Hot News

संसद में पेपर लीक पर बहस: जितेंद्र सिंह ने कहा, कांग्रेस राज में लीक होते रहे पेपर, हमने बनाया फुलप्रूफ सिस्टम

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं काफी समय से होती रही हैं. यह समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं थी, लेकिन अतीत में इसके खिलाफ वैसी कठोर कार्रवाई नहीं की गई जैसी अब मोदी प्रशासन कर रही है. जितेंद्र सिंह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस और यूपीए प्रशासनों के कार्यकाल में हुए पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि 2009 के रेलवे भर्ती पेपर लीक से लेकर 2012 के एम्स प्रवेश परीक्षा लीक तक कई मामले सामने आए. 1992 और 2010 में गठित कमेटियों ने केंद्रीय परीक्षा कमेटी बनाने के सुझाव दिए थे, जिन्हें तत्कालीन प्रशासनों ने खारिज कर दिया.

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने गिनाए कांग्रेस काल के पेपर लीक मामले

डॉ जितेंद्र सिंह कांग्रेस काल के पेपर लीक मामलों को गिनाते हुए कहा, 2009 में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, 2011 में एआईईईई (AIEEE), 2012 में एम्स (AIIMS) नई दिल्ली, और 2013 में महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा का पेपर लीक होना. यदि मैं ऐसी घटनाओं की गिनती कराने बैठूं, तो इस बिल पर चर्चा ही नहीं हो पाएगी. 2010 का उत्तर प्रदेश B.Ed. एंट्रेंस, 2012 का तमिलनाडु लोक सेवा आयोग, और 2009 का पश्चिम बंगाल जॉइंट एंट्रेंस, ये सभी इसके उदाहरण हैं.

आज केंद्र प्रशासन के अधीन चार प्रमुख भर्ती एजेंसियां कार्यरत हैं : जितेंद्र सिंह

जितेंद्र सिंह ने कहा, “आज केंद्र प्रशासन के अधीन चार प्रमुख भर्ती एजेंसियां कार्यरत हैं—UPSC, SSC, RRB, और IBPS. इसी प्रकार, उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए 2017 में इसी प्रशासन द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन किया गया.

एंटी पेपर लीक बिल मील का पत्थर साबित होगा : जितेंद्र सिंह

“हमारी प्रशासन ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA) का गठन किया. जून 2024 में हम कानून लेकर आए और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए 2026 का संशोधन बिल लाया गया है. यह कानून देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा.” – मंत्री जितेंद्र सिंह

विपक्ष को चर्चा के लिए जितना वक्त चाहिए, प्रशासन तैयार: किरेन रिजिजू

विधेयक की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने संसद में चर्चा का दायरा और समय बढ़ाने की घोषणा की है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और एनसीपी समेत तमाम प्रमुख विपक्षी दलों के चीफ व्हिप और नेताओं से बातचीत की है.

“शुरुआत में इस बिल पर 6 घंटे की चर्चा तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 8 घंटे करने पर सहमति बनी है. यदि विपक्ष को और अधिक समय चाहिए, तो प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है. हम इस पर 10 घंटे तक भी चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, ताकि एक मजबूत और असरदार कानून सामने आ सके.” – संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू

2024 कानून के मुकाबले 2026 संशोधन बिल में क्या-क्या बदला?

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया, प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता को बहाल करने के उद्देश्य से ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ लाया गया है. इस नए संशोधन के जरिए अपराधियों और सर्विस प्रोवाइडरों पर आर्थिक व जेल की सजा के प्रावधानों को दोगुना तक कड़ा कर दिया गया है.

व्यक्तिगत दोषियों पर कार्रवाई

  • सजा: पहले 3-5 साल की जेल, अब 5-10 साल की जेल जुर्माना: पहले 10 लाख रुपये तक, अब 50 लाख रुपये तक
  • सर्विस प्रोवाइडर (एजेंसियों) के खिलाफ कड़ाई
  • जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 5 करोड़ रुपये तक ब्लैकलिस्टिंग : पहले 4 साल तक बैन, अब 8 साल के लिए बैन

पेपर लीक माफिया पर शिकंजा

  • सजा: पहले 5-10 साल की जेल, अब 7-10 साल की जेल
  • जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 10 करोड़ रुपये तक

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त समय-सीमा

  • मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी.
  • केंद्रीय एजेंसी या स्पेशल टास्क फोर्स को जांच 2 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 20 जुलाई के CJP प्रोटेस्ट के दौरान जिसने भी ज्यादती की उसे सजा मिलनी चाहिए

The post संसद में पेपर लीक पर बहस: जितेंद्र सिंह ने कहा, कांग्रेस राज में लीक होते रहे पेपर, हमने बनाया फुलप्रूफ सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top