लाटबसेपुरा से मोरवा डीह तक पुलिस की कार्रवाई, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन ।मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने सोमवार को तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लाटवसेपुरा गांव निवासी शंकर सहनी के पुत्र रविंद्र सहनी के रूप में हुई है। रविंद्र सहनी पूर्व वार्ड सदस्य रह चुका है। मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें लाटवसेपुरा निवासी धर्मेंद्र सहनी और मोरवा डीह निवासी रौशन कुमार मिश्रा उर्फ भगत मिश्रा शामिल हैं। पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच के दौरान चार लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को सोशल मीडिया निगरानी के दौरान पुलिस के संज्ञान में नाबालिग से संबंधित एक वीडियो आया था। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे घटनास्थल की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटवसेपुरा से मोरवा जाने वाली सड़क के रूप में की। वीडियो में नाबालिग लड़की के होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 159/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों के साथ-साथ वीडियो के प्रसार और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की तकनीकी तरीके से जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, अनुसंधान में घटना करीब 14 अगस्त 2025 की होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूचना मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर धर्मेंद्र सहनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शुक्रवार की रात मोरवा डीह निवासी रौशन कुमार मिश्रा उर्फ भगत मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। अब सोमवार को तीसरे आरोपी रविंद्र सहनी की गिरफ्तारी हुई है।
वीडियो के स्रोत और प्रसार की भी जांच
पुलिस वीडियो के मूल स्रोत, उसे रिकॉर्ड किए जाने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसे सोशल मीडिया पर किस माध्यम से प्रसारित किया गया। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नाबालिग की पहचान उजागर नहीं करने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग से संबंधित किसी भी फोटो, वीडियो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर साझा न करें। ऐसे संवेदनशील मामलों में वीडियो को आगे प्रसारित करने से न केवल जांच प्रभावित हो सकती है, बल्कि नाबालिग की पहचान उजागर होने का खतरा भी रहता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन के किसी भी संवेदनशील वीडियो या पोस्ट को शेयर करने से बचें।
