Shiekhpura News : (प्रदीप कुमार) शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित चांदी वृंदावन पहाड़ एक बार फिर चर्चा में है. यहां प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज को लेकर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुजीत कुमार सुमन ने स्थल का निरीक्षण किया. पहाड़ और आसपास के क्षेत्र में बिखरी प्राचीन मूर्तियों को देखकर इतिहास से जुड़े नए रहस्यों के खुलने की उम्मीद बढ़ गई है.
प्राचीन धरोहरों की खोज में पहुंचे अधिकारी
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुजीत कुमार सुमन ने चांदी वृंदावन पहाड़ और चांदी गांव का विस्तृत निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में मौजूद प्राचीन मूर्तियों और अन्य ऐतिहासिक अवशेषों का जायजा लिया. जांच के लिए कुछ नमूने भी अपने साथ ले गए हैं.
इतिहास के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा स्थल
निरीक्षण के दौरान पदाधिकारी ने कहा कि चांदी वृंदावन पहाड़ शेखपुरा के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है. यहां मौजूद पुरातात्विक अवशेष इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की ओर संकेत करते हैं. उन्होंने इस धरोहर को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित कर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. इससे न केवल जिले की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे.
वर्षों से उठ रही है खुदाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ता पिंटू चंद्रवंशी द्वारा लंबे समय से इस क्षेत्र में वैज्ञानिक खुदाई कराने और पर्यटन विकास की मांग की जा रही है. उनका मानना है कि पहाड़ के अंदर और आसपास कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य छिपे हो सकते हैं, जो जिले के इतिहास को नई पहचान दे सकते हैं.
महाहिंदुस्तान काल और जरासंध से जुड़ी है मान्यता
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार चांदी वृंदावन पहाड़ का संबंध महाहिंदुस्तान काल और मगध सम्राट जरासंध से माना जाता है. इसी वजह से यह स्थल इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यदि यहां व्यापक स्तर पर शोध और खुदाई होती है तो कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारियां सामने आ सकती हैं.
ऐतिहासिक विरासत को बचाने की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते इस क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित नहीं किया गया तो कई महत्वपूर्ण अवशेष नष्ट हो सकते हैं. लोगों ने प्रशासन और पुरातत्व विभाग से जल्द सर्वेक्षण और संरक्षण कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि शेखपुरा की इस अनमोल विरासत को सुरक्षित रखा जा सके.
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