हाईलाइट्स
Nishant Kumar JDU Role Nitish Kumar successor : बिहार की सियासत में इन दिनों तेजी से बदलाव देखे जा रहे हैं. जिस पर पूरे देश की निगाह बनी हुई. इस बदलाव के केंद्र में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार हैं. उन्हें महज 20 दिनों से भी कम समय में पार्टी की कमान अपने हाथ में लेना है और ये भी साबित करना है कि वो नीतीश कुमार की विरासत को संभालने में सक्षम हैं. इसी दिशा में उन्होंने आज अपना पहला बड़ा कदम बढ़ा दिया है.
जदयू प्रवक्ताओं के साथ निशांत की बैठक की तस्वीरें. मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक. पार्टी रणनीति और संदेश पर चर्चा. निशांत की पहली बड़ी नेतृत्वक बैठक मानी जा रही.#Patna #NishantKumar #JDU #BiharPolitics #PrabhatKhabar @Nishantjdu @Jduonline @RajivRanjanJDU @neerajkumarmlc pic.twitter.com/HmXIS27Bfx
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कमान संभालने को तैयार निशांत
निशांत कुमार ने आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख प्रवक्ताओं की पहली बैठक (first meeting) बुलाई. इसे नेतृत्वक तौर पर बड़ा नेतृत्वक संकेत माना जा रहा है. वहीं, निशांत तेजी से जनता दल यूनाइटेड की लगाम अपने हाथ में लेने की तैयारी में भी नजर आ रहे हैं. आज सुबह भी उन्होंने पटना के गांधी मैदान पहुंचकर अपने पिता नीतीश कुमार की कमी पूरी की. वो पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के आवास पर भी गए. यहां उन्होंने पार्टी की संरचना को समझने की कोशिश की. ऐसे में माना जा रहा है कि अब Nishant Kumar पार्टी की कमान संभालने का मन बना चुके हैं.
पटना: ईद पर फुलवारी शरीफ पहुंचे निशांत कुमार. मुस्लिम समाज को दी मुबारकबाद. खानकाह मुजीबिया और इमारत-ए-शरिया में मुलाकात. धार्मिक और सामाजिक हस्तियों से मिले. वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों के आवास भी पहुंचे. कहा – ईद भाईचारे और प्रेम का संदेश देती है. नीतीश कुमार की ओर से भी दी… pic.twitter.com/ynI8wfhLXz
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समय कम, चुनौती बड़ी
इधर, टेक्निकली देखा जाए तो निशांत के पास भी पार्टी को समझने का बहुत ज्यादा वक्त नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि नीतीश कुमार को राज्यसभा जाना है. इसके लिए उन्हें 30 मार्च से पहले विधान परिषद से इस्तीफा देना होगा. वर्ना उनकी राज्यसभा की सदस्यता चली जाएगी. उसके बाद उन्हें राज्यसभा जाने के लिए भी 9 अप्रैल से पहले बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी करवानी है. इसके लिए भी उन्हें अधिकतम 6 अप्रैल तक बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना है. ऐसे में निशांत के पास तो पार्टी की संरचना को समझने के लिए 20 दिन भी नहीं हैं.
नेतृत्व की शुरुआत
देखा जाए तो अब निशांत पिता नीतीश कुमार की जिम्मेदारियों को संभालने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. उन्हें भी पता है कि नीतीश कुमार भले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. मगर अधिकतम 9 अप्रैल से पहले तो उन्हें भी बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना है! और बिहार में बनने वाली नई प्रशासन में JDU की भूमिका तय करनी है.
पटना: गांधी मैदान में ईद की मुबारकबाद देने के बाद निशांत जी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन जी) से मिलने पहुंचे. उन्होंने उनका हालचाल जाना और स्नेहपूर्वक आशीर्वाद लिया.#Eid #Patna #prabhatkhabar @Nishantjdu @LalanSingh_1 @Jduonline pic.twitter.com/5zWfIyubr5
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सियासी संदेश साफ
नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक बैठक नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा नेतृत्वक संकेत है. इस संकेत के साथ निशांत कुमार अब बैकफुट से फ्रंटफुट की नेतृत्व में आते नजर आ रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 20 दिनों में निशांत कुमार खुद को उस भूमिका में स्थापित कर पाएंगे, जिसकी जमीन नीतीश कुमार इतने वर्षों से तैयार कर रहे हैं?
पटना: ईद का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की. सीएम नीतीश कुमार की जगह निशांत पहुंचे और सभी को ईद की मुबारकबाद दी. इस मौके पर मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहे.#Eid #Patna #Festival #prabhatkhabar @AshokChoudhaary @Jduonline… pic.twitter.com/dDl8yZPPYU
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