खिदिरपुर ट्राम डिपो के पास मौजूद बस स्टैंड की भी ऐसी ही दशा
अमित शर्मा, कोलकाता
महानगर के कई व्यस्त व भीड़-भाड़ इलाकों में पोर्ट के भी कुछ इलाके शामिल हैं. यहां लोगों व राहगीरों की ही भीड़-भाड़ नहीं, बल्कि वाहनों की आवाजाही भी काफी होती है. इन्हीं व्यस्त इलाकों में कुछ ऐसी भी जगह हैं, जहां अमूमन बस स्टैंड एक तरह अवैध टैक्सी स्टैंड में तब्दील हो जाते हैं. फलस्वरूप आम लोगों को बस का इंतजार मेन रोड पर खड़ा होकर करना पड़ता है. लोगों के काफी करीब से तेज रफ्तार मालवाही व अन्य वाहन गुजरते रहते हैं. ऐसे में हादसों का खतरा भी बना रहता है. पोर्ट इलाके के खिदिरपुर ट्राम डिपो के पास मौजूद एक बस स्टैंड की भी ऐसी ही दशा है, जिसके ठीक बगल में ही एक पेट्रोल पंप भी है. यहां बस स्टैंड के ही सम्मुख अवैध तरीके से टैक्सी व अन्य वाहनों की पार्किंग की जाती है. ऐसे में आम लोगों व राहगीरों को रोजाना ही परेशानी का सामना करना पड़ता है. ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने कहा :पोर्ट इलाके में ही ड्यूटी में तैनात ट्रैफिक पुलिस के कुछ अधिकारियों से भी उपरोक्त समस्या को लेकर बात हुई. उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही सटीक कदम उठाया जाता है. ट्रैफिक नियमों का सटीक पालन हो, इसके लिए पुलिस अपनी ओर से पूरी कोशिश करती है. जब फुटपाथ पर खड़े हों वाहन, तो कैसे आवाजाही करें लोग : पोर्ट के कुछ इलाकों में अवैध तरीके से टैक्सियों व अन्य वाहनों की पार्किंग ही केवल लोगों की समस्या नहीं है, अन्य भी हैं. यहां खिदिरपुर ट्राम डिपो के पास, फैंसी मार्केट व बाबूबाजार मोड़ के पास फुटपाथों पर मोटरसाइकिलों की ही नहीं, बल्कि छोटे मालवाही वाहनों को रखा जाता है. ऐसे में राहगीरों को आवाजाही के लिए मेन रोड पर उतरना पड़ता है. ज्यादा दिक्कतें ऑफिस व स्कूल टाइम के दौरान होती हैं. छोटे-छोटे शिशु व विद्यार्थी भी फुटपाथ के बजाय मेन रोड से चलने को मजबूर होते हैं. जल्द समस्या का समाधान चाहते हैं लोग : खिदिरपुर ट्राम डिपो के पास मौजूद बस स्टैंड के बजाय सड़क पर खड़े होने के लिए मजबूर कुछ लोगों से उपरोक्त समस्या के बारे में राय जानने की कोशिश की गयी. ज्यादातर लोगों ने इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है. अरमान नामक एक व्यक्ति ने कहा कि पोर्ट इलाके में केवल खिदिरपुर ट्राम डिपो के पास ही नहीं, बल्कि खिदिरपुर मोड़ के पास भी यही हाल है.
ऑफिस टाइम व शाम को यातायात जैसे परेशानी का सबब बन जाता है. उन्होंने कहा कि बस स्टैंड के सम्मुख ही टैक्सियों व अन्य वाहनों की पार्किंग को हटाने के लिए पुलिस को सख्त रवैया अपनाना चाहिए. रीता दास नामक एक युवती ने कहा कि उसने कई बार बस स्टैंड के पास पार्किंग करने वाले एक टैक्सी चालकों को वाहनों को हटाने के लिए कहा है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इस इलाके में ऐसा लगता है कि हाल कभी सुधरेगा नहीं. ऐसी ही बातें, कुछ अन्य लोगों ने भी कही.
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