How to choose ITI, Polytechnic or Diploma Course: 10वीं और 12वीं के बाद स्टूडेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स में कौन-सा बेहतर है. तीनों ही कोर्स टेक्नोलॉजी और स्किल्स बेस्ड होते हैं, लेकिन कोर्स की अवधि, योग्यता (Eligibility), पढ़ाई के तरीके और नौकरी के अवसर एक-दूसरे से अलग होते हैं. सही कोर्स चुनने के लिए इन तीनों के अंतर को समझना बहुत जरूरी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स में अंतर और स्कोप क्या-क्या है.
What is ITI Course: आईटीआई कोर्स क्या है?
ITI (Industrial Training Institute) एक टेक्नोलॉजी ट्रैनिंग कोर्स है, जो स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाने पर ज्यादा ध्यान देती है. 8वीं, 10वीं या 12वीं पास छात्र इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस कोर्स की अवधि 6 महीने से 2 साल तक होती है. इस कोर्स में स्टूडेंट्स को ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रैनिंग दी जाती है.
आईटीआई कोर्स में इंजीनियरिंग (जैसे फिटर, इलेक्ट्रीशियन) और नॉन-इंजीनियरिंग (जैसे COPA, स्टेनोग्राफी) ट्रेड होते हैं. आईटीआई के बाद रेलवे, पीडब्ल्यूडी, सेना और बिजली बोर्ड जैसी प्रशासनी विभागों और प्राइवेट फैक्ट्रियों, गैराज, आईटी सेक्टर में जॉब पाने के अवसर मिलते हैं. आईटीआई के बाद शुरुआती सैलरी अनुभव और ट्रेड के आधार पर 12,000 से 35,000 और उससे अधिक भी हो सकती है. साथ ही अप्रेंटिसशिप के दौरान स्टाइपेंड भी अच्छा मिलता है.
What is Polytechnic Course: पॉलिटेक्निक कोर्स क्या है?
पॉलिटेक्निक एक (Diploma in Engineering) कोर्स होता है, जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पढ़ाए जाते हैं. यह छात्रों को जल्दी और सही तरीके से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नौकरी के लिए तैयार करता है. इस कोर्स की अवधि 3 साल (10वीं के बाद) या 2 साल (12वीं के बाद) तक होती है. पॉलिटेक्निक कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए अच्छा विकल्प है, जिन्हें इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के फील्ड में अपना करियर बनाना है.
पॉलिटेक्निक कोर्स के बाद जूनियर इंजीनियर (JE) जैसे पदों के लिए रोजगार के अवसर मिलते हैं. इस कोर्स में टेक्निकल नॉलेज के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है. जूनियर इंजीनियर की सैलरी लगभग 1.2- 4.2 लाख प्रति वर्ष होती है.
What is Diploma Course: डिप्लोमा कोर्स क्या है?
डिप्लोमा कोर्स (Diploma Course) एक शॉर्ट-टर्म, स्किल-बेस्ड ट्रैनिंग प्रोग्राम है. यह कोर्स आमतौर पर 1-2 साल का होता है. यह कोर्स में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल स्किल्स और इंडस्ट्री की जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है. डिप्लोमा कोर्स से कम समय में एक अच्छी नौकरी मिलती है. यह कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए बेहतर होता है, जो जल्दी अपना करियर शुरू करना चाहते हैं और किसी खास स्किल्स में एक्स्पर्ट बनना चाहते हैं. डिप्लोमा कोर्स पॉलिटेक्निक, आईटीआई, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट और कंप्यूटर जैसे कई क्षेत्रों में उपलब्ध है.
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