BRICS Summit: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे सत्र में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया के नियमों, सभी देशों की बराबरी और लोगों की भलाई पर बड़ा संदेश दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान प्रशासन की मेजबानी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच ब्रिक्स देशों को शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करनी होगी. चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से राष्ट्रपति का बयान जारी किया गया.
“जिसकी लाठी उसकी भैंस” का जमाना अब खत्म होना चाहिए
चीनी राष्ट्रपति ने कहा, “बिना नियमों के दुनिया ठीक वैसे ही है जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अफरा-तफरी और गड़बड़ी होना तय है.”
- नियम सब मिलकर बनाएं: दुनिया के नियम किसी एक ताकतवर देश को नहीं, बल्कि सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए.
- ताकत की मनमानी नहीं चलेगी: “जिसकी लाठी उसकी भैंस” यानी ताकतवर की मनमानी का दौर अब खत्म हो चुका है और इसे बहुत पहले छोड़ देना चाहिए था.
- सबके लिए एक जैसा कानून: विकासशील देशों को एक-दूसरे के अंदरूनी मामलों में दखल न देने और आपसी झगड़ों को बातचीत से सुलझाने के नियम का पालन करना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय कानून बिना किसी भेदभाव या दोहरे रवैये के सब पर एक समान लागू होने चाहिए.
ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 : बीजिंग रवाना हुए Xi Jinping, हिंदुस्तान-चीन सीमा विवाद पर PM Modi से क्या हुई बातचीत, जानिए
53 अफ्रीकी देशों को बिना टैक्स व्यापार की छूट
शी जिनपिंग ने कहा कि किसी भी बड़े काम को पूरा करने के लिए सबसे पहले आम जनता का ध्यान रखना जरूरी है.
- विकास की योजनाएं: पिछले पांच सालों में चीन ने साथी देशों के साथ मिलकर 2,000 से ज्यादा योजनाएं पूरी की हैं. इसके अलावा 2 लाख से ज्यादा लोगों को काम की ट्रेनिंग दी है, जिससे 120 से ज्यादा देशों के लोगों को फायदा मिला है.
- अफ्रीका के लिए बड़ा ऐलान: चीन अपने दरवाजे पूरी दुनिया के व्यापार के लिए और खोल रहा है. चीन ने अपने साथ अच्छे रिश्ते रखने वाले सभी 53 अफ्रीकी देशों को बिना किसी सीमा शुल्क (टैक्स) के व्यापार करने की छूट दी है.
आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए चीन के 5 बड़े सुझाव
सम्मेलन के दौरान चीन ने ब्रिक्स और विकासशील देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए 5 आसान योजनाएं सामने रखीं.
- आसान और सबकी पहुंच वाली AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) योजना: ब्रिक्स देशों के लिए एआई तकनीक को आसान बनाना और इसके सुरक्षित इस्तेमाल के नियम तय करना.
- व्यापार और निवेश में आसानी: ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) बनाना और अगले साल व्यापार सम्मेलन आयोजित करना.
- डिजिटल उद्योग में सहयोग: ‘डिजिटल क्लाउड प्लेटफॉर्म’ बनाकर ऑनलाइन कारोबार और डिजिटल वित्तीय स्थिति को मजबूत करना.
- स्मार्ट कारखाने (इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग): ब्रिक्स देशों में आधुनिक और स्मार्ट कारखाने लगाने में मदद करना.
- वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का विकास: ब्रिक्स देशों के इंजीनियरों और युवाओं को एक-दूसरे से सीखने और ट्रेनिंग देने का मौका देना.
ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 Day 2: पीएम मोदी ने दिए तरक्की के 4 मंत्र, आपदा से निपटने पर बनी सहमति
The post BRICS Summit: शी जिनपिंग ने 53 देशों को दी बंपर टैक्स छूट, दुनिया के लिए रखे 5 सुझाव; कहा- ताकत की मनमानी अब नहीं चलेगी appeared first on Naya Vichar.