प्राथमिकी में उम्र 19 वर्ष दर्ज, पंजाब के प्रशासनी अस्पताल से जारी जन्म प्रमाण पत्र में 20 सितंबर 2010 जन्मतिथि अंकित
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती के साथ हथियार का भय दिखाकर सामूहिक दुष्कर्म करने और घटना का वीडियो बनाकर धमकी देने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले में पीड़िता का जन्म प्रमाण पत्र सामने आया है। इसमें उसकी जन्मतिथि 20 सितंबर 2010 अंकित है। प्रमाण पत्र पंजाब प्रशासन के एक प्रशासनी अस्पताल से निर्गत बताया जा रहा है। इस जन्मतिथि के आधार पर पीड़िता की उम्र करीब 16 वर्ष होती है। ऐसे में मामला नाबालिग किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म का बन सकता है और जांच में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जुड़ सकती हैं।
बताया गया है कि पीड़िता की मां के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें उसकी उम्र 19 वर्ष बताई गई है। अब सामने आए जन्म प्रमाण पत्र के बाद यह जांच का विषय बन गया है कि प्राथमिकी में पीड़िता की उम्र 19 वर्ष किस आधार पर दर्ज की गई थी।
परिजनों के अनुसार, बच्ची का जन्म पंजाब के एक प्रशासनी अस्पताल में हुआ था। उस समय उसके पिता पंजाब में रहकर मजदूरी करते थे। इसी दौरान प्रशासनी अस्पताल से उसका जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ था।
मामले में करीब पांच माह पहले हथियार का भय दिखाकर दो युवकों द्वारा पीड़िता के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म करने और घटना का वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई थी। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
अब जन्म प्रमाण पत्र सामने आने के बाद पुलिस के सामने पीड़िता की वास्तविक उम्र का सत्यापन करना महत्वपूर्ण हो गया है। उम्र की पुष्टि होने के बाद प्राथमिकी में धाराओं में बदलाव की संभावना है। यदि जांच में पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है तो मामले में पॉक्सो एक्ट के प्रावधान लागू होने का रास्ता साफ हो सकता है।