Motihari: सिकरहना.अनुमंडल अंतर्गत घोड़ासहन थाना क्षेत्र के गुरमिया मठवा टोला के दलित युवक अनिल राम की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गयी. उक्त बातें राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के प्रदेश महासचिव विद्यानंद राम ने कही हैं. उन्होंने बताया कि एनसीडीएचआर की एक पांच सदस्यीय टीम द्वारा मंगलवार को मामले का तथ्यान्वेषण किया गया. तथ्यान्वेषण के दरम्यान ये बातें सामने आई कि संबंधित प्राथमिकी में एससी/एसटी एक्ट नहीं लगाई गई हैं, जिसके कारण मृतक के आश्रित एक्ट के प्रावधानों एवं प्रशासनी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि मामले में नामजद अभियुक्त के अलावा अन्य कई लोगों की संलिप्तता उजागर होती हैं. कहा कि मृतक के माथे में गोलियां मारी गई थी तथा उनकी पल्सर मोटर साइकिल ,सोना की अंगूठी एवं हनुमानी भी छीन ली गई थी. इन सभी वारदातों को अंजाम देना किसी एक अपराधी के वश की बात नहीं है .घटना को जाति आधारित अत्याचार करार देते हुए कहा कि घटना के कई कारण हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि तथ्यान्वेषण के दरम्यान ये बातें सामने आई कि हत्यारों द्वारा घटना के साक्ष्य को खत्म करने की चालाकी की गई. जहां लाश बरामद हुईं,वहां खून की बुंदें भी नहीं देखी गईं. स्पष्ट होता है कि अपराधियों द्वारा हत्या की घटना को कहीं अन्यत्र अंजाम दिया गया था और सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए लाश को सड़क के किनारे फेक दिया गया था.मृतक के आश्रितों को एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक राहत राशि ,एक आश्रित को प्रशासनी नौकरी प्रदान करने की सिफारिशें की हैं. तथ्यान्वेषण टीम में अनुसूचित जाति/जन जाति सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति सिकरहना के सदस्य सह एनसीडीएचआर के जिला सचिव जगजीत राम,दिनेश पासवान ,हरेंद्र राम ,गोपाल कुमार आदि शामिल थे.
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