Bhadrapada Purnima 2026: मिथिला, महावीर और द्रिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि 26 सितंबर को पड़ रही है. धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन से पितृ पक्ष का आरंभ होता है. भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषि तर्पण का विधान है. इस दिन मुख्य रूप से अगस्त्य ऋषि का तर्पण किया जाता है. साथ ही उन पूर्वजों के लिए भी श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) किया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई. भाद्रपद पूर्णिमा के दिन किन कार्यों को नहीं करना चाहिए, आइए जानते हैं.
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन किन 5 कामों से बचना चाहिए?
1. तामसिक भोजन और नशे से दूरी बनाएं
भाद्रपद मास की पूर्णिमा यानी 26 सितंबर को पितृ पक्ष शुरू हो रहा है. ऐसे में इस दिन तामसिक पदार्थ (प्याज, लहसुन, मांस, मछली और शराब) का सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही इस दिन अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए. मान्यतानुसार, भाद्रपद पूर्णिमा के दिन इन चीजों का सेवन करना शुभ नहीं है.
2. क्रोध और बड़े-बुजुर्गों के अनादर से बचें
पूर्णिमा के दिन क्रोध करने से पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं, ऐसी मान्यता है. ऐसे में भाद्रपद पूर्णिमा के दिन न तो किसी पर गुस्सा करना चाहिए और न ही किसी से लड़ाई-झगड़ा करना चाहिए. इस दिन गलती से भी परिवार के बड़े-बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए.
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3. मांगलिक कार्यों की शुरुआत न करें
भादो मास की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष का आरंभ हो रहा है इसलिए इस दिन किसी भी प्रकार का मांगलिक काम (शादी, विवाह, मुंडन, उपनयन आदि ) नहीं करना चाहिए. इस दिन मांगलिक कार्य का आरंभ करना शुभ नहीं माना गया है.
4. दरवाजे पर आए व्यक्ति को खाली हाथ न लौटाएं
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन घर आए किसी भी व्यक्ति को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए. इस दिन गरीब, लाचार या बीमार लोगों को कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए. कहा जाता है कि ऐसा करने से पूर्वज भी नाराज होते हैं.
5. नए वस्त्रों की खरीदारी से परहेज करें
चूंकि, भाद्रपद पूर्णिमा से पितृ पक्ष का आरंभ हो रहा है इसलिए इस दिन नए कपड़ों की खरीदारी करने से बचना चाहिए. धार्मिक परंपरा के अनुसार ऐसा करना अशुभ है.
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भाद्रपद पूर्णिमा पर श्राद्ध मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) के लिए कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 30 मिनट से 12 बजकर 18 मिनट तक है. जबकि, रौहिण मुहूर्त 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 06 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अपराह्न काल मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 06 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. हालांकि, स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है.
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