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August 20, 2026

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ईरान के साथ खड़े देशों को ट्रंप की चेतावनी, मदद की तो भुगतना पड़ेगा अंजाम

डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (19 अगस्त) को ईरान की मदद करने वाले देशों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ईरान को आर्थिक या अन्य किसी तरह की मदद देने वाले देशों को गंभीर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त आर्थिक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक अभियान शुरू करेगा. इसके तहत ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जाएगा और उसे इंटरनेशनल ट्रेड से अलग-थलग करने की कोशिश होगी. ट्रंप ने अमेरिका के सहयोगी देशों से भी ईरान के साथ आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते सीमित करने की अपील की है. ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया हिंदुस्तान का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ डोनाल्ड ट्रंपने कहा कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करने के कई मौके दिए गए, लेकिन उसने इन्हें गंवा दिया. अब अमेरिका ईरान पर बड़े पैमाने पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगा और उसे दुनिया से अलग-थलग करने की कोशिश करेगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ये लिखा ईरान की मदद करने वालों को चेतावनी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो भी देश अपने बैंक, कंपनियों, एयरपोर्ट या प्रशासनी संस्थानों के जरिए ईरान को किसी भी तरह की मदद या आर्थिक सहारा देगा, उसे अमेरिका की ओर से भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ऐसे देशों पर क्या कार्रवाई होगी. ट्रंप ने ईरान की मदद के लिए तेल की तस्करी, पैसों के लेन-देन की अल्टरनेटिव अरेंजमेंट, नकद ट्रांसफर, मनी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी या दूसरी कंपनियों के नाम पर कारोबार करने जैसी एक्टिविटी को लेकर भी चेतावनी दी है. ये भी पढ़ें: ट्रंप ने शेयर की AI तस्वीर: होर्मुज को बताया ‘New US Territory’; ईरान ने कहा- शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा रास्ता ईरान की नौसेना तबाह : ट्रंप ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना तबाह हो चुकी है, वायुसेना बुरी तरह कमजोर पड़ गई है और कई सैन्य कारखाने मलबे में बदल गए हैं. The post ईरान के साथ खड़े देशों को ट्रंप की चेतावनी, मदद की तो भुगतना पड़ेगा अंजाम appeared first on Naya Vichar.

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बिहार जनगणना: अब हर गांव-शहर की बनेगी पूरी ‘कुंडली’, लोगों की जानकारी से लेकर सड़क-बिजली तक सब होगा दर्ज

Bihar Census: बिहार में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार सिर्फ लोगों की गिनती नहीं होगी. राज्य के हर गांव और शहर की भी पूरी तस्वीर तैयार की जाएगी. इसके लिए डिजिटल डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक (DCHB) बनाई जा रही है. इस हैंडबुक में गांव और शहर की सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत स्थिति की जानकारी दर्ज होगी. यानी किसी इलाके में सड़क कैसी है, बिजली और पानी की सुविधा कितनी है, अस्पताल और बैंक हैं या नहीं, जैसे कई सवालों का जवाब एक ही जगह मिलेगा. 44,874 गांव और 268 शहरों की तैयार हुई सूची बिहार में इस काम के लिए 44,874 गांव और 268 शहरों की सूची तैयार की गई है. अधिकारियों के मुताबिक गांव और शहर के लिए अलग-अलग कर्मियों की तैनाती की गई है. काम की निगरानी प्रधान जनगणना पदाधिकारी करेंगे. वहीं, जिलास्तर के अधिकारी अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बनाएंगे. ये अधिकारी क्षेत्र का दौरा भी करेंगे और मौके पर चल रहे काम की जानकारी लेंगे. गांव-शहर में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं, सब होगा दर्ज डिजिटल हैंडबुक में किसी इलाके की बुनियादी सुविधाओं की पूरी जानकारी शामिल की जाएगी. इसमें स्वास्थ्य केंद्र, बिजली, सड़क और परिवहन जैसी सुविधाओं का ब्योरा होगा. इसके अलावा बैंकिंग, संचार, पेयजल और स्वच्छता की स्थिति भी दर्ज की जाएगी. जमीन किस तरह की है, शहर में आधारभूत ढांचा कैसा है और झुग्गी-झोपड़ियों की स्थिति क्या है, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी. नदी से लेकर आहर-पईन और उद्योग तक का रिकॉर्ड किसी गांव या शहर की भौगोलिक और प्राकृतिक स्थिति भी इस रिकॉर्ड का हिस्सा होगी. इसमें मौसम और जलवायु के साथ नदी, आहर-पईन और जलाशयों की जानकारी दर्ज की जाएगी. इसके अलावा सांस्कृतिक संस्थानों और स्थानीय उद्योगों का भी जिक्र होगा. इससे किसी जिले और उसके गांव-शहर की पूरी तस्वीर एक जगह मिल सकेगी. लोगों की भी दर्ज होगी विस्तृत जानकारी जनगणना में लोगों से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी. इसमें नाम, जाति, धर्म, लिंग, उम्र और शैक्षणिक योग्यता शामिल है. परिवार में व्यक्ति का संबंध किससे है, परिवार के मुखिया से उसका क्या रिश्ता है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी. जन्मतिथि और वैवाहिक स्थिति का भी रिकॉर्ड तैयार होगा. शादी और परिवार से जुड़ी जानकारी भी होगी शामिल विवाह से जुड़ी जानकारी भी जनगणना के दौरान दर्ज की जाएगी. इसमें शादी के समय की उम्र और पति या पत्नी का नाम शामिल होगा. इसके अलावा राष्ट्रीयता, जीवित बच्चों की संख्या और स्त्रीओं से जुड़े प्रजनन संबंधी आंकड़े भी जुटाए जाएंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें लगातार होती रहेगी काम की समीक्षा पूरे काम की निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है. प्रधान जनगणना पदाधिकारी नियमित तौर पर इसकी निगरानी करेंगे. जिलास्तरीय जनगणना पदाधिकारी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखेंगे. उन्हें क्षेत्र का भ्रमण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है. प्रभारी पदाधिकारियों को तय अंतराल पर काम की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही जनगणना से जुड़े काम में होने वाले खर्च की व्यवस्था भी समय पर करने को कहा गया है. एक क्लिक में दिखेगी गांव और शहर की पूरी तस्वीर डिजिटल डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक तैयार होने के बाद किसी भी जिले के गांव और शहर की स्थिति को समझना आसान होगा. इसमें लोगों की संख्या से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली, उद्योग और प्राकृतिक संसाधनों तक की जानकारी एक साथ उपलब्ध होगी. यानी जनगणना 2027 में सिर्फ यह नहीं गिना जाएगा कि किसी जगह कितने लोग रहते हैं, बल्कि यह भी दर्ज होगा कि वे किन सुविधाओं के बीच रहते हैं और उनके इलाके की असल स्थिति क्या है. Also Read: बक्सर-भागलपुर 6 लेन एक्सप्रेसवे को मंजूरी, किसानों के लिए नलकूप और गोदाम योजना को भी हरी झंडी, सम्राट कैबिनेट की बैठक में 13 एजेंडों पर मुहर The post बिहार जनगणना: अब हर गांव-शहर की बनेगी पूरी ‘कुंडली’, लोगों की जानकारी से लेकर सड़क-बिजली तक सब होगा दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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आज 20 अगस्त का लव राशिफल: इश्क का काला साया या रूहानी अहसास? 12 राशियों की लव लाइफ में आने वाला है अनजाना मोड़

Aaj Ka Love Rashifal 20 August 2026 : गुरुवार 20 अगस्त का दिन प्रेम और रिश्तों के मामले में कई राशियों के लिए खास रहने वाला है. किसी के रिश्ते में रोमांस बढ़ेगा, तो किसी को पार्टनर की भावनाओं को समझने की जरूरत होगी. वहीं, सिंगल लोगों के लिए भी किसी खास व्यक्ति से मुलाकात या बातचीत की शुरुआत के संकेत हैं. रिश्ते में प्यार के साथ-साथ भरोसा और खुलकर संवाद करना भी जरूरी रहेगा. आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का लव राशिफल. मेष राशि का लव राशिफल आज आपका पार्टनर आपसे अधिक समय और ध्यान की उम्मीद कर सकता है. काम की व्यस्तता के बावजूद उनके लिए थोड़ा समय जरूर निकालें. आपकी छोटी सी अनदेखी भी गलतफहमी का कारण बन सकती है. शाम को साथ बैठकर बातचीत करने से रिश्ते में प्यार और अपनापन बढ़ेगा. सिंगल लोगों को किसी पुराने परिचित से बातचीत का मौका मिल सकता है. वृषभ राशि का लव राशिफल प्रेम जीवन के लिए आज का दिन रोमांटिक रहने वाला है. पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने और साथ में कोई खास पल साझा करने का अवसर मिलेगा. अगर आप सिंगल हैं तो किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है. रिश्ते में अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर करने से नजदीकियां बढ़ेंगी. मिथुन राशि का लव राशिफल आज आपके रिश्ते में बातचीत सबसे अहम भूमिका निभाएगी. मन में कोई बात है तो उसे छिपाने के बजाय पार्टनर के साथ खुलकर साझा करें. छोटी बातों को मन में रखने से गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. स्पष्ट संवाद से रिश्ते में विश्वास मजबूत होगा. सिंगल लोगों की किसी से ऑनलाइन या सोशल मीडिया के जरिए बातचीत शुरू हो सकती है. कर्क राशि का लव राशिफल आज कर्क राशि के लव राशिफल के अनुसार जातक भावनात्मक रूप से कुछ ज्यादा संवेदनशील रह सकते हैं. पार्टनर की किसी छोटी बात को दिल पर लेने से बचें. समझने की कोशिश करें कि सामने वाला आपकी परवाह करता है. प्यार में धैर्य रखने से रिश्ता मजबूत होगा. सिंगल लोगों को किसी करीबी मित्र के प्रति अपनी भावनाओं का एहसास हो सकता है. सिंह राशि का लव राशिफल आज आपका आकर्षक व्यक्तित्व पार्टनर को अपनी ओर खींचेगा. आपके बीच रोमांस और उत्साह बढ़ सकता है. पार्टनर के लिए कोई छोटा सा सरप्राइज या खास पहल रिश्ते में नई ऊर्जा भर सकती है. सिंगल जातकों की मुलाकात किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है, जो आगे चलकर खास बन सकता है. कन्या राशि का लव राशिफल आज प्रेम संबंधों में जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें. हर छोटी बात में कमी निकालना या पार्टनर से अत्यधिक उम्मीद रखना रिश्ते में तनाव पैदा कर सकता है. चीजों को सहजता से लेने की कोशिश करें. पार्टनर के साथ हल्की-फुल्की बातचीत और साथ में समय बिताना रिश्ते को बेहतर बनाएगा. ये भी पढ़ें: आज 20 अगस्त 2026 का राशिफल: श्रावण शुक्ल अष्टमी का वो नक्षत्र, आज कौन सी राशियां चखेंगी सफलता का स्वाद और किस पर मंडराएगा खतरा? तुला राशि का लव राशिफल आज रिश्ते में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. केवल अपनी भावनाओं पर ध्यान देने के बजाय पार्टनर की इच्छाओं और जरूरतों को भी समझें. दोनों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग बढ़ेगा. शादीशुदा लोगों के लिए दिन सुखद रहेगा. सिंगल लोगों को किसी खास व्यक्ति की ओर आकर्षण महसूस हो सकता है. वृश्चिक राशि का लव राशिफल आज प्रेम जीवन में हल्का तनाव या शक पैदा हो सकता है. किसी बात को लेकर जलन महसूस हो तो तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले स्थिति को समझें. पार्टनर पर भरोसा बनाए रखना जरूरी होगा. खुलकर बातचीत करने से गलतफहमी दूर हो सकती है. सिंगल लोगों को पुराना रिश्ता याद आ सकता है. धनु राशि का लव राशिफल आज का लव राशिफल के अनुसार प्रेम जीवन में नई शुरुआत के संकेत हैं. अगर आप किसी को पसंद करते हैं तो आज बातचीत शुरू करने के लिए अच्छा दिन है. आपकी सहज और सकारात्मक बातचीत सामने वाले को प्रभावित कर सकती है. जो लोग पहले से रिश्ते में हैं, वे पार्टनर के साथ भविष्य को लेकर कोई महत्वपूर्ण चर्चा कर सकते हैं. मकर राशि का लव राशिफल आज काम की व्यस्तता के कारण पार्टनर को नजरअंदाज करने से बचें. उन्हें आपके समय और ध्यान की जरूरत हो सकती है. थोड़ी सी कोशिश रिश्ते में गर्माहट बनाए रखेगी. साथ में डिनर या कहीं घूमने की योजना बना सकते हैं. सिंगल जातकों को कार्यस्थल पर किसी के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है. कुंभ राशि का लव राशिफल आज कुंभ राशि के लव राशिफल के अनुसार पार्टनर के साथ दिल से बातचीत होगी. लंबे समय से चली आ रही किसी समस्या पर चर्चा करके उसका समाधान निकाला जा सकता है. इससे रिश्ते में विश्वास और नजदीकी बढ़ेगी. सिंगल लोगों के लिए किसी पुराने संपर्क से दोबारा बातचीत शुरू होने के संकेत हैं. भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें. मीन राशि का लव राशिफल आज आपके प्रेम जीवन में रोमांस चरम पर रह सकता है. पार्टनर के साथ खूबसूरत समय बिताने का अवसर मिलेगा और आप दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा. किसी खास जगह घूमने या साथ में यादगार पल बिताने की योजना बन सकती है. सिंगल लोगों के लिए प्रेम संबंध की नई शुरुआत के संकेत हैं. The post आज 20 अगस्त का लव राशिफल: इश्क का काला साया या रूहानी अहसास? 12 राशियों की लव लाइफ में आने वाला है अनजाना मोड़ appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के 43 हजार सरकारी स्कूलों में खुलेंगी लाइब्रेरी, लाइब्रेरियन के पदों पर होगी बहाली, मिलेंगी 100 तरह की किताबें

Bihar School Librarian Vacancy: बिहार के प्रशासनी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए खुशसमाचारी है. राज्य के 43 हजार से ज्यादा प्रशासनी स्कूलों में लाइब्रेरी खोली जाएंगी. इसके साथ ही स्कूलों में खाली पड़े लाइब्रेरियन के पदों पर नई बहाली भी की जाएगी. प्रशासन ने इस पूरी योजना के लिए 134 करोड़ रुपये के बजट को पहले ही मंजूरी दे दी है. यह लाइब्रेरी सिर्फ पुरानी किताबों तक सीमित नहीं रहेगी. इसे मैनुअल के साथ-साथ डिजिटल मोड में भी तैयार किया जाएगा, ताकि छात्र ऑनलाइन भी किताबें पढ़ सकें. मिडिल स्कूलों में होगी लाइब्रेरियन की बहाली राज्य के प्रशासनी स्कूलों में अभी करीब 2 हजार लाइब्रेरियन ही काम कर रहे हैं. ज्यादातर मिडिल स्कूलों में पद खाली हैं: मिडिल स्कूल: जहां-जहां लाइब्रेरी खुलेगी, वहां किताबों की देखरेख के लिए नए लाइब्रेरियन नियुक्त किए जाएंगे. प्राइमरी स्कूल: प्राइमरी स्तर पर अलग से बहाली के बजाय हेडमास्टर और स्कूल के शिक्षकों को ही क्लास-वाइज लाइब्रेरी की जिम्मेदारी दी जाएगी. ये भी पढ़ें: Bihar Police Result: मद्यनिषेध सिपाही और जेल वार्डर के 4128 पदों का रिजल्ट जारी, यहां देखें आगे की प्रक्रिया पुरानी लाइब्रेरी का अपग्रेडेशन यह पूरी योजना केंद्र प्रशासन के समग्र शिक्षा अभियान के तहत चलाई जाएगी. जहां पहले से लाइब्रेरी मौजूद हैं, उन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ अपडेट किया जाएगा. स्कूलों में नए लाइब्रेरी भवन का निर्माण बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निर्माण निगम कराएगा. लाइब्रेरी में मिलेंगी 100 तरह की किताबें स्कूलों की लाइब्रेरी में पढ़ाई के विषयों के अलावा साहित्य और मनोरंजन से जुड़ी 100 तरह की किताबें रखी जाएंगी. सिलेबस की किताबें: हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास और नेतृत्व शास्त्र समेत मुख्य विषयों की किताबें होंगी. महान लेखकों का साहित्य: मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, फणीश्वरनाथ रेणु, राहुल सांकृत्यायन, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और अमृतलाल नागर जैसे दिग्गजों की रचनाएं पढ़ने को मिलेंगी. मनोरंजन और ज्ञान: कहानियों और बाल साहित्य की किताबें भी रहेंगी, जिससे बच्चों में पढ़ने की आदत बने. ये भी पढ़ें: BPSC TRE 4: एग्जाम पैटर्न से लेकर 30 नंबर वाले भाषा पेपर तक, पिछले 3 चरणों से कितना अलग है चौथा चरण? The post बिहार के 43 हजार प्रशासनी स्कूलों में खुलेंगी लाइब्रेरी, लाइब्रेरियन के पदों पर होगी बहाली, मिलेंगी 100 तरह की किताबें appeared first on Naya Vichar.

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मोबाइल की लत बना रही है गर्दन को कमजोर? जानें क्या है Text Neck Syndrome

Text Neck Syndrome: मोबाइल को घंटों नीचे झुककर देखने की आदत आजकल आम हो गई है. सोशल मीडिया, चैटिंग, वीडियो और ऑनलाइन काम के बीच लोग लंबे समय तक एक ही पोश्चर में बैठे रहते हैं. इसका सीधा असर गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ पर पड़ सकता है. इसी परेशानी को आम तौर पर टेक्स्ट नेक कहा जाता है. क्या है टेक्स्ट नेक सिंड्रोम? टेक्स्ट नेक किसी एक बीमारी का नाम नहीं, बल्कि लंबे समय तक गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से होने वाली गर्दन और ऊपरी शरीर की परेशानी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है. जब हम लगातार सिर नीचे करके मोबाइल देखते हैं, तो गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ता है. लंबे समय तक ऐसा करने से दर्द, अकड़न और पोश्चर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. मोबाइल देखने से क्यों बढ़ती है परेशानी? मोबाइल देखते समय अक्सर गर्दन आगे की ओर झुक जाती है और कंधे भी आगे आ जाते हैं. अगर यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो गर्दन और कंधों की मांसपेशियां थकने लगती हैं. लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने से परेशानी और बढ़ सकती है. खासकर वे लोग जो काम के दौरान लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं और खाली समय में भी मोबाइल देखते रहते हैं, उनके लिए स्क्रीन टाइम और पोश्चर दोनों पर ध्यान देना जरूरी है. ये लक्षण दिखें तो रहें सावधान टेक्स्ट नेक से जुड़ी परेशानी में गर्दन में दर्द या अकड़न, कंधों में जकड़न, ऊपरी पीठ में दर्द, सिरदर्द और गर्दन घुमाने में परेशानी महसूस हो सकती है. कुछ लोगों को लंबे समय तक गलत पोश्चर के कारण हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन जैसी शिकायत भी हो सकती है. ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. बचाव के लिए अपनाएं ये आसान तरीके मोबाइल इस्तेमाल करते समय उसे बहुत नीचे रखने के बजाय आंखों के करीब ऊंचाई पर रखने की कोशिश करें. बैठते समय पीठ को सहारा दें और कंधों को आराम की स्थिति में रखें. लंबे समय तक लगातार स्क्रीन न देखें और बीच-बीच में उठकर शरीर को थोड़ा हिलाएं. गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग भी की जा सकती है, लेकिन दर्द होने पर जबरदस्ती एक्सरसाइज न करें. सबसे जरूरी बात यह है कि मोबाइल देखने की आदत में छोटे-छोटे ब्रेक शामिल करें. अगर गर्दन का दर्द बार-बार होता है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो विशेषज्ञ से जांच कराना सही रहेगा. यह भी पढ़ें: घंटों बैठने की आदत से परेशान? Standing Desk से ज्यादा असरदार है ये आसान तरीका The post मोबाइल की लत बना रही है गर्दन को कमजोर? जानें क्या है Text Neck Syndrome appeared first on Naya Vichar.

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Randeep Hooda Birthday Special: कभी ऑस्ट्रेलिया में चलाई टैक्सी, आज बॉलीवुड के दमदार सितारों में हैं शामिल

बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा आज यानी 20 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहे हैं. फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले रणदीप का सफर आसान नहीं रहा है. बॉलीवुड में आने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की और अपने खर्चे पूरे करने के लिए टैक्सी भी चलाई. उन्होंने वेटर और कार वॉश का काम भी किया. कई मुश्किलों के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बना ली है. Randeep in Australia for Studies : पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे रणदीप रणदीप हुड्डा पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर गए थे. वहां रहते हुए उन्हें अपने खर्चे खुद उठाने पड़ते थे. इसलिए पढ़ाई के साथ उन्होंने कई तरह के काम किए. रणदीप ने रात की शिफ्ट में करीब दो से तीन साल तक टैक्सी चलाई. इसके अलावा उन्होंने वेटर के तौर पर भी काम किया और कार धोने का काम भी किया. इन कामों से वह अपनी जरूरतों और पढ़ाई का खर्च निकालते थे. View on Instagram Randeep’s Acting Journey : हिंदुस्तान लौटकर शुरू किया एक्टिंग सफर ऑस्ट्रेलिया से वापस हिंदुस्तान आने के बाद रणदीप ने मॉडलिंग शुरू की. इसके साथ ही वह थिएटर से भी जुड़े. थिएटर ने उन्हें एक्टिंग को बेहतर तरीके से समझने में मदद की. इसके बाद उन्हें मीरा नायर की फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ में काम करने का मौका मिला. यह फिल्म उनके करियर की शुरुआत बनी. इसके बाद रणदीप ने कई फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे बॉलीवुड में अपनी जगह बना ली. Randeep’s Role Transformations : हर किरदार में बदले रणदीप रणदीप हुड्डा ने अपने करियर में हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश की है. उन्होंने सिर्फ हीरो वाली छवि तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ‘सरबजीत’, ‘हाईवे’, ‘रंग रसिया’ और ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए. इन भूमिकाओं के लिए उन्होंने अपने लुक और शरीर में भी बदलाव किए. यही फैसला उनके करियर का सबसे अच्छा मूव साबित हुआ और उन्हें एक ऐसे एक्टर के रूप में पहचान मिली, जो हर किरदार में खुद को ढाल सकता है. View on Instagram Randeep’s Controversies : विवादों के चलते सुर्खियों में रहे रणदीप रणदीप हुड्डा का नाम कई बार विवादों में भी आया है. साल 2021 में उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में उन्होंने मायावती को लेकर आपत्तिजनक मजाक किया था. वीडियो सामने आने के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी. विवाद बढ़ने के बाद उन्हें प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के समझौते (CMS) के राजदूत के पद से हटा दिया गया था. इसके अलावा उनकी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ को लेकर भी विवाद हुआ था. फिल्म में सावरकर को भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित करने वाला बताया गया था. इस दावे पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे. Randeep Rejected Aurangzeb Role : ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल ठुकराया रणदीप हुड्डा ने फिल्म ‘छावा’ से जुड़ा एक बड़ा खुलासा भी किया था. उन्हें फिल्म में औरंगजेब का किरदार ऑफर हुआ था. हालांकि, उन्होंने यह रोल करने से मना कर दिया. एक्टर ने बताया था कि वह ऐसे संवेदनशील ऐतिहासिक और धार्मिक किरदारों से जुड़े विवादों से दूर रहना चाहते थे और अपने काम पर ध्यान देना चाहते थे. View on Instagram Randeep Helped Assam Flood Victims : असम बाढ़ में लोगों की मदद रणदीप हुड्डा सामाजिक कामों में भी आगे रहते हैं. असम में बाढ़ के दौरान वह प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचे थे. उन्होंने अपनी टीम के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर जरूरत का सामान और पानी पहुंचाने में मदद की. बाढ़ पीड़ितों के लिए लंगर भी लगाया गया. इस काम के लिए सोशल मीडिया पर लोगों ने रणदीप की खूब तारीफ की. Randeep Enjoys Time With Daughter : बेटी के साथ बिता रहे हैं समय रणदीप अपनी पत्नी लिन लैशराम और बेटी न्योमिका के साथ भी समय बिता रहे हैं. बेटी के जन्म के बाद रणदीप का एक अलग रूप देखने को मिला है. उन्होंने बेटी के साथ एक प्यारी तस्वीर भी शेयर की थी, जिसमें वह उसे सोने से पहले कहानी सुनाते नजर आए. फैंस को उनका यह अंदाज काफी पसंद आया था. View on Instagram Randeep Still Connected to His Village : गांव से आज भी जुड़ा है दिल रणदीप हुड्डा भले ही बॉलीवुड के बड़े एक्टर हैं, लेकिन वह अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं. हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक रखने वाले रणदीप को जब भी समय मिलता है, वह गांव की सादगी भरी जिंदगी का आनंद लेते हैं. ऑस्ट्रेलिया में टैक्सी चलाने से लेकर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने तक, रणदीप का सफर काफी संघर्ष भरा रहा है. यही वजह है कि उनकी कहानी उन लोगों के लिए भी खास है, जो मुश्किल हालात में अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: शिल्पा शेट्टी संग तलाक की समाचार सुनकर टूट गए थे करण कुंद्रा, बोले- जिंदगी खत्म करने का ख्याल आया ये भी पढ़ें: Yami Gautam की ‘नई नवेली’ का ऐलान, परफेक्ट बहू या डायन? दशहरा पर खुलेगा राज The post Randeep Hooda Birthday Special: कभी ऑस्ट्रेलिया में चलाई टैक्सी, आज बॉलीवुड के दमदार सितारों में हैं शामिल appeared first on Naya Vichar.

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सोशल मीडिया से बच्चों को बचाने की कोशिश, पढ़ें उमेश चतुर्वेदी का लेख

किशोरों और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यूरोप के कई देशों ने पंद्रह या सोलह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पाबंदी लगानी शुरू कर दी है. इसका अगुआ होने का श्रेय ऑस्ट्रेलिया को है, जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के इंस्टाग्राम, फेसबुक, टिकटॉक, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्मों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसी तरह फ्रांस ऐसा कानून बनाने वाला यूरोप का पहला देश बन गया है. वहां की संसद ने पंद्रह वर्ष तक के बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने का कानून पारित कर दिया है. हालांकि, फ्रांस के सर्वोच्च न्यायालय ने इस कानून को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन माना है. वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अदालत के फैसले के बाद कहा है कि इस कानून को लागू करने के लिए अदालती फैसले के मद्देनजर जरूरी सुधार कर इसे फिर से संसद से पारित कराया जायेगा. जिस पश्चिमी दुनिया में सोशल मीडिया का आविष्कार हुआ, जिन्होंने कभी अरब देशों में क्रांति के लिए सोशल मीडिया की सराहना की थी, अब उन्हें ही यह माध्यम अपने बच्चों का दुश्मन लगने लगा है. इसकी वजह है वहां के बच्चों और किशोरों का बिगड़ता मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई का गिरता स्तर. इस कारण अमेरिका तक में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लोगों में नाराजगी दिख रही है. दुनियाभर में बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक के लिए उनके मानसिक स्वास्थ्य में आ रही गिरावट और बढ़ते मानसिक तनाव को जिम्मेदार माना जा रहा है. कई शोधों से पता चला है कि लगातार स्क्रीन देखने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से शिशु दूसरों की जीवनशैली से स्वयं की तुलना करने लगे हैं. इससे उनमें हीन भावना, तनाव और डिप्रेशन बढ़ रहा है. इस कारण उनकी नींद में कमी आ रही है. देर रात तक फोन चलाने के कारण बच्चों की सोने की आदत बिगड़ रही है और उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है. जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया एप्स का एल्गोरिदम ऐसा है जिससे शिशु ही नहीं, बड़े भी उसकी लत का शिकार हो रहे हैं. इसी एल्गोरिदम के कारण नकारात्मक, हिंसा प्रधान और सेक्स से जुड़ी समाचारें तथा दृश्य जल्दी वायरल होते हैं. सोशल मीडिया ट्रोलिंग और अभद्र टिप्पणियों का भी बड़ा और आसान माध्यम बन गया है. इसके चलते शिशु मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं. इसीलिए कई देशों की प्रशासनें बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी में हैं. रोक लगाने वालों में इंडोनेशिया भी शामिल हो चुका है, जिसने मार्च, 2026 से इसके नियम लागू कर दिये हैं. इनके अनुसार, 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक और रोब्लॉक्स जैसे हाइ रिस्क प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगा दी गयी है. मलेशिया ने भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक लगा रखी है. संयुक्त अरब अमीरात ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम उम्र 15 वर्ष तय की है. डेनमार्क में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया ब्लॉक करने का कानून बन चुका है. इसी तरह ब्रिटेन की प्रशासन ने भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, जो जनवरी, 2027 से प्रभावी होने जा रही है. तुर्की में भी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कानून को मंजूरी मिल चुकी है, जिसे 2026 के अंत तक लागू किया जाना है. चीन में किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह पाबंदी तो नहीं है, पर उनके लिए सख्त ‘माइनर मोड’ लागू है. ब्राजील में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अपने सोशल मीडिया खाते को माता-पिता या कानूनी अभिभावक से जोड़ना अनिवार्य है. जर्मनी में भी इसी तरह का नियम लागू हो चुका है. स्वीडन समेत कई अन्य देश भी ऐसी तैयारी में हैं. अपने यहां कर्नाटक भी ऐसे कानून पर काम कर रहा है. जबकि नोएडा के जिला प्रशासन ने स्कूलों में ऑनलाइन के इस्तेमाल को सीमित करने का निर्देश दिया है. इसमें दो राय नहीं कि सोशल मीडिया का उपयोग यदि सही तरीके से किया जाये, तो उसकी पहुंच और त्वरा समाज को कई तरह के लाभ दिला सकती है. व्यवस्था की खामियां उजागर करके उस पर दबाव बनाया जा सकता है. पर यह स्वीकार करने में हिचक नहीं होनी चाहिए कि देश में सोशल मीडिया अर्धनग्नता और अश्लीलता का वाहक बनता जा रहा है. सोशल मीडिया के लिए कोई सेंसर नीति न होने के चलते सबकी पहुंच किशोरों और बच्चों तक हो रही है. इसलिए जरूरी है कि पश्चिम की तरह अपने यहां भी इस पर ध्यान दिया जाये और महामारी बनने से पहले इस पर लगाम लगाने की कोशिश शुरू हो. दिसंबर, 2010 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई लोकतंत्र समर्थक लहर सोशल मीडिया के इतिहास का निर्णायक बिंदु है. सोशल मीडिया के सहारे यह लहर काहिरा के तहरीर चौक से सीरिया और लीबिया होते हुए समूचे अरब जगत में फैल गयी. हिंदुस्तान की बात करें, तो लंबे यूरोपीय शासन और शिक्षा-दीक्षा के चलते हिंदुस्तानीय मानस अपनी सांस्कृतिक जड़ों और मूल्यों से कहीं ज्यादा प्रभावित है. इसलिए यहां सोशल मीडिया पर ऑस्ट्रेलिया और दूसरे पश्चिमी देशों जैसे प्रश्न नहीं उठे. बहरहाल, उम्मीद की जानी चाहिए कि हम भी पश्चिमी देशों से सबक लेंगे और अपने बच्चों को स्वस्थ रखने और बचाने की कोशिश करेंगे. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post सोशल मीडिया से बच्चों को बचाने की कोशिश, पढ़ें उमेश चतुर्वेदी का लेख appeared first on Naya Vichar.

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