Hot News

August 18, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Sandeep Patil Birthday: वो स्टाइलिश क्रिकेटर जिसने बल्ले से मचाई धूम, एक्टिंग से लेकर कोचिंग तक आजमाया हाथ

Happy Birthday Sandeep Patil: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिनकी पहचान सिर्फ उनके आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अंदाज से बनी. संदीप पाटिल भी ऐसे ही क्रिकेटर रहे. स्टाइलिश बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ रवैया और मैदान के बाहर भी कुछ अलग करने की चाह ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दी. क्रिकेट स्पोर्ट्सने के बाद उन्होंने फिल्मों में हाथ आजमाया और फिर कोच के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. 18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे पाटिल को क्रिकेट विरासत में मिला था. उनके पिता मधुसूदन पाटिल भी मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट स्पोर्ट्स चुके थे. संदीप ने आगे चलकर हिंदुस्तानीय टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी. बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत थी, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह मीडियम पेस गेंदबाजी भी कर लेते थे. आज 18 अगस्त 2026 को 70वां जन्मदिन मना रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा. इसके बाद उसी साल 6 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया. हिंदुस्तान के लिए उन्होंने 29 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से और 36.93 की औसत से 1,588 रन बनाए. उनके नाम चार टेस्ट शतक भी रहे. वनडे में पाटिल ने 45 मैचों में 1,005 रन बनाए, जिसमें नौ अर्धशतक शामिल थे. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा और उन्होंने 130 मैचों में 8,156 रन बनाए. जब बॉब विलिस के एक ओवर में लगा दिए छह चौके संदीप पाटिल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 1982 का मैनचेस्टर टेस्ट खास है. इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने नाबाद 129 रन बनाए थे. इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ओवर में लगातार छह चौके जड़कर तहलका मचा दिया था. इस ओवर की एक गेंद पर रन नहीं बना, लेकिन उससे पहले विलिस की नो-बॉल पर भी पाटिल ने चौका लगाया था. उनकी यह आक्रामक बल्लेबाजी आज भी हिंदुस्तानीय क्रिकेट के यादगार किस्सों में शामिल है. ये भी पढ़ें: युवी-भज्जी ने गांगुली के साथ किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार हो गए थे दादा 1983 विश्व कप जीत में भी निभाई भूमिका संदीप पाटिल 1983 में विश्व कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा थे. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 32 रन की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सी और टीम की जीत में योगदान दिया. उस समय हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए यह विश्व कप जीत ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई थी. क्रिकेट के बाद फिल्मों में भी आजमाया हाथ क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद पाटिल ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने कल्पना की होगी. उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में प्रवेश किया. 1985 में उनकी फिल्म ‘कभी अजनबी थे’ रिलीज हुई. इस फिल्म में उनके साथ पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय नजर आई थीं. हालांकि, यह उनका पहला और आखिरी फिल्म प्रोजेक्ट साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली. ये भी पढ़ें: गेंद को समझा गोला… डिकवेला का कैच छोड़ने पर फैंस ने लिए केएल राहुल के मजे; VIDEO कोच बनकर फिर बनाई पहचान पाटिल का क्रिकेट से रिश्ता यहीं खत्म नहीं हुआ. उन्होंने कोचिंग को अपना अगला पड़ाव बनाया. नवंबर 1996 में उन्हें केन्या की राष्ट्रीय टीम का कोच बनाया गया. उनके मार्गदर्शन में केन्याई क्रिकेट ने नई पहचान हासिल की. 2003 वनडे विश्व कप में केन्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. हालांकि, सेमीफाइनल में उसे हिंदुस्तान के हाथों 91 रन से हार मिली. पाटिल बाद में ओमान क्रिकेट टीम और हिंदुस्तान-ए के साथ भी कोच के रूप में जुड़े. चयन समिति के प्रमुख भी रहे संदीप पाटिल ने प्रशासनिक (Administrative) भूमिका भी निभाई. दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक उन्होंने बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम किया. उनके कार्यकाल के दौरान हिंदुस्तानीय टीम ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता. यानी खिलाड़ी, विश्व कप विजेता, अभिनेता, कोच और चयनकर्ता, संदीप पाटिल ने क्रिकेट से जुड़े लगभग हर बड़े किरदार को अपनी जिंदगी में जिया. ये भी पढ़ें: Independence Day Special: हॉकी के स्वर्णिम दौर से टी20 विश्व कप तक, 25+ मौके जब दुनिया के सामने चमका तिरंगा The post Sandeep Patil Birthday: वो स्टाइलिश क्रिकेटर जिसने बल्ले से मचाई धूम, एक्टिंग से लेकर कोचिंग तक आजमाया हाथ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर

2 BHK House Vastu Tips: अगर आप 2 BHK घर या फ्लैट लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर की बनावट के साथ उसकी दिशा पर भी ध्यान देना जरूरी है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, घर के अलग-अलग हिस्सों के लिए कुछ दिशाएं बेहतर मानी जाती हैं. इससे घर का माहौल अच्छा और आरामदायक बनाए रखने में मदद मिल सकती है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं 2 BHK घर के लिए आसान वास्तु टिप्स, जिन्हें आप घर खरीदते या बनवाते समय ध्यान में रख सकते हैं. मुख्य दरवाजा घर का मुख्य दरवाजा सबसे जरूरी जगहों में से एक होता है. वास्तु के अनुसार 2 BHK घर में मुख्य प्रवेश द्वार के लिए उत्तर या पूर्व दिशा को अच्छा माना जाता है. दरवाजे के आसपास ज्यादा सामान न रखें और इस जगह को साफ-सुथरा रखें. इससे घर का एंट्री एरिया खुला और सुंदर नजर आता है. लिविंग रूम लिविंग रूम वह जगह है जहां परिवार साथ बैठता है और मेहमान भी आते हैं. इसलिए इसका सही जगह पर होना काफी जरूरी है. वास्तु के अनुसार लिविंग रूम को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. यहां खिड़की या बालकनी हो तो कमरे में प्राकृतिक रोशनी और हवा भी अच्छी तरह आ सकती है. फर्नीचर कहां रखें? घर में फर्नीचर रखते समय कमरे में चलने के लिए पर्याप्त जगह जरूर छोड़ें. भारी सोफा, अलमारी या अन्य बड़ा फर्नीचर दक्षिण या पश्चिम दिशा की तरफ रखना बेहतर माना जाता है. फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाने के बजाय थोड़ी जगह छोड़ना भी अच्छा रहता है. रसोई के लिए सही दिशा रसोई घर का एक जरूरी हिस्सा है. वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा को रसोई के लिए अच्छा माना जाता है. अगर यह संभव न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा को भी विकल्प माना जाता है. रसोई में गैस, सिंक और बाकी सामान रखते समय भी जगह का सही इस्तेमाल करें. खाना बनाने की जगह पर पर्याप्त रोशनी और हवा होना जरूरी है. पूजा की जगह घर में पूजा के लिए अलग कमरा हो तो बहुत अच्छा है. वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा की जगह के लिए शुभ माना जाता है. अगर 2 BHK घर में अलग पूजा कमरा बनाने की जगह नहीं है, तो लिविंग रूम में भी साफ और शांत जगह पर छोटा पूजा कॉर्नर बनाया जा सकता है. मास्टर बेडरूम मास्टर बेडरूम घर के बड़े सदस्यों के लिए होता है. वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. बेडरूम में बहुत ज्यादा सामान रखने से बचें. कमरे को साफ और व्यवस्थित रखने से जगह ज्यादा आरामदायक महसूस होती है. बच्चों का कमरा अगर घर में बच्चों के लिए अलग कमरा है, तो पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा में कमरा रखना अच्छा विकल्प माना जाता है. बच्चों की पढ़ाई की मेज ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी मिले. पढ़ते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना वास्तु में अच्छा माना जाता है. गेस्ट रूम अगर 2 BHK घर का दूसरा कमरा गेस्ट रूम के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखा जा सकता है. कमरे में जरूरत का ही सामान रखें और इसे हवादार और साफ रखें. इससे मेहमानों के लिए कमरा आरामदायक बना रहेगा. बालकनी किस दिशा में हो? 2 BHK घर में बालकनी घर को खुला और रोशन बनाने में मदद करती है. वास्तु के अनुसार उत्तर या पूर्व दिशा की बालकनी अच्छी मानी जाती है. सुबह की धूप और ताजी हवा के लिए बालकनी में बहुत ज्यादा सामान जमा न करें. कुछ पौधे और आरामदायक बैठने की जगह इसे और खूबसूरत बना सकती है. बाथरूम के लिए सही जगह वास्तु के अनुसार बाथरूम के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को अच्छा माना जाता है. बाथरूम को हमेशा साफ रखें और वहां पानी जमा न होने दें. पूजा की जगह और बाथरूम के बीच उचित दूरी रखना भी बेहतर माना जाता है. 2 BHK घर का प्लान बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान 2 BHK घर लेते समय केवल वास्तु ही नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को भी ध्यान में रखें. कमरों में पर्याप्त जगह, हवा, रोशनी और सामान रखने की सुविधा होना भी उतना ही जरूरी है. वास्तु से जुड़े नियम अलग-अलग मान्यताओं पर आधारित होते हैं, इसलिए घर खरीदने का फैसला केवल इन्हीं बातों के आधार पर न लें. बजट, लोकेशन, घर की बनावट और आपकी जरूरतें भी जरूर देखें. यह भी पढ़ें: घर में पॉजिटिव एनर्जी के लिए सिर्फ पौधे ही नहीं, इन 5 चीजों की जगह भी है बेहद खास The post 2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार STET आवेदन तो शुरू हो गया, अब समझें Paper 1 और 2 का पूरा एग्जाम पैटर्न और पासिंग मार्क्स का गणित

Bihar STET 2026 Exam Guide: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (Bihar STET 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. आवेदन फॉर्म भरने के साथ ही अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी भी तेज कर दी है. बिहार में माध्यमिक (कक्षा 9-10) और उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12) शिक्षक भर्ती (TRE) की पात्रता हासिल करने के लिए STET परीक्षा पास करना अनिवार्य है. परीक्षा में बेहतर स्कोर करने के लिए इसके 150 अंकों के स्ट्रक्चर, सब्जेक्ट वाइज वेटेज और कैटेगरी-वाइज पासिंग मार्क्स को समझना बेहद जरूरी है. Bihar STET 2026 Exam Pattern: कैसा होगा एग्जाम का स्ट्रक्चर? बिहार बोर्ड के अनुसार, STET परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT Mode) में आयोजित की जाएगी. परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) होगी. कुल सवाल: 150 (ऑब्जेक्टिव यानी बहुविकल्पीय) कुल नंबर: 150 मार्क्स (हर सही जवाब पर 1 नंबर) नेगेटिव मार्किंग: परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. गलत उत्तर देने पर कोई नंबर नहीं कटेगा. Bihar STET 2026: पेपर के 2 हिस्से होंगे पहला हिस्सा (मेन सब्जेक्ट): 100 नंबर (जिस विषय के लिए आपने फॉर्म भरा है) दूसरा हिस्सा (टीचिंग और जनरल एबिलिटी): 50 नंबर Paper 1 और Paper 2: 150 नंबरों का पूरा ब्रेकडाउन माध्यमिक (पेपर 1) और उच्च माध्यमिक (पेपर 2) दोनों पेपरों में नंबरों का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा रहेगा: सेक्शन सब्जेक्ट, टॉपिक कुल सवाल टोटल मार्क्स सेक्शन 1 आपका चुना हुआ मुख्य विषय (Main Subject) 100 100 सेक्शन 2 (A) पढ़ाने का तरीका (Art of Teaching): 30 सवाल (B) जनरल एबिलिटी (GK, रीजनिंग, मैथ्स, EVS): 20 सवाल 50 50 कुल योग 150 150 ये भी पढ़ें: बिहार STET के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, डायरेक्ट इस लिंक से करें अप्लाई सेक्शन 2 का सिलेबस: 50 नंबर में क्या पूछा जाएगा? पढ़ाने का तरीका (Art of Teaching – 30 नंबर): पढ़ाने और सीखने के बेसिक नियम  (Teaching and Learning Process) लेसन प्लान और पढ़ाने के तरीके  (Lesson Plan and Methods) क्लासरूम मैनेजमेंट और अनुशासन  (Classroom Management) बच्चों के टेस्ट, असेसमेंट और मार्किंग के तरीके (Evaluation and Assessment) सभी बच्चों को साथ लेकर पढ़ाना और चार्ट-मॉडल (TLM) का सही इस्तेमाल (TLM, Chart-model)  जनरल एबिलिटी (General Ability – 20 नंबर) सामान्य ज्ञान एवं करंट अफेयर्स (General Knowledge and Current Affairs) पर्यावरण विज्ञान (Environmental Science) बेसिक मैथ्स (Basic Maths) रीजनिंग (Reasoning / सोचने-समझने वाले सवाल) ये भी पढ़ें: बिहार STET 2026 का डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी, जानें फीस और योग्यता कैटेगरी-वाइज पासिंग मार्क्स: पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? STET 2026 में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स (नॉर्मलाइज्ड स्कोर) हासिल करना होगा- कैटेगरी मार्क्स सामान्य वर्ग (General) 50% (75 अंक) पिछड़ा वर्ग (BC) 45.5% (68.25 अंक) अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 42.5% (63.75 अंक) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (SC-ST) 40% (60 अंक) दिव्यांग अभ्यर्थी (PwD) 40% (60 अंक) सभी वर्गों की स्त्री अभ्यर्थी 40% (60 अंक) नॉर्मलाइजेशन (Normalization) की प्रक्रिया चूंकि परीक्षा कई शिफ्टों और अलग-अलग दिनों में कंप्यूटर पर आयोजित की जाएगी, इसलिए बिहार बोर्ड रिजल्ट में पारदर्शिता के लिए नॉर्मलाइजेशन सिस्टम लागू करेगा. यदि किसी शिफ्ट का पेपर कठिन और किसी का आसान आता है, तो नंबरों को बैलेंस करके ही रिजल्ट जारी किया जाएगा. ये भी पढ़ें: Bihar GK in Hindi: BPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रट लें ये बिहार GK के 15 जरूरी सवाल The post बिहार STET आवेदन तो शुरू हो गया, अब समझें Paper 1 और 2 का पूरा एग्जाम पैटर्न और पासिंग मार्क्स का गणित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कार में 6 या 8 एयरबैग्स हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? जानें क्रैश के समय बॉडी शेल क्यों है जरूरी

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार में सुरक्षा को लेकर ग्राहकों के बीच जागरूकता काफी बढ़ी है. कार खरीदते समय लोग अब यह जरूर देखते हैं कि उसमें कितने एयरबैग दिए गए हैं. प्रशासन ने भी कारों में सुरक्षा मानकों को सख्त किया है, लेकिन अक्सर एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या केवल एयरबैग्स होने से ही दुर्घटना के समय कार में बैठे लोग सुरक्षित रह सकते हैं? आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं. बॉडी शेल की मजबूती क्यों है सबसे जरूरी? कार की बॉडी शेल उसकी मेन स्ट्रक्चर या फ्रेमवर्क होती है. किसी भी बड़े हादसे के समय सबसे पहला और सबसे बड़ा असर इसी फ्रेमवर्क पर पड़ता है. अगर कार की बॉडी शेल मजबूत है, तो वह टकराने के बाद जेनरेट होने वाली एनर्जी को अपने ऊपर ले लेती है और केबिन के अंदर तक उस झटके को नहीं पहुंचने देती. अगर कार का फ्रेमवर्क ही कमजोर होगा, तो दुर्घटना के समय केबिन बुरी तरह पिचक जाएगा. ऐसे में भले ही कार के अंदर छह या आठ एयरबैग्स खुल जाएं, लेकिन केबिन का ढांचा सिकुड़ने के कारण उसमें बैठे लोगों को गंभीर चोट लग सकती है. इसलिए एयरबैग से भी पहले कार की बॉडी शेल की मजबूती सबसे प्राइमरी सेफ्टी साइकल (Primary Safety Cycle) का काम करती है. ये भी पढ़ें: सनरूफ, ADAS और टचस्क्रीन… हिंदुस्तानीय सड़कों के लिए ये फीचर्स कितने काम के और कितने खतरनाक? क्रैश टेस्ट रेटिंग और बॉडी शेल की स्टेबिलिटी जब हिंदुस्तान-NCAP या ग्लोबल-NCAP जैसी संस्थाएं किसी कार का क्रैश टेस्ट करती हैं, तो वे केवल एयरबैग्स खुलने को नहीं मापतीं. वे यह भी देखती हैं कि टक्कर के बाद कार का ढांचा कितना स्थिर रहा. क्रैश टेस्ट रिपोर्ट में कई बार बॉडी शेल को ‘स्टेबल’ या ‘अनस्टेबल’ की कैटेगरी में रखा जाता है. अनस्टेबल बॉडी शेल का मतलब होता है कि कार का ढांचा अधिक दबाव झेलने के लायक नहीं है. ऐसी गाड़ियों में एयरबैग्स होने के बाद भी यात्रियों के बचने की संभावना कम हो जाती है. वहीं स्टेबल बॉडी शेल वाली कारें झटके को बेहतर तरीके से सह पाती हैं और केबिन के अंदर सुरक्षित जगह बनाए रखती हैं. ये भी पढ़ें: जब कारों में ADAS मिल ही रहा है तो V2V की जरूरत क्यों पड़ी? दोनों एक जैसे हैं या फिर अलग-अलग? जानें फर्क सीटबेल्ट के बिना बेकार हैं एयरबैग्स  बहुत से लोगों को यह गलतफहमी होती है कि एयरबैग्स होने पर सीटबेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है. सच यह है कि एयरबैग और सीटबेल्ट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं. एयरबैग बहुत तेज रफ्तार से फूलते हैं. अगर आपने सीटबेल्ट नहीं लगाई है, तो टक्कर के समय आपका शरीर तेजी से आगे की तरफ फेंका जाएगा और एयरबैग के खुलने का दबाव ही आपको गंभीर रूप से घायल कर सकता है. इसके अलावा कई आधुनिक कारों में सीटबेल्ट न बंध होने पर एयरबैग खुलते ही नहीं हैं. इन बातों का ध्यान रखना जरूरी  कार खरीदते समय केवल एयरबैग की गिनती न देखें. कार की क्रैश टेस्ट रेटिंग, उसकी बॉडी शेल की स्टेबिलिटी और अपनी तरफ से सीटबेल्ट का रेगुलर इस्तेमाल ही आपको सड़क पर असली सेफ्टी प्रदान करता है. The post कार में 6 या 8 एयरबैग्स हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? जानें क्रैश के समय बॉडी शेल क्यों है जरूरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस का खुलासा, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल, भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से चलाईं 4 गोलियां

Siwan Violence : बिहार के सीवान जिले मे 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बिहार पुलिस ने कई अहम जानकारी दी है. बिहार पुलिस ने खुलासा किया है कि भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से 4 गोलियां चलाई थी. साथ ही पुलिस ने यह भी बताया है कि प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस ने क्या कहा ? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि, प्रदर्शनकारियों के पथराव के बीच भीड़ में फंसे डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट यानी DIU के एक कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किया था. पुलिस ने साफ किया है कि इन गोलियों से कोई घायल नहीं हुआ. एक अन्य पुलिसकर्मी ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 9एमएम पिस्तौल से दो राउंड फायर किया था. 25 जुलाई को सीवान में कैसे बिगड़े हालात बिहार पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को AISA और RYA यानी CPI(ML) के छात्र एवं युवा संगठनों के प्रदर्शनकारी सीवान के गांधी मैदान में जुटे थे. इसके बाद प्रदर्शनकारी JP चौक की ओर मार्च करने लगे. पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद मैरवा रोड और गोपालगंज रोड की ओर से आए उपद्रवी भी पत्थरबाजी में शामिल हो गए. देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई. सीवान की समाचारों को पढ़ने के लिए क्लिक करें 20 पुलिसकर्मी हुए घायल हलफनामे के अनुसार, पथराव की घटना में सीवान के पुलिस अधीक्षक समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हुए. इनमें दो SDPO, दो इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और 13 कॉन्स्टेबल शामिल हैं. हिंसा के दौरान पुलिस की दो गाड़ियों और बड़ी संख्या में ट्रैफिक ट्रॉलियों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है. हालात काबू करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल पुलिस ने बताया कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया गया. कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए अलग-अलग विभागों और पुलिस लाइनों में तैनात अधिकारियों एवं जवानों को भी मौके पर बुलाया गया. 82 लोगों के खिलाफ छह FIR बिहार पुलिस के मुताबिक, हिंसा से जुड़े मामलों में कुल 82 लोगों के खिलाफ छह FIR दर्ज की गई हैं. इनमें से 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने मामले की जांच जारी रहने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी है. भीड़ में फंस गया DIU का कॉन्स्टेबल हलफनामे में पुलिस ने बताया कि तैनात बल कम पड़ने के कारण अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था. इसी दौरान JP चौक के पास DIU में काम करने वाला एक कॉन्स्टेबल भीड़ में फंस गया. पुलिस के अनुसार, इसी स्थिति में कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किया. पुलिस ने कहा- AK-47 की गोली से कोई घायल नहीं हुआ बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि AK-47 से की गई फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस का दावा है कि जिन तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगने से मामूली चोटें आईं, उनकी चोटें AK-47 की गोली से नहीं लगी थीं. पुलिस के मुताबिक, ये तीनों उस स्थान पर भी मौजूद नहीं थे जहां से कॉन्स्टेबल ने AK-47 से फायरिंग की थी. हाथी चौक पर भी चली पिस्तौल हलफनामे के मुताबिक, JP चौक से करीब 1.5 से 2 किलोमीटर दूर हाथी चौक पर एक अन्य ASI ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अपनी 9mm पिस्तौल से दो राउंड फायर किए. पुलिस ने घटनास्थल से .315 बोर के दो और 7.65 mm का एक फायर किया हुआ कारतूस बरामद होने की भी जानकारी दी है. तीन प्रदर्शनकारियों को लगी थी गोली पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगने से मामूली चोटें आई थीं. उन्हें सीवान सदर अस्पताल में इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया. पुलिस का कहना है कि इलाज के बाद तीनों घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. AK-47 फायरिंग की बैलिस्टिक जांच जारी बिहार पुलिस ने कहा है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, गोली चलाने की दूरी और फायरिंग के एंगल समेत अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए बैलिस्टिक जांच कराई जा रही है. जांच पूरी होने के बाद फायरिंग से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी. AK-47 चलाने वाले कॉन्स्टेबल पर हुई कार्रवाई हलफनामे में पुलिस ने बताया कि AK-47 से फायरिंग करने वाले कॉन्स्टेबल को कथित गलत व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया है. उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि AK-47 प्लाटून स्तर का हथियार है और इसका इस्तेमाल विशेष अभियानों में किया जाना चाहिए. कानून-व्यवस्था में AK-47 के इस्तेमाल को लेकर DGP ने जारी किए निर्देश राज्य पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक ने 1 अगस्त को AK-47 के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए थे. पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस संबंध में पहले भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं. पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था की सामान्य स्थिति में इस तरह के हथियार के इस्तेमाल से बचना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट में अब जांच पर नजर 25 जुलाई की हिंसा और पुलिस फायरिंग को लेकर दाखिल हलफनामे में बिहार पुलिस ने घटनाक्रम और अपने स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी है. AK-47 से हुई फायरिंग को लेकर बैलिस्टिक जांच और कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे की महत्वपूर्ण कड़ियां हैं. Also Read : सीवान: रसोईया-सहायक से नहीं लिया जाएगा मिड-डे मील के अलावा कोई काम, शिक्षा विभाग का निर्देश The post सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस का खुलासा, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल, भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से चलाईं 4 गोलियां appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top