नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र के नरघोघी गांव स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए बड़ी समाचार सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्रक्रिया और केंद्र प्रशासन के स्तर पर विचार के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर वार्षिक नामांकन की मंजूरी दी गई है। इससे मेडिकल कॉलेज के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। पहले कॉलेज को 100 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दूसरी अपील पर विचार करते हुए 50 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, स्पष्टीकरण और कमियों के अनुपालन की स्थिति की सावधानीपूर्वक समीक्षा की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज और सहायक साक्ष्य सक्षम पदाधिकारी के विचारार्थ अपील के साथ प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत दस्तावेजों और कॉलेज की ओर से दी गई जानकारी पर विस्तार से विचार किया गया।
समिति ने कॉलेज में पूर्व में बताई गई कमियों को दूर करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि बिहार प्रशासन ने कॉलेज में रिक्त संकाय पदों को जल्द से जल्द भरने का आश्वासन दिया है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में संकाय सदस्यों की उपलब्धता में सुधार भी पाया गया।
बुनियादी ढांचे में भी हुआ सुधार
समिति ने कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रमुख आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवश्यक कुछ अंतिम कार्य तथा आंतरिक संशोधन का काम अभी प्रगति पर है। समिति ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति को संतोषजनक माना।
कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं में भी विस्तार हुआ है। समिति के निरीक्षण में पाया गया कि ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड की उपलब्धता और उपयोग की स्थिति में भी सुधार हुआ है। वहीं, कॉलेज अस्पताल में बड़ी सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। निरीक्षण के दौरान संकाय सदस्यों द्वारा प्रतिदिन करीब 10 बड़ी सर्जरी किए जाने की जानकारी सामने आई।
समिति ने संकाय की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और नैदानिक सेवाओं में हुई प्रगति के साथ बिहार प्रशासन की ओर से शेष आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने के आश्वासन को भी ध्यान में रखा। इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद कॉलेज के पक्ष में निर्णय लिया गया।
100 की जगह 50 सीटों पर मिली मंजूरी
केंद्र प्रशासन द्वारा विधिवत विचार और जांच के बाद बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दूसरी अपील को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, कॉलेज को प्रस्तावित 100 एमबीबीएस सीटों के बजाय फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 50 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संतुष्टि जताई है।
मंजूरी की जानकारी मिलने के बाद सरायरंजन क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने इसके लिए स्थानीय विधायक सह बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरायरंजन में स्थापित कराने और इसके विकास में उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुधीर कुमार कर्ण ने इसकी जानकारी दी।