Iran obliterated trump: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कड़ा बयान दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों की सुरक्षा कर रहे अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है, तो ‘धरती के नक्शे से उसका नामोनिशान मिटा दिया जाएगा.’ एक इंटरव्यू में ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान पर आरोप है कि उसने कुछ जहाजों को निशाना बनाया, जिन्हें अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजारा जा रहा था.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि इन हमलों में एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज भी शामिल था. उन्होंने कहा कि ईरान ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत जहाजों की आवाजाही से जुड़े अन्य देशों को भी निशाना बनाया है. अमेरिकी सेना ने भी कार्रवाई करते हुए सात छोटी नौकाओं को निशाना बनाने की बात कही है. ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से इस मिशन में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब उसके लिए सक्रिय भूमिका निभाने का समय है.
“Iran has taken some shots at unrelated Nations with respect to the Ship Movement, PROJECT FREEDOM, including a South Korean Cargo Ship… We’ve shot down seven small Boats or, as they like to call them, “fast” Boats. It’s all they have left.” – President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/dRpde52oWB
— The White House (@WhiteHouse) May 4, 2026
ट्रंप ने यूएस की सैन्य ताकत का किया जिक्र
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक हथियार और पर्याप्त सैन्य संसाधन मौजूद हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पहले से कहीं अधिक उन्नत हथियार और गोला-बारूद हैं. हमारे सैन्य अड्डे पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और वे सभी जरूरी साजो-सामान से लैस हैं. जरूरत पड़ने पर हम इनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे.’
होर्मुज बंद होने से दुनिया में बढ़ा संकट
होर्मुज स्ट्रेट 28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से प्रभावी रूप से बंद है. यहां से दुनिया के तेल और गैस के साथ साथ कई अहम कमोडिटीज का आवागमन होता था. इस स्थान से पूरे विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता था. इसकी वजह से हिंदुस्तान समेत पूरी दुनिया में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है. तेल की कमी हुई और कीमतें भी बढ़ीं. 28 फरवरी से पहले जो क्रूड ऑयल 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह युद्ध शुरू होने के बाद 100 डॉलर के पार बना हुआ है.
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ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को भी दी है चेतावनी
ईरान और अमेरिका- दोनों ने 8 अप्रैल से इस युद्ध को सीमित करते हुए सीजफायर जरूर कर लिया है, लेकिन इस होर्मुज के इस संकरे समुद्री रास्ते पर नाकेबंदी बरकरार रखी है. इसकी वजह से अब भी दुनिया में तेल और गैस संकट जारी है. ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना चाहता है, यह अमेरिका को स्वीकार नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को भी चेतावनी दी है कि अगर जहाजों ने स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान को किसी भी तरह का भुगतान किया, तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.
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