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May 5, 2026

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DC vs CSK: संजू सैमसन की आंधी में उड़ी दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स ने 8 विकेट से जीता मुकाबला

DC vs CSK: दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाए. जवाब में इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की टीम ने 17.3 ओवर में मुकाबले को 8 विकेट से जीत लिया. इस जीत के साथ चेन्नई की टीम अंक तालिका में 10 अंकों के साथ छठे स्थान पर हैं. Moving step by step closer to the W! 🎯 Sanju Samson 🤝 Kartik Sharma 💛 Updates ▶️ https://t.co/f1bRZthndy#TATAIPL | #KhelBindaas | #DCvCSK | @ChennaiIPL pic.twitter.com/MoCXAPFl6Q — IndianPremierLeague (@IPL) May 5, 2026 दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. लेकिन यह फैसला दिल्ली पर ही भारी पड़ गया. दिल्ली की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाए. पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली की शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही. पथुम निसांका ने 19 और केएल राहुल 12 रन बनाकर आउट हो गए. दोनों पावरप्ले के दौरान ही पवेलियन लौट गए. रिजवी और स्टब्स ने संभाली दिल्ली की पारी उसके अलावा नीतीश राणा ने 15, करुण नायर ने 13, अक्षर पटेल ने 2 रन बनाए. छठे विकेट के लिए ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने 47 गेंदों में 65 रनों की साझेदारी की. इस दौरान स्टब्स ने 38 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. वहीं समीर रिजवी ने नाबाद 40 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. अंत में आशुतोष शर्मा ने 14 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. चेन्नई के लिए नूर अहमद ने 2, गुरजपनीत सिंह ने 1, जेमी ओवरटन ने 1, अकील हुसैन ने 1 और मुकेश चौधरी ने 1 विकेट चटकाए. चेन्नई की खराब शुरुआत जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. कप्तान रुतुराज गायकवाड़ 6 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद उर्विल पटेल भी 17 रन बनाकर चलते बने. दो विकेट गंवाने के बाद संजू सैमसन को कार्तिक शर्मा का साथ मिला. सैमसन और कार्तिक के बीच शतकीय साझेदारी दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 66 गेंदों में नाबाद 114 रनों की साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी. संजू सैमसन ने 52 गेंदों का सामना करते हुए 6 छक्के और 7 चौके के सहारे नाबाद 87 रन बनाए. जबकि कार्तिक शर्मा ने 31 गेंदों में नाबाद 41 रनों की पारी स्पोर्ट्सकर टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दिल्ली के लिए एनगिडी ने 1 और अक्षर पटेल ने 1 विकेट चटकाए. यह भी पढ़ें: ICC T20I Ranking में हिंदुस्तान टॉप पर, टी20 वर्ल्ड कप विजेता बनने का मिला इनाम The post DC vs CSK: संजू सैमसन की आंधी में उड़ी दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स ने 8 विकेट से जीता मुकाबला appeared first on Naya Vichar.

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मंदिर, मंच और मैसेज : मुंगेर में सम्राट चौधरी का ‘मोदी मॉडल’, सियासी प्रयोग या पॉलिटिकल ब्रांडिंग?

Samrat Choudhary Munger Visit : सम्राट चौधरी की ड्रेस, मंदिर विजिट, पब्लिक इमेज और मौजूदगी आज सब कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह दिखाई दे रहा था. दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज मुंगेर के दौरे पर थे. इस दौरान वो बीजेपी के ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ में शामिल हुए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और संगठन की मजबूती, सक्रियता और प्रशिक्षण की अहमियत पर जोर दिया. यह दौरा न तो प्रशासनिक था और न ही नेतृत्वक. मगर कई स्तरों पर सियासी संदेश देने वाला जरूर था. जानकार इसे 2026 से 2030 की तैयारी के रूप में देख रहे हैं. ज्‍योति मंदिर में भव्‍य पूजा अपने कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी पीएम मोदी के स्‍टाइल में नजर आए. पहले तो उन्‍होंने ज्योति मंदिर के दर्शन किए. नेतृत्वक संदेश देने के लिए काफी है. इसके बाद सम्राट ने तस्‍वीरें अपने सोशल मीडिया आकाउंट एक्‍स पर पोस्‍ट कीं, जो सुर्खियों में हैं. सोशल मी‍डिया पर उनकी जबदस्‍त तस्‍वीरें शेयर की जा रही हैं. ‘मोदी स्टाइल’ की ब्रांडि‍ंग बिहार में प्रशासन बनाने और बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद आज सम्राट चौधरी का स्‍टाइल पूरी तरह से पीएम मोदी वाला नजर आया. मुंगेर दौरा मोदी स्‍टाइल वाले इवेंट की तरह दिखा. ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ से ज्‍यादा चर्चा सम्राट चौधरी की ज्‍योति मंदिर में पूजा की है और पूजा के दौरान उनकी तस्‍वीरों की है. सम्राट की स्ट्रेटेजिक एक्‍सरसाइज मुंगेर दौरे के दौरान सम्राट चौधरी का गेटअप भी खास सुर्खियों में रहा. सफेद कुर्ता, जैकेट और गले में भगवा गमछा, यह सम्राट चौधरी का ट्रेड मार्क है. मगर इस पर माता की लाल चुनरी, गले में पीले फूल, हाथ में कलावा और ध्‍यान मुद्रा में हाथ जोड़े सम्राट चौधरी की तस्‍वीर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्‍वीरों से मेल खाती दिखी. बिहार के नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि यह महज संयोग नहीं है बल्कि एक स्ट्रेटेजिक ब्रांडिंग की एक्सरसाइज है. जिसके जरिए सम्राट चौधरी खुद को राज्य में योगी और मोदी मॉडल के विस्तार के रूप में पेश करते नजर आ रहे हैं. मुंगेर स्थित ज्योति मंदिर में प्रभु के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ एवं श्रीनिवास में पूज्य स्वामी जी से स्नेहिल भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। 🙏 pic.twitter.com/asIGrzZxoE — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 5, 2026 सांस्‍कृतिक जुड़ाव वाला मजबूत नेतृत्‍व बिहार के जाने माने नेतृत्वक जानकार कौशलेंद्र प्रियदर्शी कहते हैं ‘बिहार में प्रशासन बनाने और अब बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी उत्‍साहित है. बीजेपी अब दोनों राज्‍यों में अपने हिंदुवादी चेहरे को और मजबूत करेगी और इसी एजेंडे पर आगे बढ़ेगी. उनका मानना है कि धार्मिक स्थलों पर प्रदेश के मुखिया की सक्रिय उपस्थिति, पारंपरिक वेशभूषा और सख्त प्रशासनिक छवि के साथ बीजेपी अब अगले पांच साल की तैयारी में जुट गई है. भले ही बीजेपी को बिहार में सत्ता लगभग 46 साल बाद मिली हो. मगर यह उसके लिए ऐसा मौका है, जिसे वो अपने हाथ से जाने देना नहीं चाहेगी. बीजेपी अपने मजबूत नेतृत्‍व के सांस्कृतिक जुड़ाव की छवि को स्थापित करेगी. इमेज मैनेजमेंट और नेतृत्वक संदेश जैसा कि कैशलेंद्र प्रियदर्शी बताते हैं सम्राट चौधरी मुख्‍यमंत्री बनने के बाद से ही उसी रणनीति पर काम करते नजर आ रहे हैं. शपथ ग्रहण के बाद से ही वो लगातार मंदिरों के दर्शन करते नजर आ रहे हैं. ताजा तस्‍वीरों में भी ब्राह्मणों की पारंपरिक वेशभूषा और इसमें देवी पूजन उनकी इस छवि को मजबूत करता है. मंदिर में पूजा-अर्चना से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच संवाद तक हर फ्रेम एक संदेश देता नजर आता है. जानकार इसे इमेज मैनेजमेंट और विजुअल पॉलिटिक्स का हिस्सा मानते हैं, जहां तस्वीरें ही नेतृत्व की कहानी कहती हैं. #JyotiMandir #Munger #Bihar #Seva pic.twitter.com/RHyAEYFxB3 — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 5, 2026 आस्था, संगठन और छवि को नई पहचान नेतृत्वक जानकारों का मानन है कि सम्राट चौधरी कई पार्टियों में रह चुके हैं. जिसे लेकर संघ और बीजेपी के कार्यकर्ता सवाल उठाते रहे हैं. बावजूद इसके सम्राट चौधरी प्रदेश अध्यक्ष बनने से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक अपनी नई नेतृत्वक पहचान गढ़ते नजर आए हैं. मुंगेर दौरा इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जहां उन्होंने आस्था, संगठन और छवि तीनों को एक साथ साधने की कोशिश की. मुंगेर का यह दौरा साफ संकेत देता है कि सम्राट चौधरी सिर्फ शासन नहीं, बल्कि बीजेपी के मोदी स्‍टाइल नैरेटिव भी गढ़ रहे हैं. मंदिर से लेकर मंच तक उनका हर कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा नजर आता है, जिसमें संगठन की मजबूती, हिंदुत्व की झलक और मजबूत नेतृत्व की छवि तीनों को संतुलित किया जा रहा है. खगड़िया स्थित कात्यायनी स्थान मंदिर में माँ कात्यायनी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में चल रहे जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया तथा उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन… pic.twitter.com/ApIewgBSNw — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 5, 2026 Also Read : एक अणे मार्ग का बदला नाम, अब सम्राट चौधरी का प्रशासनी आवास कहलाएगा लोक सेवक आवास The post मंदिर, मंच और मैसेज : मुंगेर में सम्राट चौधरी का ‘मोदी मॉडल’, सियासी प्रयोग या पॉलिटिकल ब्रांडिंग? appeared first on Naya Vichar.

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भवानीपुर में चला शुभेंदु अधिकारी का हिंदुत्व कार्ड, वार्ड 73 ने भी दीदी से मुंह मोड़ा, पढ़ें ममता बनर्जी की हार की इनसाइड स्टोरी

खास बातें वार्ड 73 ने ‘कमल’ पर जताया भरोसा 8 में से 7 वार्डों में बीजेपी को बढ़त शुभेंदु की घेराबंदी, हिंदुत्व और आक्रामक प्रचार ममता बनर्जी का SIR का डर और साजिश की आशंका वार्ड 77 की चिंता और 45 हजार नामों की कटौती Mamata Banerjee Bhabanipur News| कोलकाता, शिव कुमार राउत : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में सबसे चौंकाने वाला खुलासा भवानीपुर सीट से हुआ है. इस सीट को तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अभेद्य किला और ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता था. यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. वार्ड 73 ने ‘कमल’ पर जताया भरोसा हार का सबसे कड़वा घूंट यह रहा कि बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी अपने ही गृह वार्ड (वार्ड संख्या 73) में पिछड़ गयीं. शुभेंदु अधिकारी की आक्रामक चुनावी रणनीति और हिंदुत्व के कार्ड ने भवानीपुर के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया. जिस गढ़ से ममता आसानी से जीत की उम्मीद कर रहीं थीं, वहां की जनता ने इस बार भाजपा के ‘कमल’ पर भरोसा जताया. 8 में से 7 वार्डों में बीजेपी को बढ़त भवानीपुर विधानसभा के अंतर्गत कोलकाता नगर निगम के कुल 8 वार्ड (63, 70, 71, 72, 73, 74, 77 और 82) आते हैं. नतीजों के विश्लेषण से पता चला है कि मुख्यमंत्री का आवास वार्ड 73 में है. यहां भी तृणमूल को बढ़त नहीं मिल सकी. वर्ष 2014 के बाद से ही यहां भाजपा लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही थी. इन 8 में से 7 वार्डों में ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा. वार्ड 63 और 72 जैसे क्षेत्रों में जहां गुजराती, राजस्थानी और मारवाड़ी मतदाताओं की संख्या अधिक है, वहां भाजपा का प्रभाव निर्णायक साबित हुआ. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी से अलग महुआ मोईत्रा के विचार, बोलीं- बंगाल ने भाजपा को चुना, फैसला हमें मंजूर शुभेंदु की घेराबंदी, हिंदुत्व और आक्रामक प्रचार भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर को जीतने के लिए विशेष ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार किया था. नामांकन से लेकर आखिरी दिन के प्रचार तक, शुभेंदु ने हिंदुत्व की बात की. उन्हें भवानीपुर के हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने में सफलता मिली. शुभेंदु ने सीधे तौर पर उन वार्डों को निशाना बनाया, जहां भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में आगे रही थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता बनर्जी का SIR का डर और साजिश की आशंका चुनाव से ठीक पहले ममता बनर्जी ने अपने बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ सीक्रेट मीटिंग की थी, जिसके विवरण अब सामने आ रहे हैं. ममता ने वार्ड 63 और 72 में SIR प्रक्रिया को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और हर घर तक पहुंचने का निर्देश दिया था. उन्हें डर था कि इन हिंदू बहुल क्षेत्रों में भाजपा बड़ी बढ़त ले सकती है. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी ने कैसे ममता बनर्जी को हराकर पूरे बंगाल को कर दिया भगवामय, पढ़ें जायंट किलर के उदय की पूरी कहानी Mamata Banerjee Bhabanipur: वार्ड 77 की चिंता और 45 हजार नामों की कटौती अल्पसंख्यक बहुल वार्ड 77 को लेकर ममता ने आशंका जतायी थी कि वहां से ‘जान-बूझकर’ मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं. SIR के दौरान भवानीपुर से करीब 45 हजार नाम हटाये गये थे. हालांकि, इनमें से अधिकतर मृत मतदाता थे. तृणमूल इसे ही अपनी हार की एक बड़ी वजह मान रही है. इसे भी पढ़ें कौन हैं सुनील बंसल? जिनकी ‘साइलेंट’ रणनीति ने उड़ा दी ममता बनर्जी की नींद, सामने आया बीजेपी का सबसे बड़ा ‘गेमचेंजर’ बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे The post भवानीपुर में चला शुभेंदु अधिकारी का हिंदुत्व कार्ड, वार्ड 73 ने भी दीदी से मुंह मोड़ा, पढ़ें ममता बनर्जी की हार की इनसाइड स्टोरी appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार: बीजेपी ने बताया संवैधानिक अपमान

Mamata Banerjee vs BJP: BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा, ममता बनर्जी ने एक बयान दिया है कि वह हारी नहीं हैं और इसीलिए वह इस्तीफा नहीं देंगी. वह CM बनी रहेंगी. यह बात बेतुकी और चिंताजनक है. जब भी सत्ता का हस्तांतरण होता है- आजादी के समय से लेकर अब तक तो ऐसी स्थिति कभी पैदा नहीं हुई कि दो पार्टियां आपस में बहस करें. पूरे सम्मान के साथ, जो पार्टी हारती है, वह इस्तीफा दे देती है. 5 राज्यों में चुनाव हुए थे. तमिलनाडु के पूर्व CM MK स्टालिन ने राजभवन में गवर्नर के सामने अपना इस्तीफा सौंपा. लेकिन ममता बनर्जी कह रही हैं कि हम हारे नहीं हैं और इस्तीफा नहीं देंगे. यह विशेषाधिकार की भावना और अराजकता है. हिंदुस्तानीय लोकतंत्र में कोई भी अपरिहार्य नहीं है. ममता बनर्जी अब MLA नहीं हैं, विधानसभा नहीं जा पाएंगी : संबित पात्रा BJP सांसद संबित पात्रा कहते हैं, ममता जी कह रही हैं कि वह राज्य विधानसभा में भी नहीं जाएंगी. अब वह वहां कैसे जाएंगी? वह भवानीपुर सीट से नहीं जीती हैं. अब वह MLA नहीं हैं. जाहिर है, वह राज्य विधानसभा में नहीं जा सकतीं. उन्होंने कहा है कि उन्होंने INDI गठबंधन में सभी से बात की है. राहुल गांधी ममता बनर्जी के खिलाफ़ बयान दे रहे थे. ममता बनर्जी कांग्रेस के खिलाफ बयान दे रही थीं. ममता बनर्जी जिस तरह के बयान देती हैं, वे अराजक हैं. #WATCH | Delhi: CM Mamata Banerjee’s “I will not resign, I did not lose” statement, BJP MP Sambit Patra says, “Mamata ji is saying that she will not go to the state legislative assembly either. How will she go there now?… She has not won from the Bhabanipur seat. She is not an… https://t.co/PKXruvYxy2 pic.twitter.com/Nqz28LWS0w — ANI (@ANI) May 5, 2026 ममता बनर्जी ने बीजेपी पर जनादेश लूटने का लगाया आरोप बंगाल में बीजेपी की धमाकेदार जीत के एक दिन बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने बीजेपी पर जनादेश लूटने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि लगभग 100 सीटों पर जनादेश लूटा गया. उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई. उन्होंने कहा, मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश से हारे हैं. मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी. वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं. ममता बनर्जी सबसे घिनौना स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स रही हैं: शहजाद पूनावाला बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि बनर्जी हिंसा के माध्यम से संवैधानिक व्यवस्था को क्षतिग्रस्त करने का सुझाव दे रही हैं. उन्होंने कहा, ममता बनर्जी जो सुझाव दे रही हैं वह संविधान विरोधी, बीआर आंबेडकर विरोधी और संवैधानिक अपमान के समान है, इसके अलावा चुनाव बाद उनका उग्र रवैया भी है. वह सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की अवधारणा को पलटना चाहती हैं, जो हमारी संवैधानिक व्यवस्था की एक प्रमुख विशेषता है. उन्होंने कहा- ममता बनर्जी अब जनता के फैसले का अनादर करते हुए और इस्तीफा न देने की बात कहकर सबसे घिनौना अपने को पीड़ित पेश करने’ का स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स रही हैं. भले ही वह इस्तीफा न दें, विधानसभा आठ मई को भंग हो जाएगी और उनकी सदस्यता वैसे भी समाप्त हो जाएगी. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे The post ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार: बीजेपी ने बताया संवैधानिक अपमान appeared first on Naya Vichar.

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कैबिनेट का फैसला: सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज, 34 से 38 होगी संख्या, संसद में आएगा बिल

Supreme Court Judges: मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. फिलहाल मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट में कुल 34 जज होते हैं, अब इस संख्या को बढ़ाकर 38 करने का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 33 न्यायाधीश और एक प्रधान न्यायाधीश हैं. इस संख्या को चार और बढ़ाने के लिए संसद के अगले सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा. संसद द्वारा विधेयक पारित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की संख्या 38 हो जाएगी. 1956 का कानून सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या अधिनियम 1956 के तहत प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर अधिकतम 10 न्यायाधीशों की व्यवस्था की गई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या संशोधन अधिनियम, 1960 के जरिए जजों की संख्या बढ़ाकर 13 कर दी गई. कुछ सालों के बाद एक और संशोधन के जरिये सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 17 की गई. 1986 का संशोधन इसके बाद सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या संशोधन अधिनियम 1986 के तहत प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 17 से बढ़ाकर 25 कर दी गई. इसके बाद 2009 में एक नए संशोधन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 25 से बढ़ाकर 30 कर दी गई. 2019 में अंतिम बड़ा संशोधन साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम के तहत एक बार फिर जजों की संख्या बढ़ाई गई. सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 कर दी गई. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला बढ़ते न्यायिक बोझ को देखते हुए लिया गया है. लंबित मामलों के कारण न्याय में देरी बड़ी समस्या बनती जा रही है. इससे संविधान पीठ और संवैधानिक मामलों की सुनवाई तेज होगी और अधिक पीठ बनने से मामलों का निपटारा भी समय पर संभव हो सकेगा. Also Read: मोदी कैबिनेट का मेगा प्लान: 2 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स और गन्ने के दाम में बढ़ोतरी समेत 10 बड़े फैसलों पर लगी मुहर The post कैबिनेट का फैसला: सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज, 34 से 38 होगी संख्या, संसद में आएगा बिल appeared first on Naya Vichar.

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‘5 करोड़ देने से मना किया तो…’, भारत के पूर्व क्रिकेटर ने TMC पर लगाया टिकट बचने का आरोप

Manoj Tiwary ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हावड़ा की शिबपुर सीट से टिकट देने के लिए इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्होंने 5 करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था. यह खुलासा तिवारी ने टीएमसी की हार के बाद किया. बंगाल के लिए बना चुके हैं 10 हजार से ज्यादा रन 40 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज और बंगाल क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक प्रथम श्रेणी रन (10,195) बनाने वाले खिलाड़ी तिवारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली प्रशासन में स्पोर्ट्स राज्य मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि हाल ही के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ दल की हार उनके लिए अप्रत्याशित नहीं थी, क्योंकि उनके अनुसार यह भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की कमी का परिणाम था. 70 से अधिक उम्मीदवारों में टिकट के लिए दिए है पैसे मनोज तिवारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के साथ उनका जुड़ाव अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में टिकट उन्हीं लोगों को मिला, जो भारी रकम देने में सक्षम थे. उनके अनुसार लगभग 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये तक दिए, जबकि उनसे भी पैसे की मांग की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया. मीडिया एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए तिवारी ने बताया कि उन्हें इस चुनाव के परिणाम से कोई हैरानी नहीं हुई. व्यापक भष्ट्राचार के चलते पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. वहीं इस कई जगहों पर विकास का भी कार्य नहीं हुआ. जिसके बाद जनता ने टीएमसी के प्रति अपना असंतोष जताया. 2019 में भी मिला था चुनाव लड़ने का प्रस्ताव उन्होंने आगे कहा कि 2019 में उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उस समय उनका नेतृत्व में आने का कोई इरादा नहीं था. इसलिए उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया था. उसके बाद 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्हें फिर से संपर्क किया गया और शिबपुर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया. उन्होंने बताया कि उस समय वे IPL और घरेलू क्रिकेट में सक्रिय थे, फिर भी उन्होंने पार्टी के आग्रह पर चुनाव लड़ने के लिए सहमति दी थी. उसके बाद उस सीट पर जीत भी दर्ज किया था. जिसके बाद उन्हें राज्य का स्पोर्ट्स मंत्री बनाया गया था. लेकिन बीच में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था. यह भी पढ़ें: ICC T20I Ranking में हिंदुस्तान टॉप पर, टी20 वर्ल्ड कप विजेता बनने का मिला इनाम The post ‘5 करोड़ देने से मना किया तो…’, हिंदुस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने TMC पर लगाया टिकट बचने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट कैबिनेट की संभावित लिस्ट आई सामने, BJP-JDU में मंत्री पद का बंटवारा तय, चिराग के हिस्से में क्या

Samrat Choudhary Cabinet Expansion: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करने जा रहे हैं. इस समारोह को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा, नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है. भाजपा से इन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा कोटे से जिन नेताओं के मंत्री बनने की चर्चा तेज है, उनमें विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप कुमार जायसवाल, राम कृपाल यादव, संजय सिंह टाइगर, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और सुरेंद्र मेहता के नाम प्रमुख हैं. नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा दो नए चेहरों को भी मौका दे सकती है. जदयू से ये चेहरे माने जा रहे मजबूत दावेदार जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम प्रमुख रूप से सामने हैं. वहीं मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार, रूहेल रंजन और शीला कुमारी के नाम भी चर्चा में हैं. सहयोगी दलों को भी मिलेगा हिस्सा लोजपा (रामविलास) से संजय कुमार सिंह और संजय कुमार, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा से संतोष कुमार सुमन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपका प्रकाश या स्नेहलता को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. भाजपा के 12, जदयू के 11, लोजपा (रा) के 2 और हम व रालोमो के एक-एक विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बिहार प्रशासन में कुल 47 विभाग हैं, जिनमें भाजपा के पास 29 और जदयू के पास 18 विभाग हैं. इसी आधार पर सहयोगी दलों की हिस्सेदारी तय होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पुराने चेहरों के साथ नए समीकरण संकेत हैं कि नीतीश कुमार प्रशासन के कई पुराने मंत्री सम्राट चौधरी की नई टीम में भी बने रह सकते हैं. हालांकि कुछ नए चेहरों को शामिल कर जातीय और नेतृत्वक संतुलन साधने की कोशिश होगी. बिहार की नेतृत्व के लिए निर्णायक दिन गांधी मैदान का यह समारोह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि बिहार की नई सत्ता संरचना का बड़ा संकेत माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सम्राट चौधरी किन पुराने चेहरों पर भरोसा जताते हैं और किन नए नेताओं को अपनी टीम में जगह देते हैं. इसे भी पढ़ें: चंपारण से गया तक मौसम ने मचाई तबाही, भीषण तूफान ने बिहार में ली 20 की जान, अलर्ट जारी विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद, सीएम ने रक्षा मंत्री से की खास बातचीत, जानें क्या है नया प्लान The post सम्राट कैबिनेट की संभावित लिस्ट आई सामने, BJP-JDU में मंत्री पद का बंटवारा तय, चिराग के हिस्से में क्या appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी से अलग महुआ मोईत्रा के विचार, बोलीं- बंगाल ने भाजपा को चुना, फैसला हमें मंजूर

Mahua Moitra on Bengal Election Result 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद पार्टी की फायरब्रांड नेता और सांसद महुआ मोईत्रा ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा- लोकतंत्र में जनता की इच्छा ही सर्वोपरि होती है. हमारी पार्टी बंगाल के इस जनादेश का पूरा सम्मान करती है. चुनाव परिणाम पर किया गया महुआ मोईत्रा का ट्वीट, जो अब x पर उपलब्ध नहीं है. ममता बनर्जी और टीएमसी के संघर्ष पर जताया गर्व महुआ मोईत्रा ने हार स्वीकार करते हुए साफ किया कि अगर बंगाल की जनता ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुना है, तो उन्हें वही मिला है. हालांकि, उन्होंने हार के बावजूद अपनी नेता ममता बनर्जी और पार्टी के संघर्ष पर गर्व जताया. हालांकि, बाद में महुआ मोईत्रा ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी ने कैसे ममता बनर्जी को हराकर पूरे बंगाल को कर दिया भगवामय, पढ़ें जायंट किलर के उदय की पूरी कहानी जनता की इच्छा सर्वोपरि : मोईत्रा ने स्वीकार की हार महुआ मोईत्रा ने अपने संदेश में बेहद संतुलित लेकिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया. मोईत्रा ने लिखा- जनता की इच्छा सबसे ऊपर है. अगर बंगाल भाजपा चाहता था, तो उसे वह मिल गयी है. हम इस फैसले का सम्मान करते हैं. उन्होंने चुनावी संघर्ष को कठिन बताते हुए कहा कि टीएमसी ने ‘अकल्पनीय बाधाओं’ के खिलाफ और एक ‘असमान मैदान’ पर डटकर मुकाबला किया. इसके लिए उन्हें अपनी पार्टी पर गर्व है. सांसद ने दोहराया कि हार के बावजूद टीएमसी एक ‘धर्मनिरपेक्ष देश’ के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mahua Moitra on Bengal Election Result 2026: बहुसंख्यकवाद के खिलाफ मोर्चा खोलेगी टीएमसी महुआ मोईत्रा ने अपने बयान के जरिये भाजपा की विचारधारा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि टीएमसी ऐसे देश के लिए खड़ी रहेगी, जहां ‘क्रूर बहुसंख्यकवाद’ की जगह ‘हिंदुस्तान का संविधान’ ही सब कुछ हो. मोईत्रा के संकेतों से साफ है कि सत्ता गंवाने के बाद भी टीएमसी सदन और सड़क पर एक आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार है. इसे भी पढ़ें : कौन हैं सुनील बंसल? जिनकी ‘साइलेंट’ रणनीति ने उड़ा दी ममता बनर्जी की नींद, सामने आया बीजेपी का सबसे बड़ा ‘गेमचेंजर’ 15 साल के ममता राज का हुआ अंत पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को हुए चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित हुए. इस ऐतिहासिक नतीजों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. इस प्रचंड लहर में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत हो गया है और टीएमसी महज 80 सीटों के आसपास सिमट गयी है. इसे भी पढ़ें बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार The post ममता बनर्जी से अलग महुआ मोईत्रा के विचार, बोलीं- बंगाल ने भाजपा को चुना, फैसला हमें मंजूर appeared first on Naya Vichar.

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मोदी कैबिनेट का मेगा प्लान: 2 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स और गन्ने के दाम में बढ़ोतरी समेत 10 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

Union Cabinet Meeting: कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, कैबिनेट ने किसानों, प्रौद्योगिकी, ‘मेक इन इंडिया’ और न्यायपालिका के संबंध में बड़े कदम उठाए हैं. आज लिए गए दस प्रमुख निर्णयों में, जिनका कुल मूल्य लगभग 1,52,000 करोड़ रुपये है, किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शामिल है, जो कपास की उत्पादकता और ‘कपास क्रांति’ पर केंद्रित है. प्रशासन ने गन्ने का लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल किया प्रशासन ने अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया. अश्विनी वैष्णव ने बताया, 10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति (रिकवरी) दर के लिए एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा. हर 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर, एफआरपी में 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होती है. इससे ज्यादा रिकवरी को प्रोत्साहन मिलता है. मंत्री ने कहा, किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है. #WATCH | Cabinet Briefing | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “Today, the Cabinet announced a significant decision for the sugarcane farmers… the Cabinet has approved Rs 365 per quintal. This is a very significant increase. In comparison to the mission of giving… pic.twitter.com/hxcWujQQTV — ANI (@ANI) May 5, 2026 मंत्रिमंडल ने कपास उत्पादकता बढ़ाने को 5,659 करोड़ रुपये के मिशन को मंजूरी दी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, आज कैबिनेट ने कपास क्रांति (Cotton Revolution) नाम की एक पहल के जरिए, हमारे देश में कपास उगाने वाले 32 लाख किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम को मंजूरी दी है. जहां हिंदुस्तान पहले से ही 297 लाख गांठों के उत्पादन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक है, वहीं 2030-31 तक इसकी मांग 450 लाख गांठों तक पहुंचने की उम्मीद है. इस मांग को पूरा करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए, कैबिनेट ने 5,669 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य जोर अनुसंधान, उत्पादन तकनीकों को बढ़ाने और किसानों को नए जमाने के रेशों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर है. गुजरात के वडिनार में बनेगा अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र केंद्र प्रशासन ने मंगलवार को गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस परियोजना को दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड संयुक्त रूप से लागू करेंगे. यह परियोजना ब्राउनफील्ड मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिसमें 650 मीटर लंबी गोदी, दो बड़े फ्लोटिंग ड्राई डॉक, कार्यशालाएं और अन्य समुद्री अवसंरचना शामिल होंगी. वडिनार अपनी प्राकृतिक गहराई, प्रमुख समुद्री मार्गों से संपर्क और मुंद्रा एवं कांडला जैसे प्रमुख बंदरगाहों के निकट होने से खासकर बड़े वाणिज्यिक और विदेशी जहाजों की मरम्मत के लिए उपयुक्त माना जाता है. दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी केंद्र प्रशासन ने मंगलवार को दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी. इसमें 3936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन परियोजनाओं को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत मंजूरी दी गई है. इनमें गैलियम नाइट्राइड प्रौद्योगिकी पर आधारित देश की पहली वाणिज्यिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई शामिल है. ये इकाइयां गुजरात में 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रस्ताव को मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चीफ जस्टिस सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. ये भी पढ़ें: केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप The post मोदी कैबिनेट का मेगा प्लान: 2 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स और गन्ने के दाम में बढ़ोतरी समेत 10 बड़े फैसलों पर लगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे

खास बातें एक मुख्यमंत्री ‘नबान्न’ में दूसरा ‘राईटर्स’ में! चुनाव परिणाम गहरी साजिश : ममता मैं हारी नहीं हूं : ममता बनर्जी 100 सीटों पर ‘लूट’ का दावा निर्वाचन आयोग पर बोला सीधा हमला फैक्ट फाइंडिंग कमेटी और दिल्ली का साथ 207 सीटों के साथ भाजपा का प्रचंड उदय Mamata Banerjee Refuses to Resign: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद नेतृत्व में भूचाल आ गया. निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. यह जनादेश नहीं साजिश है. उन्होंने चुनाव आयोग पर ‘वोट लूट’ के आरोप लगाये. बोलीं- भाजपा नहीं ‘सिस्टम’ से उनकी लड़ाई थी. दीदी के इस बयान पर बंगाल के प्रशासनी अधिकारी मजे ले रहे हैं. एक मुख्यमंत्री ‘नबान्न’ में दूसरा ‘राईटर्स’ में! कोलकाता पुलिस मुख्यालय लाल बाजार से लेकर राज्य सचिवालय नबान्न तक अधिकारियों में ममता बनर्जी के इस बयान पर चर्चा चल रही है. अधिकारी कह रहे हैं- हम बंगाल के लोग बहुत भाग्यशाली हैं. एक बार चुनाव हुआ और हमें दो-दो मुख्यमंत्री मिले. एक गंगा पार नबान्न में बैठेगा और दूसरा कोलकाता के राईटर्स बिल्डिंग (पुराना सचिवालय) में. चुनाव परिणाम गहरी साजिश : ममता इससे पहले, ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को जनता का फैसला मानने से इनकार कर दिया. इसे ‘गहरी साजिश’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं, निर्वाचन आयोग से थी. आयोग ने पर्दे के पीछे रहकर भाजपा के लिए काम किया. ममता बनर्जी के इस अड़ियल रुख ने बंगाल में नयी संवैधानिक जंग के संकेत दिये हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय मैं हारी नहीं हूं : ममता बनर्जी हार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयीं ममता बनर्जी ने तीखे तेवर दिखाये. ममता ने दो-टूक कहा- मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. यह हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश से हुई है. मैं हारी नहीं हूं और मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी. उन्होंने कहा कि वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई का इंतजार करेंगी, लेकिन स्वेच्छा से पद नहीं छोड़ेंगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 100 सीटों पर ‘लूट’ का दावा बंगाल की हारी हुई चीफ मिनिस्टर ने आरोप लगाया कि कम से कम 100 सीटों पर जनादेश को ‘लूट’ लिया गया. उन्होंने दावा किया कि टीएमसी का मनोबल तोड़ने के लिए जान-बूझकर मतगणना की गति धीमी की गयी. निर्वाचन आयोग पर बोला सीधा हमला ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष रहने की बजाय भाजपा के एजेंट के रूप में काम किया. टीएमसी प्रमुख के अनुसार, काउंटिंग के दौरान जान-बूझकर देरी की गयी, ताकि परिणामों में हेर-फेर किया जा सके. उन्होंने इसे हिंदुस्तानीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला अध्याय’ बताया. इसे भी पढ़ें : बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट फैक्ट फाइंडिंग कमेटी और दिल्ली का साथ भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कई घोषणाएं कीं. उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा के दावों की जांच के लिए 10 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने का फैसला किया है. उन्होंने 2021 की हिंसा के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. ममता ने बताया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने उनके प्रति एकजुटता जतायी है. सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने खुद फोन कर उनसे बात की है. दीदी ने कहा कि अब उनका मुख्य ध्यान राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर होगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में भगवा लहर, 15 साल बाद ममता युग का अंत, दो तिहाई बहुमत से बनेगी बीजेपी की प्रशासन Mamata Banerjee Refuses to Resign: 207 सीटों के साथ भाजपा का प्रचंड उदय बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर 15 साल पुराने ममता शासन को उखाड़ फेंका है. बहुमत के इस भारी आंकड़े के बावजूद ममता बनर्जी का ‘साजिश’ वाला दावा बंगाल की नेतृत्व को आने वाले दिनों में और अधिक गरमा सकता है. इसे भी पढ़ें विदेश भागने की फिराक में डीसीपी शांतनु सिन्हा? ईडी ने जारी किया लुकआउट नोटिस, 5 समन के बाद भी हैं लापता ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार ममता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल बंगाल में खिला कमल, बीजेपी ने जनता को कहा- शुक्रिया, शुभेंदु अधिकारी बोले- विकास ने डर को हराया, सुशासन के नये युग की शुरुआत The post ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे appeared first on Naya Vichar.

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