न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने कहा कि यह एक असाधारण मामला है. इसमें सिर्फ एक स्त्री का मामला नहीं है. देश के प्रधानमंत्री भी इससे जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लेती है, तो अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि पुलिस इस मामले में संवेदनशीलता से कार्रवाई करे.
कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं – सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को मामले में नोटिस जारी किया.
स्त्री को सुरक्षा देने का आदेश
स्त्री ने आरोप लगाया कि उसकी तस्वीर से छेड़छाड़ की गई. इसके बाद उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ जोड़कर शेयर किया गया. स्त्री ने सीजेपी नेताओं पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ उसकी अश्लील डीपफेक तस्वीरें फैलाने का आरोप लगाया है. स्त्री का कहना है कि उसे जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं. मामले को देखते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस को स्त्री को पूरी सुरक्षा देने का निर्देश दिया. कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को तय की है.
याचिका में कहा गया है, ‘‘हाल ही में नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान, प्रतिवादी संख्या 2 से 5 (सीजेपी नेता) और उनके सक्रिय साथियों ने बिना इजाजत याचिकाकर्ता की निजी तस्वीर हसिल की और एआई ‘फेस-स्वैपिंग टूल’ का इस्तेमाल करके उसके चेहरे को हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री के साथ एक बेहद अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीर तैयार कर जोड़ दिया गया.’’
याचिका में डीपफेक तस्वीरों को हटाने की मांग की गई थी
याचिका में ऐसी डीपफेक तस्वीरों को हटाने की मांग की गई थी, जिनमें स्त्री के चेहरे को बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें बनाई गई थीं. स्त्री के वकील ने बताया कि मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है. हालांकि, उनका कहना है कि आरोपियों को पकड़ने और वायरल डीपफेक तस्वीरों के लिंक हटाने या ब्लॉक करने के लिए अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
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