Indian Salaries Germany: जर्मनी में हिंदुस्तानीय कर्मचारियों की कमाई ने हाल ही में सबको हैरान कर दिया है. राइट-विंग पॉलिटिकल एनालिस्ट रिचर्ड हनानिया, जिन्होंने पहले कहा था कि हिंदुस्तान विरोधी नफरत नस्लवाद का सबसे बेवकूफी भरा रूप है और अब एक हालिया रिपोर्ट के बाद हिंदुस्तानीय मजदूरों की तारीफ कर रहे हैं, जिसमें दिखाया गया है कि वे जर्मनी में सबसे ज्यादा औसत सैलरी कमाते हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा कि इंडियन्स फिर जीत गए. एक समूह इतने फायदे कैसे ला सकता है और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता? यह वाकई प्रेरणादायक है. हनानिया पहले भी H‑1B वीजा का समर्थन कर चुके हैं और अमेरिका में फैली एंटी-डंडिया नफरत की आलोचना कर चुके हैं. उन्होंने हिंदुस्तानीय-अमेरिकियों का समर्थन भी किया, जैसे कि MAGA नेताओं स्टीव बैनन और रोन डेसेंटिस के खिलाफ, और कहा कि हिंदुस्तानीय अमेरिका में सबसे अधिक कमाई करने वाले समूहों में शामिल हैं.
Indian Salaries Germany in Hindi: रिपोर्ट में हिंदुस्तानीयों का वेतन
2024 की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी में हिंदुस्तानीय कर्मचारियों का मासिक मध्य वेतन €5,393 है, जो ऑस्ट्रियाई (5,322 यूरो), अमेरिकी (5,307 यूरो) और आयरिश (5,233 यूरो) कर्मचारियों से अधिक है. सामान्य विदेशी कर्मचारियों का वेतन 3,204 यूरो और जर्मनी के स्थानीय कर्मचारियों का 4,177 यूरो था. यानी हिंदुस्तानीय कर्मचारियों की कमाई लगभग 1,200 यूरो ज्यादा है. रिपोर्ट के अनुसार यह मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि हिंदुस्तानीय तकनीकी और अकादमिक नौकरियों में काम कर रहे हैं.
Indians win again.
How can a group be so beneficial while bringing no harms across so many countries? It’s absolutely awe inspiring. https://t.co/r4aH15Y11u https://t.co/2mv9Qn5VQa
— Richard Hanania (@RichardHanania) January 4, 2026
MINT क्षेत्रों में बढ़त
MINT क्षेत्रों (गणित, आईटी, विज्ञान और इंजीनियरिंग) में हिंदुस्तानीयों की संख्या 2012 से लगभग 9 गुना बढ़कर 32,800 हो गई है. 25 से 44 साल की उम्र के लगभग एक-तिहाई हिंदुस्तानीय कर्मचारी इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. जर्मनी में हिंदुस्तानीय छात्रों की बढ़ती संख्या भी इस ट्रेंड को सपोर्ट कर रही है. कई छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद जर्मनी में रुके और रिसर्च और इनोवेशन में योगदान दिया. रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तानीय मूल के आविष्कारकों के पेटेंट आवेदन 2000 से 2022 के बीच 12 गुना बढ़ गए. (Indian Salaries Germany Highest Earning Technical Academic Workers in Hindi)
जर्मनी की नीति और स्किल्ड इमिग्रेशन
IW के विशेषज्ञ एक्सेल प्लुनेके ने कहा कि हिंदुस्तान से स्किल्ड कर्मचारियों का आगमन एक विशेष सफलता की कहानी है. 2012 के बाद से जर्मनी ने गैर-EU देशों से स्किल्ड वर्कर्स की भर्ती पर जोर दिया, खासकर अकादमिक और तकनीकी क्षेत्रों में. 2024 में तत्कालीन जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ की प्रशासन ने हिंदुस्तान से इमिग्रेशन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए. रिपोर्ट में उन राष्ट्रीयताओं का विश्लेषण किया गया जिनके पास जर्मनी में 5,000 से अधिक फुल-टाइम कर्मचारी थे, और डेटा फेडरल एम्प्लॉयमेंट एजेंसी से लिया गया.
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