Operation Sindoor: पहलगाम हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए हिंदुस्तानीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 ठिकानों पर सटीक हमला किया. हिंदुस्तानीय लड़ाकू विमानों ने तीनों सेना के संयुक्त प्रयास से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पांच और पाकिस्तान के चार ठिकानों पर सटीक हवाई हमला किया. ऑपरेशन सिंदूर में अन्य हथियारों के साथ लो कॉस्ट मिनिएचर स्वार्म ड्रोन या लाइटिंग म्यूनिशन सिस्टम (एलएमएस) ड्रोन का इस्तेमाल करने की बात जानकार बता रहे हैं. यह आधुनिक ड्रोन खुद से ठिकाने की पहचान कर उसे नष्ट करने का काम करता है.
हिंदुस्तानीय सेना आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला करने के लिए एलएमएस ड्रोन का उपयोग करती है. यह ड्रोन ठिकाने का पता लगाने के बाद खुद ही विस्फोट कर ठिकाने को सटीकता के साथ तबाह कर देता है. ऐसी समाचारें हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए इस ड्रोन को इस्तेमाल टैक्टिकल ऑपरेशन के लिए किया गया. इस ड्रोन की खास बात यह है कि इसका आकार काफी छोटा है और इसे आसानी से तैनात किया जा सकता है. यह ड्रोन 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. इसे रडार सिस्टम में डिटेक्ट करना काफी मुश्किल होता है.
क्या है इस ड्रोन की खासियत
एलएमएस ड्रोन को आत्मघाती या कामिकेज ड्रोन भी कहा जाता है. स्वदेशी निर्मित इस ड्रोन का विकास डीआरडीओ निजी कंपनी न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर किया है. यह ठिकाने पर सटीक हमला करने में सक्षम है. साथ ही मिसाइल के मुकाबले इसकी लागत भी काफी कम है. मिसाइल की तरह यह ड्रोन भी ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है. ड्रोन हाई रिज्योलूशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग सेंसर, जीपीएस आधारित नैविगेशन से लैस है. कई आधुनिक एलएमएस ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से लैस हैं और ये खुद ठिकाने का चयन का हमला करने में सक्षम हैं. जानकार बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन से मिले रियल डेटा के आधार पर एलएमएस ड्रोन ने आतंकी ठिकानों पर सटीक और घातक हमला किया.
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