Sports Ministry: स्पोर्ट्स मंत्रालय ने यह भी कहा कि इंटरनेशनल या मल्टीनेशनल टूर्नामेंट (जिसमें कई देश हिस्सा लेते हैं) के लिए यह नियम लागू नहीं है. ऐसे टूर्नामेंट में अन्य टीमों के खिलाड़ी के साथ पाकिस्तान की टीम या खिलाड़ी शामिल होते हैं, तो हिंदुस्तानीय खिलाड़ी भी उस मल्टीनेशनल या इंटरनेशनल टूर्नामेंट में स्पोर्ट्सेंगे.
स्पोर्ट्स मंत्रालय ने यह भी कहा कि हिंदुस्तान को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए लगातार काम जारी है. स्पोर्ट्स मंत्रालय अब वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने का काम में जुटा है. ऐसा होते ही खिलाड़ियों, टीम, अधिकारियों, तकनीकी स्टाफ और इंटरनेशनल स्पोर्ट्स संस्थाओं के अधिकारियों को हिंदुस्तान आने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी.
एशिया कप के दौरान हुआ था विवाद
मंत्रालय ने यह जानकारी सभी स्पोर्ट्स संस्थाओं जैसे एनएसएफ (राष्ट्रीय स्पोर्ट्स महासंघ), आईओए (हिंदुस्तानीय ओलंपिक संघ) और साई (हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स प्राधिकरण) को एक सर्कुलर जारी करते हुए दिया है. यह नीति पहली बार पिछले साल अगस्त में लागू की गई थी, जब एशिया कप में हिंदुस्तान के स्पोर्ट्सने को लेकर विवाद हुआ था. उस समय भी साफ किया गया था कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में हिंदुस्तान हिस्सा लेगा, जब तक कि उसका आयोजन पाकिस्तान में न हो.
कॉमनवेल्थ 2030 की मेजबानी हिंदुस्तान के पास
हिंदुस्तान प्रशासन स्पोर्ट्स को लेकर अब काफी सक्रिय हो गई है. 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हिंदुस्तान के पास है. वहीं हिंदुस्तान अब 2036 ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है. इसलिए वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और सभी देशों को साथ लेकर चलने की नीति अपनाएगा. इसके अलावा, स्पोर्ट्स मंत्रालय अब शास्त्री भवन से नेताजी नगर स्थित नए ऑफिस में शिफ्ट हो गया है.
यह भी पढ़ें: प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद बोले संजू सैमसन-मुझे चेट्टा से ज्यादा संजू कहलाना पसंद
The post पाकिस्तान के साथ बाइलैटरल सीरीज पर पाबंदी बरकरार, स्पोर्ट्स मंत्रालय ने लिया फैसला appeared first on Naya Vichar.

