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Author name: Vinod Jha

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मेष राशि वालों के लिए मई रहेगा बेहद खास, आपकी हर एक फैसला बनेगा गेमचेंजर!

Mangal Gochar May 2026 Mesh Rashi: मेष राशि वालों के लिए मई का महीना बेहद खास रहने वाला हैं. इस महीने आपकी हर एक फैसला गेमचेंजर बन सकता हैं. क्योंकि आपकी राशि में ग्रहों का राजा सूर्य 15 अप्रैल से 14 मई तक मौजूद रहेंगे. 14 से 16 मई तक चद्रमा आपकी राशि में रहेंगे. वहीं 12 मई को मंगल ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जो आपकी राशि के स्वामी हैं. वहीं बुध ग्रह 29 अप्रैल से 13 मई तक आपकी राशि में स्थित रहेंगे. मई रहेगा मेष राशि के लिए बेहद खास मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल हैं. मंगलदेव ग्रहों के मंत्री भी हैं. मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, छोटे भाई, रक्त, क्रोध, युद्ध और तकनीकी कौशल का कारक माना जाता है. यह अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है जो निडरता, नेतृत्व क्षमता, अचल संपत्ति और प्रशासनिक योग्यता को नियंत्रित करता है. मेष राशि में मंगल ग्रह की यह स्थिति आत्मविश्वास, तत्परता और आवेगपूर्ण व्यवहार को बढ़ा सकती है, जिससे रोजमर्रा के जीवन में एक शक्तिशाली क्रिया और प्रतिक्रिया ऊर्जा का निर्माण होता है. साहसिक फैसलों से भरा रहेगा यह समय आपकी राशि में मंगल ग्रह के स्थित होने से ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी, इस समय लोग अपने लक्ष्य हासिल करने, नई शुरुआत करने और लंबे समय से टाले गए कार्यों को पूरा करने के लिए ज्यादा उत्साहित और प्रेरित महसूस करेंगे. यह ग्रह स्थिति नेतृत्व क्षमता को बढ़ाती है और निर्णय लेने में तेजी लाती है. यदि भावनाओं पर नियंत्रण न रखा जाए तो यही ऊर्जा अधीरता, विवाद और अचानक प्रतिक्रियाओं का कारण भी बन जाती है. साहस और नई शुरुआत के लिए बेहतर समय मेष राशि वालों के लिए मई का महीना साहस और नई शुरुआत का संकेत लेकर आ रहा है, इस समय ग्रहों की अनुकूल स्थिति आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और आपको बड़े फैसले लेने की प्रेरणा देगी. करियर, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं. जोखिम लेने की क्षमता बढ़ेगी और आपके निर्णय सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं. पुराने रुके हुए काम भी गति पकड़ेंगे, जिससे सफलता की राह आसान होगी. जुनून और धैर्य के बीच संतुलन रखना मेष राशि में मौजदू मंगल ग्रह साहस, पहल और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन यह ऊर्जा तब सबसे अच्छा काम करती है, जब जागरुकता और आत्म नियंत्रण द्वारा निर्देशित हो. इस दौरान आपके कई निर्णय भविष्य को बदलने वाले साबित होंगे. सूर्य का प्रभाव 14 मई तक आपकी राशि में बना रहेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. 12 मई को मंगल का प्रवेश ऊर्जा और साहस देगा, जबकि बुध का साथ सोचने-समझने की क्षमता मजबूत करेगा. ऐसे में जोश के साथ धैर्य रखना जरूरी है. यह भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर नई गाड़ी खरीदने का सही समय क्या है? जानें सटीक मुहूर्त और शुभ घड़ी The post मेष राशि वालों के लिए मई रहेगा बेहद खास, आपकी हर एक फैसला बनेगा गेमचेंजर! appeared first on Naya Vichar.

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एयर इंडिया के विमान का इंजन हुआ हवा में फेल, पायलट ने ‘PAN PAN’ कॉल देकर बचाई यात्रियों की जान

Air India : मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार तड़के तकनीकी खराबी जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि पायलट ने पैन-पैन (PAN PAN) कॉल जारी किया. हालांकि पायलट की समझबूझ की वजह से विमान की सुरक्षित लैंडिग करा ली गई. उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही इंजन हुआ फेल विमान के बारे में जो सूचना सामने आई है उसके अनुसार फ्लाइट AI 2812 अपने निर्धारित समय 2:05 बजे के बजाय करीब 2:15 बजे मुंबई से रवाना हुआ. उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद विमान में तकनीकी खराबी आ गई. प्रत्यदर्शियों ने बताया जा रहा है कि टेक-ऑफ के दौरान ही विमान से जोरदार आवाज सुनाई दी और चिंगारियां भी देखी गईं. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पायलट ने तुरंत पैन-पैन कॉल जारी किया और विमान को वापस मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया. करीब 2:35 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.एयर इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि विमान के दूसरे इंजन में खराबी आ गई थी और वह हवा में ही बंद हो गया था. लेकिन पायलट ने अविलंब समझदारी दिखाकर प्लाइट को सुरक्षित लैंड करा दिया. विमान पर सवार सभी 47 यात्री सुरक्षित हैं जानिए क्या है PAN PAN कॉल? एविएशन के क्षेत्र में ‘PAN PAN’ एक रेडियो सिग्नल है, जिसका उपयोग पायलट तब करते हैं जब विमान में कोई गंभीर लेकिन जीवन के लिए तुरंत खतरा न हो. यह कोड वर्ड फ्रेंच भाषा के “panne” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है तकनीकी खराबी. इस सिग्नल के जरिए पायलट यह बताना चाहता है किविमान को प्राथमिकता देते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल तुरंत सहायता दे.पैन-पैन काॅल को ‘Mayday’ कॉल से कम गंभीर माना जाता है, क्योंकि इसमें तत्काल जीवन पर खतरा नहीं होता है. ये भी पढ़ें : ईरान युद्ध को रोकने के लिए 10 अप्रैल से शुरू हो रही वार्ता सफल होगी या फिर साबित होगी फिसड्डी? ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता गुजरात से 1 रन से हारकर दिल्ली ने बनाया यह रिकाॅर्ड The post एयर इंडिया के विमान का इंजन हुआ हवा में फेल, पायलट ने ‘PAN PAN’ कॉल देकर बचाई यात्रियों की जान appeared first on Naya Vichar.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: सीजफायर के बाद भी ईरान की सख्ती, हर दिन सिर्फ 15 जहाजों को मिलेगी एंट्री

Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर यानी युद्ध विराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ) में जहाजों की आवाजाही लगभग रुकी हुई है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब हर दिन केवल 15 जहाजों को ही यहां से गुजरने की इजाजत देगा. ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने साफ कर दिया है कि किसी भी जहाज को यहां से सुरक्षित निकलने के लिए ईरानी सेना और वहां की अथॉरिटी से तालमेल बैठाना होगा और मंजूरी लेनी होगी. सीजफायर के बाद की जमीनी हकीकत रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से सिर्फ एक ऑयल टैंकर और पांच ड्राई बल्क कैरियर ही गुजर पाए हैं. इसके अलावा ईरान के झंडे वाले दो टैंकर भी यहां से निकले हैं. रूस की न्यूज एजेंसी TASS ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि सीजफायर समझौते के तहत रोजाना 15 जहाजों की लिमिट तय की गई है. हालांकि, अबू धाबी नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन के हेड सुल्तान अल जाबेर ने ब्लूमबर्ग से कहा कि ईरान एनर्जी सप्लाई को रोक रहा है और यह रास्ता असल में बंद ही है. उनका कहना है कि शर्तों के साथ रास्ता देना ‘फ्री पैसेज’ नहीं कहलाता. इस्लामाबाद में शांति वार्ता ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का अस्थाई सीजफायर हुआ है, जिसमें ईरान ने प्रतिबंधों में ढील और होर्मुज पर कंट्रोल जैसी 10 शर्तें रखी हैं. अब दोनों देश पाकिस्तान के इस्लाबाद में शांति वार्ता करने वाले हैं. ईरान की 10 शर्तों और अमेरिका के 15 पॉइंट वाले प्लान में काफी अंतर है. रॉयटर्स के अनुसार, ईरान भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने की योजना बना रहा है, जो जहाज के प्रकार और उसमें लदे सामान पर निर्भर करेगी. ट्रंप की चेतावनी- अमेरिकी सेना रहेगी तैनात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित खोलने पर सहमत हो गया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना वहां तैनात रहेगी. वहीं, मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान की सुप्रीम काउंसिल ने ट्रंप की बात को गलत बताया और कहा कि अमेरिका ने होर्मुज पर ईरान के कंट्रोल को स्वीकार कर लिया है. इस तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 3.6% बढ़कर 98.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं. ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में फिर भड़क सकती है जंग: लेबनान पर इजरायली हमले के बाद ईरान बोला- अब बातचीत का मतलब नहीं सीजफायर उल्लंघन पर ईरान की धमकी ईरानी स्टेट मीडिया ISNA के मुताबिक, ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायली गठबंधन ने सीजफायर की शर्तों को तोड़ा, तो इसका तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा. विवाद का एक बड़ा कारण यह भी है कि ईरान इस सीजफायर में लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने की शर्त जोड़ रहा है, जबकि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वे हिजबुल्ला पर हमले जारी रखेंगे. अमेरिका भी इजरायल की इस बात का समर्थन कर रहा है, जिससे शांति समझौते पर खतरा मंडरा रहा है. ये भी पढ़ें: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का अहसान चुकाने के लिए ईरान युद्ध में पाकिस्तान बना मेडिएटर! The post स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: सीजफायर के बाद भी ईरान की सख्ती, हर दिन सिर्फ 15 जहाजों को मिलेगी एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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असम में 85.04% मतदान के साथ टूटा 2021 का रिकॉर्ड, केरल में 77.38% वोटिंग

Voting Percentage : गुरुवार (9 अप्रैल) को असम, केरल और पुडुचेरी में दिनभर वोटिंग का माहौल बना रहा और धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती गई. शाम 6 बजे तक के आंकड़े बताते हैं कि लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मतदान पुडुचेरी में 89.08% दर्ज हुआ. इसके बाद असम में 85.04% वोटिंग हुई, जबकि केरल में 77.38% मतदान रिकॉर्ड किया गया. असम में शाम 6 बजे तक सभी 126 सीटों पर करीब 85.04% मतदान दर्ज हुआ, जो 2021 के 82.04% से ज्यादा है. इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प है. बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार प्रशासन बनाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस करीब दस साल बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है. इसलिए राज्य में चुनावी मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है. अलग-अलग सीटों पर वोटिंग का आंकड़ा भी अलग असम में अलग-अलग सीटों पर वोटिंग का आंकड़ा भी अलग रहा. दलगांव में सबसे ज्यादा 94.57% मतदान हुआ, जबकि अमरी में सबसे कम 70.40% वोटिंग दर्ज की गई. इस एक चरण के चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं. राज्य के 35 जिलों में फैले 31,490 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले गए और लोगों ने अच्छी भागीदारी दिखाई. केरल में सभी 140 सीटों पर वोटिंग शाम 6 बजे खत्म हो गई, लेकिन कई बूथों पर लोग लाइन में लगे रहे. जो लोग समय तक पहुंच गए थे, उन्हें टोकन देकर बाद में भी वोट डालने का मौका दिया गया. यह भी पढ़ें : असम चुनाव : कई मतदान केंद्रों पर झड़प, 7 हिरासत में, पुलिस ने चलाई गोली पुडुचेरी में भी 30 विधानसभा सीटों पर वोटिंग शाम 6 बजे खत्म हो गई. जो लोग समय से पहले मतदान केंद्र पहुंच गए थे, उन्हें लाइन में खड़े रहकर बाद में भी वोट डालने की अनुमति दी गई. The post असम में 85.04% मतदान के साथ टूटा 2021 का रिकॉर्ड, केरल में 77.38% वोटिंग appeared first on Naya Vichar.

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सिउड़ी में गरजे मोदी- आपने पीएम बनाया, अब बंगाल में भाजपा का सीएम बनवाएं, डबल इंजन से होगा दोगुना विकास

PM Modi Siuri Rally Birbhum| बीरभूम, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के लिए बीरभूम जिले के सिउड़ी स्थित चांदमारी ग्राउंड में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. बीरभूम जिले की सभी 11 विधानसभा सीटों के भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में हुंकार भरी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बंगाल की जनता से राज्य में सत्ता परिवर्तन की अपील की. उन्होंने कहा कि बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए अब यहां भाजपा की प्रशासन का होना अनिवार्य है. भाजपा उम्मीदवारों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. बंगला में बोले मोदी- भय नाय, भोरसा चाई प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत बंगला भाषा में करते हुए कहा कि अब बंगाल में परिवर्तन का समय आ गया है. उन्होंने ‘भय नाय, भोरसा चाई’ (डर नहीं, भरोसा चाहिए) का नारा देते हुए संदेश दिया कि भाजपा राज्य में सुरक्षा और विकास का माहौल लायेगी. उन्होंने माताओं और बहनों के सम्मान की रक्षा का संकल्प भी दोहराया. इसे भी पढ़ें : बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कैसे दी पटखनी, पढ़ें पूरा विश्लेषण पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें ‘महा जंगलराज’ का आरोप : 2022 के बागटुई नरसंहार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने टीएमसी शासन को ‘महा जंगलराज’ करार दिया. यहां स्त्रीओं और बच्चों को जिंदा जला दिया गया था. बम बनाने का कुटीर उद्योग : पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में वास्तविक कुटीर उद्योग खत्म हो रहे हैं, जबकि टीएमसी ने कच्चे बम बनाने को नया कुटीर उद्योग बना दिया है. घुसपैठ और भूमि कब्जा : पीएम ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों द्वारा जमीन हड़पना खतरनाक स्तर पर है. वे कम वेतन पर काम कर स्थानीय लोगों की नौकरियां छीन रहे हैं. भाजपा सत्ता में आने के बाद इन्हें निर्वासित करेगी. आदिवासियों का अपमान : मोदी ने कहा कि टीएमसी ने आदिवासियों का अपमान किया है. दलित समुदाय से आने वाली देश की राष्ट्रपति तक को नहीं बख्शा. मनरेगा फंड की चोरी : उन्होंने टीएमसी पर मनरेगा कोष में चोरी करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र का पैसा जनता तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है. ‘वीबी-जी राम जी’ योजना : पीएम मोदी ने घोषणा की कि बंगाल में भाजपा की प्रशासन बनने पर ‘वीबी-जी राम जी’ योजना लागू की जायेगी, जिसके तहत लाभार्थियों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर (DBT) किये जायेंगे. ‘मां-माटी-मानुष’ पर प्रहार : उन्होंने कहा कि टीएमसी का यह प्रसिद्ध नारा अब महज एक खोखली बयानबाजी बनकर रह गया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें PM Narendra Modi Siuri Rally Birbhum: किसानों के लिए FPO का वादा प्रधानमंत्री ने देश के अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि छोटे किसानों के कल्याण के लिए एफपीओ (FPO) बनाये गये हैं, जहां किसान अपनी हर समस्या का समाधान पाते हैं. उन्होंने वादा किया- बंगाल के किसान राज्य में भाजपा की प्रशासन बनाएं, हम यहां भी किसानों के लिए एफबीओ बना देंगे, ताकि उन्हें किसी भी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े. टीएमसी पर हमला : ‘कट मनी’ और योजनाओं में रुकावट राज्य की तृणमूल प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र प्रशासन की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को ममता प्रशासन राज्य में लागू नहीं होने दे रही है. उन्होंने कटाक्ष किया कि भाजपा शासित राज्यों में लोगों को बिना ‘कट मनी’ के योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है, जबकि बंगाल में आदिवासी, युवा, स्त्रीएं और किसान इन लाभों से वंचित हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 91 लाख वोटर ‘गायब’, 120 सीटों का बिगड़ा गणित! SIR ने उड़ायी टीएमसी और भाजपा की नींद आदिवासी बिटिया और आरजी कर कांड का जिक्र प्रधानमंत्री ने बीरभूम में एक नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना और कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की स्त्री चिकित्सक के साथ हुए कुकृत्य का जिक्र कर राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये. उन्होंने भावुक होते हुए कहा- यह चुनाव हमारी बेटियों की सुरक्षा के लिए है. किसी भी परिवार के लिए पैसे से उस दुख की भरपाई नहीं की जा सकती, जो उनकी बेटियों के साथ हुआ है. मोदी की गारंटी : तेजी से होगा विकास पीएम मोदी ने अंत में ‘मोदी की गारंटी’ देते हुए कहा कि भाजपा ने घोषणापत्र में माताओं-बहनों के लिए जो भी वादे किये हैं, उन्हें प्रशासन बनते ही प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जायेगा. रैली के दौरान बीरभूम जिला भाजपा कमेटी द्वारा प्रधानमंत्री को ‘मां तारा’ की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया. इसे भी पढ़ें आसनसोल से टीएमसी को PM मोदी की चेतावनी- 4 मई के बाद चुन-चुनकर होगा गुंडागर्दी का हिसाब ममता बनर्जी का हमला- लोकतंत्र को चैत्र सेल की तरह बेच दिया, BJP पर भरोसा करना गोखरो सांप जैसा खतरनाक बंगाल में पीएम मोदी का ‘सुपर थर्सडे’, करेंगे 3 बड़ी रैलियां, ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी पूरे बंगाल में परिवर्तन की आंधी, पीएम मोदी बोले- ममता का जो हाल नंदीग्राम में हुआ वही भवानीपुर में होगा The post सिउड़ी में गरजे मोदी- आपने पीएम बनाया, अब बंगाल में भाजपा का सीएम बनवाएं, डबल इंजन से होगा दोगुना विकास appeared first on Naya Vichar.

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KKR vs LSG: लखनऊ ने टॉस जीत चुनी बॉलिंग, केकेआर की बैटिंग, ऐसी है प्लेइंग XI

KKR vs LSG: कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स गुरुवार को आईपीएल 2026 के लीग मुकाबले में आमने-सामने हैं. लखनऊ सुपर जायंट्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. केकेआर को अपने होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स में पहले बैटिंग करनी होगी. अजिंक्य रहाणे की टीम पर एक बड़ा स्कोर करना होगा. केकेआर ने तीन मैच स्पोर्ट्स लिए हैं और अब भी उसे पहली जीत का इंतजार है. बारिश की वजह से पिछला मैच रद्द हो गया था. केकेआर और पंजाब किंग्स के बीच एक-एक अंक बांट दिए गए थे. केकेआर के खाते में तीन मैच के बाद वही एक अंक है. जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स ने दो में से एक मैच जीता और एक हारा है. ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ पंजाब के खिलाफ अपना पहला मुकाबला हार गई थी. बाद में उसने सनराइजर्स हैदराबाद को हाराकर दो अंक हासिल किए. आज के मुकाबले में दोनों ही टीमें जीत दर्ज करने के लिए बेताब होंगी. सुनील नरेन की टीम में हुई वापसी केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘हम भी गेंदबाजी करना चाहते थे.’ पिछले मैच में बल्लेबाजी करने के अपने फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, वह मैच पूरा नहीं हो पाया, इसलिए आप कभी कुछ कह नहीं सकते. सुनील टीम में आए हैं, वरुण अभी भी अपने हाथ की चोट से उबर रहे हैं. जब कैमरून ग्रीन गेंदबाजी करते हैं, तो हमारे पास एक अतिरिक्त गेंदबाज होता है. 🚨 Toss 🚨@LucknowIPL won the toss and elected to bowl first against @KKRiders Updates ▶️ https://t.co/ov5gAlAtPH #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvLSG pic.twitter.com/lUmM8nQLo5 — IndianPremierLeague (@IPL) April 9, 2026 पंत को अपने बॉलरों पर भरोसा टॉस जीतने के बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा, ‘हम पहले गेंदबाजी करेंगे. हम विपक्षी टीम को बल्लेबाजी के लिए बुलाना चाहते हैं. हमें अपने गेंदबाजों पर भरोसा है कि वे अपना काम बखूबी करेंगे. यकीनन, जीत से टीम का माहौल और भी बेहतर हो जाता है. हम उसी टीम के साथ स्पोर्ट्स रहे हैं. हमें लगता है कि हमारा टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी के लिहाज से काफी मज़बूत है, और हमें अपने टॉप ऑर्डर पर पूरा भरोसा है कि वे हमें जीत तक पहुंचाएंगे. दोनों टीमों की प्लेइंग XI कोलकाता नाइट राइडर्स : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, कैमरून ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रोवमैन पॉवेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, नवदीप सैनी, कार्तिक त्यागी.लखनऊ सुपर जाइंट्स : मिशेल मार्श, एडेन मार्कराम, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मणिमारन सिद्धार्थ, अवेश खान, मोहम्मद शमी, दिग्वेश सिंह राठी, प्रिंस यादव. ईडन गार्डन्स की पिच रिपोर्ट ईडन गार्डन्स एक हाई स्कोरिंग मैदान रहा है. इसका एक कारण, यहां की तेज आउटफील्ड है. दूसरा कारण है मैदान का छोटा आकार. ऑफ और लेग साइड में बाउंड्री 65 मीटर ओर 64 मीटर है, जबकि साधी बाउंड्री 74 मीटर है. जिस पिच का इस्तेमाल पिछली रात हुआ था, वहीं मैच स्पोर्ट्सा जाएगा. यहां गेंद में स्विंग देखने को मिली थी, लेकिन पिच थोड़ी सूखी हुई लग रही है. यह मैदान आमतौर पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों के लिए ज्यादा फायदेमंद रहा है. पिछले छह मैचों में से, चार बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीत हासिल की है. ये भी पढ़ें… GT vs DC: डेविड मिलर का एक गलत फैसला और 1 रन से हारी दिल्ली, अब ड्रेसिंग रूम का VIDEO वायरल ‘जोक ऑफ द सेंचुरी’, बाबर आजम ने उड़ाया सफेद कबूतर; सोशल मीडिया पर हुए जमकर ट्रोल The post KKR vs LSG: लखनऊ ने टॉस जीत चुनी बॉलिंग, केकेआर की बैटिंग, ऐसी है प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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ईरान युद्ध को रोकने के लिए 10 अप्रैल से शुरू हो रही वार्ता सफल होगी या फिर साबित होगी फिसड्डी?

Iran War Crisis : पूरे विश्व की नजर 10 अप्रैल की शांतिवार्ता पर टिकी है, पूरा विश्व यह चाहता है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग समाप्त हो जाए, ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट का समाधान हो जाए. शांतिवार्ता, युद्ध रोकने की दिशा में अहम कूटनीतिक पहल है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यह वार्ता युद्ध रोकने की दिशा में कारगर कदम साबित होगी या फिर यह वार्ता फिसड्डी साबित होगी? सीजफायर की शर्तों पर है विवाद ईरान युद्ध में दो हफ्ते का सीजफायर तो हुआ है, लेकिन इसकी शर्तें ऐसी है, जिसे लेकर विवाद बना हुआ है. अमेरिका यह चाहता है कि ईरान पूरी तरह से यूरेनियम की गुणवत्ता बढ़ाने और उसे जमा करने पर रोक लगाए, जबकि ईरान का कहना है कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में यह उसका अधिकार है, क्योंकि उसे अपने देश की रक्षा भी करनी है. यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसे लेकर दोनों पक्ष आमने सामने हैं. अयातुल्ला खामेनेई के 40वें के अवसर पर ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन के तेहरान के अधिकार की रक्षा करना अमेरिका के साथ किसी भी युद्धविराम वार्ता के लिए बहुत जरूरी है. यह मुद्दा केवल तकनीकी नहीं, बल्कि नेतृत्वक और वैचारिक भी है. अमेरिका इसे विश्व की सुरक्षा में बाधा मानता है और ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को रोकना चाहता है. इन हालात में दोनों पक्ष को अपने रुख में लचीलापन लाना होगा. शांति की राह में बाधा है लेबनान पर हमला शांतिवार्ता से ठीक पहले लेबनान पर इजरायल का हमला और उसकी बढ़ती सैन्य गतिविधियां वार्ता की सफलता पर सवालिया निशान खड़े करती हैं. यदि जमीनी स्तर पर हमले जारी रहते हैं, तो कूटनीतिक बातचीत का असर कमजोर पड़ेगा. लेबनान, जहां पहले से ही नेतृत्वक और आर्थिक संकट गहरा है, इस युद्ध का क्षेत्र बनता जा रहा है. इससे यह स्पष्ट होता है कि युद्ध केवल ईरान और अमेरिका के बीच सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई क्षेत्रीय शक्तियां भी शामिल हैं. अगर शांतिवार्ता सफल नहीं हुई, तो क्या होगा? ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो शांति वार्ता आयोजित की गई है, अगर वह सफल नहीं होती है, तो इसका विश्व पर गहरा प्रभाव दिखेगा. शांतिवार्ता के असफल होने का सबसे बड़ा प्रभाव विश्व पर यह पड़ेगा कि ऊर्जा संकट बढ़ेगा. युद्ध जारी रहा, तो ईरान होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना बंद कर सकता है और तेल के उत्पादन पर भी असर होगा. ये भी पढ़ें : ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता गुजरात से 1 रन से हारकर दिल्ली ने बनाया यह रिकाॅर्ड The post ईरान युद्ध को रोकने के लिए 10 अप्रैल से शुरू हो रही वार्ता सफल होगी या फिर साबित होगी फिसड्डी? appeared first on Naya Vichar.

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बारामती उपचुनाव : अपना उम्मीदवार कांग्रेस ने क्यों वापस लिया? जानें वजह

Baramati Bypoll : कांग्रेस के उम्मीदवार आकाश मोरे ने पुणे जिले के बारामती से अंतिम तारीख से ठीक पहले अपना नामांकन वापस ले लिया. मोरे ने नामांकन वापस लेने से पहले मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार, मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया है. इस सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा क्योंकि कई अन्य उम्मीदवार अब भी मैदान में हैं. मतदान के बाद मतगणना चार मई को होगी. आकाश मोरे ने कहा कि चुनाव लड़ने की इच्छा मेरी थी, लेकिन पार्टी के फैसले का मैं सम्मान करता हूं. पार्टी जो बोलेगी वो मैं करूंगा. पार्टी की ओर से कहा गया कि इस बार रुक जाओ. आगे आपको मौका दिया जाएागा. मोरे के नामांकन वापस लेने का वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है. देखें वीडियो. VIDEO | Baramati, Maharashtra: “As per directions from the party leadership, I have withdrawn my nomination from Baramati,” says Congress candidate Akash More. The Baramati bypoll is scheduled for April 23. Maharashtra’s late Deputy CM Ajit Pawar had held the Baramati seat… pic.twitter.com/bZ12SGVWSC — Press Trust of India (@PTI_News) April 9, 2026 कांग्रेस ने क्यों वापस लिया अपना उम्मीदवार? कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दो महीने पहले एक विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मृत्यु के मद्देनजर पार्टी ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया है. अजित पवार, सुनेत्रा पवार के पति थे. राज्य की नेतृत्वक संस्कृति, मर्यादा और संवाद को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया. सपकाल ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद उपचुनाव हो रहे हैं, इसलिए हम दो कदम पीछे हट रहे हैं. हालांकि अजित पवार ने अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन सत्ता के लिए उन्होंने बीजेपी से हाथ मिलाया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बारामती से अपना नाम वापस ले रही है, लेकिन किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रही है. The post बारामती उपचुनाव : अपना उम्मीदवार कांग्रेस ने क्यों वापस लिया? जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी का हमला- लोकतंत्र को चैत्र सेल की तरह बेच दिया, BJP पर भरोसा करना गोखरो सांप जैसा खतरनाक

Mamata Banerjee North 24 Parganas Rally| कोलकाता, अमित शर्मा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के घमासान के बीच मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गुरुवार को उत्तर 24 परगना के हाड़ोआ, बनगांव, हाबरा और मिनाखां में धुआंधार रैलियां कीं. इन सभाओं में ममता बनर्जी ने केंद्र प्रशासन और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथ लिया. उन्होंने लोकतंत्र की तुलना ‘चैत्र सेल’ (सस्ते बाजार) से कर दी. ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा देश के संवैधानिक ढांचे और लोकतंत्र का सौदा कर रही है, जिसे पश्चिम बंगाल की जनता कभी माफ नहीं करेगी. 1.2 करोड़ में से मात्र 32 लाख नाम ही क्यों? ममता बनर्जी ने मतदाता सूची में धांधली का मुद्दा उठाते हुए गंभीर सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि 1.2 करोड़ मतदाताओं में से केवल 32 लाख नाम ही बचाये जा सके हैं. यह भी इसलिए हुआ, क्योंकि हमने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. पहले चरण में ही 58 लाख लोगों के नाम काट दिये गये थे. 27 लाख लोग अब भी अधर (Under Adjudication) में हैं. उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी और बेलूड़ मठ जैसी संस्थाओं के लोगों के नाम सूची से गायब होने पर भी हैरानी जतायी. इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया. भाजपा पर भरोसा करना गोखरो सांप जैसा : ममता सांप्रदायिक नेतृत्व पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा पर भरोसा करना ‘गोखरो सांप’ (किंग कोबरा) पर भरोसा करने जैसा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही भाजपा हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा छेड़कर समाज को बांटने लगती है. उन्होंने माकपा (CPM) और कांग्रेस पर भी हमला बोला. ममता ने कहा कि ये तीनों दल अंदरखाने मिले हुए हैं, ताकि टीएमसी को नुकसान पहुंचाया जा सके. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बाहर बंगालियों का उत्पीड़न, यहां मांग रहे वोट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने अन्य राज्यों में बंगालियों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन वाली प्रशासनों के राज्यों में बंगाली भाषा बोलने वालों को परेशान किया जा रहा है. उनका होटलों में रुकना तक दूभर हो गया है. उन्होंने सवाल किया कि जो लोग बाहर बंगालियों को प्रताड़ित करते हैं, वे किस मुंह से यहां वोट मांगने आ रहे हैं? इसे भी पढ़ें : बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कैसे दी पटखनी, पढ़ें पूरा विश्लेषण हिल्सा और आत्मनिर्भर बंगाल प्रधानमंत्री मोदी के मछली उत्पादन वाले बयान का जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल अब मछली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है. डायमंड हार्बर में हो रहे रिसर्च के कारण अब हिल्सा के लिए हमें बांग्लादेश या अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. उन्होंने मछुआरों को दी जा रही प्रशासनी सुविधाओं का भी जिक्र किया. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 91 लाख वोटर ‘गायब’, 120 सीटों का बिगड़ा गणित! SIR ने उड़ायी टीएमसी और भाजपा की नींद केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर चेतावनी ममता बनर्जी ने ईडी और सीबीआई की कार्रवाई को पूरी तरह नेतृत्वक बताया. उन्होंने कहा- एजेंसियां केवल टीएमसी नेताओं के घर जाती हैं, भाजपा वालों के नहीं. मैं जानती हूं कि किन बड़े उद्योगपतियों के साथ किन नेताओं के नाम जुड़े हैं, समय आने पर मैं सब उजागर कर दूंगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर जनसंपर्क बढ़ाने की अपील की और विश्वास जताया कि बंगाल की जनता अधिकारों की रक्षा के लिए फिर से तृणमूल की प्रशासन बनायेगी. इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी ने अमित शाह पर बोला हमला- ‘मोटा भाई’ के डर से नहीं झुकेगा बंगाल, ड्रोन उड़ाकर मुझे मारने की रची साजिश टीएमसी पर भाजपा का हमला- मालदा कांड जंगलराज, रोहिंग्या प्रेम और लोकतंत्र पर काला धब्बा, ममता बनर्जी से मांगा इस्तीफा ममता बनर्जी की महा-कसम : पहले बंगाल, फिर दिल्ली से उखाड़ फेंकूंगी बीजेपी को ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला, बोली- छीनी जा रही मतुआ समुदाय की नागरिकता The post ममता बनर्जी का हमला- लोकतंत्र को चैत्र सेल की तरह बेच दिया, BJP पर भरोसा करना गोखरो सांप जैसा खतरनाक appeared first on Naya Vichar.

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नीतीश कुमार पहुंचे दिल्ली, बोले- कल मैं शपथ लूंगा और अब यहीं रहूंगा, बेटे निशांत पर क्या कहा?

Nitish Kumar Resignation: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से दिल्ली पहुंच चुके हैं. लंबे समय बाद मीडिया के सामने आए नीतीश ने अपने भविष्य को लेकर कई अहम संकेत दिए. राज्यसभा जाने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि कल मैं शपथ लूंगा और अब यहीं रहूंगा. बहुत समय तक यहां (दिल्ली) काम किया है, अब फिर से यहीं काम करूंगा. ‘दिल्ली में रहूंगा, लेकिन बिहार से नाता बना रहेगा’ नीतीश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली में एक्टिव रहने के बावजूद उनका बिहार से जुड़ाव बना रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इतने सालों बिहार में बहुत काम किया है और आगे भी काम जारी रहेगा. इस बयान से साफ है कि वे राष्ट्रीय नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन राज्य की नेतृत्व से पूरी तरह दूरी नहीं बनाएंगे. निशांत कुमार पर क्या बोले सीएम? जब मीडिया ने उनके बेटे निशांत कुमार की नेतृत्व में भूमिका को लेकर सवाल किया, तो नीतीश कुमार ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा- इस बारे में हमारे पार्टी के नेता तय करेंगे. इस बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि आने वाले समय में जदयू में नई पीढ़ी को जिम्मेदारी मिल सकती है. 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दोपहर 12:15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद वे 10 अप्रैल की शाम या 11 अप्रैल की सुबह पटना लौट सकते हैं. 14 अप्रैल को इस्तीफे की चर्चा तेज नेतृत्वक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें नई प्रशासन के गठन को लेकर फैसला हो सकता है. बीजेपी बोली- सब कुछ नीतीश के मार्गदर्शन में ही होगा बिहार में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि पूरी प्रक्रिया नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही हो रही है. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि सत्ता परिवर्तन की तैयारी समन्वय (Coordination) के साथ की जा रही है. Also Read: दिल्ली पहुंचे नीतीश, इस्तीफे की अटकलों के बीच रोहिणी ने कसा तंज, बोलीं- भुगतना पड़ गया न चाचा जी The post नीतीश कुमार पहुंचे दिल्ली, बोले- कल मैं शपथ लूंगा और अब यहीं रहूंगा, बेटे निशांत पर क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

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