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August 21, 2026

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राखी पर भाई का मुंह कराएं मीठा, बनाएं ये 5 Homemade Desserts

Raksha Bandhan Homemade Desserts: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और खूबसूरत यादों से जुड़ा होता है. इस दिन राखी बांधने के साथ-साथ एक-दूसरे का मुंह मीठा कराने की भी परंपरा है. अगर इस बार आप बाजार से मिठाई लाने के बजाय घर पर ही कुछ स्पेशल बनाना चाहती हैं, तो होममेड डेजर्ट एक बढ़िया ऑप्शन हो सकते हैं. आइए जानते हैं राखी पर बनाए जाने वाले 5 आसान और स्वादिष्ट डेजर्ट के बारे में. 1. चॉकलेट ब्राउनी अगर आपके भाई को चॉकलेट पसंद है, तो राखी पर चॉकलेट ब्राउनी जरूर ट्राई करें. इसे बनाने के लिए मैदा, कोको पाउडर, चीनी, मक्खन, दूध और चॉकलेट की जरूरत होगी. सभी चीजों को मिलाकर एक गाढ़ा बैटर तैयार करें और इसे बेक कर लें. ऊपर से थोड़ी पिघली हुई चॉकलेट या ड्राई फ्रूट्स डालकर सजाएं. गरम ब्राउनी को आइसक्रीम के साथ सर्व करें, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा. PC: Freepik यह भी पढ़ें: The post राखी पर भाई का मुंह कराएं मीठा, बनाएं ये 5 Homemade Desserts appeared first on Naya Vichar.

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11वीं-13वीं JPSC और FSO भर्ती को रद्द करने के फैसले पर HC की रोक का क्या है मतलब?

झारखंड में प्रशासनी नौकरी की भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. प्रशासन ने कथित गड़बड़ियों के चलते कई भर्ती परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. इनमें कुछ ऐसी भर्तियां भी शामिल थीं, जिनमें उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी थी और वे प्रशासनी नौकरी कर रहे थे. अब 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा और इन परीक्षाओं के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के प्रशासन के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है. इससे नौकरी कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनकी नौकरी हमेशा के लिए सुरक्षित हो गई है. मामला अभी अदालत में है और अंतिम फैसला बाद में आएगा. पहले समझिए प्रशासन ने क्या फैसला लिया था 18 अगस्त को झारखंड प्रशासन ने 22 भर्ती परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. इसके अलावा प्रशासन ने 6 भर्ती प्रक्रियाओं को जांच पूरी होने तक रोक दिया और 17 पुरानी JPSC भर्तियों की जांच CID को सौंप दी गई. इस तरह कुल 45 भर्ती प्रक्रिया प्रशासन के इस फैसले से प्रभावित हुईं. प्रशासन ने यह कदम भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उठाया. ये भी पढ़ें: प्रशासनी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवादों के पीछे क्या है कारण ? जानिए सिस्टम में कहां है गड़बड़ी जिनकी नौकरी लग चुकी है, उनका क्या होगा? प्रशासन के फैसले की सबसे बड़ी पेचीदगी यह थी कि कुछ परीक्षाएं सिर्फ परीक्षा या परिणाम के स्तर पर नहीं थीं, बल्कि उनके जरिए नियुक्तियां भी हो चुकी थीं. आसान भाषा में कहें तो कई परीक्षाओं का रिजल्ट आ गया था तो कई परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर उम्मीदवारों की नौकरी भी लग चुकी थी. उदाहरण के लिए 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के जरिए 342 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं. इसी तरह JSSC-CGL के जरिए करीब 1,932 उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी थी. इसके अलावा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी जैसी कुछ दूसरी भर्ती में नियुक्ति अपने अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थीं. ऐसे में अगर पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द होती, तो इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ता जिन्होंने परीक्षा पास की, चयन पाया और नौकरी जॉइन कर ली. अब समझिए 20 अगस्त को हाईकोर्ट ने क्या कहा? 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने अपने फैसले में 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) भर्ती को रद्द करने के प्रशासन के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी. इसके साथ ही इन परीक्षाओं के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं के अमल पर भी रोक लगा दी गई. मामले में अदालत ने राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी. आसान भाषा में इसका मतलब है कि अभी प्रशासन सिर्फ अपने रद्दीकरण आदेश के आधार पर इन कर्मचारियों की नौकरी खत्म नहीं कर सकती. यहां एक जरूरी बात ये है कि हाईकोर्ट ने अभी यह अंतिम फैसला नहीं दिया है कि प्रशासन का रद्दीकरण पूरी तरह गलत है या भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई ही नहीं थी. तो अब किसी की नौकरी नहीं जाएगी ? नहीं, अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा. हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल एक अंतरिम राहत है. यानी जिन कर्मचारियों की नौकरी पर प्रशासन के फैसले से खतरा पैदा हुआ था, उनमें फिलहाल सिर्फ JPSC 11वीं-13वीं और FSO भर्ती से जुड़े कर्मचारियों पर ही यह कार्रवाई रुकी है. वे तत्काल तौर पर राहत में हैं. बाकी भर्तियों (जैसे JSSC-CGL, CDPO) से जुड़े कर्मचारियों की याचिकाओं पर अभी सुनवाई होनी बाकी है. लेकिन भर्ती प्रक्रिया की वैधता को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. आगे अदालत में प्रशासन की दलील, जांच में सामने आए तथ्य और प्रभावित कर्मचारियों की बात सुनेगी. इसके बाद ही इस मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. इसलिए इसे नौकरी हमेशा के लिए बच गई कहना सही नहीं होगा. इससे ज्यादा सही बात यह है कि फिलहाल नौकरी खत्म करने की कार्रवाई पर रोक लग गई है. प्रशासन के फैसले का क्यों विरोध कर रहे नियुक्त कर्मचारी ? नियुक्त कर्मचारियों का कहना है अगर भर्ती प्रक्रिया में किसी अधिकारी, एजेंसी या किसी दूसरे व्यक्ति ने गड़बड़ी की है, तो उसकी सजा उन उम्मीदवारों को क्यों मिले जिन्होंने नियम के मुताबिक परीक्षा दी और मेहनत से नौकरी हासिल किया? यानी अगर कोई उम्मीदवार खुद किसी गड़बड़ी में शामिल नहीं है, तो सिर्फ भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता की वजह से उसकी नौकरी छीनना कितना सही है. यह बड़ा कानूनी सवाल है. इसी मुद्दे को लेकर कोर्ट में प्रशासन के फैसले को चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि संबंधित कर्मचारियों को पर्याप्त मौका दिए बिना उनकी नियुक्ति रद्द करना उचित नहीं है. हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से फिलहाल इसी तरह की दलीलों को राहत मिली है. ये भी पढ़ें: वंदे मातरम के आखिरी चार श्लोक में क्या है जिसे कांग्रेस नहीं गाती? समझिए पूरा विवाद यह पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ? इस विवाद की शुरुआत 14वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को लेकर उठे सवालों से तेज हुई. कुछ अभ्यर्थियों ने रिजल्ट, श्रेणीवार कटऑफ और मूल्यांकन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. इसके बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ओएमआर शीट सामने आई. हालांकि, उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी. मामला बढ़ने के बाद राज्य प्रशासन ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी. इसके बाद एक विशेष जांच दल(SIT) बनाया गया और जांच का दायरा परीक्षा कराने वाली एजेंसी तक भी पहुंचा. धीरे-धीरे विवाद सिर्फ 14 वीं जेपीएससी परीक्षा तक सीमित नहीं रहा. दूसरी भर्ती परीक्षाएं और प्रक्रियाएं भी जांच के दायरे में आने लगीं. इसके बाद छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला. आंदोलन और जांच के बीच प्रशासन ने कई भर्ती परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया. अब आगे क्या होगा? अब इस मामले में तीन बातें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगी. प्रशासन हाईकोर्ट में क्या सबूत देती है? राज्य प्रशासन को अब अदालत के सामने यह बताना होगा कि उसने भर्ती

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इमरान खान को फिर अदियाला जेल भेजा गया, 6 घंटे में खत्म हुई अस्पताल की ‘राहत’

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया था. लेकिन मेडिकल जांच के करीब छह घंटे बाद ही उन्हें वापस जेल भेज दिया गया. जेल सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच इमरान को उनकी जेल की कोठरी में वापस पहुंचा दिया. कड़ी सुरक्षा में अस्पताल से जेल वापसी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने पार्टी के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि शुक्रवार सुबह शहबाज शरीफ प्रशासन ने इमरान खान को शिफा हॉस्पिटल से रावलपिंडी की अदियाला जेल पहुंचा दिया. उन्हें गुरुवार देर रात जेल से मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गया था. इससे पहले अस्पताल के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पुलिस की कई टुकड़ियां तैनात थीं और इमरान के इलाज की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई थी. उनकी जांच के लिए 6 डॉक्टरों की एक विशेष टीम तैयार की गई थी. डॉक्टरों की टीम ने कहा कि इमरान खान पूरी तरह फिट हैं. इसी के बाद उन्हें वापस जेल भेजा गया. उनके सेल की व्यापक जांच परख करने के बाद अस्पताल से जेल में शिफ्ट किया गया. यह पूरी प्रक्रिया रातों-रात निपटा ली गई. ताकि सुबह होने तक इमरान खान की पार्टी- पीटीआई के समर्थक और उनके चाहने वाले अस्पताल के बाहर इकट्ठा न हो सकें. इमरान की आंख की बीमारी बनी चिंता सुप्रीम कोर्ट का आदेश इमरान खान के परिवार और समर्थकों की ओर से लंबे समय से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जताई जा रही चिंता के बीच आया था. उनका आरोप रहा है कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. पिछले साल इमरान खान की बहनों को भी उनसे मुलाकात करने में काफी बाधाएं खड़ी की गई थीं. यहां तक कि उनके ऊपर ठंड में पानी की बौछारें की गईं. पूर्व क्रिकेटर इमरान कान की दाहिनी आंख में बीमारी का पता जनवरी के अंत में चला था. इसके बाद पिछले कुछ महीनों में उन्हें कई बार इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) ले जाया गया. इसी के बाद उनके परिवार और समर्थकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग तेज कर दी थी. हालांकि, अब मेडिकल जांच के कुछ ही घंटे बाद उन्हें दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया. ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान में 13 लाख फॉलोअर्स वाली TikTok स्टार की हत्या, Video में देखिए खौफनाक वारदात सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल में रखने का दिया था आदेश पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि 73 वर्षीय इमरान खान को 48 घंटे के भीतर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए. अदालत ने यह भी कहा था कि उन्हें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अस्पताल में रखा जाए. प्रशासन ने शुरुआत में आदेश लागू करने की बात कही थी, लेकिन बाद में उसने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर आदेश वापस लेने की मांग की. प्रशासन की समीक्षा याचिका पर भी अड़ंगा इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त ने एडवोकेट जनरल के जरिए सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के अंतरिम आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दाखिल की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने याचिका पर कई आपत्तियां दर्ज करते हुए उसे वापस कर दिया. रजिस्ट्रार कार्यालय के मुताबिक, याचिका पूरे रिकॉर्ड के बिना दाखिल की गई थी. प्रशासन का तर्क था कि इमरान को अस्पताल भेजने का आदेश अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसलिए इस पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री के नेतृत्वक मामलों के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह खान ने भी कहा कि पीटीआई संस्थापक को दी गई राहत कानून के अनुरूप नहीं थी. इलाज के लिए विदेश भेजे जा सकते हैं इमरान हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक और बात सामने आई हैे. इसमें कहा जा रहा है कि इमरान खान इलाज के लिए विदेश भी जा सकते हैं. केंद्र प्रशासन चला रही, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सांसद तारिक फजल चौधरी ने कहा कि इमरान खान को विदेश भेजे जाने की संभावना भी हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो, इमरान पाकिस्तान के इतिहास को ही दोहराएंगे. इससे पहले नवाज शरीफ भी इलाज के बहाने देश से बाहर गए थे और तब से वह लंदन में रह रहे हैं. ये भी पढ़ें:- Mecca Defense Pact: पाकिस्तान के लिए क्यों खुल रहा है नया रणनीतिक दरवाजा? 5 बड़े संकेत The post इमरान खान को फिर अदियाला जेल भेजा गया, 6 घंटे में खत्म हुई अस्पताल की ‘राहत’ appeared first on Naya Vichar.

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हाजीपुर के ठेकेदार रामनरेश हत्याकांड में कई खुलासे : पांच लाख में दी गई थी सुपारी, मुजफ्फरपुर में रची गई साजिश,पटना से शूटर गिरफ्तार

Contractor Ramnaresh Murder Case : हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी खुर्द में ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रचे जाने और वारदात के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई है. 5 लाख रुपये में हत्या की डील का दावा पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार रमेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी छोटू राणा के साथ हत्या को लेकर पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था. इसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए जाने की बात सामने आई है. पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. मॉर्निंग वॉक के दौरान ठेकेदार को मारी गई थी गोली 13 अगस्त की सुबह रामनरेश राय मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे. कुमाही पोखर की ओर जाने वाले रास्ते के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी. गंभीर रूप से घायल रामनरेश राय की मौत हो गई थी. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया. पत्नी के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी मामले में मृतक की पत्नी रेखा कुमारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें दिग्घी खुर्द के सहदेव राय, मुकेश राय और परमजीत राय उर्फ परम राय समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सहदेव राय को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. SIT ने तकनीकी और मानवीय सूचना से दबोचे आरोपी हत्याकांड के उद्भेदन के लिए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई थी. टीम ने तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की. इसके बाद 19 अगस्त को पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र से रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश को अवैध आग्नेयास्त्र के साथ गिरफ्तार किया गया. दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार की संलिप्तता पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई. पूछताछ में दोनों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. पुलिस का कहना है कि पूछताछ से हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने वाले नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. आदित्य अपाचे और रमेश चला रहा था स्प्लेंडर पुलिस की पूछताछ में वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई दोनों मोटरसाइकिलों को लेकर भी जानकारी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, आदित्य प्रकाश अपाचे मोटरसाइकिल पर था, जबकि रमेश कुमार स्प्लेंडर चला रहा था. दोनों की जिम्मेदारी अन्य दो शूटरों को बाइक से घटनास्थल तक पहुंचाने की थी. छोटू राणा के आदमी ने उपलब्ध कराई थी बाइक और हथियार गिरफ्तार रमेश के बयान के अनुसार, छोटू राणा के एक व्यक्ति ने आरोपियों को हथियार और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई थी. पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना मुजफ्फरपुर में बनाई गई थी. पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बार-बार ‘मुकेश भैया’ का नाम लिए जाने की बात भी पुलिस ने बताई है. मुकेश कुमार से बातचीत का साक्ष्य मिलने का दावा एसपी शुभांक मिश्रा ने गुरुवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को मुकेश कुमार और छोटू राणा के बीच बातचीत से संबंधित साक्ष्य मिले हैं. पुलिस अब इस कड़ी की भी जांच कर रही है. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पानी में डुबो दी गई थी वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को वारदात के दो दिन बाद बरामद कर लिया था. पुलिस के अनुसार, बाइक सदर थाना क्षेत्र में चंद्रालय मठ के पास नदी के पानी में डुबोकर रखी गई थी. बरामदगी के बाद पुलिस ने इसे जांच की अहम कड़ी माना. रमेश का पहले से आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार रमेश कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. वह लूट और हत्या के मामलों में जेल जा चुका है. पुलिस ने बताया कि झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र में दर्ज लूट के एक मामले में भी वह फरार चल रहा था. कई मामलों में दर्ज हैं केस पुलिस के अनुसार, रमेश कुमार के खिलाफ बिदुपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं. उसके खिलाफ बिदुपुर थाना कांड संख्या 181/20, 172/20 और 486/18 तथा देवघर के मधुपुर थाना कांड संख्या 146/25 में भी मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है. आदित्य प्रकाश के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि हत्याकांड में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए SIT लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है. मामले में सामने आए सभी आरोपियों की भूमिका की जांच के बाद ही पुलिस आगे की तस्वीर साफ करेगी. Also Read : रामनरेश हत्याकांड: पटना में धराए दो आरोपितों से खुला राज, हाजीपुर में नहीं, इस जगह रची गयी थी हत्या की साजिश The post हाजीपुर के ठेकेदार रामनरेश हत्याकांड में कई खुलासे : पांच लाख में दी गई थी सुपारी, मुजफ्फरपुर में रची गई साजिश,पटना से शूटर गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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$93 के पार Crude, 5% की साप्ताहिक तेजी से बढ़ी तेल बाजार की चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है. शुक्रवार को Brent क्रूड 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया और इस हफ्ते इसमें 5% से ज्यादा की बढ़त की उम्मीद है. वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI अक्टूबर डिलीवरी करीब 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा. यह लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त की ओर है. तेल की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. इससे पहले से दबाव झेल रहे ग्लोबल ऑयल मार्केट में सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है. अमेरिका ईरान पर क्या करने वाला है? अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि नए कदमों की जानकारी सोमवार को दी जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक D-Day’ बताया है. नए कदम ईरान को निशाना बना सकते हैं. साथ ही, उन देशों पर भी असर पड़ सकता है जो ईरान के साथ कारोबार जारी रखते हैं. इसमें चीन भी शामिल हो सकता है. इस पूरे घटनाक्रम का असर कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ने की आशंका है. अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण इस साल तेल की कीमत पहले ही 50% से ज्यादा चढ़ चुकी है. ईरान से तेल सप्लाई पर कितना असर? ईरानी तेल की सप्लाई पर अमेरिकी दबाव पहले ही बढ़ चुका है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नेवल ब्लॉकेड बनाए रखा है. ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने इस हफ्ते कहा कि देश से तेल का फ्लो ‘लगभग रुक गया है’. अगर यह स्थिति आगे भी बनी रहती है, तो ग्लोबल मार्केट में सप्लाई का दबाव और बढ़ सकता है. अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका जलमार्ग को कंट्रोल करता है और जहाज दक्षिणी लेन से बाहर निकल सकते हैं. चीन की चिंता क्यों बढ़ सकती है? चीन ईरानी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. बीजिंग ने अमेरिका के इस तरीके का विरोध किया है. चीन का कहना है कि प्रतिबंध और आर्थिक दबाव से विवाद का हल नहीं निकलेगा और बातचीत के जरिए समाधान होना चाहिए. हालांकि, बेसेंट ने चीन से अमेरिका के साथ सहयोग करने को कहा है. उनका कहना है कि चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है. ये भी पढ़ें: चीनी के बढ़ते दाम पर प्रशासन का एक्शन, 31 अक्टूबर तक ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की छूट The post $93 के पार Crude, 5% की साप्ताहिक तेजी से बढ़ी तेल बाजार की चिंता appeared first on Naya Vichar.

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गोविंदा- सुनीता के रिश्ते में नया ट्विस्ट, राखी सावंत से बातचीत में सुनीता ने किया दूसरी शादी को लेकर दावा

Rakhi Sawant Viral Call With Sunita Ahuja: एक्ट्रेस राखी सावंत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह पैपराजी के सामने गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा से फोन पर बात करती नजर आ रही हैं. कॉल पर सुनीता ने दावा किया कि उन्होंने अपना तलाक का केस इसलिए वापस लिया क्योंकि गोविंदा और कोमल रानी शादी की प्लानिंग कर रहे थे. आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में है. दोनों के बीच अनबन और तलाक की समाचारों ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. हालांकि, 19 अगस्त को सुनीता आहूजा ने अपना तलाक का केस वापस ले लिया. Rakhi Sawant Calls Sunita Ahuja: राखी सावंत से बातचीत में सुनीता का बड़ा दावा सुनीता आहूजा ने राखी सावंत से फोन पर बातचीत करते हुए दावा किया कि गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार शादी करने की योजना बना रहे थे. बातचीत के दौरान सुनीता ने कोमल के लिए एक आपत्तिजनक उपनाम का भी इस्तेमाल किया। उनके इस बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है. View on Instagram Please Focus on 200 Crore – Rakhi Sawant to Sunita : 200 करोड़ पर ध्यान दो – राखी सावंत  राखी ने सुनीता को कॉल पर यह भी कहा कि आप 200 करोड़ पर ध्यान दो, यह सब छोड़ो. कोई दूसरी- तीसरी आ गई न, सब ले जाएगी. आप प्लीज 200 करोड़ अपने नाम कर लो, मेहरबानी. इसके बाद सुनीता ने  कहा कि उन्होंने  तलाक इसलिए वापस लिया है क्यूंकि, गोविंदा दूसरी शादी करने के फिराक में था. View on Instagram इस पूरे मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि गोविंदा और सुनीता की शादी को बॉलीवुड की लंबे समय तक चलने वाली शादियों में गिना जाता रहा है. दोनों करीब चार दशक से साथ हैं और उनके दो शिशु भी हैं. Sunita Ahuja Withdraws Divorce Petition: तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद फिर सुर्खियों में सुनीता सुनीता और गोविंदा के रिश्ते को लेकर पिछले कई महीनों से तरह-तरह की समाचारें सामने आती रही हैं. सुनीता ने दिसंबर 2024 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इस मामले में कथित तौर पर शादी में बेवफाई, क्रूरता और अलग रहने जैसे आधारों का उल्लेख किया गया था. इसके बाद 19 अगस्त 2026 को गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने पुष्टि की कि सुनीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है. उन्होंने इसे परिवार के लिए अच्छी समाचार बताया और कहा कि अब दोनों के बीच अलगाव नहीं है. मैनेजर ने यह भी नाराजगी जताई थी कि निजी पारिवारिक मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया. What Will Happen After This Controversy: विवाद के बीच आगे क्या होगा? तलाक की अर्जी वापस लिए जाने के बाद फिलहाल गोविंदा और सुनीता के रिश्ते की स्थिति को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। गोविंदा की ओर से कोमल रानी के साथ शादी की कथित योजना पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. वहीं, सुनीता के नए बयान ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. फिलहाल इतना साफ है कि तलाक की कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है, लेकिन दोनों के रिश्ते को लेकर सार्वजनिक चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. आने वाले दिनों में गोविंदा या सुनीता की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान आता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं. यह भी पढ़ें: सुनीता को तैयार रहना होगा…’ जब गोविंदा ने अपनी कुंडली और दूसरी शादी को लेकर कही थी चौंकाने वाली बात The post गोविंदा- सुनीता के रिश्ते में नया ट्विस्ट, राखी सावंत से बातचीत में सुनीता ने किया दूसरी शादी को लेकर दावा appeared first on Naya Vichar.

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JSSC भर्ती घोटाला: 2022 में CID के पास थी अरुण की पूरी कुंडली, 4 साल बाद हुई गिरफ्तारी

पंकज त्रिपाठी की रिपोर्ट रांचीः जेएसएससी की डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा में अरुण कुमार की हाल में हुई गिरफ्तारी ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. सीआईडी के पास वर्ष 2022 में हुई जांच की रिपोर्ट मौजूद है. उक्त रिपोर्ट बताती है कि अरुण कुमार की भूमिका की पूरी जानकारी एजेंसी के पास तभी आ गई थी, जब इसी मामले में एक अन्य आरोपी अभिषेक की पटना से गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद भी अरुण चार साल तक सीआईडी की गिरफ्त से दूर रहा. अब उसे गिरफ्तार किया गया है, तो उसने लगभग वही बातें कही हैं, जो पहले जांच में आ चुकी थीं. उसने माना है कि जेएसएससी में काफी कम दर पर उसने टेंडर ले लिया था, इसलिए पैसों की वसूली के लिए गलत तरीके से अभ्यर्थियों का चयन कराया. टेंडर के बाद पेपर लीक कर वसूली की साजिश जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, अरुण कुमार मेसर्स आइसीएन इंडिया प्रालि व बिंसिस नामक कंपनियों से जुड़ा था. आरोप है कि इन कंपनियों को झारखंड की डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा से जुड़े कार्यों का ठेका मिला था. जांच में सामने आया कि टेंडर प्रक्रिया में भारी खर्च होने के बाद पैसा वसूलने के लिए प्रश्नपत्र लीक कर परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलने की साजिश रची गई थी. इसी कड़ी में जेएसएससी की संबंधित परीक्षा को बाद में स्थगित करना पड़ा था. अब हो रही जांच में पुरानी पड़ताल की समीक्षा में कई जानकारियां सामने आई हैं. ये भी पढ़ें- झारखंड में ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत करेगा JUSNL, खरीदेगा 4.25 करोड़ के बिजली उपकरण अभिषेक की गिरफ्तारी से खुला था पूरा नेटवर्क इसके अनुसार 22 सितंबर 2022 को पटना हाइकोर्ट के तत्कालीन सेक्शन अफसर अभिषेक कुमार को रांची पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया था. पूछताछ में अभिषेक ने बताया था कि वर्ष 2019 में पटना हाइकोर्ट में कार्य के दौरान उसकी पहचान अरुण कुमार से हुई थी. अरुण कुमार पर बिहार एसएससी (सीएसबीसी) में गबन करने का आरोप था. उसी मामले में दोनों की नजदीकियां बढ़ी थीं. अभिषेक ने बताया था कि 2022 में अरुण कुमार ने उससे संपर्क कर झारखंड की डिप्लोमा स्तर भर्ती परीक्षा का टेंडर मिलने और प्रश्नपत्र लीक कर वसूली योजना की जानकारी दी थी. इसके बाद पैसों की लालच में वह भी इस साजिश में शामिल हो गया और उसने अपनी टीम भी खड़ी कर ली थी. पुलिस ने बताया कि आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जांच में भी यह पुष्टि हुई थी कि दो जुलाई 2022 को गिरोह के सदस्य पटना के पुनपुन-परसाबाजार क्षेत्र में सक्रिय थे और अगले दिन सभी रांची पहुंचे थे. सीडीआर के जरिए पूरे नेटवर्क की गतिविधियों का ब्योरा जांच एजेंसी के पास पहले से मौजूद था. ऐसे परीक्षा में की थी गड़बड़ी तब आरोपी अभिषेक ने बताया था कि करीब सौ परीक्षार्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले पटना बुलाया गया था. उनसे मोबाइल फोन व मूल प्रमाणपत्र ले लिये गये. परीक्षार्थियों को पुनपुन क्षेत्र के एक हॉल और पटना शहर में एक मकान में रखकर करीब 80 फीसदी प्रश्नों के उत्तर रटवाये गये. इसके बाद उन्हें गाड़ियों से रांची व बोकारो के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया था. ये भी पढ़ें- त्योहारों से पहले महंगी हुई मिठास, महीने भर में चीनी 14 रुपये और गुड़ 15 रुपये चढ़े The post JSSC भर्ती घोटाला: 2022 में CID के पास थी अरुण की पूरी कुंडली, 4 साल बाद हुई गिरफ्तारी appeared first on Naya Vichar.

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ऑल-व्हील ड्राइव, AI असिस्टेंस और 2 इंजन… लॉन्च से पहले Kia Sorento इंडिया-स्पेक मॉडल की झलक आई सामने

Kia ने 4 सितंबर को लॉन्च से पहले Sorento के इंडिया-स्पेक मॉडल से पर्दा उठा दिया है. यह तीन-रो वाली सीटिंग के साथ कोरियन ब्रांड का नया फ्लैगशिप ICE मॉडल होगा और इसमें स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड और डीजल इंजन के ऑप्शन मिलेंगे. Kia ने यह भी साफ किया है कि हाइब्रिड मॉडल ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) के साथ आएगा, जो इसे इस सेगमेंट में खास बनाता है. इसमें Kia AI असिस्टेंट भी मिलेगा, जो दुनिया भर में Sorento में पहली बार हिंदुस्तान वाले मॉडल से शुरू हो रहा है. Kia Sorento का प्रोडक्शन शुरू  Kia ने आज आंध्र प्रदेश के अनंतपुर प्लांट में Sorento का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. ज्यादा लोकल पार्ट्स के इस्तेमाल की वजह से इसकी कीमत काफी कंपीटीटर रहने की उम्मीद है, जो करीब 30 लाख से 35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के आसपास हो सकती है. हिंदुस्तान में Kia की यह पहली हाइब्रिड और पहली ICE वाली तीन रो SUV होगी. Kia Sorento: एक्सटीरियर डिजाइन  Sorento का यह लुक 2023 से ग्लोबल मार्केट में मौजूद है, जिसका मतलब है कि इसमें Seltos की तरह नई Opposites यूनाइटेड डिजाइन लैंग्वेज नहीं मिलती. इसका लुक ज्यादातर लोगों को पसंद आने वाला है, जिसमें Kia की जानी-पहचानी टाइगर नोज ग्रिल, बडी वर्टिकल LED हेडलाइट्स, Y-शेप वाले LED DRLs और एक प्रॉपर SUV का लुक दिखता है. फ्रंट बंपर में बडा एयर इनटेक, LED फॉग लैंप्स और किनारों पर वर्टिकल एयर वेंट्स दिए गए हैं. Kia ने अभी व्हील के साइज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसमें 19-इंच के डुअल-टोन अलॉय व्हील्स मिल सकते हैं. साइड प्रोफाइल में फ्रंट फेंडर पर सैटिन ट्रिम और विंडोज के पास क्रोम लाइन मिलती है जो पीछे की तरफ मुडी हुई है. पीछे की तरफ स्कॉयर शेप की टेल-लैंप्स, इनवर्टेड L-शेप LED सिग्नेचर, बडा रूफ स्पॉइलर और टू-टोन बंपर दिया गया है. View on Instagram Kia Sorento: डायमेंशन  साइज की बात करें तो Sorento के ग्लोबल मॉडल जैसा ही रहने की उम्मीद है, जिसकी लंबाई 4,815mm, चौडाई 1,900mm, ऊंचाई 1,700mm और व्हीलबेस 2,815mm है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान में शुरू हुई नई Kia Sorento की प्री-बुकिंग, हाइब्रिड इंजन के साथ एंट्री करेगी ये फैमिली SUV Kia Sorento: इंटीरियर और फीचर्स  Sorento का इंटीरियर हिंदुस्तान में बिक रही Kia की दूसरी नई कारों जैसा ही है. इसमें इन्फोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंटेशन के लिए दो स्क्रीन वाली एक कनेक्टेड स्क्रीन मिलती है, हालांकि Seltos और Syros में दिखने वाली तीसरी एसी स्क्रीन इसमें नहीं है. Kia ने स्क्रीन साइज नहीं बताया है, लेकिन ये 12.3-इंच की हो सकती हैं. इसका डैशबोर्ड काफी साफ-सुथरा दिखता है, जिसमें एसी वेंट्स के लिए पतली पट्टी और क्लाइमेट व मीडिया ऑपरेशन के लिए dual-purpose कंट्रोल पैनल मिलता है. Hyundai-Kia के दूसरे मॉडल्स के अनुभव से देखें, तो यह इस्तेमाल करने में काफी आसान है. सेंटर कंसोल में वायरलेस चार्जर, बडे ग्रैब हैंडल और प्रीमियम फिनिश वाला गियर सेलेक्टर मिलता है. कार में प्रीमियम मटीरियल और सॉफ्ट-टच का अच्छा इस्तेमाल किया गया है. ऑफीशियल फोटो में जो फीचर्स दिखे हैं, उनमें ADAS, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स (मसाज फंक्शन के साथ), डिजिटल IRVM, इलेक्ट्रिक टेलगेट, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, एम्ब्रिएंट लाइटिंग, 360-डिग्री कैमरा और पैनोरमिक सनरूफ शामिल हैं. Sorento 6 और 7-सीटर दोनों ऑप्शन में आ सकती है. ये भी पढ़ें: 6 एयरबैग वाली Kia Carens Clavis पर बंपर डिस्काउंट, जानें कितना बचेगा पैसा? Kia Sorento: पावरट्रेन ऑप्शन  Kia ने हिंदुस्तान के लिए दो इंजन ऑप्शन तय किए हैं, जिसमें ऑल-व्हील ड्राइव के साथ हाइब्रिड और एक डीजल शामिल हैं. हाइब्रिड वर्जन में 1.6-लीटर का 4-सिलेंडर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन होगा जो 238hp की पावर और 380Nm का टॉर्क देगा. वहीं डीजल वर्जन में 2.0-लीटर का इंजन होगा जो 202hp और 441Nm टॉर्क जनरेट करता है, यही इंजन Kia Carnival में भी आता है. दोनों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलने की उम्मीद है. हाइब्रिड इंजन इस सेगमेंट में पहली बार आएगा, जबकि डीजल को इस साइज की SUV में लोग ज्यादा पसंद करते हैं. Kia Sorento का मुकाबला Skoda Kodiaq, Volkswagen Tayron और Jeep Meridian जैसी कारों से होगा. कीमतों का ऐलान 4 सितंबर को होगा और बुकिंग्स अभी चालू हैं. The post ऑल-व्हील ड्राइव, AI असिस्टेंस और 2 इंजन… लॉन्च से पहले Kia Sorento इंडिया-स्पेक मॉडल की झलक आई सामने appeared first on Naya Vichar.

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सांसद के बेटे ने एस्टन मार्टिन लग्जरी कार से महिला को कुचला, मौत, केस दर्ज

हैदराबाद में तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार की टक्कर से एक 26 साल की युवती की मौत हो गई है. पुलिस के मुताबिक 16 अगस्त को इनऑर्बिट मॉल के सामने सड़क पार करते समय तेज रफ्तार Aston Martin कार ने स्त्री को टक्कर मार दी थी. इस मामले में पुलिस ने जनसेना पार्टी के राज्यसभा सांसद लिंगामनेनी रमेश के बेटे लिंगामनेनी संजुश के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उस पर लापरवाही और बहुत तेज स्पीड में गाड़ी चलाने का आरोप है. इनऑर्बिट मॉल के सामने हुआ हादसा मृतक स्त्री की पहचान हिंदुस्तानी मुखी के रूप में हुई है. वह इनऑर्बिट मॉल के एक स्टोर में सेल्सवुमन के तौर पर काम करती थीं. माधापुर पुलिस स्टेशन के SHO केवी सुब्बाराव के मुताबिक- हिंदुस्तानी अपने एक सहकर्मी के साथ दोपहर करीब 3 बजे ITC कोहिनूर की ओर खाना लेने गई थीं. वापस लौटते समय जब वह मॉल के सामने सड़क पार कर रही थीं, तभी कथित तौर पर तेज रफ्तार से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी. सिर में लगी गंभीर चोट, अस्पताल में मौत टक्कर के बाद हिंदुस्तानी के सिर में गंभीर चोट आई और काफी खून बहने लगा. उन्हें तुरंत जुबली हिल्स स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. सांसद के बेटे की पहचान चालक के रूप में जांच के दौरान पुलिस ने कार के कथित चालक की पहचान 21 साल के लिंगामनेनी संजुश के रूप में की. पुलिस के मुताबिक, संजुश जनसेना पार्टी के राज्यसभा सांसद और कारोबारी लिंगामनेनी रमेश के बेटे हैं.पुलिस ने संजुश को हादसे वाले दिन ही हिरासत में ले लिया. वह खुद भी व्यवसायी बताए गए हैं और माधापुर इलाके के रहने वाले हैं. शराब और ड्रग्स की जांच के लिए भेजे गए सैंपल पुलिस ने आरोपी का ड्रंक-ड्राइविंग और ड्रग टेस्ट कराया है. उसके ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा गया है. हादसे में शामिल Aston Martin कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है. जांच के बाद ही हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और साफ होगी. Also Read: अलास्का में चार्टर प्लेन क्रैश, 8 लोगों थे सवार, रडार साइट के पास हुआ हादसा The post सांसद के बेटे ने एस्टन मार्टिन लग्जरी कार से स्त्री को कुचला, मौत, केस दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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नीरज चोपड़ा के सामने फिर कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन पथिरागे, दांव पर डायमंड लीग फाइनल का टिकट

Neeraj Chopra: तीन हफ्ते पहले ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा को हराकर गोल्ड जीतने वाले श्रीलंका के रुमेश पथिरागे एक बार फिर उनके सामने होंगे. शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में दोनों भाला फेंकते नजर आएंगे. इस बार मुकाबला सिर्फ जीत-हार का नहीं है, बल्कि डायमंड लीग फाइनल के टिकट का भी है. पथिरागे का बल्ला नहीं, भाला बोल रहा है 23 साल के पथिरागे इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं. वह दोहा और रोम डायमंड लीग जीत चुके हैं. रोम में उन्होंने 92.62 मीटर का जबरदस्त थ्रो किया और पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया. इस सीजन में 9 प्रतियोगिताओं में से 8 में वह जीत हासिल कर चुके हैं. ग्लासगो में भी 89.75 मीटर का थ्रो करके उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया था. नीरज की नजर वापसी के साथ फाइनल पर नीरज के लिए यह मुकाबला काफी अहम है. पीठ की चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और दोहा में उन्होंने सीजन का पहला मुकाबला स्पोर्ट्सा. ग्लासगो में पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर जीता. अब उनकी कोशिश लुसाने में बेहतर प्रदर्शन कर फाइनल की रेस में अपनी जगह मजबूत करने की होगी. इसे भी पढ़े- हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीरीज होगी या टलेगी? BCB अध्यक्ष के बयान से बढ़ी चिंता टॉप-6 में पहुंचना जरूरी नीरज अभी डायमंड लीग की रैंकिंग में 6 अंकों के साथ सातवें नंबर पर हैं. भाला फेंक में टॉप-6 खिलाड़ी ही 4-5 सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल में पहुंचेंगे. पथिरागे 23 और एंडरसन पीटर्स 22 अंकों के साथ पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं. 27 अगस्त को ज्यूरिख में भी जैवलिन का एक मुकाबला होना है. नीरज चोपड़ा, एक्स लुसाने में कई बड़े नाम भी मैदान में लुसाने में अरशद नदीम और जूलियन वेबर नहीं होंगे, लेकिन मुकाबला आसान नहीं है. एंडरसन पीटर्स, केशॉर्न वॉलकॉट, याकुब वाडलेच और कर्टिस थॉम्पसन जैसे बड़े नाम मैदान में हैं. नीरज की नजर वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैम्पियनशिप पर भी है. फिलहाल वह संभावित 8 क्वालिफिकेशन स्लॉट से एक कदम बाहर नौवें स्थान पर हैं. ऐसे में लुसाने में अच्छा प्रदर्शन उनके लिए काफी मायने रखता है. ग्लासगो में बाजी पथिरागे ने मारी थी. अब लुसाने में नीरज के पास जवाब देने का मौका है. इसे भी पढ़े- ICC की ताजा रैंकिंग जारी, बुमराह नंबर-1; विराट कोहली वनडे में तीसरे स्थान पर The post नीरज चोपड़ा के सामने फिर कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन पथिरागे, दांव पर डायमंड लीग फाइनल का टिकट appeared first on Naya Vichar.

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