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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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बीरभूम में बालू माफिया के करीबी मोनिर के घर छापा, 15 किलो सोना और 5.5 करोड़ कैश जब्त, देखें तस्वीरें

मुकेश तिवारी और संतोष विश्वकर्मा की रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में बालू माफिया के ठिकानों पर छापेमारी कर पुलिस ने 15 किलो सोना और 5.5 करोड़ रुपए नकद जब्त किये हैं. बुधवार तड़के मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र के देउचा बस स्टैंड के पास चर्चित पत्थर कारोबारी टुलू मंडल के करीबी और रिश्तेदार मोनिर मंडल के आलीशान घर पर पुलिस ने रेड की. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पुलिस को शाबाशी दी है. मोनिर मंडल और टुलू मंडल. 22 करोड़ रुपए और 20 करोड़ कैश मिलने का दावा दावा यह भी किया जा रहा है कि छापेमारी में करीब 22 करोड़ रुपए मूल्य का सोना मिला है. 20 करोड़ से अधिक नकदी की भी बात कही जा रही है. हालांकि, पुलिस की ओर से ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गयी है. पुलिस की जांच जारी है. वह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकदी और सोना किसका है. ये भी पढ़ें: The post बीरभूम में बालू माफिया के करीबी मोनिर के घर छापा, 15 किलो सोना और 5.5 करोड़ कैश जब्त, देखें तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

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Tata Punch EV ने क्रैश टेस्ट में मचाया धमाल, भारत-NCAP से मिली 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक कारों के शौकीन लोगों के लिए बड़ी खुशसमाचारी निकलकर सामने आई है. हाल ही में आयोजित हुए इंडियन न्यू कार असेस्मेंट प्रोग्राम क्रैश टेस्ट में टाटा मोटर्स ने जलवा बिखेरा है. कंपनी की इलेक्ट्रिक कार Tata Punch EV Facelift ने लाजवाब परफॉर्मेंस देते हुए एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) कैटेगरी में 5-स्टार रेटिंग प्राप्त की है. इस उपलब्धि के बाद टाटा ने एक बार फिर से यह प्रूव कर दिया है कि वह देश के ग्राहकों के लिए दमदार और सेफ गाड़ियां बनाने के मामले में सबसे आगे क्यों है. टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट की स्टार्टिंग एक्स शोरूम प्राइस 9.69 लाख रुपये है. इसका मतलब 10 लाख के अंदर ही 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कार आपको मिलेगी. टाटा पंच ईवी ने क्रैश टेस्ट में दिखाया दम  हिंदुस्तान NCAP द्वारा सेकंड टाइम टेस्ट की गई टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट AOP में 32 में से 31.09 पॉइंट अंक हासिल किए. इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा के मामले में 49 में से 45 अंक इसे मिले. हालांकि, 2024 मॉडल के कंपैरिजन में एडल्ट प्रोटेक्शन का स्कोर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन इसके बावजूद 5-स्टार रेटिंग बनाए रखा है. चाइल्ड सेफ्टी के मामले में इस कार ने फ्री-फेसलिफ्ट के जैसा ही बेहतरीन परफॉर्मेंस किया है. इस चैलेंज में पंच ईवी को 49 में से 45 अंक मिले, जिसमें पीछे वाली सीटों पर बैठने वाले शिशु पूरी तरह से हर टेस्ट में सेफ रहे. इसमें ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर मिलता है, जो सेफ्टी में बड़ा रोल निभाता है. मजबूत प्लेटफॉर्म पर तैयार टाटा पंच ईवी  कंपनी ने इस टाटा पंच ईवी को सबसे स्ट्रॉंग प्लेटफॉर्म पर बनाया है, जो टक्कर लगने के बाद भी इसमें बैठने वाले पैसेंजर्स को सुरक्षित रखता है. इस इलेक्ट्रिक कार में 6 स्टैंडर्ड एयरबैग्स, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल (ESC), 360 डिग्री कैमरा, रियर पार्किंग सेंसर और ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटर जैसे शानदार सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं.  टाटा पंच ईवी की बैटरी और रेंज कैसा है? टाटा पंच ईवी को कंपनी द्वारा मीडियम और लॉंग रेंज जैसे दो अलग-अलग (30kWh और 40kWh) बैटरी पैक का ऑप्शन देती है. 40kWh बैटरी फुल चार्ज होने पर इस कार को 468 किलोमीटर तक लेकर जा सकती है, जबकि 30kWh बैटरी पैक एक बार चार्ज होने पर 365 किलोमीटर की यात्रा आपको करवा सकती है. यह इलेक्ट्रिक कार 87-127 bhp की ताकत और 190 nm पीक टॉर्क जेनरेट करता है. इसकी खासियत एक यह भी है कि सिर्फ 9 सेकंड में टाटा पंच ईवी 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ सकती है. इसमें मिलने वाला DC चार्जर 26 मिनट में बैटरी को 0-80 पर्सेंट चार्ज करता है, जबकि 15 मिनट तक चार्ज करने के बाद इस कार को 125 KM ड्राइव किया जा सकता है. टाटा पंच ईवी में क्या फीचर्स मिलते हैं? इस ईवी में आपको मॉडर्न फीचर्स देखने को मिलेंगे. पंच ईवी में 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.25 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वेंटीलेटेड फ्रंट सीट, वॉइस असिस्टेड पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जर, एयर प्यूरीफायर, 195 mm ग्राउंड क्लियरेंस, 366 लीटर बूटस्पेस, अट्रैक्टिव कलर्स ऑप्शन और एलईडी लाइट्स मिलेंगे. ये भी पढ़ें: लॉन्च से पहले ही रिवील हुए Mahindra Scoropio N Facelift के फीचर्स, जानें क्या-क्या मिलेगा नया The post Tata Punch EV ने क्रैश टेस्ट में मचाया धमाल, हिंदुस्तान-NCAP से मिली 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग appeared first on Naya Vichar.

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Gen Z Special: Idea of Shiva ही है भारत की सबसे पुरानी कल्चरल यूनिटी का आधार

India को सबसे पहले किसने जोडा? यह सवाल सुनते ही हमारे दिमाग में कुछ नाम आते हैं. चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, अकबर या फिर सरदार पटेल. इतिहास की किताबों ने हमें यही सिखाया है कि देश राजाओं, युद्धों और सीमाओं से बनते हैं. लेकिन अगर हम प्राचीन हिंदुस्तान को उसकी अपनी नजर से देखें, तो तस्वीर कुछ और दिखाई देती है. प्राचीन हिंदुस्तान की सबसे बडी पहचान कोई साम्राज्य नहीं था. न कोई राजधानी, न कोई राजा और न ही कोई स्थायी सीमा. एक राजा जाता था, दूसरा आ जाता था. साम्राज्य बनते थे, बिखर जाते थे. लेकिन एक चीज थी, जो हजारों वर्षों तक नहीं बदली. वह थी इस भूमि की साझा सांस्कृतिक चेतना. एक ऐसी चेतना, जिसने अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले, अलग-अलग भोजन करने वाले और अलग-अलग परंपराओं में जीने वाले लोगों को एक अदृश्य सूत्र में बांध दिया. अगर उस सूत्र का कोई सबसे सशक्त प्रतीक खोजा जाए, तो वह शायद भगवान शिव हैं. शिव केवल एक देवता नहीं हैं. वह एक विचार हैं. वह हिंदुस्तान की सांस्कृतिक स्मृति हैं. वह हिमालय की बर्फ में भी हैं, काशी की गलियों में भी. वह समुद्र किनारे बसे सोमनाथ में भी हैं और दक्षिण के रामेश्वरम में भी. वह जंगल के आदिवासी के भी भगवान हैं और वेद पढने वाले ऋषि के भी. यही कारण है कि शिव का विस्तार किसी एक क्षेत्र, भाषा या समुदाय तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने पूरे हिंदुस्तानीय भूगोल को एक जीवित आध्यात्मिक मानचित्र में बदल दिया. कल सावन का महीना शुरू होने वाला है. लाखों लोग शिव मंदिरों में जल चढाएंगे. कांवड यात्रा निकलेगी. हर हर महादेव की गूंज गांव से लेकर महानगर तक सुनाई देगी. लेकिन क्या हमने कभी रुककर यह सोचा कि आखिर शिव ही क्यों? हिंदुस्तान के सांस्कृतिक मानस में ऐसा क्या है कि हजारों वर्षों बाद भी सावन आते ही पूरा देश जैसे एक ही भाव में बहने लगता है? इस सवाल का जवाब केवल धर्म में नहीं, बल्कि दर्शन, भूगोल, समाज और मनोविज्ञान में छिपा है. जब दर्शन नक्शे पर उतर आया पुराणों में एक प्रसिद्ध कथा आती है. एक बार ब्रह्मा और विष्णु के बीच यह विवाद छिड गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है. तभी अचानक उनके सामने अग्नि का एक अनंत स्तंभ प्रकट हुआ. वह इतना विशाल था कि उसका न आदि दिखाई देता था और न अंत. ब्रह्मा ऊपर की ओर चले कि शायद उसका सिरा मिल जाए. विष्णु नीचे की ओर गए कि शायद उसका आधार मिल जाए. दोनों लौट आए, लेकिन किसी को उसका अंत नहीं मिला. तब उन्हें समझ आया कि यह अग्नि स्तंभ स्वयं शिव हैं, जो अनंत हैं, असीम हैं और किसी सीमा में बंध नहीं सकते. अगर इस कथा को केवल चमत्कार समझकर पढेंगे, तो उसका आधा अर्थ ही समझ पाएंगे. असल में यह कहानी हमें एक बहुत गहरी बात बताती है. मनुष्य हर चीज को मापना चाहता है. वह हर सत्य की सीमा तय करना चाहता है. लेकिन जीवन का अंतिम सत्य सीमाओं से परे है. उपनिषद इसे “ब्रह्म” कहते हैं. वही अनंत चेतना, जिसका न आरंभ है और न अंत. शिव उसी अनंत का प्रतीक बन जाते हैं. यही कारण है कि शिव की पूजा किसी मानव आकृति से अधिक लिंग के रूप में होती है. लिंग यहां किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, बल्कि उस अनंत चेतना का प्रतीक है, जिसे पूरी तरह देखा या बांधा नहीं जा सकता. यहीं से ज्योतिर्लिंग की अवधारणा जन्म लेती है. बारह ज्योतिर्लिंग क्यों? अगर शिव अनंत हैं, तो फिर उन्हें बारह स्थानों पर क्यों स्थापित किया गया? यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है. हमारे पूर्वज केवल मंदिर नहीं बना रहे थे. वे एक सभ्यता का नक्शा तैयार कर रहे थे. सोचिए… पश्चिम में सोमनाथ. उत्तर में केदारनाथ. मध्य हिंदुस्तान में महाकाल. पूर्व में वैद्यनाथ. दक्षिण में रामेश्वरम. इन मंदिरों को अगर हिंदुस्तान के नक्शे पर देखें, तो वे किसी संयोग से नहीं बने दिखाई देते. वे पूरे उपमहाद्वीप को एक सांस्कृतिक वृत्त में बांध देते हैं. आज हम कहते हैं कि देश सडकों, रेल और इंटरनेट से जुडता है. लेकिन हजारों साल पहले हिंदुस्तान तीर्थयात्राओं से जुडता था. तमिलनाडु का श्रद्धालु केदारनाथ जाता था. काशी का साधु सोमनाथ पहुंचता था. गुजरात का व्यापारी रामेश्वरम जाता था. महाराष्ट्र का संत श्रीशैलम की यात्रा करता था. इन यात्राओं ने केवल लोगों को मंदिरों तक नहीं पहुंचाया. उन्होंने लोगों को एक-दूसरे तक पहुंचाया. यही हिंदुस्तान का सबसे पुराना सांस्कृतिक नेटवर्क था. मंदिर केवल पूजा की जगह नहीं थे आज जब हम किसी मंदिर में जाते हैं, तो अक्सर उसे केवल पूजा का स्थान मानते हैं. लेकिन प्राचीन हिंदुस्तान में मंदिर उससे कहीं अधिक थे. वे विश्वविद्यालय थे. वे कला केंद्र थे. वे संगीत के विद्यालय थे. वे समाज को जोडने वाले सार्वजनिक स्थल थे. वे यात्रियों के विश्राम स्थल थे. वे व्यापारिक मार्गों के केंद्र थे. और सबसे महत्वपूर्ण… वे दर्शन को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम थे. उपनिषदों का दर्शन हर व्यक्ति नहीं पढ सकता था. लेकिन हर व्यक्ति मंदिर जा सकता था. हर व्यक्ति कथा सुन सकता था. हर व्यक्ति जल चढा सकता था. हर व्यक्ति ॐ नमः शिवाय बोल सकता था. यही हिंदुस्तानीय सभ्यता की सबसे बडी ताकत थी. उसने सबसे गहरे दर्शन को सबसे सरल अनुभव में बदल दिया. ज्ञान केवल ग्रंथों में नहीं रहा. वह यात्रा बन गया. वह पर्व बन गया. वह मंदिर बन गया. वह लोकगीत बन गया. और धीरे-धीरे वह लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया. जब मंदिर, हिंदुस्तान की पहली यूनिवर्सिटी बने बारह ज्योतिर्लिंगों को केवल बारह मंदिर मान लेना, शायद उनकी सबसे छोटी पहचान है. असल में वे बारह अलग-अलग जीवन दर्शन हैं. हिंदुस्तान के प्राचीन मनीषियों ने दर्शन को केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने उसे धरती पर उतार दिया. पहाड़, नदियां, जंगल, समुद्र और नगर, सबको आध्यात्मिक अर्थ दे दिया. यही कारण है कि हिंदुस्तान में तीर्थ केवल किसी भवन का नाम नहीं है, बल्कि एक पूरी यात्रा का नाम है. आज हम किसी जगह तक पहुंचने के लिए गूगल मैप खोलते हैं. लेकिन हजारों साल पहले हिंदुस्तान का नक्शा तीर्थयात्राओं ने बनाया था. एक यात्री जब अपने गांव से निकलता था, तो वह केवल मंदिर देखने

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क्या रोबोट कर सकते हैं जासूसी? अमेरिका ने स्मार्ट डिवाइसेज पर कड़े किये नियम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट डिवाइस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर भी नई चिंताएं सामने आ रही हैं. इसी बीच अमेरिका ने विदेशी निर्मित रोबोट और सोलर पावर इन्वर्टर को लेकर बड़ा कदम उठाया है. ट्रंप प्रशासन ने ऐसे नए डिवाइसों की एंट्री पर रोक लगाने का फैसला किया है, जब तक कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जांच में सुरक्षित साबित न हो जाएं. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इंटरनेट से जुड़े ये उपकरण संवेदनशील जानकारी जुटाने, साइबर हमलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. किन डिवाइसों पर लागू होगा नया नियम? ‘द स्टेट्समैन’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने विदेशी निर्मित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले एडवांस रोबोट और पावर इन्वर्टर को अपनी “Covered List” में शामिल कर लिया है. इसके बाद इन श्रेणी के नए मॉडल तब तक अमेरिकी बाजार में आयात, बिक्री या मार्केटिंग के लिए मंजूरी नहीं पा सकेंगे, जब तक उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर विशेष अनुमति नहीं मिल जाती. इस फैसले का दायरा मोबाइल रोबोट, ह्यूमनॉइड रोबोट, चार पैरों वाले रोबोट और ऐसे पावर इन्वर्टर तक फैला है, जो सोलर सिस्टम और अन्य ऊर्जा परियोजनाओं को बिजली ग्रिड से जोड़ते हैं और जिनमें रिमोट कनेक्टिविटी मौजूद होती है. अमेरिका को क्यों है जासूसी और साइबर हमलों का डर? अमेरिकी एजेंसियों की समीक्षा में यह आशंका जताई गई है कि इंटरनेट से जुड़े रोबोट और स्मार्ट इन्वर्टर साइबर हमलों का जरिया बन सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे डिवाइस दूर से नियंत्रित किए जा सकते हैं, उनसे डेटा एकत्र किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर बिजली नेटवर्क को भी प्रभावित किया जा सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एडवांस रोबोट अपने आसपास के माहौल और लोगों से जुड़ा काफी डेटा इकट्ठा करते हैं. अगर यह जानकारी गलत हाथों में पहुंचती है तो इसका इस्तेमाल निगरानी, विदेशी खुफिया गतिविधियों या रोबोट को दूर से नियंत्रित करने जैसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. पहले खरीदे गए डिवाइस पर नहीं पड़ेगा असर FCC ने साफ किया है कि यह फैसला केवल नए मॉडल पर लागू होगा. जिन रोबोट और इन्वर्टर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है या जिन्हें उपभोक्ता पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं, उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. यानी मौजूदा ग्राहकों को अपने डिवाइस बदलने की जरूरत नहीं होगी. साथ ही जिन उत्पादों को पहले FCC की मंजूरी मिल चुकी है, उनकी बिक्री भी जारी रह सकेगी. कंपनियों के पास रहेगी मंजूरी लेने की सुविधा विदेशी कंपनियां पूरी तरह से अमेरिकी बाजार से बाहर नहीं होंगी. यदि कोई निर्माता यह साबित कर देता है कि उसका उत्पाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है, तो वह विशेष छूट के लिए आवेदन कर सकता है. संबंधित अमेरिकी एजेंसियां सुरक्षा जांच के बाद ऐसे उत्पादों को सशर्त मंजूरी दे सकती हैं. मंजूरी मिलने पर संबंधित डिवाइस को Covered List से बाहर रखा जा सकेगा और उसे FCC की स्वीकृति मिल सकती है. तकनीकी सप्लाई चेन पर बढ़ी अमेरिकी निगरानी यह फैसला केवल टेलीकॉम उपकरणों तक सीमित नहीं है. अमेरिका अब ऐसे सभी स्मार्ट और नेटवर्क से जुड़े उपकरणों पर नजर रख रहा है, जो डेटा एकत्र करने, रिमोट ऐक्सेस देने या महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हों. माना जा रहा है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर तकनीकी उत्पादों की जांच और भी सख्त हो सकती है. ये भी पढ़ें: किशोर ने खुद को नुकसान पहुंचाने की बात की, तो पैरेंट्स को अलर्ट करेगा मेटा एआई का नया फीचर The post क्या रोबोट कर सकते हैं जासूसी? अमेरिका ने स्मार्ट डिवाइसेज पर कड़े किये नियम appeared first on Naya Vichar.

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भारी हंगामे के बीच लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, 10 साल जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधान शामिल करने के लिए लाए गए इस संशोधन विधेयक पर लोकसभा में जोरदार बहस हुई. चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी. विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी. नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में प्रशासन ने फौरन कार्रवाई की : जितेंद्र सिंह चर्चा का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में प्रशासन ने फौरन कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई. उन्होंने कहा कि 28 जुलाई को इस मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया गया है और आज से सुनवाई शुरू हो गई है. सिंह ने कहा कि नए संशोधन विधेयक के प्रभाव में आने के बाद फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई के साथ इस मामले में पांच महीने में फैसला आ जाएगा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध कड़े प्रावधान के साथ मूल कानून 2024 में लागू किया गया था और आज प्रश्नपत्र लीक संबंधी खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने माना कि कानून को और कड़ा बनाने की जरूरत है. जितेंद्र सिंह ने गोगोई और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा, कांग्रेस राज के पेपर लीक की दिलाई याद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा के दौरान कहा कि दिल्ली में मासूम बच्चों पर जुल्मोसितम ढाया गया, जबकि प्रशासन ने सर्वोच्च संयम के साथ कार्रवाई की और सुनिश्चित किया कि कोई हताहत नहीं हो. उन्होंने कहा, ‘‘शायद गोगोई अपने अनुभव से बोल रहे थे. क्योंकि असम में 1979 से 1984 तक छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई में 860 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर छात्र थे. उस समय असम में कांग्रेस की प्रशासन थी.’’ सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने देश में पिछले कुछ साल में 152 बार प्रश्नपत्र लीक होने और इनमें 750 करोड़ बच्चों के प्रभावित होने का दावा किया. उन्होंने कहा, ‘‘पता नहीं प्रियंका गांधी यह आंकड़ा कहां से लाईं.’’ सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी ने 2024 का कानून लागू होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही, जबकि ऐसे मामलों में 52 प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं. 2024 कानून के मुकाबले 2026 संशोधन बिल में क्या-क्या हुआ बदलाव? केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया, प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता को बहाल करने के उद्देश्य से ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ लाया गया है. इस नए संशोधन के जरिए अपराधियों और सर्विस प्रोवाइडरों पर आर्थिक व जेल की सजा के प्रावधानों को दोगुना तक कड़ा कर दिया गया है. व्यक्तिगत दोषियों पर कार्रवाई सजा: पहले 3-5 साल की जेल, अब 5-10 साल की जेल जुर्माना: पहले 10 लाख रुपये तक, अब 50 लाख रुपये तक सर्विस प्रोवाइडर (एजेंसियों) के खिलाफ कड़ाई जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 5 करोड़ रुपये तक ब्लैकलिस्टिंग : पहले 4 साल तक बैन, अब 8 साल के लिए बैन पेपर लीक माफिया पर शिकंजा सजा: पहले 5-10 साल की जेल, अब 7-10 साल की जेल जुर्माना: पहले 1 करोड़ रुपये तक, अब 10 करोड़ रुपये तक फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त समय-सीमा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी. केंद्रीय एजेंसी या स्पेशल टास्क फोर्स को जांच 2 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी. किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर विधेयक पर चर्चा से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप चर्चा के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक होने से रोकने संबंधित विधेयक पर चर्चा से ध्यान भटकाने के लिए अन्य मुद्दे उठा रहे हैं. रिजिजू ने कहा कि विपक्षी नेता चर्चा के दौरान नेतृत्व करने में व्यस्त रहे. लोकसभा में इस विधेयक पर मंगलवार से चर्चा शुरू हुई थी. प्रशासन ने इसे छात्रों के हितों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने वाला कदम बताया है. रिजिजू ने एंटी पेपर लीक को बताया बेहतरीन रिजिजू ने कहा कि यह छात्रों की मांगों के जवाब में लाया गया एक बेहतरीन विधेयक है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे छात्रों में नया विश्वास पैदा हुआ है. The post भारी हंगामे के बीच लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, 10 साल जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान appeared first on Naya Vichar.

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शुभमन गिल फिर बने नंबर-1 वनडे बल्लेबाज, टी20 में वैभव सूर्यवंशी ने लगाई 230 स्थान की छलांग

ICC Rankings: हिंदुस्तान के कप्तान शुभमन गिल ने आईसीसी की ताजा वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में फिर से नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है. इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में स्पोर्ट्सी गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में गिल ने 188 रन बनाए, जबकि न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी दो वनडे नहीं स्पोर्ट्स सके. इसका फायदा गिल को मिला और वह तीसरी बार वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गए. वहीं टी20 में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी ने 230 स्थान की छलांग लगाई है. ICC की ताजा वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग रैंक खिलाड़ी देश रेटिंग करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग 1 शुभमन गिल हिंदुस्तान 801 841 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, इंदौर, 2023) 2 डेरिल मिचेल न्यूजीलैंड 794 840 (हिंदुस्तान के खिलाफ, इंदौर, 2026) 3 विराट कोहली हिंदुस्तान 767 908 (इंग्लैंड के खिलाफ, हेडिंग्ले, 2018) 4 रोहित शर्मा हिंदुस्तान 758 879 (श्रीलंका के खिलाफ, हेडिंग्ले, 2019) 5 इब्राहिम जादरान अफगानिस्तान 712 756 (बांग्लादेश के खिलाफ, अबू धाबी, 2025) 6 बाबर आजम पाकिस्तान 689 894 (वेस्टइंडीज के खिलाफ, मुल्तान, 2022) 7 हैरी टेक्टर आयरलैंड 679 730 (अफगानिस्तान के खिलाफ, शारजाह, 2024) 8 जो रूट इंग्लैंड 674 810 (श्रीलंका के खिलाफ, दांबुला, 2018) 9 शाई होप वेस्टइंडीज 673 782 (बांग्लादेश के खिलाफ, मलाहाइड, 2019) 10 चरिथ असलंका श्रीलंका 659 705 (बांग्लादेश के खिलाफ, कोलंबो (आरपीएस), 2025) वनडे क्रिकेट में हिंदुस्तान का दबदबा कायम आईसीसी की ताजा वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में हिंदुस्तानीय टीम का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है. टॉप-5 बल्लेबाजों में हिंदुस्तान के तीन खिलाड़ी शामिल हैं. शुभमन गिल 801 रेटिंग के साथ दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज हैं, जबकि विराट कोहली 767 रेटिंग के साथ तीसरे और रोहित शर्मा 758 रेटिंग के साथ चौथे स्थान पर बने हुए हैं. टॉप-5 में तीन हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि मौजूदा समय में वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया की बल्लेबाजी दुनिया की सबसे मजबूत बल्लेबाजी इकाइयों में से एक है. टी20 रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी ने लगाई 230 स्थान की छलांग हिंदुस्तान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहते हुए 151 रन बनाए. उन्होंने तीन पारियों में 196.10 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए. अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर के सिर्फ छह मैच स्पोर्ट्सने वाले वैभव को इसका बड़ा फायदा मिला और वह 230 स्थान की छलांग लगाकर 48वें नंबर पर पहुंच गए. तिलक वर्मा और श्रेयस अय्यर को भी हुआ फायदा हिंदुस्तानीय बल्लेबाज तिलक वर्मा दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे और श्रेयस अय्यर सात स्थान की बढ़त के साथ 24वें नंबर पर पहुंच गए. गेंदबाजों में जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी 10 स्थान ऊपर चढ़कर 26वें और हिंदुस्तान के रवि बिश्नोई 31 स्थान की छलांग लगाकर 41वें स्थान पर पहुंच गए. ये भी पढ़ें: WTC पॉइंट्स टेबल में 5वें नंबर पर हिंदुस्तान, श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट जीतना क्यों है बेहद जरूरी? The post शुभमन गिल फिर बने नंबर-1 वनडे बल्लेबाज, टी20 में वैभव सूर्यवंशी ने लगाई 230 स्थान की छलांग appeared first on Naya Vichar.

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करिश्मा कपूर-अभिषेक बच्चन की सगाई क्यों टूटी? फिल्ममेकर बोले- जब रिश्ता टूटा एक्ट्रेस के घर पर था

करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की लव स्टोरी अधूरी रह गई. दोनों ने अपने रिश्ते को दुनिया के सामने कुबूल किया, सगाई हुई और हर तरफ यही माना जाने लगा कि अब दो सबसे बड़े फिल्मी परिवार एक होने वाले हैं, लेकिन खुशियों के इस सफर ने अचानक ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. शादी तक पहुंचने से पहले ही यह रिश्ता खत्म हो गया. अब सालों बाद फिल्ममेकर सुनील दर्शन ने उस पल को याद किया है और खुलासा किया कि जब यह रिश्ता टूटा, तब वह खुद करिश्मा कपूर के घर पर मौजूद थे. Suneel Darshan On Karisma Kapoor: करिश्मा कपूर को लेकर क्या बोले सुनील दर्शन सुनील दर्शन ने हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में बताया कि उस दौर में वह करिश्मा कपूर के काफी करीब थे. ‘जानवर’, ‘हां मैंने भी प्यार किया’ और ‘एक रिश्ता: द बॉन्ड ऑफ लव’ जैसी फिल्मों में साथ काम करने की वजह से उन्होंने करिश्मा और अभिषेक बच्चन के रिश्ते को करीब से बढ़ते हुए देखा था. सुनील के मुताबिक, ‘एक रिश्ता’ की शूटिंग शुरू होने से पहले ही करिश्मा और अभिषेक का रिश्ता आगे बढ़ चुका था. ‘हां मैंने भी प्यार किया’ प्लान की, तब तक दोनों की शादी लगभग तय मानी जा रही थी. Suneel Was At Karisma House When Engagement Called Off: जब करिश्मा की सगाई टूटी, तब एक्ट्रेस के घर पर थे सुनील सुनील दर्शन ने उस दिन को भी याद किया, जब अभिषेक और करिश्मा की सगाई टूटी थी. उन्होंने कहा, “मैं करिश्मा के घर पर था, तभी सगाई टूटने की समाचार आई. यह बहुत बुरा फेज था. उस समय जो इमोशनल उथल-पुथल हुई, उसे पूरी तरह समझ पाना आसान नहीं है. इसके बाद करिश्मा नए साल का जश्न मनाने बैंकॉक गईं और कुछ ही समय बाद मुझे पता चला कि वह संजय कपूर से शादी करने वाली हैं. आज तक मैं समझ नहीं पाया कि यह फैसला इतनी जल्दी कैसे लिया गया.” Karisma Kapoor and Abhishek Bachchan Engagement: करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की सगाई टूटने का क्या था कारण करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की सगाई टूटने की वजह को लेकर सालों से कई तरह के कारण सामने आ रहे हैं. हालांकि सुनील दर्शन का मानना है कि इस मामले में किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा. उन्होंने कहा, “लोग कभी बबीता जी, कभी जया जी, कभी करिश्मा तो कभी अभिषेक को दोष देते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि कुछ रिश्तों का फैसला किस्मत करती है. दोनों के बीच गहरा रिश्ता था, लेकिन हर रिश्ते की अपनी अलग परिस्थितियां होती हैं. उनके बीच भी कई बातों को लेकर मतभेद थे और बाहर का कोई व्यक्ति पूरी सच्चाई नहीं जान सकता.” When Abhishek Karisma Relationship Official: कब अभिषेक और करिश्मा का रिश्ता हुआ था ऑफिशियल साल 2002 में अमिताभ बच्चन के 60वें जन्मदिन के दौरान करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन ने पहली बार अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. इसी इवेंट में दोनों की सगाई का भी ऐलान हुआ. हालांकि, साल 2003 की शुरुआत में दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया. यह ब्रेकअप आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित रिश्तों में से एक माना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि अब तक न कपूर परिवार और न ही बच्चन परिवार ने कभी खुलकर बताया कि आखिर इस रिश्ते के टूटने की असली वजह क्या थी. Karisma Kapoor Married Sanjay Kapur: करिश्मा कपूर ने संजय कपूर संग की थी शादी करिश्मा कपूर ने 29 सितंबर 2003 को बिजनेसमैन संजय कपूर के साथ सिख रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी. शादी के बाद दोनों दो बच्चों, समायरा और कियान के माता-पिता बने. हालांकि, कुछ साल बाद उनके रिश्ते में दरार आ गई और लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 2016 में दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया. ये भी पढ़ें: करिश्मा के एक्स संजय कपूर की संपत्ति को लेकर छिड़ा विवाद, मां और वर्तमान पत्नी आमने-आमने, कुल 10 हजार करोड़ की है विरासत ये भी पढ़ें: Karisma Kapoor: बेटी समायरा की यूनिवर्सिटी फीस को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में हंगामा, प्रिया कपूर ने आरोपों को किया खारिज The post करिश्मा कपूर-अभिषेक बच्चन की सगाई क्यों टूटी? फिल्ममेकर बोले- जब रिश्ता टूटा एक्ट्रेस के घर पर था appeared first on Naya Vichar.

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Toyota Hilux New vs Old: पुराने मॉडल से कितनी अलग है नई टोयोटा हिलक्स? देखें कंपैरिजन

कई टीजर जारी करने के बाद आखिरकार टोयोटा ने हिलक्स (Toyota Hilux) को लॉन्च कर दिया है. हिंदुस्तान में लाई गई कंपनी की यह नौवीं जेनरेशन टोयोटा हिलक्स है. इससे पहले मार्च, 2022 में लॉन्च हुई आठवीं पीढ़ी की पिकअप ट्रक की जगह लेने वाले इस नए मॉडल में डिजाइन और फीचर्स में कई बदलाव किए गए हैं. आइए हम आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि नई वाली टोयोटा हिलक्स पुरानी मॉडल से कितनी अलग है.  Toyota Hilux New vs Old: एक्सटीरियर डिजाइन  पिछले हिलक्स मॉडल की तुलना में, नए वाले का डिजाइन ज्यादा अग्रेसीव और मजबूत है. यह ब्रांड के टैकोमा पिकअप ट्रक से इंस्पायर्ड है. इसमें फ्रंट की तरफ इंटीग्रेटेड डे-टाइम रनिंग लैंप के साथ पतली एलईडी हेडलाइट्स दी गई है, जिनके बीच में ‘TOYOTA’ अक्षरों वाली चमकदार काली पट्टी है. इससे पहले वाले मॉडल में कंपनी की लोगो का यूज किया गया था. इसका ग्रिल अब पहले से ज्यादा चौड़ा है और इसमें एंगुलर हनीकॉम्ब मेश पैटर्न मिलता है. बंपर के दोनों तरफ बड़े और ब्लैक कलर इंसर्ट लगे हैं, जबकि निचले हिस्से का डिजाइन अधिक अग्रेसीव है. इसमें उभरी हुई क्रीज, चौड़े एयर इनटेक, सिल्वर स्किड प्लेट और एलईडी फॉग लैंप शामिल हैं. Toyota Hilux New vs Old: इंटीरियर फीचर्स  नई हिलक्स को पुराने मॉडल की तुलना में मॉडर्न केबिन मिले हैं. इसमें एनालॉग डिस्प्ले, एक छोटा और 8 इंच का टचस्क्रीन यूनिट, फिजिकल बटनों वाला एक मजबूत 3-स्पोक स्टियरिंग व्हील, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और 12.3 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि नई जेनरेशन वाली हिलक्स सेंटर कंसोल पर कई फिजिकल्स कंसोल दे रही हैं. हालांकि, नई टोयोटा हिलक्स में अपने पुराने मॉडल की तरह कुछ प्रमुख स्पेसिफिकेशन नहीं हैं. इसमें आपको ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, सेंकड़-रो एसी वेंट्स, ऑटो-डिमिंग रियर व्यू इनसाइड मिरर, लेदर सीट्स एंड पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट नहीं मिलेंगे. इसके बजाय इसमें मैनुअल एयर कंडीशनिंग, एक IRVM, फैब्रिक अपहोल्स्ट्री और ड्राइवर सीट के लिए मैनुअल एडजस्टमेंट मिलता है. इसके अंदर के तापमान को बैलेंस रखने के लिए नॉर्मल रोटरी डायल का इस्तेमाल किया गया है.  टोयोटा हिलक्स नौवीं जेनरेशन में कुछ नए फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें स्टैंडर्ड वायरलेस चार्जर, वायरलेस एप्पल कारप्ले एंड एंड्रॉयड ऑटो (टॉप-स्पेक ट्रिम पर) शामिल हैं. पहले के जैसे ही इसमें कंपनी ने 7 एयरबैग्स, ABS, ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट और ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स लगे हैं. Toyota Hilux New vs Old: पावरट्रेन  नई टोयोटा हिलक्स अपने पुराने मॉडल के जैसे ही IMV प्लेटफॉर्म बेस्ड है. इसमें 2.8 लीटर वाला ही डीजल इंजन रखा गया है, जो 204 hp की ताकत और 500 nm टॉर्क जेनरेट करता है. इसमें 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलता है, जो अब सभी मॉडलों में स्टैंडर्ड है. मैनुअल गियरबॉक्स का ऑप्शन अब हटा दिया गया है. साथ ही, इसमें टू-व्हील ड्राइव दोनों विकल्प मौजूद है. हालांकि, कुछ इंटरनेशनल मार्केट में हिलक्स के साथ पेश किया जाने वाला 48V माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम हिंदुस्तान में उपलब्ध नहीं कराया गया है.  Toyota Hilux New vs Old: कीमत  पहले वाली टोयोटा हिलक्स केवल मैनुअल और ऑटोमैटिक 4-व्हील ड्राइव ऑप्शन में उपलब्ध थी, जिसकी एक्स शोरूम कीमत 35.3 लाख रुपये थी. हालांकि, नई हिलक्स अब 2-व्हील ड्राइव 4-व्हील ड्राइव दोनों ऑप्शन में उपलब्ध है, जिससे इसकी पॉपुलैरिटी बढ़ी है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 31.99 लाख रुपये से लेकर 36.69 लाख रुपये तक है ये भी पढ़ें: लॉन्च से पहले ही रिवील हुए Mahindra Scoropio N Facelift के फीचर्स, जानें क्या-क्या मिलेगा नया The post Toyota Hilux New vs Old: पुराने मॉडल से कितनी अलग है नई टोयोटा हिलक्स? देखें कंपैरिजन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 32 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती का ऐलान, TRE-4 को लेकर CM सम्राट चौधरी ने दी खुशखबरी

BPSC TRE-4 Vacancy: बिहार में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षकों की भर्ती का ऐलान कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी है. प्रशासन ने इसे युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया है. TRE-4 में किस कक्षा के लिए कितने पद? मुख्यमंत्री की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, TRE-4 में कुल 32,388 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. पदों का वर्गवार विवरण इस प्रकार है- कक्षा 1 से 5: 3,847 पद कक्षा 6 से 8: 8,563 पद कक्षा 9 से 10: 3,877 पद कक्षा 11 से 12: 16,101 पद शिक्षा मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत इससे पहले शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि TRE-4 भर्ती की अधियाचना मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दी गई है. उन्होंने कहा था कि अंतिम सीटों की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. अब मुख्यमंत्री ने आधिकारिक रूप से 32,388 पदों का ऐलान कर दिया है. इस घोषणा के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है. सम्राट चौधरी ने ट्वीट कर दी जानकारी रोजगार और बेहतर शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध प्रशासन-सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि राज्य प्रशासन युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यह भर्ती विकसित बिहार के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आज से खुल गया शिक्षक ट्रांसफर पोर्टल राज्य के कार्यरत शिक्षकों के लिए भी राहत भरी समाचार है. शिक्षा विभाग ने 29 जुलाई से शिक्षक स्थानांतरण के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया है. अब इच्छुक शिक्षक पोर्टल पर लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन शिक्षा मंत्री के मुताबिक, इस बार ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. इससे आवेदन करने से लेकर स्थानांतरण तक की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, आसान और समयबद्ध होगी. विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. एक साथ दो बड़ी खुशसमाचारी एक ओर TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक स्थानांतरण पोर्टल भी शुरू हो चुका है. ऐसे में नए अभ्यर्थियों के साथ-साथ कार्यरत शिक्षकों के लिए भी यह दिन बड़ी राहत और नई उम्मीद लेकर आया है. Also Read: बिहार में जमीन-मकान की रजिस्ट्री के नियम बदले, कीमत छिपाई तो 100% तक लगेगा जुर्माना, जानिए नया कानून The post बिहार में 32 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती का ऐलान, TRE-4 को लेकर CM सम्राट चौधरी ने दी खुशसमाचारी appeared first on Naya Vichar.

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NIT Patna में हाईएस्ट पैकेज 41.37 LPA, देखें BTech Computer Science की कितनी सीटें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) पटना का कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग डिजिटल और आईटी सेक्टर की चलेंजेस का सामना करने के लिए स्टूडेंट्स को तैयार कर रहा है. अगर आप भी NIT पटना से BTech इन कंप्यूटर साइंस करके अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो एडमिशन से लेकर फीस और प्लेसमेंट तक की पूरी जानकारी पढ़िए.  NIT Patna: कैसे मिलेगा एडमिशन? NIT Patna में अंडरग्रेजुएट (UG) यानी BTech (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) चार साल का प्रोग्राम है. NIT पटना में 4-वर्षीय बी.टेक (CSE) में एडमिशन पाने के लिए स्टूडेंट्स को JEE Main एग्जाम पास करना होता है. इसके बाद JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) या CSAB (Central Seat Allocation Board) की सेंट्रल काउंसलिंग प्रोसेस से मेरिट और रैंक के बेसिस पर सीटें अलॉट की जाती हैं. BTech कंप्यूटर साइंस का सीट मैट्रिक्स NIT पटना में BTech कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के लिए बिहार (Home State) और अन्य राज्यों (Other States) के स्टूडेंट्स के लिए कुल सीटें 151 हैं. अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग-अलग सीटें तय की गई हैं. कैटेगरी वाइज सीटों की डिटेल्स नीचे टेबल में देख सकते हैं. ये भी पढ़ें: मधुबनी इंजीनियरिंग कॉलेज में पिच डेक प्रिपरेशन पर कार्यशाला, छात्रों को स्टार्टअप की जानकारी होम स्टेट कोटा (बिहार) कैटेगरी जेंडर-न्यूट्रल सीटें फीमेल-ओनली सीटें ओपन 24 6 ईडब्ल्यूएस 6 2 एससी 10 2 एसटी 4 1 ओबीसी-एनसीएल 16 4 कुल सीटें 60 15 अदर स्टेट कोटा (बिहार से बाहर) कैटेगरी जेंडर-न्यूट्रल सीटें फीमेल-ओनली सीटें ओपन 23 7 ईडब्ल्यूएस 7 2 एससी 10 2 एसटी 4 1 ओबीसी-एनसीएल 16 4 कुल सीटें 60 16 NIT Patna Fee Structure: फीस स्ट्रक्चर (पर सेमेस्टर) सेमेस्टर ट्यूशन फीस (Part A) अन्य व हॉस्टल फीस (Part B) टोटल फीस (Grand Total) पहला सेमेस्टर (एडमिशन के समय) ₹62,500 ₹94,250 ₹1,56,750 सेमेस्टर (3rd, 5th, 7th, 9th) ₹62,500 ₹42,050 ₹1,04,550 सेमेस्टर (2nd, 4th, 6th) ₹62,500 ₹41,250 ₹1,03,750 लास्ट सेमेस्टर (8th/10th) ₹62,500 ₹45,750 ₹1,08,250 NIT Patna Placement 2024-2025  डिस्क्रिप्शन   डेटा  टोटल  जॉब ऑफर्स 505 मैक्स सीटीसी (Max CTC) ₹41.37 LPA एवरेज पैकेज (Avg. CTC) ₹9.9 LPA मिनमम पैकेज (Minimum CTC) ₹5.0 LPA एनआईटी पटना के प्लेसमेंट की बात करें तो यहां हाईएस्ट प्लेसमेंट 41.37 लाख रुपये देखा गया है. यहां सेशन 2024-25 में कुल 505 जॉब ऑफर्स मिले थे. इस बार एवरेज पैकेज 9.9 लाख का था. वहीं, लोएस्ट पैकेज 5 लाख रुपये का था. NIT पटना में Microsoft, Google, Amazon, Adobe, Infosys जैसी टॉप कंपनियों से प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं. NIT Patna में क्वालिटी एजुकेशन, मॉडर्न लैब इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल लेवल पर अच्छा प्लेसमेंट रिकॉर्ड देखा गया है. यही वजह है कि NIT पटना का कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट बिहार के साथ साथ देशभर के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की पसंद है.  ये भी पढ़ें: IT जमशेदपुर में BTech प्लेसमेंट 94.25 लाख का, देखें फीस स्ट्रक्चर The post NIT Patna में हाईएस्ट पैकेज 41.37 LPA, देखें BTech Computer Science की कितनी सीटें appeared first on Naya Vichar.

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