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तमिलनाडु: 12वीं की छात्रा से दरिंदगी और हत्या मामला, कोर्ट ने दोषी को सुनाई दोहरी मौत की सजा

Tamil Nadu: POCSO कोर्ट ने आरोपी धर्म मुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई. मुनीश्वरन ने मार्च में 12वीं की छात्रा से दुष्कर्म किया था, बाद में उसकी हत्या कर दी थी. धर्म मुनीश्वरन पहले भी एक बुजुर्ग स्त्री से दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी था. जमानत पर बाहर आने के बाद उसने बच्ची को अपना शिकार बनाया.

CCTV फुटेज की जांच और DNA मिलान, पुलिस ने आरोपी को ऐसे दबोचा

IGP (साउथ जोन) विजयेंद्र एस बिदारी ने कहा, 10 मार्च को थूथुकुडी जिेले के वेदानथम गांव में, एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना हुई थी. यह लगभग एक ब्लाइंड केस था. इस मामले में तुरंत कोई सुराग नहीं मिला था. पुलिस ने इस मामले में बहुत ही बारीकी से और पेशेवर तरीके से जांच की. हजारों घंटों की CCTV फुटेज की जांच और DNA मिलान के आधार पर, आखिरकार हम आरोपी को पकड़ने में कामयाब रहे; वह पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, और FIR दर्ज होने के 21 दिनों के भीतर ही इस मामले में तेजी से चार्जशीट दाखिल कर दी गई. थूथुकुडी की POCSO अदालत ने इस मामले में एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोहरी फांसी की सजा दी है. यह अपराधों को रोकने के लिए, और विशेष रूप से स्त्रीओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति, एक बहुत ही कड़ा संदेश देता है.

मुख्यमंत्री विजय ने कोर्ट के फैसले की सराहना की

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने कोर्ट के फैसले पर ट्वीट किया, मार्च में, थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम की 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस मामले में, थूथुकुडी जिला POCSO कोर्ट ने आरोपी धर्म मुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई. इस मामले में, 71 गवाहों के साथ जांच की गई, त्वरित सुनवाई की गई, और आरोपी धर्म मुनीश्वरन को यौन उत्पीड़न और हत्या के अपराधों के लिए दोहरी मौत की सजा दी गई है. इस जघन्य घटना के तीन महीने के भीतर ही अभूतपूर्व गति से न्याय मिला है, और यह फैसला, जो स्त्रीओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के कार्यों को मजबूत समर्थन देता है, सराहनीय है.

दोहरी मौत की सजा का क्या है मतलब?

दोहरी मौत की सजा का सीधा मतलब है कि अपराधी को दो अलग-अलग अपराधों के लिए दोहरी फांसी की सजा सुनाई गई. किसी को दो बार फांसी देना शारीरिक रूप से असंभव है. लेकिन कानूनी प्रक्रिया में इसे एक साथ माना जाता है. इसका मतलब है कि अपराधी को फांसी के फंदे पर एक ही बार लटकाया जाएगा, लेकिन तकनीकी और कागजी तौर पर वह दो अलग-अलग अपराधों के लिए दोषी पाया गया है और फांसी की सजा सुनाई गई है. आरोपी धर्म मुनीश्वरन के मामले में यही हुआ. उसने दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी थी. उससे पहले बुजुर्ग स्त्री के साथ भी दरिंदगी की थी.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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