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Sankashti Chaturthi 2026: आज विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी पर पूजा में न करें ये गलतियां, जानें खास नियम

Vighnaraj Sankashti Chaturthi 2026 Niyam: आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर ‘विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी’ व्रत रखा जाता है. पंचांग के अनुसार, इस साल विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत आज यानी 29 सितंबर, मंगलवार को रखा जा रहा है. इस चतुर्थी व्रत में भगवान विघ्नराज की पूजा-अर्चना की जाती है. विघ्नराज, भगवान गणेश के अष्टविनायक रूपों में से एक हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और भगवान विघ्नराज की पूजा करने से विघ्न दूर होते हैं. शास्त्रों में विघ्नराज चतुर्थी व्रत से जुड़े कुछ नियमों का उल्लेख मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि विघ्नराज चतुर्थी व्रत पर आज क्या करें और क्या नहीं.

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दौरान क्या करें

  • सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थान की साफ-सफाई करें. पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें.
  • भगवान गणेश (विघ्नराज स्वरूप) की तस्वीर लगाएं. भगवान गणेश का ध्यान करते हुए व्रत और पूजन का संकल्प लें.
  • पूजन के दौरान मन को बिल्कुल शांत रखें. साथ ही, इस दौरान भगवान गणेश से संकट दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना करें.
  • पूजन के दौरान भगवान को दूर्वा (हरी घास) अर्पित करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसलिए उन्हें कम से कम एक दूर्वा जरूर चढ़ाएं.
  • पूजन के दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करने से विघ्नराज गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है. मंत्र जाप के दौरान ध्यान भगवान गणेश पर होना चाहिए.
  • पूजा के दौरान गणेश चालीसा और गणपति स्तुति का पाठ किया जा सकता है. ऐसा करने से मन-मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
  • व्रत के दौरान फलाहार किया जा सकता है. व्रत में दूध, फल या अन्य सात्विक चीजों का सेवन किया जा सकता है.

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विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत के दौरान क्या न करें

  • भगवान गणेश को तुलसी और केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता है. इसके अलावा, विघ्नराज गणेश को मुरझाए या बासी फूल न चढ़ाएं.
  • चंद्रमा के दर्शन करने या उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करने की परंपरा है. इसलिए बिना चंद्र दर्शन के व्रत का पारण न करें.
  • भगवान गणेश की पूजा के दौरान काले रंग के वस्त्र न पहनें. इसके अलावा, इस दिन भूलकर भी छोटे भाई से लड़ाई-झगड़ा न करें.
  • विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत करने वालों को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए. मांसाहारी भोजन करने से बचना चाहिए.
  • बीमार और लाचार लोगों को कष्ट नहीं देना चाहिए. ऐसा करने से व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता.

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026 मुहूर्त

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत- 29 सितंबर 2026, मंगलवार
चतुर्थी तिथि आरंभ-29 सितंबर 2026, शाम 5 बजकर 09 मिनट पर
चतुर्थी तिथि समाप्त- 30 सितंबर 2026, दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर
चंद्रोदय का समय- शाम 7 बजकर 31 मिनट पर

नोट- स्थानीय समय के अनुसार, चंद्रोदय समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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