Ganesh Puja: हिंदू धर्म में सप्ताह के सातों दिनों का संबंध अलग-अलग देवताओं से माना गया है. इनमें से बुधवार का दिन श्री गणेश जी को समर्पित है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बुधवार को गणपति बप्पा की पूजा का विशेष कारण क्या है? आइए जानें धार्मिक मान्यता और इसके पीछे की कहानी.
पौराणिक कथा से जुड़ा है बुधवार का महत्व
मान्यताओं के अनुसार, जब माता पार्वती के आशीर्वाद से श्री गणेश का जन्म हुआ, उस समय कैलाश पर्वत पर बुध देव भी मौजूद थे. उनकी उपस्थिति को शुभ माना गया और इसी के चलते बुधवार को गणेश जी की उपासना का विशेष दिन घोषित हुआ.
बुध देव और गणेश जी का खास संबंध
ज्योतिष में बुध ग्रह बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक माने जाते हैं. चूंकि गणेश जी भी विद्या और विवेक के देवता हैं, इसलिए बुधवार को उनकी पूजा करने पर बुध ग्रह की कृपा भी एक साथ प्राप्त होती है. यही कारण है कि छात्र, व्यापारी और नौकरी से जुड़े लोग इस दिन विशेष रूप से गणेश आराधना करते हैं.
बुधवार की पूजा से मिलते हैं ये लाभ
- बाधाओं और संकटों से मुक्ति
- शिक्षा और करियर में सफलता
- व्यापार में वृद्धि व सौभाग्य
- मानसिक शांति और निर्णय क्षमता में सुधार
- धार्मिक ग्रंथों में लिखा है कि बुधवार के दिन गणेश जी के नाम का व्रत करने से कर्ज से छुटकारा और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है
बुधवार को क्या नहीं करना चाहिए
पंडितों का कहना है कि बुधवार को उधार देना या लेना शुभ नहीं माना जाता. ऐसा करने से आर्थिक हानि की संभावना बढ़ सकती है.
क्या बुधवार के दिन व्रत रखा जाता है?
हाँ, कई लोग बुधवार को श्री गणेश जी के लिए व्रत रखते हैं और हरे रंग की वस्तुओं का दान करते हैं.
गणेश जी को बुधवार को क्या भोग लगाना चाहिए?
मोदक, गुड़ और दूर्वा घास गणेश जी को अति प्रिय माने जाते हैं.
क्या बुधवार को यात्रा करना ठीक है?
कुछ मान्यताओं में बुधवार को नई यात्रा शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है, विशेषकर व्यापारिक यात्रा.
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