भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया जलापूर्ति के लिए सात निश्चय योजना के तहत बना जलमीनार
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत करीब 16 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2020 में हुआ था निर्माण
कपसियां पंचायत के वार्ड संख्या दो अठवलिया गांव का हाल,लोगों में आक्रोश
फोटो-1- क्षतिग्रस्त जलमीनार प्रतिनिधि कोचस.
प्रशासन एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों में सात निश्चय योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर नल-जल योजना के माध्यम से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में लगी है. वहीं,दूसरी तरफ विभागीय अधिकारियों के लापरवाही के कारण प्रशासन की यह महत्वपूर्ण योजना धरातल पर पहुंचते ही दम तोड़ने लगी है. ऐसा ही एक मामला कपसियां पंचायत के वार्ड संख्या दो अठवलिया गांव से सामने आया है, जहां गत सोमवार को जलमीनार में पानी भरने के दौरान स्ट्रक्चर, जलमीनार समेत पूरा फाउंडेशन टूटकर धाराशायी हो गया. इससे जलापूर्ति ठप हो गयी है. वार्ड सदस्य अरविंद कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में तत्कालीन मुखिया रेणु देवी के कार्यकाल में करीब 16 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कार्य कराया गया था. तब से यह जलमीनार विभागीय उदासीनता के कारण शोभा की वस्तु बन कर खड़ा था. उन्होंने बताया कि एक पखवारे पहले ही मुखिया प्रतिनिधि जोखन ने मशक्कत के बाद पीएचईडी विभाग से हरी झंडी लेकर इसका मरम्मत कार्य पूरा करा वार्ड क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू करायी. गत सोमवार की सुबह क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए जलमीनार पर रखे दोनों टंकियों में पानी भरा जा रहा था. इस दौरान जलमीनार स्ट्रक्चर व फाउंडेशन समेत टूटकर जमीन पर गिर गया. संयोग अच्छा रहा कि प्रतिदिन की तरह लोग वहां इकट्ठा नहीं थे, अन्यथा एक बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता.
मरम्मत शुरू कर दिया गया है, जल्द जलापूर्ति बहाल कर दी जायेगी: जेई
इस संबंध में पीएचइडी के कनीय अभियंता मुन्ना कुमार ने बताया कि स्ट्रक्चर निर्माण के दौरान संवेदक ने अनियमितता बरती थी, इसके कारण जलमीनार पानी का भार सहन नहीं कर सका और टूटकर धाराशायी हो गया. उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, शीघ्र ही वार्ड क्षेत्र में जलापूर्ति बहाल कर दी जायेगी.
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