Turkman Gate Bulldozer Action: दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में एक धार्मिक स्थल के पास अतिक्रमण हटा रहे दल पर कुछ लोगों ने पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज किया है. अतिक्रमण हटाने के अभियान पर संयुक्त पुलिस कांस्टेबल (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने बताया “दिल्ली पुलिस ने कल रात तुर्कमान गेट पर हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर बीएनएस की धारा 121, 123, 221, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम की धारा 3 और धारा 191 (दंगा) के तहत मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि मौके पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. विशेष स्टाफ इंस्पेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस कर्मियों के पहने गए बॉडी-बोर्न कैमरों और घटनास्थल से प्राप्त वीडियोग्राफी की मदद से और सबूत जुटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आगे की जांच इसी आधार पर की जाएगी.
क्या समाजवादी पार्टी के सांसद थे मौजूद?
संयुक्त पुलिस कांस्टेबल ने एक समाजवादी पार्टी के सांसद के मौजूद होने के बारे में बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह वास्तव में वहां मौजूद थे, लेकिन अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होने से पहले ही वे वहां से जा चुके थे. इसकी जांच की जा रही है. अगर कोई पुख्ता सबूत मिलता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा “सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं और हमारी टीम ने भी कुछ ऐसे वीडियो का पता लगाया है जिनमें गुंडों को उकसाने की कोशिश की जा रही है. जांच के तहत वीडियो पोस्ट करने वाले लोगों को तलब किया जाएगा और उनसे पूछताछ की जाएगी. अगर किसी की साजिश में भूमिका साबित होती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
#WATCH | Delhi: On anti-encroachment demolition drive by MCD near Faiz-e-Elahi Masjid, Turkman Gate, Jt CP (Central Range), Madhur Verma says, “Delhi Police have registered a case under sec 121, 123, 221 of BNS, sec 3 of Prevention of Damage to Public Property Act and sec 191… pic.twitter.com/gVoykoWnqy
— ANI (@ANI) January 7, 2026
सोशल मीडिया पर आए पोस्ट ने किया गुमराह!
पुलिस सूत्रों ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया जिसमें दावा किया गया कि अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान धार्मिक स्थल को ध्वस्त किया जा रहा है और इसके बाद हंगामा मच गया. सूत्रों ने बताया कि इसके तुरंत बाद काफी लोग वहां एकत्र हो गये और कुछ लोगों ने पुलिस और एमसीडी के कर्मचारियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकी. दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी मस्जिद से सटी और कब्रिस्तान के निकट स्थित जमीन पर अतिक्रमण हटाने का अभियान संचालित कर रहे थे.
धार्मिक स्थल को नहीं पहुंचाया गया नुकसान
एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने साफ कर दिया कि अभियान के दौरान एक निदान केंद्र और बैंक्वेट हॉल समेत कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 100 से 150 लोग घटनास्थल पर जमा हो गए थे. हालांकि उनमें से ज्यादातर समझाने-बुझाने के बाद वहां से हट गए, लेकिन कुछ लोगों ने हंगामा किया और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा अचानक हुई थी या यह अभियान को बाधित करने की कोई पूर्व नियोजित साजिश थी.
हंगामे में कई पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई और सामान्य स्थिति बहाल हो सकी. हालांकि, कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मियों हल्के घालय हुए. पुलिस सूत्रों के अनुसार जिन वीडियो के कारण विवाद पैदा हुआ उनमें से एक को कथित तौर पर खालिद मलिक नामक व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया था, जिसमें लोगों से बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकलने का आग्रह किया गया. अफवाह फैलाई गईं कि एक मस्जिद को गिराने के लिए बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया.
पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
हंगामे में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इसके अलावा दस से 15 अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है. पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का विश्लेषण करके अन्य दोषियों की पहचान की जा रही है.
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