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September 8, 2026

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Bigg Boss 20 Episode 2 Live: गुल्लु, आसिफ और यंग बने कैप्टेंसी टास्क के पहले दावेदार

Bigg Boss 20 Episode 2 Live: बिग बॉस 20 के दूसरे एपिसोड में भी हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. जहां आम्रपाली दुबे और अर्शिफा खान में जबरदस्त लड़ाई हुई. दोनों ने अपना आपा खो दिया. इधर कैप्टेंसी टास्क में किसकी जीत हुई. आइये लाइव के जरिए बताते हैं पल पल की अपडेट्स. The post Bigg Boss 20 Episode 2 Live: गुल्लु, आसिफ और यंग बने कैप्टेंसी टास्क के पहले दावेदार appeared first on Naya Vichar.

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MS Dhoni के फार्म हाउस में कोबरा निकलने से मचा हड़कंप, रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा

रांची. हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व सफल कप्तान MS Dhoni के फार्म हाउस में मंगलवार को कोबरा निकलने से कर्मचारियों में डर फैल गया. यह फार्म हाउस रांची के दलादिली इलाके में स्थित है. सांप निकलने की सूचना मिलने पर स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट नारायण प्रमाणिक मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद उन्होंने कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया, हालांकि रेस्क्यू के दौरान सांप के शरीर पर हल्की चोट आयी. बताया गया कि प्राथमिक देखभाल के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया. घटना के समय फार्म हाउस में धोनी के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था. सांप निकलने की सूचना पर फार्म हाउस के कर्मचारियों और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी. स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट नारायण प्रमाणिक ने बताया कि कोबरा करीब 18 वर्ष पुराना था. उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या परिसर में सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय तत्काल प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट को सूचना दें, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर प्राकृतिक माहौल में छोड़ा जा सके. ऐसी स्थिति में, आप 1800-11-2034 जैसे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या अपने इलाके के स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की जानकारी ऑनलाइन ढूंढ सकते हैं. The post MS Dhoni के फार्म हाउस में कोबरा निकलने से मचा हड़कंप, रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी के विमान की लखनऊ में पहली लैंडिंग टली, दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की फ्लाइट मंगलवार (8 सितंबर) को लखनऊ एयरपोर्ट पर तेज हवाओं के कारण पहली बार लैंड नहीं कर सकी. पायलट को विमान को दोबारा ऊपर ले जाना पड़ा. इसके बाद दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित लैंड कर गया. विमान में सवार सभी यात्री सामान्य रूप से बाहर निकले. घटना के बाद किसी यात्री के घायल होने की समाचार नहीं है. इंडिया टुडे ने अपने सूत्रों के हवाले से समाचार दी कि दिल्ली से लखनऊ जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 ने मंगलवार दोपहर करीब 3:45 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर पहली बार उतरने की कोशिश रद्द कर दी. फ्लाइट के चालक दल ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया. इसके करीब 10 मिनट बाद, शाम 3:55 बजे विमान ने सुरक्षित लैंडिंग कर ली. ये भी पढ़ें: तमिलनाडु के मंत्री का दावा, 2029 में राहुल गांधी होंगे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार गो-अराउंड क्या होता है? गो-अराउंड विमान में लैंडिंग की एक सामान्य प्रक्रिया है. इसमें पायलट किसी वजह से विमान को रनवे पर उतारने की कोशिश रोक देता है और विमान को दोबारा ऊपर ले जाता है. इसके बाद स्थिति ठीक होने पर फिर से लैंडिंग की जाती है. खराब मौसम, रनवे की स्थिति, ज्यादा हवाई यातायात या लैंडिंग के दौरान किसी खतरे के कारण ऐसा किया जा सकता है. राहुल गांधी का दो दिवसीय रायबरेली दौरा राहुल गांधी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने सोमवार (7 सितंबर) को बताया कि राहुल अपने इस दौरे पर ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, साथ ही कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे. The post राहुल गांधी के विमान की लखनऊ में पहली लैंडिंग टली, दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

बाढ़ प्रभावित 2.33 लाख लोगों तक पहुंच रही राहत, 81 सामुदायिक रसोई में रोज 65 हजार को भोजन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिले के तीन प्रभावित प्रखंडों में प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सक्रिय हैं। वर्तमान में जिले में 2,33,212 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित आवागमन और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 81 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन करीब 65 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित परिवारों को तत्काल आश्रय और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब तक 32,515 पॉलिथीन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं। जरूरत के अनुसार अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। 18 मेडिकल कैंपों में इलाज की सुविधा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 18 मेडिकल कैंप सक्रिय हैं। यहां लोगों को चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार की सुविधा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में भ्रमण कर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का जायजा ले रही हैं। पशुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा के लिए 17 पशु कैंप/शेड संचालित किए हैं। अब तक 490 क्विंटल पशु चारा व भूसा वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा 17 पशु चिकित्सा कैंप भी सक्रिय हैं, जहां अब तक 290 पशुओं को दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है। 201 नावों से जारी है आवागमन बाढ़ प्रभावित तीनों प्रखंडों में लोगों के आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुल 201 नावों का परिचालन किया जा रहा है। नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति और परिवार तक जरूरत के अनुसार राहत एवं सहायता समय पर पहुंचाना प्राथमिकता है।

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PM Kisan Yojana : किसानों को मिलेंगे ₹10,000 सालाना? वायरल दावे का जानें सच

PM Kisan Yojana : PM Kisan Samman Nidhi @pmkisanofficial नाम के एक्स अकाउंट ने इस दावे पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें कहा गया है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सोशल मीडिया पर एक समाचार तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि किसानों को अब हर साल 10,000 रुपये मिलेंगे. यह दावा भ्रामक है. प्रशासन की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है. पीएम किसान योजना के तहत अभी भी पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है. इसलिए किसान सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे दावों पर भरोसा न करें और योजना से जुड़ी सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक प्रशासनी स्रोतों को ही देखें. The post PM Kisan Yojana : किसानों को मिलेंगे ₹10,000 सालाना? वायरल दावे का जानें सच appeared first on Naya Vichar.

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बाबा बागेश्वर की दुर्गा पूजा में मांसाहार पर प्रतिबंध की अपील से कांग्रेस नाराज, 2 थानों में शिकायत, कार्रवाई की मांग

कोलकाता से श्रीकांत शर्मा की रिपोर्ट कोलकाता के भवानीपुर पुलिस स्टेशन में कांग्रेस की ओर से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के खिलाफ 2 थानों में शिकायतें दर्ज करायी हैं. दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी के साथ-साथ मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवायी हैं. दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस ने भवानीपुर थाने में और मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस ने मोचीपाड़ा थाने में बाबा बागेश्वर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवायी है. बाबा बागेश्वर ने हावड़ा जिले के लिलुआ में एक कार्यक्रम के दौरान दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय मांस-मछली (नॉन-वेज) नहीं खाने की अपील की थी. बंगाली समुदाय की भावनाओं को पहुंची ठेस : कांग्रेस कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उनके इस तरह के बयानों और टिप्पणियों से बंगाली समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है. साथ ही यह भी आशंका जतायी गयी है कि बाबा बागेश्वर की इस टिप्पणी से समाज में वैमनस्य व विभाजन पैदा हो सकता है. कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से इस मामले में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. बाबा की अपील के बाद गरमायी बंगाल की नेतृत्व धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इस अपील के बाद पश्चिम बंगाल में नेतृत्व गरमा गयी. नेतृत्वक दलों ने इस पर आपत्ति जतायी. यहां तक कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कहा कि बाहर से आया हुआ कोई व्यक्ति यह तय नहीं कर सकता कि बंगाल के लोग क्या खायें और क्या पहनें. पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा था कि हमारे लिए स्वामी विवेकानंद से बड़ा कोई संत नहीं है. उन्होंने कभी मांसाहार का विरोध नहीं किया. हमारी देवी को बकरे की बलि चढ़ती है. अष्टमी के दिन लुची यानी पूरी और नवमी के दिन मटन (मांस) खाने की परंपरा है. इसे कोई बंद नहीं कर सकता. ये भी पढ़ें: Video: बाबा बागेश्वर के बयान पर बोले शमिक भट्टाचार्य- बाहरी लोग तय न करें बंगाली क्या खायेंगे, अष्टमी पर लुची और नवमी पर मटन हमारी परंपरा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मांसाहार पर बैन से इनकार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि खान-पान लोगों का व्यक्तिगत मामला है. उन्होंने कहा कि मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अगर कोई शाकाहारी भोजन करना चाहता है, तो वह उसकी इच्छा है. अगर कोई मांसाहारी भोजन पसंद करता है, तो उसे रोका नहीं जायेगा. शमिक भट्टाचार्य और सीएम शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के एक दिन बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से कोलकाता के 2 थानों में शिकायतें दर्ज करवायी गयी हैं. The post बाबा बागेश्वर की दुर्गा पूजा में मांसाहार पर प्रतिबंध की अपील से कांग्रेस नाराज, 2 थानों में शिकायत, कार्रवाई की मांग appeared first on Naya Vichar.

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Video : वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया”

पीएम मोदी मंगलवार (8 सितंबर) को गुजरात के वडोदरा में ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में पहुंचे थे. यहां उन्होंने 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें 2,800 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर भी शामिल है. पीएम मोदी ने इसे 21वीं सदी की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट देश के विकास को नई गति देगा. कार्यक्रम में पीएम ने प्रशासन के कामकाज और विकास योजनाओं का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने इस फ्रेट कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए बीजेपी और कांग्रेस प्रशासनों के काम करने के तरीके की तुलना की. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी. हालांकि, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA प्रशासन के दौरान इस पर ज्यादा प्रगति नहीं हुई. पीएम मोदी ने कहा, “फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट की परिकल्पना 2004 में की गई थी, लेकिन 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने तक इस दिशा में कोई काम आगे नहीं बढ़ा.” अब ‘फूफा जी’ के पास भी काम : पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोजेक्ट की उपयोगिता पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि कोई ‘नाराज फूफा जी’ यह पूछते हुए रोएंगे कि ट्रक ड्राइवरों का क्या होगा? पीएम मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब ‘फूफा जी’ के पास भी काम है. पीएम ने यह बात बिना किसी का नाम लिए कही. पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर से उन इलाकों तक भी रेल कनेक्टिविटी पहुंच रही है, जहां आजादी के बाद भी रेल सुविधा नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट देश में मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने की बड़ी योजना का हिस्सा है. इसका मकसद आत्मनिर्भर हिंदुस्तान को और मजबूत करना है. मोदी ने कहा, ‘‘2014 के बाद हिंदुस्तान ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनवाए लेकिन पिछली (कांग्रेस) प्रशासन 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बनवा सकी.’’ पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था : पीएम मोदी पीएम ने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था जिससे यात्री और माल परिवहन दोनों की रफ्तार धीमी हो जाती थी लेकिन समर्पित माल ढुलाई गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है. प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ पहल पर भी तंज कसते हुए कहा कि युवा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और ‘‘झूठ की गूंज’’ से गुमराह नहीं होंगे. उन्होंने कहा, ‘‘आपको हर जगह ऐसे लोग मिलेंगे जो ‘झूठ की गूंज’ के जरिये आपको गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आज का युवा सच्चाई के साथ खड़ा रहेगा.’’ बता दें कि ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया छात्रों से संवाद का एक अभियान है, जिसके तहत देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. The post Video : वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया” appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी के कार्यक्रम से पहले सिक्योरिटी ब्रीच, फर्जी PMO ID लेकर पहुंचे 2 लोग, बॉडीगार्ड के पास मिली बंदूक

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा में सेंध की कोशिश का मामला सामने आया है. मुंबई पुलिस ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से दो लोगों को हिरासत में लिया है. PMO का फर्जी आईडी मिला इंडिया टुडे के मुताबिक, हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की पहचान रोहन पारिख के रूप में हुई है. आरोप है कि वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बता रहा था. सुरक्षा जांच के दौरान उसके पास कथित तौर पर फर्जी PMO पहचान पत्र मिला. जांच में आईडी फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया. बॉडीगार्ड के पास से बंदूक बरामद उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास से बंदूक भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है. मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह जांच कर रही है कि दोनों फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश क्यों कर रहे थे. ये भी पढ़ें: Video: वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया” यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के BKC स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में Global Fintech Fest 2026 के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले हुई. फिलहाल मामले की जांच जारी है. The post PM मोदी के कार्यक्रम से पहले सिक्योरिटी ब्रीच, फर्जी PMO ID लेकर पहुंचे 2 लोग, बॉडीगार्ड के पास मिली बंदूक appeared first on Naya Vichar.

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बच्चा कब भूखा और कब उसका पेट भर चुका है, क्या आप जानते हैं? जानें सही Feeding Routine

Responsive Feeding: शिशु को खाना खिलाना सिर्फ उसके सामने प्लेट रखने या हर कुछ घंटे में कुछ खिला देने तक सीमित नहीं है. खासकर 6 महीने के बाद जब शिशु की डाइट में धीरे-धीरे ठोस और अर्ध-ठोस खाना शामिल किया जाता है, तब माता-पिता के लिए यह समझना भी जरूरी हो जाता है कि बच्चा कब भूखा है और कब उसका पेट भर चुका है.  इसी तरीके को रिस्पॉन्सिव फीडिंग कहा जाता है. आसान भाषा में समझें तो इसमें शिशु को घड़ी देखकर या जबरदस्ती खिलाने के बजाय उसके भूख और पेट भरने के संकेतों को समझकर खाना दिया जाता है. WHO भी 6-23 महीने के बच्चों के लिए responsive feeding को उचित कॉम्प्लीमेंट्री फीडिंग का अहम हिस्सा मानता है शिशु के भूख और पेट भरने के संकेत कैसे पहचानें हर बार बच्चा रोए तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे भूख लगी है. इसी तरह प्लेट में खाना छोड़ देना भी हमेशा खाने की पसंद न होने का संकेत नहीं होता. शिशु के व्यवहार को देखकर धीरे-धीरे उसके भूख और पेट भरने के संकेत समझे जा सकते हैं. भूख लगने पर बच्चा खाने की तरफ हाथ बढ़ा सकता है, मुंह खोल सकता है, चम्मच या खाने को देखकर उत्साहित हो सकता है या खाने की ओर झुक सकता है. वहीं पेट भरने पर वह मुंह बंद कर सकता है, सिर दूसरी तरफ कर सकता है, खाने को दूर कर सकता है या खाने में रुचि कम कर सकता है. ऐसे संकेतों को समझना जरूरी है क्योंकि responsive feeding में शिशु की भूख और पेट भरने के संकेतों पर प्रतिक्रिया देने की सलाह दी जाती है.  6 महीने के बाद Solid Food शुरू करने का सही तरीका क्या है WHO और UNICEF के अनुसार, पहले 6 महीने तक शिशु को सिर्फ मां का दूध देने की सलाह दी जाती है. करीब 6 महीने की उम्र में शिशु की ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ने लगती है, जिसे केवल ब्रेस्ट मिल्क से पूरा करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए इस उम्र के आसपास कॉम्प्लीमेंट्री फूड्स शुरू किए जाते हैं और ब्रेस्टफीडिंग जारी रखी जाती है.  शुरुआत में शिशु को बहुत ज्यादा खाना खिलाने की जरूरत नहीं होती.  WHO के अनुसार 6-8 महीने की उम्र में complementary foods की शुरुआत छोटे हिस्सों से की जा सकती है और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जाती है. इस उम्र में नरम, अच्छी तरह मैश किए हुए या semi-solid foods से शुरुआत की जा सकती है.  Responsive Feeding: 6 से 23 महीने के बच्चों के लिए एज-वाइज फीडिंग रूटीन  उम्र  भोजन की आवृत्ति (Frequency) खाने की बनावट  6 से 8 महीने दिन में 2-3 बार खाना + ब्रेस्टफीडिंग  • नरम  • मैश किया हुआ  • सेमी-सॉलिड  9 से 11 महीने दिन में 3-4 बार खाना + 1 बार न्यूट्रिशियस स्नैक • थोड़ा गाढ़ा और बारीक कटा हुआ • सॉफ्ट फिंगर फूड्स  12 से 23 महीने दिन में 3-4 बार खाना + 1-2 बार हेल्दी स्नैक्स • परिवार का सामान्य खाना • हल्का मैश किया या बारीक कटा हुआ शिशु को खाना खिलाते समय ये गलतियां न करें सबसे आम गलती है शिशु के मना करने के बावजूद उसे जबरदस्ती खाना खिलाते रहना. Responsive feeding का मतलब ही है कि शिशु के संकेतों को समझा जाए. WHO की जानकारी में भी शिशु को धीरे और धैर्य से खिलाने तथा उसे जबरदस्ती खाना न खिलाने पर जोर दिया गया है.  कुछ और बातों का ध्यान रखें: बच्चा खाना मना करे तो हर बार उसे जबरदस्ती न खिलाएं.  खाना खिलाते समय शिशु को अकेला न छोड़ें.  उसकी उम्र के हिसाब से ही खाने का टेक्स्चर रखें.  खाना बनाने और खिलाने से पहले हाथ और बर्तन साफ रखें.  खाने को सुरक्षित तरीके से तैयार और स्टोर करें.  शिशु को खाते समय पर्याप्त समय दें.  PC: AI Generated स्क्रीन के सामने खिलाना क्यों सही नहीं माना जाता? शिशु को मोबाइल या टीवी दिखाकर खाना खिलाना कई घरों में आसान तरीका लग सकता है, लेकिन इससे माता-पिता का ध्यान शिशु के वास्तविक खाने के संकेत से हट सकता है. Responsive feeding में  खिलाते समय शिशु के साथ बातचीत करना, उसे देखना और उसके संकेतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण माना जाता है.  WHO के मुताबिक, शिशु को खाना खिलाने का समय सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि इस दौरान बच्चा बहुत कुछ सीखता भी है. इसलिए खाना खिलाते समय उससे बात करें, उसकी तरफ देखें और उसके साथ प्यार से interact करें. इससे बच्चा खाने के साथ-साथ आपके साथ जुड़ना भी सीखता है.  यह भी पढ़ें: मानसून के बाद किचन में न करें ये गलतियां, फल-सब्जी और बचे खाने को लेकर रहें सावधान The post बच्चा कब भूखा और कब उसका पेट भर चुका है, क्या आप जानते हैं? जानें सही Feeding Routine appeared first on Naya Vichar.

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बम-बारूद के बीच बचपन, कलम ने बदली जिंदगी, पूर्व नक्सली की बेटी ने इंजीनियर बन रचा इतिहास

Ex Maoists Daughter Become Engineer: बचपन से आपके हाथ में कलम पकड़ाई गई है और आप बड़े होकर लिखना पढ़ना शुरू कर देते हैं, ये सुनने में बहुत नॉर्मल लगता है. लेकिन अगर सोचिए कि आपका बचपन बम, गोली और बंदूकों के बीच बीता हो. क्या फिर भी ऐसा मुमकिन है कि आप कलम की मदद से मिसाल पेश कर सकें. कुछ ऐसा ही किया है महाराष्ट्र की बेटी अरविंदा बरसगड़े ने, जिनके पिता महज चार महीने की उम्र में माओवादी संगठन ‘सिरोंचा दलम’ से जुड़ गए. ऐसे में अरविंदा बरसगड़े का बचपन गढ़चिरौली में गोलियों और धमाकों की गूंज के बीच बीता. लेकिन अरविंदा ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया और अब हेदरी गांव स्थित ‘लायड्स मेटल्स’ एंड एनर्जी में बतौर ट्रेनी काम कर रही हैं. पिता बने माओवादी तो बदली पूरे परिवार की जिंदगी अरविंदा के पिता राजबाबू (उर्फ किरण या समय्या) शुरू से ही माओवादी नहीं थे. वे नारायणपुर गांव के पंचायत में चपरासी के रूप में काम करते थे. हालांकि, कर (Tax) और सामाजिक अपमान बढ़ने के कारण, उन्होंने 2005 में सिरोंचा दलम में शामिल होन का फैसला लिया है. ये फैसला मजबूरी में लिया गया था लेकिन इसने राजबाबू और उसके परिवार की जिंदगी बदल दी. आइए, जानते हैं अरविंदा की सक्सेस स्टोरी. 2010 में पिता ने पुलिस के सामने किया सरेंडर 2010 में राबाबू ने माओवादी संगठन छोड़ने का मन बनाया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. तब से परिवार पुलिस मुख्यालय के पास रहने लगा. ऐसे में अरविंदा ने अपनी पढ़ाई लिखाई जारी रखी और हाई स्कूल पास कर लिया. इंजीनियरिंग की दुनिया में रखा कदम अरविंदा ने 12वीं की पढ़ाई के बाद गढ़चिरौली के प्रशासनी पॉलिटेक्निक से 2025 में सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया. अरविंदा को पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल मिले इसके लिए वहां की स्थानीय पुलिस ने भी योगदान दिया. अब वो ‘लायड्स मेटल्स’ एंड एनर्जी में बतौर ट्रेनी काम कर रही हैं. दिलचस्प बात ये है कि अब वो आगे BTech की डिग्री हासिल करना चाहती हैं. ट्रेनी के रूप में हुई थी करियर की शुरुआत दिसंबर 2025 में अरविंदा ने हेदरी गांव में ही ‘एलटी गोंडवाना स्किल हब’ में ट्रेनी के रूप में काम शुरू किया था. अरविंदा का सपना है कि वो आत्मनिर्भर बनें और अपने गांव के युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दें. गढ़चिरौली जिले में माओवादी संगठन लगभग खत्म हो चुकी है गढ़चिरौली महाराष्ट्र के प्रमुख जिलों में से एक है. चंद्रपुर से इस जिले को 1982 में अलग किया गया था. इस जिले को महाराष्ट्र का ग्रीन जोन भी कहा जाता है, क्योंकि यहां का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है. पहले इस जिले में माओवादी संगठन का प्रभाव था, जोकि समय के साथ लगभग खत्म हो चुका है. एक आम जानकारी के अनुसार, यहां अब तक कुल 819 माओवादी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं. ये भी पढ़ें: पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP की जीत, अंकित बिधान बने अध्यक्ष The post बम-बारूद के बीच बचपन, कलम ने बदली जिंदगी, पूर्व नक्सली की बेटी ने इंजीनियर बन रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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