Hot News

खेत की पगडंडी के सहारे भविष्य गढ़ रहे मासूम, 20 साल से स्कूल को सड़क का इंतजार

बदहाली: चंद्रवंशी टोला मोहद्दीनगर प्राथमिक विद्यालय को नहीं मिला अपना रास्ता, बारिश में फिसलकर गिर रहे शिशु

हलसी. प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चंद्रवंशी टोला मोहद्दीनगर के बच्चों व शिक्षकों के लिए शिक्षा की राह किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. विद्यालय की स्थापना के दो दशक बीत जाने के बाद भी आज तक इस स्कूल को अपनी पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है. आलम यह है कि 113 मासूम शिशु व छह शिक्षक हर दिन खेत की संकरी पगडंडियों के सहारे जान जोखिम में डालकर स्कूल आने-जाने को विवश हैं.

बारिश में बढ़ जाती है मुसीबत

स्कूल आने-जाने का रास्ता खेतों के बीच से होकर गुजरता है. बरसात के मौसम में जब खेतों में पानी भर जाता है, तो पगडंडी पर फिसलन बढ़ जाती है. प्रधानाध्यापिका निकहत आफिस ने बताया कि रास्ता इतना पतला और खराब है कि शिशु अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं. शिक्षकों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे हमेशा अनहोनी का डर बना रहता है.

2006 में मिली जमीन, पर रास्ता आज भी गायब

बता दें कि वर्ष 2006 में जमीन दाता बिंदेश्वरी राम ने विद्यालय निर्माण के लिए जमीन दान दी थी. भवन तो बन गया, जिसमें तीन कमरे, कार्यालय और रसोईघर है, लेकिन पहुंच पथ का निर्माण नहीं हो सका. स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ता निजी जमीन से होकर गुजरता है, जिसके कारण ग्रामीण रास्ता देने में कतरा रहे हैं. मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ कई बार बैठकें हुईं, लेकिन समस्या का समाधान अब तक सिफर रहा.

नया मतदान केंद्र बना, पर नहीं बदली स्थिति

हैरानी की बात यह है कि एक हजार से अधिक मतदाताओं की संख्या होने के कारण इस बार इस विद्यालय को नया मतदान केंद्र भी बनाया गया था. चुनाव के दौरान मतदानकर्मी, अधिकारी और सैकड़ों मतदाता भी इसी पगडंडी के सहारे केंद्र तक पहुंचे थे. बावजूद इसके, इस गंभीर समस्या की ओर किसी प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं गया.

——–

एक नजर में विद्यालय की स्थिति:

नामांकित शिशु: 113

शिक्षकों की संख्या: 06

स्थापना वर्ष: 2006

मुख्य समस्या : पहुंच पथ का अभाव, निजी जमीन का पेच

—-

बोले अधिकारी

नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चंद्रवंशी टोला मोहद्दीनगर स्थित विद्यालय के समीप सभी निजी जमीन होने के कारण विद्यालय जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है. विभाग को सूचित किया गया है. विभागीय कार्रवाई होने के उपरांत रास्ते को लेकर जमीन अधिग्रहण करते हुए विद्यालय को पक्का उपलब्ध कराया जायेगा. –

एजाज आलम,

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी——

बोले ग्रामीण

स्कूल तक पक्की रास्ता नही होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. बारिश में कीचड़ व जलभराव होने पर फजीहत हो जाती है. शिशु गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं. प्रशासन को इस समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिये. भूस्वामी के मुकरने के कारण यह रास्ता अधूरा पड़ा हुआ है.

बच्चू रजक, ग्रामीण

———

बारिश में कीचड़ में फिसलने व गिरने का डर रहता है. खेतों से गुजरने पर कीड़े-मकोड़ों के काटने का खतरा बना रहता है. ग्रामीण अक्सर जनप्रतिनिधि व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी की बैठकों में प्रस्ताव रख रहे है. अधिकारी व जनप्रतिनिधि को सक्रिय होकर इस समस्या का समाधान कराना चाहिये.

उर्मिला देवी,

ग्रामीण

——–

स्कूल बनाते समय जमीन दान करने वाले ने दान कर दिये, लेकिन रास्ते की व्यवस्था नहीं हो सकी. प्रशासन की पहल पर स्कूल बना दिया. रास्ता ही नहीं था, तो स्कूल को वहां मंजूरी देना ही अनुचित था. विभाग को पहल कर रास्ता दिलवाना चाहिये.

सनोज कुमार,

ग्रामीण———-

बारिश होने पर बिना कीचड़ में सने स्कूल पहुंचना असंभव हो जाता है. खेतों में फसल लहलहाने के दौरान बच्चों को मेड़ व क्यारी से गुजरते समय कीट का भी बना रहता है. स्कूल का भवन खेतों के बीच में रहने के कारण बच्चों के स्कूल जाने पर अनहोनी डर बना रहता है.

जोधी यादव,

ग्रामीण

———–

डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

The post खेत की पगडंडी के सहारे भविष्य गढ़ रहे मासूम, 20 साल से स्कूल को सड़क का इंतजार appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top