Parliament Updates : संसद के वर्तमान बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामे के आसार हैं. पीठासीन सभापति द्वारा बुलाए जाने पर सदन के 50 सदस्यों को नोटिस के समर्थन में खड़ा होना होगा. फिर प्रस्ताव सदन के विचार के लिए स्वीकृत माना जाएगा. इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा. यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है.
भाजपा और कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार के समय सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है. सदन में संख्या बल प्रशासन के पक्ष में काफी अधिक है, जिससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रस्ताव नहीं आएगा.
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बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के तीन सदस्य मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि सदन की अनुमति मांगेगे. कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन मिलने के बाद वे यह प्रस्ताव सदन में चर्चा और मतदान के लिए रखेंगे. संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष नोटिस पर विचार किए जाने के दौरान सदन में उपस्थित रह सकते हैं. वह प्रस्ताव पर अपना पक्ष रख सकते हैं. मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा होगी तब वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते.
अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे तृणमूल सांसद
तृणमूल कांग्रेस बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी लोकसभा के कई विपक्षी सदस्यों द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के साथ हमेशा से खड़ी थी.
कहां बैठेंगे ओम बिरला?
बताया जा रहा है कि ओम बिरला संभवतः सत्तापक्ष की प्रमुख पंक्तियों में बैठ सकते हैं, हालांकि नियम इस बारे में स्पष्ट नहीं हैं.
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