औरंगाबाद शहर. जिले में बुधवार को विभिन्न प्रखंडों में चयनित 30 ग्राम संगठनों में स्त्री संवाद का आयोजन किया गया. वैसे जिले में अब तक 497 ग्राम संगठनों में स्त्री संवाद का आयोजन कर लिया गया है. जिले में प्रतिदिन 15 स्त्री संवाद रथ का संचालन दो पालियों में किया जा रहा है. स्त्री संवाद कार्यक्रम बिहार प्रशासन की स्त्रीओं के साथ सीधा संवाद करने की अनूठी पहल है. जहां स्त्री सशक्तीकरण संबंधित योजनाओं की जानकारी स्त्रीओं के साथ साझा की जा रही है. स्त्रीएं इन योजनाओं से हुए सीधे लाभ की बात करती हैं और योजनाओं को और बेहतर बनाने की बात भी संजीदगी के साथ करती हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की स्त्रीएं अब अपने सपनों और आकांक्षाओं को खुलकर व्यक्त कर रही हैं. राज्य प्रशासन की पहल, स्त्री संवाद कार्यक्रम, उनके लिए उम्मीदों का एक ऐसा मंच साबित हो रहा है, जहां वे न केवल अपनी समस्याओं को उजागर कर रही हैं, बल्कि विकास की नई संभावनाओं की ओर भी इशारा कर रही हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से स्त्रीएं अपनी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचा रही हैं. वहीं प्रशासनी योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में हुए बदलाव को साझा कर दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं. राज्य प्रशासन की योजनाओं से लाभान्वित स्त्रीएं सुषमा देवी, पानपती देवी, कस्तुरी देवी अदि ने अपने अनुभव साझा किये और बताया कि कैसे इन योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और गांव की अन्य स्त्रीओं को भी प्रेरित कर रही हैं. पिछले बीस सालों में राज्य में हुए विकास को उत्तरोत्तर गति प्रदान करने के उद्देश्य से स्त्री संवाद कार्यक्रम में स्त्रीओं की भागीदारी सुनिश्चित हो रही हैं. गांव की स्त्रीएं गांव के विकास के लिए अपनी इच्छाएं एवं आकांक्षाओं को सूचीबद्ध करा रही हैं. कर्मा भगवान स्थित सागर ग्राम संगठन के स्त्री संवाद में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक,जीविका पवन कुमार आदि शामिल हुए और योजनाओं के बारे में जानकारी दी.
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