तमिलनाडु चुनाव 2026 के नतीजों ने सबको चौंका दिया. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो कई लोगों के लिए बड़ी सरप्राइज रही. TVK सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई, लेकिन 118 के बहुमत से 10 सीट पीछे रह गई. वह 108 सीटें ही जीत पाई. वहीं डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एनडीए 53 सीटों के साथ काफी पीछे तीसरे नंबर पर रहा. इन तीनों के अलावा बाकी किसी भी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली. TVK अकेले चुनाव लड़ रही थी.
किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला, तो अब सवाल उठ रहा है कि तमिलनाडु में आगे क्या होगा? क्या विजय 1967 के बाद पहले गैर-DMK और गैर-AIADMK मुख्यमंत्री बनेंगे? वे किसके साथ मिलकर प्रशासन बनाएंगे, यही अब सबसे बड़ा सवाल है.
TVK अपने साथ छोटी पार्टियों को ला सकती है
विजय और उनकी TVK के पास प्रशासन बनाने का एक रास्ता ये हो सकता है कि वे DMK गठबंधन के छोटे दलों को अपने साथ ले आएं. बहुमत के लिए उन्हें 10 विधायकों की जरूरत है, जबकि DMK के सहयोगी दलों के पास कुल 14 सीटें हैं. समाचारों के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ नेता पहले से TVK के साथ आने के पक्ष में थे और उसके 5 विधायक समर्थन दे सकते हैं. वहीं CPI और CPI(M) के 2-2 विधायक भी साथ आ जाएं तो आंकड़ा और मजबूत हो जाएगा. ऐसे में बस एक और विधायक की जरूरत पड़ेगी, जो Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) से मिल सकता है.
विपक्षी नेतृत्व पर पड़ेगा ये असर
इस प्लान की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि इसका असर देश की बड़ी विपक्षी नेतृत्व पर पड़ेगा. अगर कांग्रेस और बाकी दल राज्य में DMK का साथ छोड़ देते हैं, तो सवाल उठेगा कि क्या DMK फिर भी INDIA गठबंधन में बना रहेगा या नहीं.
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DMK+ गठबंधन TVK को समर्थन देगा क्या?
दूसरा रास्ता ये हो सकता है कि पूरा DMK+ गठबंधन TVK को समर्थन दे दे, जिससे विजय आसानी से मुख्यमंत्री बन सकते हैं. आंकड़ों के हिसाब से भी ये संभव है और नेतृत्व के लिहाज से भी ठीक बैठता है. इससे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि TVK के जुड़ने से वो और मजबूत ही होगा. लेकिन क्या DMK इसके लिए तैयार है? अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है. विजय कई बार DMK को अपना सीधा नेतृत्वक प्रतिद्वंदी बता चुके हैं और खुलकर निशाना भी साधा है.
क्या AIADMK देगी साथ?
एक और तरीका ये हो सकता है कि AIADMK, TVK को समर्थन देकर प्रशासन बनवाए. लेकिन अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है. उल्टा, दोनों पार्टियों के बयानों से यही लगता है कि TVK और AIADMK के साथ आने की संभावना फिलहाल काफी कम है. सीनियर AIADMK नेता सी. पोन्नैयन पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी TVK के किसी भी गठबंधन प्रस्ताव को ठुकरा देगी. हालांकि ये बयान मतगणना के दौरान आया था, इसलिए आगे रुख बदलने की गुंजाइश पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है.
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