Dhanbad News: कतरासगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यात्रियों को दो नंबर प्लेटफार्म में अपनी जान जोखिम में डाल कर ट्रेन चढ़ना और उतरना पड़ रहा है. एक नंबर से दो नंबर प्लेटफार्म आने जाने के लिए पैदल रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है. यह खतरनाक और जोखिम भरा है. इससे कभी कतरासगढ़ स्टेशन पर बड़ी घटना घट सकती है. एक नंबर प्लेटफार्म बना हुआ है, लेकिन दो नंबर प्लेटफार्म पर डीसी ट्रेन, झाड़ग्राम ट्रेन सहित कई लोकल ट्रेनों का पांच दिनों से ठहराव दिया जा रहा है.
शिशु, स्त्री व बुजुर्ग यात्रियों को होती है परेशानी
दो नंबर प्लेटफॉर्म नहीं बनने के कारण शिशु व बुजुर्ग यात्रियों को ट्रेन पर चढ़ने व उतरने में काफी परेशानी हो रही है. यात्री ट्रेन पर चढ़ने से वंचित रह जाते हैं. अगर यही स्थिति रही, तो बड़ा हादसा हो सकता है. कतरासगढ़ के प्लेटफार्म पर अभी ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है. ऐसे में रेल प्रबंधन द्वारा किस आधार पर दो नंबर प्लेटफार्म पर ट्रेनों का ठहराव दिया जा रहा है. दो नंबर में ट्रेनों का ठहराव होने के कारण यात्रियों को एक नंबर से दो नंबर प्लेटफार्म में जाने के लिए रेलवे ट्रैक पैदल पार करना पड़ता है. यह गलत है. प्लेटफार्म की ऊंचाई भी काफी है. इससे यात्रियों को लाइन पार करने के लिए नीचे उतरने में दिक्कत होती है. इससे रेलवे को कोई लेना-देना नहीं है.
यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की जिम्मेवारी, लेकिन कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं
एक रेल कर्मचारी ने इस आदेश को नहीं मानते हुए यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेन को एक नंबर प्लेटफार्म पर ले आया. इसका खामियाजा उस कर्मचारी को भुगतना पड़ा. अधिकारी ने उसका अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया. अब किसकी मजाल है कि वरीय अधिकारी का आदेश टस से मस हो जाये. इसके बाद लगातार ट्रेनों का ठहराव दो नंबर प्लेटफार्म पर दिया जा रहा है. इससे यात्रियों को दिक्कत हो रही है. इस मामले में रेल के कोई भी अधिकारी अपनी प्रतिक्रिया नहीं देना चाह रहे हैं. जिन से भी पूछा जाता है यह कहकर टाल देते हैं कि वरीय अधिकारी का आदेश है. रेलवे प्रशासन को इस समस्या का समाधान करना चाहिए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
दो साल से धीमी गति से चल रहा है सौंदर्यीकरण कार्य
पीएम की महत्वाकांक्षी अमृत हिंदुस्तान योजना के तहत 25 करोड़ की लागत से कतरासगढ़ स्टेशन का सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा है. लेकिन दो साल से यह काम धीमी गति से चल रहा है. अब तक न ओवरब्रिज बन पाया है और ना ही दो नंबर प्लेटफार्म. इसके अलावा अन्य स्थानों में भी कार्य नहीं हो पाया है. सौंदर्यीकरण का काम कब तक पूरा होगा, रेल अधिकारी बताने से असमर्थ हैं. यात्रियों की सुलभ सुगम यात्रा एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की है, लेकिन ऐसी स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा.
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