Hot News

समाजवादी राजनीति में नया मोड़: लालू-नीतीश के बेटों के इर्द-गिर्द घूमेगा बिहार, क्‍या ‘पावर सेंटर’ हो रहा तैयार?

समाचार में ये है खास

Lalu Yadav Nitish Kumar Bihar Political Dynasty : जैसा की आपको समाचार की हेडिंग से थोड़ा तो आभास हो ही गया होगा कि हम किस विषय पर चर्चा करने जा रहें हैं. दरअसल, बिहार की समाजवादी नेतृत्व एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है. यहां विचारधारा और वंशवाद के बीच जंग है. बिहार की नेतृत्व के वो पावर सेंटर जो लगभग 35 साल से बिहार की नेतृत्व के केंद्र में रहे. जो अब उम्र की वजह से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में सवाल है कि समाजवादी आंदोलनों की धरती से परिवारवाद की नई बेल सींची जा रही है? या लालू और नीतीश के बेटे के जरिए बिहार की नेतृत्व में नया पावर सेंटर तैयार किया जा रहा है?

वंशबेल से सिंचित हो रही पार्टियां?

तो आइए, इसी सवाल सवाल को समझने का प्रयास करते हैं. नेतृत्वक विश्‍लेषक कौशलेंद्र प्रियदर्शी कहते हैं बिहार वो धरती रही है. जहां नेता विचारों और क्रांति की सान पर धारदार हुए. समाजवादी नेता कभी समाज की बात करते थे और हाशिए पर पड़े लोगों की बात करते थे. मगर अब विचारधारा से उपजे नेताओं की पार्टियां वंशबेल (परिवारवाद) सहारे आबाद होने को मजबूर है.

‘राजा का बेटा ही राजा’ वाली मानसिकता?

कौशलेंद्र कहते हैं कि बिहार की नेतृत्व में वंशवाद पोषित किया जा रहा है. जो केवल नेताओं के जरिए नहीं है. बल्कि इसे पोसने में बिहार की जनता भी उनती ही जिम्‍मेदार है. वह नारा, जिसमें ये कहा जाता था कि ‘रानी के पेट से राजा जन्‍म नहीं लेगा…’ बिहार की जनता की मानसिकता भी कुछ ऐसी ही है. वह राजा के बेटे को ही अपना राजा मानती है. इसका उदारण तेजस्‍वी यादव भी हैं और अब निशांत.

निशांत की एंट्री मजबूरी है?

प्रियदर्शी यह भी कहते हैं कि लालू प्रसाद यादव ने अपनी नेतृत्वक कमान तेजस्वी यादव को सौंप दी, जिसे वे ‘थोपना’ मानते हैं. उनके अनुसार, लालू ने अपने बेटे और पत्नी को नेतृत्व में थोपा है. नीतीश कुमार मजबूत मानसिक अवस्‍था में होते तो ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं होने देते. यानी निशांत नेतृत्व में नहीं आते. निशांत का जेडीयू में आना जेडीयू को टूट से बचाने की मजबूरी है.

सिर्फ बिहार नहीं, देशभर में यही ट्रेंड

अगर कौशलेंद्र प्रियदर्शी बातों को ही आधार माना जाए तो बिहार ही नहीं देश के दूसरे राज्‍यों की नेतृत्व में भी ऐसे ही ट्रेंड देखने को मिलते हैं. पड़ोसी राज्‍य उत्‍तर प्रदेश की बात करें या महाराष्‍ट्र से लेकर दक्षिण हिंदुस्तान तक. आपको लगभग यही पैटर्न हर राज्‍य में मिलेगा. जहां भी किसी बड़े नेता ने अपने बेटे या परिवार के सदस्य को उत्तराधिकारी नहीं बनाया, वहां पार्टी कमजोर या खत्म होती दिखी है. 

निशांत की टीम में ‘पॉलिटिकल बैकग्राउंड’ हावी

अगर निशांत कुमार की टीम पर नजर डालें, तो वहां भी नेतृत्वक परिवारों से आने वाले चेहरों की भरमार दिखती है. इसमें दिवंगत जदयू नेता राजेश रंजन के पुत्र रुहेल रंजन, पूर्व सांसद अरुण कुमार के पुत्र ऋतुराज कुमार, जदयू नेता दिनेश सिंह की बेटी कोमल सिंह शामिल हैं. इसके अलावा चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे), शुभानंद मुकेश (कांग्रेस नेता सदानंद सिंह के बेटे), अतिरेक कुमार (कांग्रेस नेता अशोक कुमार के बेटे), विशाल मांजरिक मृणाल (जदयू नेता अशोक कुमार के बेटे), समृद्ध वर्मा (जदयू नेता दिलीप वर्मा के बेटे), नचिकेता मंडल (जदयू नेता ब्रह्मानंद मंडल के बेटे), आदित्य कुमार (जदयू नेता अशोक चौधरी के बेटे) और अभिषेक आनंद (पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेटे) जैसे नाम शामिल हैं.

मजबूरी में भी नीतीश तलाशेंगे समाजवादी राह

रमाकांत चंदन कहते हैं कि ये बात सच है कि निशांत की टीम में ज्‍यादातर नेता नेतृत्वक पृष्‍ठभूमि से आते हैं. लेकिन नीतीश पहले निशांत को तैयार करेंगे उन्‍हें बिहार की जनता के बीच भेजेंगे. उनका समर्थन लेंगे उसके बाद ही जेडीयू की कमान सौंपेंगे. हालांकि वो भी इस बात को स्‍वीकार करते हैं कि परिवारवाद नेतृत्व की मजबूरी बनती जा रही है. लेकिन नीतीश कुमार इस मजबूरी में भी समाजवाद की राह तलाशेंगे.

लालू और नीतीश के बेटों के आस-पास नेतृत्व?

ऐसे में अब देखना यह होगा कि यह नई पीढ़ी सिर्फ विरासत संभालती है या वाकई एक नया नेतृत्वक ‘पावर सेंटर’ बनाती है? इस बात का भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि भले ही लालू-नीतीश बिहार की नेतृत्व से बाहर हो जाएंगे लेकिन उनके बेटे अब बिहार की नेतृत्व का नया पावर सेंटर तैयार करेंगे. बिहार की नेतृत्व अब लालू नीतीश के बाद उनके बेटों के इर्द-गिर्द होगी. जहां उनके साथ नेतृत्व में नेतृत्वक परिवारों से उगी नई वंशबेल का दबदबा होगा.

Also Read : नीतीश कुमार पर मीसा हिंदुस्तानी ने कसा तंज, बोली-अब परिवार पर नहीं बोल पायेगें, उप-प्रधानमंत्री बनने दी सलाह

The post समाजवादी नेतृत्व में नया मोड़: लालू-नीतीश के बेटों के इर्द-गिर्द घूमेगा बिहार, क्‍या ‘पावर सेंटर’ हो रहा तैयार? appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top