BB20 Verdict: बिग बॉस के घर में अभी ठीक से चप्पलें भी अपनी जगह नहीं ढूंढ पाई हैं, लेकिन कंटेस्टेंट्स ने एक-दूसरे की नीयत, attitude और personality का पूरा पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है. आमतौर पर पहले हफ्ते लोग दोस्त बनते हैं, एक-दूसरे को समझते हैं, थोड़ा awkward होते हैं, पर यहां तो मामला उल्टा चल रहा.
कंटेस्टेंट्स ने दोस्ती की जगह दुश्मनी शुरू कर दी है, पर मजेदार बात ये है कि हर कंटेस्टेंट्स खुद को सबसे शांत और समझदार बता रहा है.
भाई, आप ही बतायें अगर घर में आठ लोग एक साथ बोल रहे हैं कि “मैं लड़ाई नहीं करता”, तो फिर लड़ कौन रहा है?
छोटी बात, बड़ा तमाशा
एपिसोड 4 में आम्रपाली दुबे और अरिश्फा खान की तकरार ने खूब मसाला दिया. दोनों के बीच बात शुरू हुई एक comment से और पहुंच गई personal zone तक. और फिर तो …………
यही Bigg Boss का magic है.
बिग बॉस के घर में अगर कोई पूछ दे- “आपकी उम्र कितनी है?” तो अगले पांच मिनट में लगता है जैसे संसद का विशेष सत्र बुलाया गया हो.
कंटेस्टेंट्स की बात सुभानल्लाह
आम्रपाली की पर्सनैलिटी में दम है. वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटतीं, लेकिन थोड़ा कंट्रोल जरूरी है.
क्योंकि Bigg Boss में सामने वाला अगर एक तीर चलाए और आप पूरा तरकश खोल दें, तो फायदा किसका होगा?
जिसने तीर चलाया उसका.
अरिश्फा को भी थोड़ा Bigg Boss को समझना पड़ेगा
अरिश्फा के लिए भी एक बात समझना जरूरी है.
यहां कोई आपको चिढ़ाएगा.
कोई provoke करेगा.
कोई आपकी बात का गलत मतलब निकालेगा.
और कोई ऐसा भी मिलेगा जो सिर्फ यह देखने के लिए button दबाएगा कि आप react कब करती हैं.
इसलिए हर बार reaction देना, मतलब दूसरे contestant को free content देना.
और Bigg Boss के घर में free content सबसे महंगी चीज होती है.
कनिका मान की strategy के क्या कहने
आज कनिका को देखकर लगा कि कम से कम किसी ने घर में volume के अलावा strategy भी लेकर एंट्री मारी है.
कप्तानी टास्क में उनका फैसला हो या दूसरे मुद्दों पर उनका रवैया, वह हर जगह सिर पटकने की बजाय मौके को समझती दिख रही हैं, पर
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कनिका mastermind हैं.
लेकिन इतना जरूर है-
जो contestant पहले हफ्ते ही अपना पूरा पत्ता खोल दे, वह दूसरे हफ्ते में क्या नया दिखायेगा?
कनिका शायद पत्ते बचाकर चल रही हैं.
यंग डीएसए- Energy अच्छी है, ब्रेक भी रखिए!
यंग के पास energy की कमी नहीं है.
इतनी energy कि कभी-कभी लगता है Bigg Boss को इनके लिए अलग से “Mute” button देना पड़ेगा.
लेकिन उनकाे फायदा यह है कि वह boring नहीं हैं.
पर खतरा यह भी है कि हर वक्त reaction देने से धीरे-धीरे audience को लग सकता है कि भाई के पास हर सवाल का जवाब और हर बात पर opinion तैयार है.
थोड़ा रहस्य भी रहने दीजिए.
काजी- भाई, पहले गेम समझ लो फिर गुस्सा करना!
काजी का नाम लिए बिना आज के episode की बात अधूरी है. उनकी और युंग की टकराहट ने एक बात साफ कर दी- दोनों में patience की कमी है और ego की supply भरपूर.
काजी में personality है, लेकिन कई बार ऐसा लगता है कि उन्हें हर situation में अपनी बात साबित करनी है.
Bigg Boss में यह attitude शुरू में बहुत अच्छा लगता है.
फिर धीरे-धीरे audience के मन में सवाल चलने लगता है-
“भाई, आप सही हो सकते हैं… लेकिन हर पांच मिनट में साबित करना जरूरी है क्या?”
काजी के लिए जरूरी होगा कि वह सिर्फ reaction देने वाले contestant न बनें. क्योंकि अगर दूसरे लोग आपकी एक छोटी सी बात पर आपको trigger कर दें और आप तुरंत मैदान में उतर जाएं, तो game की remote control आपके हाथ में नहीं, सामने वाले के हाथ में चली जायेगी.
अभी काजी को थोड़ा observe करना होगा, थोड़ा calculate करना होगा और हर लड़ाई को personal battle बनाने से बचना होगा.
क्योंकि उनमें potential है.
लेकिन काजी साहब potential को temper के नीचे दबने मत दीजिए !
Mary Kom- नाम बड़ा है, लेकिन Bigg Boss में reputation नहीं, reaction का पंच चलता है
अब बात Mary Kom की.
उनकी सबसे बड़ी strength उनकी personality और उनका real-life stature, लेकिन Bigg Boss का घर ऐसी जगह है जहां बाहर की achievement आपको शुरुआत में respect दिला सकती है, trophy नहीं.
Kitchen को लेकर Rhiti Tiwari से हुई बहस छोटी लग सकती है, लेकिन ऐसे ही छोटे moments से घर में perception बनते हैं.
और Mary Kom के लिए यही सबसे interesting challenge है.
लोग उन्हें champion के रूप में जानते हैं.
लेकिन Bigg Boss पूछेगा-
“Champion हैं, ठीक है… लेकिन घर के pressure में आपका temperament कैसा है?”
अगर वह शांत रहते हुए अपनी बात मनवा लेती हैं, तो यह उनके game की बड़ी strength होगी.
क्योंकि हर argument को boxing match बनाना जरूरी नहीं है.
यहां सामने वाले को knock-out नहीं, audience को connect करना है.
और फिलहाल Mary Kom को भी यही balance बनाना होगा.
Rhiti की असली परीक्षा अभी बाकी है
Rhiti Tiwari के सामने सबसे बड़ा challenge कोई दूसरा contestant नहीं, बल्कि
अपनी पहचान बनाना है.
क्योंकि audience उन्हें सिर्फ Manoj Tiwari की बेटी के तौर पर नहीं देखना चाहती. वह जानना चाहती है कि Rhiti खुद कैसी हैं, उनका game क्या है और pressure में उनकी personality कैसी रहती है.
अभी कुछ छोटे conflicts से presence बना रही हैं.
लेकिन सिर्फ kitchen में बहस करके कोई Bigg Boss winner नहीं बनता.
ऐसा होता, तो घर का सबसे अच्छा cook ही trophy ले जाता.
और बाकी लोग?
कुछ contestants को देखकर अभी भी यही सवाल है-
“आप यहां game स्पोर्ट्सने आए हैं या attendance लगाने?”
पहले हफ्ते में invisible रहना भी strategy हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा invisible रह गए, तो audience पूछेगी ही नहीं कि आप कहां हैं.
और Bigg Boss में सबसे खतरनाक चीज है-
लड़ाई हारना नहीं, याद भी नहीं रहना.
इस वक्त मेरा गेम-मीटर क्या कहता है?
कनिका : शांत हैं, लेकिन नजर रखिए.
आम्रपाली : strong हैं, पर गुस्से पर control करना होगा.
अरिश्फा : personality है, पर reaction कम करना होगा.
युंग : entertaining हैं, थोड़ा brake भी जरूरी है.
Rhiti : potential है, लेकिन अपनी identity बनानी होगी.
बाकी : भाई, पहले थोड़ा दिखिए… फिर review भी कर देंगे!
Final Verdict
episode …………. देखकर ऐसा लगा कि घरवालों ने Bigg Boss की सबसे जरूरी लाइन तो पढ़ ली है कि –
“आप यहां अकेले हैं.”
पर एक चीज भूल गए हैं-
“आप यहां 100 दिन के लिए हैं, हर बात पर 100 मिनट लड़ने के लिए नहीं.”
अभी season में बहुत वक्त है. आज का दोस्त कल nomination में आपका नाम ले सकता है और आज का दुश्मन अगले हफ्ते आपका सबसे बड़ा ally बन सकता है.
इसलिए अभी किसी को winner घोषित करना वैसा ही है जैसे पहली बारिश देखकर कहना कि इस साल बाढ़ पक्की है.
लेकिन हां…
अगर यही रफ्तार रही, तो Bigg Boss का घर जल्द ही ऐसा मोहल्ला बनने वाला है जहां सबको सबकी समाचार है, बस अपनी समाचार से बेसमाचार है.
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