काम समय पर पूरे होंगे. पुराने ग्राहकों का भरोसा व्यापार को स्थिरता देगा. घर की सजावट या रखरखाव पर खर्च करने की योजना बन सकती है. मानसिक शांति के लिए सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं. शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: मोती सफेद सिंह राशि आपका राशिफल व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता आज नई जिम्मेदारी दिला सकती है. नौकरी में टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है. व्यापारियों को किसी बड़े ग्राहक या संस्था से जुड़ने का मौका मिलेगा. सामाजिक क्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा. परिवार में किसी छोटे सदस्य को प्रेरित करने का अवसर मिलेगा. सफलता मिलने पर भी विनम्रता और धैर्य बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा. शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: नारंगी कन्या राशि आपकी बारीकी से काम करने की आदत सफलता दिलाएगी. नौकरी में रिपोर्ट, ऑडिट या विश्लेषण से जुड़े काम बेहतर तरीके से पूरे होंगे. व्यापारियों को स्टॉक, गुणवत्ता और लागत प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए. विद्यार्थियों के लिए अनुशासन बनाए रखना जरूरी रहेगा. परिवार में किसी दस्तावेज या कानूनी मामले में सफलता मिल सकती है. समय पर भोजन करना स्वास्थ्य के लिए जरूरी रहेगा. शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: जैतूनी हरा ये भी पढ़ें: आज 18 अगस्त का लव राशिफल: तीसरे इंसान की इंट्री बिगाड़ सकती है आपका रिश्ता, पढ़ें आज का सबसे सटीक प्रेम भविष्यफल तुला राशि नए संबंध और अवसर आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. नौकरी में नई टीम या विभाग के साथ काम करने का मौका मिलेगा. व्यापार में साझेदारी और सहयोग से फायदा होगा. कला, मीडिया, फैशन और इंटीरियर से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा. जीवनसाथी के साथ भविष्य की कोई नई योजना बन सकती है. आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: आसमानी नीला वृश्चिक राशि आज का राशिफल के अनुसार वृश्चिक राशि के जातको को धैर्य और गहरी समझ कठिन परिस्थितियों को संभालने में मदद करेगी. कार्यस्थल पर किसी गोपनीय प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. व्यापार में बेहतर रणनीति बनाकर प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने का अवसर मिलेगा. आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें. परिवार के पुराने विवाद को बातचीत और समझदारी से सुलझाया जा सकता है. अनावश्यक चर्चाओं से दूर रहकर लक्ष्य पर ध्यान दें. शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: गहरा लाल धनु राशि सकारात्मक सोच और दूरदृष्टि से नए अवसर मिलेंगे. शिक्षा, प्रशिक्षण, विदेश, लेखन और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभकारी रहेगा. नौकरी में नई जिम्मेदारी प्रगति का रास्ता खोल सकती है. व्यापार में दूसरे राज्यों या नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा. परिवार के साथ धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में जाने की योजना बन सकती है. अनुभव साझा करने से सम्मान बढ़ेगा. शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: हल्का पीला मकर राशि आपकी कार्यनिष्ठा और अनुशासन से वरिष्ठों का विश्वास बढ़ेगा. नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में संसाधनों का सही इस्तेमाल आर्थिक लाभ बढ़ाएगा. भविष्य की बचत या निवेश को लेकर नई योजना बन सकती है. परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा. स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त आराम और संतुलित भोजन जरूरी रहेगा. काम के साथ निजी जीवन के लिए भी समय निकालें. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू कुंभ राशि आपकी मौलिक सोच आज आपको दूसरों से अलग पहचान दिला सकती है. तकनीक, स्टार्टअप, रिसर्च, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलेंगे. नौकरी में आपके सुझावों को महत्व दिया जा सकता है. व्यापार में ऑनलाइन विस्तार लाभ देगा. मित्रों के साथ रचनात्मक योजना शुरू हो सकती है. परिवार में नई पीढ़ी के साथ बातचीत सुखद रहेगी और रिश्तों में अपनापन बढ़ेगा. शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: फिरोजी मीन राशि संवेदनशीलता और रचनात्मकता आपकी ताकत बनेगी. साहित्य, संगीत, अभिनय, चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है. नौकरी में सहकर्मी की मदद करने से सम्मान बढ़ेगा. व्यापार में ग्राहकों का भरोसा आपकी प्रगति का आधार बनेगा. किसी पुराने मित्र या रिश्तेदार से मुलाकात मन खुश कर सकती है. ध्यान और प्रार्थना के लिए समय निकालना लाभकारी रहेगा. शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लैवेंडर The post आज 18 अगस्त 2026 का राशिफल: आपकी किस्मत का ताला खुलेगा या बढ़ेगा संघर्ष? पढ़ें अपना आज का भविष्यफल appeared first on Naya Vichar.

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UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होती जा रही हैं. चुनाव में अभी समय है, लेकिन सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच नेतृत्वक रणनीति को लेकर हलचल बढ़ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने लगातार तीसरी बार बीजेपी की प्रशासन बनाने की चुनौती है. इसी को देखते हुए प्रशासन के कामकाज, कानून-व्यवस्था, स्त्री सुरक्षा, विकास और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को चुनावी नैरेटिव का हिस्सा बनाने की रणनीति पर जोर दिखाई दे रहा है. हर जिले तक पहुंच बनाने पर सीएम योगी का फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रशासन की विकास योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा के लिए लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं. प्रशासन की कोशिश है कि विकास योजनाओं का असर केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव और ब्लॉक स्तर तक इसका संदेश पहुंचे. बिजली, सड़क, पानी, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के जरिए प्रशासन जनता के बीच अपनी उपलब्धियां रखने की तैयारी में है. कानून-व्यवस्था को बनाया जा सकता है बड़ा चुनावी मुद्दा योगी प्रशासन के नेतृत्वक नैरेटिव में कानून-व्यवस्था शुरू से ही प्रमुख मुद्दा रहा है. मुख्यमंत्री कई मौकों पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को अपनी प्रशासन की प्राथमिकता बताते रहे हैं. स्त्री सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखती रही है. ऐसे में 2027 के चुनाव में कानून-व्यवस्था और स्त्री सुरक्षा एक बार फिर बीजेपी के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकते हैं. बुलडोजर नीति को लेकर भी सियासी बहस बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र अक्सर देखने को मिलता है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र अक्सर देखने को मिलता है. हाल के एक कार्यक्रम में उन्होंने इसी अंदाज में कहा कि वह गलत लोगों पर बुलडोजर चला सकते हैं, जबकि कलाकारों की तरह गा नहीं सकते. इस बयान को भी नेतृत्वक तौर पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे से जोड़कर देखा गया. बीजेपी जहां इसे अपराध के खिलाफ सख्त नीति के तौर पर पेश करती है, वहीं विपक्ष लगातार इस पर सवाल उठाता रहा है. राम मंदिर के मुद्दे पर भी सियासी टकराव अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं. मंदिर से जुड़े चढ़ावे और अन्य मामलों को लेकर विपक्ष ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी इस तरह के मुद्दों को सनातन आस्था और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर विपक्ष पर पलटवार करते रहे हैं. ऐसे में राम मंदिर और हिंदुत्व का मुद्दा भी आगामी विधानसभा चुनाव में नेतृत्वक बहस का अहम हिस्सा बन सकता है. जातीय नेतृत्व और तुष्टिकरण पर विपक्ष को घेरने की तैयारी बीजेपी की रणनीति में जातीय नेतृत्व और कथित तुष्टिकरण के खिलाफ हमला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने संबोधनों में कानून के समान इस्तेमाल और बिना भेदभाव विकास की बात करते रहे हैं. बीजेपी की कोशिश है कि जनता के बीच यह संदेश मजबूत किया जाए कि प्रशासन विकास और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देती है, जबकि विपक्ष पर जातीय समीकरण और तुष्टिकरण की नेतृत्व करने का आरोप लगाया जाए. 2017 से पहले के दौर की याद दिलाने की रणनीति बीजेपी के चुनावी नैरेटिव में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र लगातार महत्वपूर्ण रहा है. पार्टी कानून-व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर पिछली प्रशासनों को घेरती रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई बार पुराने दौर की कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हैं. 2027 के चुनाव में भी बीजेपी इस तुलना के जरिए मतदाताओं के सामने अपनी प्रशासन के कार्यकाल की उपलब्धियां रखने की कोशिश कर सकती है. विकास के साथ हिंदुत्व और राष्ट्रवाद का समीकरण नेतृत्वक जानकारों के मुताबिक, बीजेपी के लिए 2027 का चुनाव केवल कानून-व्यवस्था या हिंदुत्व के मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा. पार्टी विकास योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनी योजनाओं के लाभार्थियों को भी अपने पक्ष में मजबूत करने की कोशिश करेगी. इसके साथ राष्ट्रवाद, स्त्री सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को जोड़कर व्यापक नेतृत्वक संदेश तैयार किया जा सकता है. क्या विपक्ष योगी की पिच पर स्पोर्ट्सने को तैयार है? 2027 के विधानसभा चुनाव में सबसे दिलचस्प सवाल यही होगा कि विपक्ष किन मुद्दों को चुनाव का केंद्र बनाता है. अगर विपक्ष कानून-व्यवस्था, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर लगातार प्रशासन को घेरता है, तो बीजेपी को अपने पसंदीदा नेतृत्वक मुद्दों पर जवाब देने का मौका मिल सकता है. वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस विकास, बेरोजगारी, महंगाई, संविधान और सामाजिक समीकरण जैसे मुद्दों को आगे रखती हैं तो चुनावी मुकाबले का नैरेटिव अलग दिशा ले सकता है. हैट्रिक की राह कितनी आसान होगी? योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी के सामने 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की चुनौती होगी. पार्टी की रणनीति में प्रशासनी योजनाओं और विकास कार्यों को जमीन तक पहुंचाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, स्त्री सुरक्षा, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को मजबूत करने की कोशिश दिखाई दे रही है. हालांकि चुनावी नतीजे कई नेतृत्वक और सामाजिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले महीनों में बीजेपी और विपक्ष अपनी-अपनी रणनीति को किस तरह धार देते हैं. यह भी देखें: BJP की नई राष्ट्रीय टीम में यूपी का दबदबा, 8 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी, OBC से लेकर अल्पसंख्यक चेहरों तक साधा सियासी समीकरण The post UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल appeared first on Naya Vichar.

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स्त्रियों के काम को काम कब माना जायेेगा, पढ़ें क्षमा शर्मा का लेख

रोजा लक्जमबर्ग ने एक बार कहा था कि ‘जिस दिन स्त्रियों के श्रम का हिसाब होगा, इतिहास की सबसे बड़ी चोरी पकड़ी जायेगी.’ यह बात दुनियाभर की स्त्रियों पर लागू होती है. घर के जितने भी काम हैं, जैसे खाना बनाना, कपड़े धोना, बर्तन मांजना, घर की साफ-सफाई, पति, बच्चों और पति के अन्य रिश्तेदारों की देखभाल, पशुओं की देखभाल, दूध दूहना, मक्खन बनाना आदि, स्त्रियां सवेरे से उठकर देर रात तक करती रहती हैं. पर इन कामों को काम ही नहीं माना जाता. उन्हें अक्सर सुनने को मिलता है कि करती ही क्या हो. घर में ही तो रहती हो. मानो घर कोई ऐसी जगह है, जहां बिना हाथ-पांव हिलाये, बिना मेहनत किये, सारे काम अपने आप ही पूरे हो जाते हैं. इसे अनपेड डोमेस्टिक सर्विसेज कहा जाता है. पश्चिम में जिसे केयर इकोनॉमी कहते हैं, हमारे यहां उस तरह के देखभाल के काम कर्तव्य के खाते में हैं. स्त्रियों को बस एक घर में रहने के बदले, जब तक वे जीती हैं, हाड़तोड़ मेहनत करनी पड़ती है. चूंकि हिंदुस्तान में अधिकांश स्त्रीएं घर में ही रहती हैं, इसलिए उनके श्रम को कोई आंकता भी नहीं है. मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन ने 2024 में टाइम यूज सर्वे (टीयूएस) किया था. इस सर्वे में पंद्रह वर्ष से लेकर उनसठ वर्ष तक की 92.9 प्रतिशत स्त्रीओं और लड़कियों ने भाग लिया था. सर्वे से पता चला कि स्त्रीएं हर दिन अपने घर में कम से कम 305 मिनट या पांच घंटे, पांच मिनट काम करती हैं. जबकि उनकी तुलना में 30.4 प्रतिशत पुरुष कुल छियासी मिनट ही काम करते हैं. इतना ही नहीं, स्त्रियों को प्रतिदिन एक सौ चालीस मिनट किसी न किसी की देखभाल में खर्च करना पड़ता है. इससे पहले 2019 के टीयूएस में पाया गया था कि स्त्रियां दिन के 299 मिनट और पुरुष सत्तानबे मिनट काम करते हैं. इसका अर्थ हुआ कि जैसे-जैसे समय बीतता है, स्त्रियों के काम के घंटे पुरुषों के मुकाबले बढ़ते जाते हैं. विदित हो कि इस सर्वे में स्त्रियों के वे ही काम शामिल किये गये थे, जिनका जिक्र ऊपर किया गया है. जैसे कि खाना बनाने की तैयारी करना और खाना बनाना, सफाई, घर का मैनेजमेंट, घर के लिए सामान की खरीदारी तथा अन्य घरेलू काम आदि. वर्ष 2021 में एक अन्य सर्वे में कहा गया था कि स्त्रियों के घरेलू कार्यों को राष्ट्रीय बही-खाते में नहीं जोड़ा जाता. जबकि घर के तमाम काम न केवल परिवार के स्वास्थ्य और देश की आर्थिकी से जुड़े रहते हैं, बल्कि उन्हें बढ़ाते भी हैं. इन कामों में लैंगिक भेदभाव भी जुड़ा होता है कि घर के काम स्त्रियों के हैं. पुरुष घर के काम नहीं करते. स्त्रियों के जिम्मे अधिकांश घरेलू काम होते हैं. यह एक ऐसा श्रम है, जिसकी कभी कोई कीमत नहीं आंकी जाती. वर्ष 2023 में चेन्नई और बेंगलुरु की 9,636 स्त्रियों पर किये गये अध्ययन में सामने आया था कि घर में रहने वाली स्त्रियों के अधिकांश काम ऐसे होते हैं, जिनसे उन्हें कोई आय नहीं होती. वर्ष 2022 में नीति आयोग के एक लेख में बताया गया था कि स्त्रियों के घरेलू काम अक्सर उन्हें बाहर के उन कामों से वंचित रखते हैं, जिनसे उन्हें कोई आय हो सकती है. बताया जाता है कि हिंदुस्तान में लगभग सोलह करोड़ से लेकर इक्कीस करोड़ स्त्रीएं ऐसी हैं, जिनका मुख्य काम घर संभालना और बच्चों तथा बुजुर्गों की देखभाल करना है. एक दूसरे अध्ययन में कहा गया था कि हिंदुस्तान में लगभग 90 प्रतिशत स्त्रीएं घर के ऐसे काम करती हैं, जिनका उन्हें कोई पैसा नहीं मिलता. इतना ही नहीं, उनके जिम्मे खेती-किसानी और अपने ही घर में मजदूरी के काम अलग से हैं. यहां एक बात पर और गौर करना चाहिए. जो स्त्रियां नौकरीपेशा हैं, उनसे बातचीत करने पर पता चलता है कि विवाह हो जाने के बाद भी उन्हें घर के कामों से कोई मुक्ति नहीं मिलती, चाहे वह बारह घंटे की नौकरी ही क्यों न करती हों. छोटी-मोटी नौकरी करने वाली स्त्रीएं कहती हैं कि यदि घर के कामों और बच्चों की देखभाल के लिए उन्हें किसी सहायक की मदद लेनी हो, तो उनका नौकरी करने का कोई लाभ नहीं होगा. क्योंकि तब जो पैसा वह कमाती हैं, सारा सहायक को देने में चला जायेगा. यही नहीं, अधिकांश मामलों में उनके कमाये पैसों पर उनका कोई अधिकार भी नहीं होता. यह लेखिका कई उच्च पदस्थ स्त्रियों को जानती है, जिनके पति ही सारा पैसा रख लेते थे. जब से वेतन के लिए अकाउंट खोलना जरूरी हुआ है, तब से संभवत: कुछ हद तक उन्हें इससे मुक्ति मिली हो. सिर्फ विवाहित स्त्रियां ही नहीं, अपने माता-पिता के साथ रहने वाली लड़कियों को भी घर के कामों में हर तरह से योगदान देना पड़ता है. घर के कामों, छोटे भाई-बहनों को खिलाने, पालने की जिम्मेदारी उन्हीं के ऊपर होती है. घर के लड़कों से इसकी उम्मीद कोई नहीं करता. कई बार तो घर की जिम्मेदारी उठाने के कारण उनकी पढ़ाई तक छुड़वा दी जाती है. कई बार महसूस होता है कि जब तक स्त्रियों के जीवन में विवाह और मां बनना ही उनकी एकमात्र नियति रहेगी, तब तक शायद उन्हें कभी इन कामों से मुक्ति नहीं मिल सकेगी. या यूं कहें कि स्त्रियां पैदा ही बस दिन-रात काम करने के लिए होती हैं. आखिर वे कौन सी योजनाएं हैं, जो उन्हें इस दोहरे-तिहरे भार से आजाद कर सकती हैं? (ये लेखिका के निजी विचार हैं.) The post स्त्रियों के काम को काम कब माना जायेेगा, पढ़ें क्षमा शर्मा का लेख appeared first on Naya Vichar.

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Sandeep Patil Birthday: वो स्टाइलिश क्रिकेटर जिसने बल्ले से मचाई धूम, एक्टिंग से लेकर कोचिंग तक आजमाया हाथ

Happy Birthday Sandeep Patil: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिनकी पहचान सिर्फ उनके आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अंदाज से बनी. संदीप पाटिल भी ऐसे ही क्रिकेटर रहे. स्टाइलिश बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ रवैया और मैदान के बाहर भी कुछ अलग करने की चाह ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दी. क्रिकेट स्पोर्ट्सने के बाद उन्होंने फिल्मों में हाथ आजमाया और फिर कोच के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. 18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे पाटिल को क्रिकेट विरासत में मिला था. उनके पिता मधुसूदन पाटिल भी मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट स्पोर्ट्स चुके थे. संदीप ने आगे चलकर हिंदुस्तानीय टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी. बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत थी, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह मीडियम पेस गेंदबाजी भी कर लेते थे. आज 18 अगस्त 2026 को 70वां जन्मदिन मना रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा. इसके बाद उसी साल 6 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया. हिंदुस्तान के लिए उन्होंने 29 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से और 36.93 की औसत से 1,588 रन बनाए. उनके नाम चार टेस्ट शतक भी रहे. वनडे में पाटिल ने 45 मैचों में 1,005 रन बनाए, जिसमें नौ अर्धशतक शामिल थे. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा और उन्होंने 130 मैचों में 8,156 रन बनाए. जब बॉब विलिस के एक ओवर में लगा दिए छह चौके संदीप पाटिल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 1982 का मैनचेस्टर टेस्ट खास है. इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने नाबाद 129 रन बनाए थे. इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ओवर में लगातार छह चौके जड़कर तहलका मचा दिया था. इस ओवर की एक गेंद पर रन नहीं बना, लेकिन उससे पहले विलिस की नो-बॉल पर भी पाटिल ने चौका लगाया था. उनकी यह आक्रामक बल्लेबाजी आज भी हिंदुस्तानीय क्रिकेट के यादगार किस्सों में शामिल है. ये भी पढ़ें: युवी-भज्जी ने गांगुली के साथ किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार हो गए थे दादा 1983 विश्व कप जीत में भी निभाई भूमिका संदीप पाटिल 1983 में विश्व कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा थे. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 32 रन की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सी और टीम की जीत में योगदान दिया. उस समय हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए यह विश्व कप जीत ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई थी. क्रिकेट के बाद फिल्मों में भी आजमाया हाथ क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद पाटिल ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने कल्पना की होगी. उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में प्रवेश किया. 1985 में उनकी फिल्म ‘कभी अजनबी थे’ रिलीज हुई. इस फिल्म में उनके साथ पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय नजर आई थीं. हालांकि, यह उनका पहला और आखिरी फिल्म प्रोजेक्ट साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली. ये भी पढ़ें: गेंद को समझा गोला… डिकवेला का कैच छोड़ने पर फैंस ने लिए केएल राहुल के मजे; VIDEO कोच बनकर फिर बनाई पहचान पाटिल का क्रिकेट से रिश्ता यहीं खत्म नहीं हुआ. उन्होंने कोचिंग को अपना अगला पड़ाव बनाया. नवंबर 1996 में उन्हें केन्या की राष्ट्रीय टीम का कोच बनाया गया. उनके मार्गदर्शन में केन्याई क्रिकेट ने नई पहचान हासिल की. 2003 वनडे विश्व कप में केन्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. हालांकि, सेमीफाइनल में उसे हिंदुस्तान के हाथों 91 रन से हार मिली. पाटिल बाद में ओमान क्रिकेट टीम और हिंदुस्तान-ए के साथ भी कोच के रूप में जुड़े. चयन समिति के प्रमुख भी रहे संदीप पाटिल ने प्रशासनिक (Administrative) भूमिका भी निभाई. दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक उन्होंने बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम किया. उनके कार्यकाल के दौरान हिंदुस्तानीय टीम ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता. यानी खिलाड़ी, विश्व कप विजेता, अभिनेता, कोच और चयनकर्ता, संदीप पाटिल ने क्रिकेट से जुड़े लगभग हर बड़े किरदार को अपनी जिंदगी में जिया. ये भी पढ़ें: Independence Day Special: हॉकी के स्वर्णिम दौर से टी20 विश्व कप तक, 25+ मौके जब दुनिया के सामने चमका तिरंगा The post Sandeep Patil Birthday: वो स्टाइलिश क्रिकेटर जिसने बल्ले से मचाई धूम, एक्टिंग से लेकर कोचिंग तक आजमाया हाथ appeared first on Naya Vichar.

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2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर

2 BHK House Vastu Tips: अगर आप 2 BHK घर या फ्लैट लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर की बनावट के साथ उसकी दिशा पर भी ध्यान देना जरूरी है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, घर के अलग-अलग हिस्सों के लिए कुछ दिशाएं बेहतर मानी जाती हैं. इससे घर का माहौल अच्छा और आरामदायक बनाए रखने में मदद मिल सकती है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं 2 BHK घर के लिए आसान वास्तु टिप्स, जिन्हें आप घर खरीदते या बनवाते समय ध्यान में रख सकते हैं. मुख्य दरवाजा घर का मुख्य दरवाजा सबसे जरूरी जगहों में से एक होता है. वास्तु के अनुसार 2 BHK घर में मुख्य प्रवेश द्वार के लिए उत्तर या पूर्व दिशा को अच्छा माना जाता है. दरवाजे के आसपास ज्यादा सामान न रखें और इस जगह को साफ-सुथरा रखें. इससे घर का एंट्री एरिया खुला और सुंदर नजर आता है. लिविंग रूम लिविंग रूम वह जगह है जहां परिवार साथ बैठता है और मेहमान भी आते हैं. इसलिए इसका सही जगह पर होना काफी जरूरी है. वास्तु के अनुसार लिविंग रूम को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. यहां खिड़की या बालकनी हो तो कमरे में प्राकृतिक रोशनी और हवा भी अच्छी तरह आ सकती है. फर्नीचर कहां रखें? घर में फर्नीचर रखते समय कमरे में चलने के लिए पर्याप्त जगह जरूर छोड़ें. भारी सोफा, अलमारी या अन्य बड़ा फर्नीचर दक्षिण या पश्चिम दिशा की तरफ रखना बेहतर माना जाता है. फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाने के बजाय थोड़ी जगह छोड़ना भी अच्छा रहता है. रसोई के लिए सही दिशा रसोई घर का एक जरूरी हिस्सा है. वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा को रसोई के लिए अच्छा माना जाता है. अगर यह संभव न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा को भी विकल्प माना जाता है. रसोई में गैस, सिंक और बाकी सामान रखते समय भी जगह का सही इस्तेमाल करें. खाना बनाने की जगह पर पर्याप्त रोशनी और हवा होना जरूरी है. पूजा की जगह घर में पूजा के लिए अलग कमरा हो तो बहुत अच्छा है. वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा की जगह के लिए शुभ माना जाता है. अगर 2 BHK घर में अलग पूजा कमरा बनाने की जगह नहीं है, तो लिविंग रूम में भी साफ और शांत जगह पर छोटा पूजा कॉर्नर बनाया जा सकता है. मास्टर बेडरूम मास्टर बेडरूम घर के बड़े सदस्यों के लिए होता है. वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. बेडरूम में बहुत ज्यादा सामान रखने से बचें. कमरे को साफ और व्यवस्थित रखने से जगह ज्यादा आरामदायक महसूस होती है. बच्चों का कमरा अगर घर में बच्चों के लिए अलग कमरा है, तो पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा में कमरा रखना अच्छा विकल्प माना जाता है. बच्चों की पढ़ाई की मेज ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी मिले. पढ़ते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना वास्तु में अच्छा माना जाता है. गेस्ट रूम अगर 2 BHK घर का दूसरा कमरा गेस्ट रूम के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखा जा सकता है. कमरे में जरूरत का ही सामान रखें और इसे हवादार और साफ रखें. इससे मेहमानों के लिए कमरा आरामदायक बना रहेगा. बालकनी किस दिशा में हो? 2 BHK घर में बालकनी घर को खुला और रोशन बनाने में मदद करती है. वास्तु के अनुसार उत्तर या पूर्व दिशा की बालकनी अच्छी मानी जाती है. सुबह की धूप और ताजी हवा के लिए बालकनी में बहुत ज्यादा सामान जमा न करें. कुछ पौधे और आरामदायक बैठने की जगह इसे और खूबसूरत बना सकती है. बाथरूम के लिए सही जगह वास्तु के अनुसार बाथरूम के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को अच्छा माना जाता है. बाथरूम को हमेशा साफ रखें और वहां पानी जमा न होने दें. पूजा की जगह और बाथरूम के बीच उचित दूरी रखना भी बेहतर माना जाता है. 2 BHK घर का प्लान बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान 2 BHK घर लेते समय केवल वास्तु ही नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को भी ध्यान में रखें. कमरों में पर्याप्त जगह, हवा, रोशनी और सामान रखने की सुविधा होना भी उतना ही जरूरी है. वास्तु से जुड़े नियम अलग-अलग मान्यताओं पर आधारित होते हैं, इसलिए घर खरीदने का फैसला केवल इन्हीं बातों के आधार पर न लें. बजट, लोकेशन, घर की बनावट और आपकी जरूरतें भी जरूर देखें. यह भी पढ़ें: घर में पॉजिटिव एनर्जी के लिए सिर्फ पौधे ही नहीं, इन 5 चीजों की जगह भी है बेहद खास The post 2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर appeared first on Naya Vichar.

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बिहार STET आवेदन तो शुरू हो गया, अब समझें Paper 1 और 2 का पूरा एग्जाम पैटर्न और पासिंग मार्क्स का गणित

Bihar STET 2026 Exam Guide: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (Bihar STET 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. आवेदन फॉर्म भरने के साथ ही अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी भी तेज कर दी है. बिहार में माध्यमिक (कक्षा 9-10) और उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12) शिक्षक भर्ती (TRE) की पात्रता हासिल करने के लिए STET परीक्षा पास करना अनिवार्य है. परीक्षा में बेहतर स्कोर करने के लिए इसके 150 अंकों के स्ट्रक्चर, सब्जेक्ट वाइज वेटेज और कैटेगरी-वाइज पासिंग मार्क्स को समझना बेहद जरूरी है. Bihar STET 2026 Exam Pattern: कैसा होगा एग्जाम का स्ट्रक्चर? बिहार बोर्ड के अनुसार, STET परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT Mode) में आयोजित की जाएगी. परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) होगी. कुल सवाल: 150 (ऑब्जेक्टिव यानी बहुविकल्पीय) कुल नंबर: 150 मार्क्स (हर सही जवाब पर 1 नंबर) नेगेटिव मार्किंग: परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. गलत उत्तर देने पर कोई नंबर नहीं कटेगा. Bihar STET 2026: पेपर के 2 हिस्से होंगे पहला हिस्सा (मेन सब्जेक्ट): 100 नंबर (जिस विषय के लिए आपने फॉर्म भरा है) दूसरा हिस्सा (टीचिंग और जनरल एबिलिटी): 50 नंबर Paper 1 और Paper 2: 150 नंबरों का पूरा ब्रेकडाउन माध्यमिक (पेपर 1) और उच्च माध्यमिक (पेपर 2) दोनों पेपरों में नंबरों का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा रहेगा: सेक्शन सब्जेक्ट, टॉपिक कुल सवाल टोटल मार्क्स सेक्शन 1 आपका चुना हुआ मुख्य विषय (Main Subject) 100 100 सेक्शन 2 (A) पढ़ाने का तरीका (Art of Teaching): 30 सवाल (B) जनरल एबिलिटी (GK, रीजनिंग, मैथ्स, EVS): 20 सवाल 50 50 कुल योग 150 150 ये भी पढ़ें: बिहार STET के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, डायरेक्ट इस लिंक से करें अप्लाई सेक्शन 2 का सिलेबस: 50 नंबर में क्या पूछा जाएगा? पढ़ाने का तरीका (Art of Teaching – 30 नंबर): पढ़ाने और सीखने के बेसिक नियम  (Teaching and Learning Process) लेसन प्लान और पढ़ाने के तरीके  (Lesson Plan and Methods) क्लासरूम मैनेजमेंट और अनुशासन  (Classroom Management) बच्चों के टेस्ट, असेसमेंट और मार्किंग के तरीके (Evaluation and Assessment) सभी बच्चों को साथ लेकर पढ़ाना और चार्ट-मॉडल (TLM) का सही इस्तेमाल (TLM, Chart-model)  जनरल एबिलिटी (General Ability – 20 नंबर) सामान्य ज्ञान एवं करंट अफेयर्स (General Knowledge and Current Affairs) पर्यावरण विज्ञान (Environmental Science) बेसिक मैथ्स (Basic Maths) रीजनिंग (Reasoning / सोचने-समझने वाले सवाल) ये भी पढ़ें: बिहार STET 2026 का डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी, जानें फीस और योग्यता कैटेगरी-वाइज पासिंग मार्क्स: पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? STET 2026 में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स (नॉर्मलाइज्ड स्कोर) हासिल करना होगा- कैटेगरी मार्क्स सामान्य वर्ग (General) 50% (75 अंक) पिछड़ा वर्ग (BC) 45.5% (68.25 अंक) अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 42.5% (63.75 अंक) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (SC-ST) 40% (60 अंक) दिव्यांग अभ्यर्थी (PwD) 40% (60 अंक) सभी वर्गों की स्त्री अभ्यर्थी 40% (60 अंक) नॉर्मलाइजेशन (Normalization) की प्रक्रिया चूंकि परीक्षा कई शिफ्टों और अलग-अलग दिनों में कंप्यूटर पर आयोजित की जाएगी, इसलिए बिहार बोर्ड रिजल्ट में पारदर्शिता के लिए नॉर्मलाइजेशन सिस्टम लागू करेगा. यदि किसी शिफ्ट का पेपर कठिन और किसी का आसान आता है, तो नंबरों को बैलेंस करके ही रिजल्ट जारी किया जाएगा. ये भी पढ़ें: Bihar GK in Hindi: BPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रट लें ये बिहार GK के 15 जरूरी सवाल The post बिहार STET आवेदन तो शुरू हो गया, अब समझें Paper 1 और 2 का पूरा एग्जाम पैटर्न और पासिंग मार्क्स का गणित appeared first on Naya Vichar.

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कार में 6 या 8 एयरबैग्स हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? जानें क्रैश के समय बॉडी शेल क्यों है जरूरी

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार में सुरक्षा को लेकर ग्राहकों के बीच जागरूकता काफी बढ़ी है. कार खरीदते समय लोग अब यह जरूर देखते हैं कि उसमें कितने एयरबैग दिए गए हैं. प्रशासन ने भी कारों में सुरक्षा मानकों को सख्त किया है, लेकिन अक्सर एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या केवल एयरबैग्स होने से ही दुर्घटना के समय कार में बैठे लोग सुरक्षित रह सकते हैं? आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं. बॉडी शेल की मजबूती क्यों है सबसे जरूरी? कार की बॉडी शेल उसकी मेन स्ट्रक्चर या फ्रेमवर्क होती है. किसी भी बड़े हादसे के समय सबसे पहला और सबसे बड़ा असर इसी फ्रेमवर्क पर पड़ता है. अगर कार की बॉडी शेल मजबूत है, तो वह टकराने के बाद जेनरेट होने वाली एनर्जी को अपने ऊपर ले लेती है और केबिन के अंदर तक उस झटके को नहीं पहुंचने देती. अगर कार का फ्रेमवर्क ही कमजोर होगा, तो दुर्घटना के समय केबिन बुरी तरह पिचक जाएगा. ऐसे में भले ही कार के अंदर छह या आठ एयरबैग्स खुल जाएं, लेकिन केबिन का ढांचा सिकुड़ने के कारण उसमें बैठे लोगों को गंभीर चोट लग सकती है. इसलिए एयरबैग से भी पहले कार की बॉडी शेल की मजबूती सबसे प्राइमरी सेफ्टी साइकल (Primary Safety Cycle) का काम करती है. ये भी पढ़ें: सनरूफ, ADAS और टचस्क्रीन… हिंदुस्तानीय सड़कों के लिए ये फीचर्स कितने काम के और कितने खतरनाक? क्रैश टेस्ट रेटिंग और बॉडी शेल की स्टेबिलिटी जब हिंदुस्तान-NCAP या ग्लोबल-NCAP जैसी संस्थाएं किसी कार का क्रैश टेस्ट करती हैं, तो वे केवल एयरबैग्स खुलने को नहीं मापतीं. वे यह भी देखती हैं कि टक्कर के बाद कार का ढांचा कितना स्थिर रहा. क्रैश टेस्ट रिपोर्ट में कई बार बॉडी शेल को ‘स्टेबल’ या ‘अनस्टेबल’ की कैटेगरी में रखा जाता है. अनस्टेबल बॉडी शेल का मतलब होता है कि कार का ढांचा अधिक दबाव झेलने के लायक नहीं है. ऐसी गाड़ियों में एयरबैग्स होने के बाद भी यात्रियों के बचने की संभावना कम हो जाती है. वहीं स्टेबल बॉडी शेल वाली कारें झटके को बेहतर तरीके से सह पाती हैं और केबिन के अंदर सुरक्षित जगह बनाए रखती हैं. ये भी पढ़ें: जब कारों में ADAS मिल ही रहा है तो V2V की जरूरत क्यों पड़ी? दोनों एक जैसे हैं या फिर अलग-अलग? जानें फर्क सीटबेल्ट के बिना बेकार हैं एयरबैग्स  बहुत से लोगों को यह गलतफहमी होती है कि एयरबैग्स होने पर सीटबेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है. सच यह है कि एयरबैग और सीटबेल्ट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं. एयरबैग बहुत तेज रफ्तार से फूलते हैं. अगर आपने सीटबेल्ट नहीं लगाई है, तो टक्कर के समय आपका शरीर तेजी से आगे की तरफ फेंका जाएगा और एयरबैग के खुलने का दबाव ही आपको गंभीर रूप से घायल कर सकता है. इसके अलावा कई आधुनिक कारों में सीटबेल्ट न बंध होने पर एयरबैग खुलते ही नहीं हैं. इन बातों का ध्यान रखना जरूरी  कार खरीदते समय केवल एयरबैग की गिनती न देखें. कार की क्रैश टेस्ट रेटिंग, उसकी बॉडी शेल की स्टेबिलिटी और अपनी तरफ से सीटबेल्ट का रेगुलर इस्तेमाल ही आपको सड़क पर असली सेफ्टी प्रदान करता है. The post कार में 6 या 8 एयरबैग्स हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? जानें क्रैश के समय बॉडी शेल क्यों है जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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