सरायरंजन बीआरसी में लगा सरायरंजन व मोरवा प्रखंड का संयुक्त शिविर, बच्चों का किया गया पंजीकरण
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन ।सरायरंजन प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) बथुआ बुजुर्ग के परिसर में बुधवार को बिहार शिक्षा परियोजना, समस्तीपुर के समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए प्रखंड स्तरीय शिविर लगाया गया। शिविर में सरायरंजन और मोरवा प्रखंड के दिव्यांग बच्चों की जांच एवं मूल्यांकन किया गया। शिविर का उद्देश्य पात्र बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए उनका चयन करना था।
शिविर में दोनों प्रखंडों से पहुंचे दिव्यांग छात्र-छात्राओं का पंजीकरण कराया गया। विशेषज्ञों एवं संबंधित कर्मियों ने बच्चों की दिव्यांगता की स्थिति का जांच एवं मूल्यांकन किया। इसके आधार पर प्रमाण पत्र और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कुल 174 बच्चों का चयन किया गया। चयनित बच्चों को नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
मौके पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सत्यम कुमार ने कहा कि दिव्यांग शिशु समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षा के समान अवसर मिलें और वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर किसी तरह की उपेक्षा न करें। बच्चों की क्षमता को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
शिविर में बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए बीआरपी सुशील कुमार यादव, बीआरपी विवेक रंजन, बीआरपी अरशद कामरान, राजेश श्रीवास्तव, पवन सिंह एवं गगन कुमार सहित शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मी मौजूद रहे। शिविर के दौरान अभिभावकों को दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और सहायक उपकरणों से संबंधित जानकारी भी दी गई।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर जांच एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किए जाते हैं। इससे बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।