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Author name: Vinod Jha

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जमशेदपुर : मुंह के कैंसर में 75% मामलों के पीछे गुटका-खैनी की लत, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

जमशेदपुर से चंद्रशेखर की रिपोर्ट Jamshedpur News : जमशेदपुर : तंबाकू, गुटका, खैनी और सिगरेट की बढ़ती लत युवाओं को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रही है. शहर के कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार मुंह के कैंसर के अधिकांश मामलों के पीछे तंबाकू का सेवन प्रमुख कारण है. विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से इस आदत से दूर रहने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है. ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल, तामोलिया के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार ने बताया कि वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत मुंह के कैंसर के मामले तंबाकू और गुटका सेवन से जुड़े हैं. इनमें युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले हर 100 कैंसर मरीजों में 30 से 40 मरीज 25 से 30 वर्ष आयु वर्ग के होते हैं. उन्होंने कहा कि कैंसर का नाम सुनकर मरीज तनाव में आ जाते हैं, जबकि बीमारी से लड़ने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है. मुंह के कैंसर का इलाज अब विकिरण चिकित्सा पद्धति से प्रभावी ढंग से किया जा रहा है और शुरुआती चरण में मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं.  एक साल में 136 लोगों पर कार्रवाई, 21,200 रुपये जुर्माना जिला राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा अधिनियम-2003 के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले एक वर्ष के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान और तंबाकू सेवन करने वाले 136 लोगों पर धारा-4 के तहत कार्रवाई करते हुए 21,200 रुपये जुर्माना वसूला गया. सबसे अधिक 10 हजार रुपये का जुर्माना एमजीएम अस्पताल परिसर में वसूला गया.  सदर अस्पताल का तंबाकू मुक्ति केंद्र बना सहारा जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ मृत्युंजय धाउड़िया ने बताया कि सदर अस्पताल परिसर स्थित तंबाकू मुक्ति केंद्र में पिछले एक वर्ष के दौरान 1,629 लोगों की काउंसेलिंग की गयी. इनमें 58 लोगों को नशा छोड़ने की दवा उपलब्ध कराई गई. सात लोग पूरी तरह तंबाकू की लत छोड़ने में सफल रहे. इसके अलावा, 10,619 लोगों की ओरल कैंसर जांच की गई, जिसमें पांच संदिग्ध मरीज मिले. विभाग की ओर से 74 प्रशासनी और निजी स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए गए.  हर साल बढ़ रही कैंसर मरीजों की संख्या मेहरबाई टाटा मेमोरियल अस्पताल के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं. वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच अस्पताल की ओपीडी में 1,01,589 कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचे. अस्पताल की रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ स्नेहा झा के अनुसार, झारखंड में मुंह और गले के कैंसर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है, जिसके पीछे तंबाकू उत्पादों का बढ़ता सेवन प्रमुख कारण है.  16 साल की उम्र में लगी लत, अब कैंसर से जंग बालीगुमा निवासी सुखदेव कर्मकार (काल्पनिक नाम) की कहानी तंबाकू के दुष्परिणामों की बड़ी चेतावनी है. दोस्तों के साथ रहते हुए उन्हें 16 वर्ष की उम्र में गुटका और खैनी खाने की आदत लग गई. धीरे-धीरे सेवन बढ़कर प्रतिदिन आठ से दस पाउच तक पहुंच गया. कुछ समय बाद मुंह में घाव हुआ और जांच में कैंसर की पुष्टि हुई. आर्थिक रूप से कमजोर सुखदेव अब इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनका कहना है कि एक छोटी सी आदत ने पूरी जिंदगी को संकट में डाल दिया है. यह भी पढ़ें: झारखंड में बड़ी सफलता: 5 लाख के इनामी और ‘झांगुर ग्रुप’ का सरगना रामदेव उरांव ने दो साथियों संग किया सरेंडर यह भी पढ़ें: रांची के नामकुम ग्रिड में मरम्मत से रविवार को 3 घंटे गुल रहेगी बत्ती, मेन रोड-बरियातू समेत कई इलाके प्रभावित The post जमशेदपुर : मुंह के कैंसर में 75% मामलों के पीछे गुटका-खैनी की लत, डॉक्टरों ने दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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रात को लेट डिनर करने वालों को जरूर जाननी चाहिए ये बातें, आपकी यह आदत चुपचाप पहुंचा सकती है कई नुकसान

Lifestyle Tips: आज के समय में बहुत से लोगों की रात को देर से खाने की आदत बन गयी है. कभी किसी काम में फंसे होने की वजह से हम देर से खाना खाने लगे हैं तो कई बार स्मार्टफोन चलाने या फिर टीवी के सामने बैठे रहने की वजह से भी हम देर से खाना खाने लग गए हैं. अगर आपको भी यही आदत है तो आज की यह आर्टिकल आपकी आंखें खोल देने वाली होने वाली है. अगर आप खुद को हेल्दी रखना चाहते हैं तो इसके लिए सिर्फ आपको अच्छी चीजें ही खाना जरूरी नहीं है, आपके लिए यह भी जरूरी हो जाता है कि आप सही समय पर भी खाना खा लें. जब आप रात को देर से खाने की आदत डालते हैं तो इसका सीधा असर आपकी नींद, आपके शरीर के वजन और कई चीजों पर काफी गहरा पड़ने लगता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं इफेक्ट्स के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं विस्तार से. शरीर के इंटरनल क्लॉक पर पड़ सकता है असर आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन हम सभी के शरीर के अंदर एक नेचुरल घड़ी होती है. यह घड़ी ही इस बात को तय करती है कि हमें किस समय सोने जाना है, सुबह किस समय सोकर उठना है, कब खाना है और इसे अच्छे से डाइजेस्ट करना है. कई रिसर्च में यह बात पायी गयी है कि रात के समय आपके शरीर का डाइजेस्टिव पावर काफी हद तक स्लो हो जाता है. ऐसे में अगर आप रात को बहुत ही देर से खाना खाते हैं या फिर बहुत ही हैवी खाना खाते हैं, तो आपके पेट में उसे डाइजेस्ट होने में ज्यादा समय लग सजता है. ऐसा होने की वजह से आपके शरीर का नॉर्मल बैलेंस बिगड़ सकता है. भूख और शुगर कंट्रोल करने वाले हार्मोन पर असर हमारे शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन्स भी होते हैं जो हमारी भूख के साथ हमारे शुगर लेवल्स को भी कंट्रोल में करके रखने में मदद करते हैं. लेकिन जब आप देर रात खाना खाते हैं तो इसकी वजह से ब्लड शुगर को कंट्रोल में करके रखने वाले हार्मोन इंसुलिन पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा आपकी यह आदत भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन्स को भी अफेक्ट कर सकते हैं. इसके वजह से आपको बार-बार भूख लगती है और कई बार तो आप जरूरत से ज्यादा खाना भी खाने लग जाते हैं. नींद की क्वालिटी हो सकती है खराब अगर आपकी आदत सोने से ठीक पहले खाना खाने की है तो इसका सीधा असर आपकी नींद पर भी पड़ सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रात को आपका शरीर आराम करने की जगह पर खाने को डाइजेस्ट करने में लगा हुआ रहता है. जब आप रात को देर से काफी ज्यादा मसालेदार, फ्राइड और हैवी चीजें खाते हैं तो आपको गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी दिक्कतें होने लग जाती हैं. ऐसा होने की वजह से रात के समय आपकी नींद बार-बार टूटने लगती है और अगली सुबह आपको ज्यादा थकान भी महसूस होने लग जाती है. बढ़ सकता है वजन कई रिसर्च में यह भी पाया गया है कि जो भी लोग अक्सर रात को देर से खाना खाते हैं, उन लोगों में वजन बढ़ने का खतरा दूसरों से काफी ज्यादा हो सकता है. रात के समय आपका शरीर कम एनर्जी को खर्च करता है और इस वजह से जब आप ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाते हैं तो यह आपके शरीर में ही फैट के रूप में जमा होने लग जाते हैं. अगर आप अपने वजन को बढ़ने से रोकना चाहते हैं, तो सबसे पहले रात को देर से खाने की अपनी आदत को सुधार लें. आपको क्या करना चाहिए? अगर आप खुद को हर तरह से हेल्दी रखना चाहते हैं तो रात को सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले खाना जरूर खा लें. इसके अलावा आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप जो भी खा रहे हैं वह बिलकुल हल्का हो और साथ ही न्यूट्रिशियस भी हो. इस तरह के डाइट को सबसे बेस्ट माना जाता है. इसके अलावा आपको रात के समय बार-बार कुछ खाते रहने की आदत को भी सुधार लेना चाहिए. ये भी पढ़ें: पकौड़े और बैंगन ही नहीं, ये चीजें भी सोखती हैं कटोरी भर तेल, हेल्दी रहना है तो पकाते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान The post रात को लेट डिनर करने वालों को जरूर जाननी चाहिए ये बातें, आपकी यह आदत चुपचाप पहुंचा सकती है कई नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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साधु यादव बोले- शहाबुद्दीन की वजह से यादव समाज बदनाम हुआ, भांजे तेजस्वी को भी दी नसीहत

Bihar Politics: लालू यादव के बड़े साले और पूर्व सांसद साधु यादव ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन, तेजस्वी यादव, अपने भाई सुभाष यादव और लालू यादव को लेकर बेबाक राय रखी. साधु यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन की वजह से यादव समाज और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा. उन्होंने दावा किया कि शहाबुद्दीन के पास उनके सामने खड़े होने की भी हिम्मत नहीं थी. उनका कहना था कि कुछ लोगों की वजह से पूरे समाज और नेतृत्वक संगठन को गलत तरीके से देखा जाने लगा. तेजस्वी यादव को दी जनता के बीच जाने की सलाह तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर बात करते हुए साधु यादव ने कहा कि अगर उन्हें सत्ता में वापसी करनी है तो रोजाना हजारों लोगों से मिलना होगा. उन्होंने कहा कि नेताओं को जनता के बीच रहना चाहिए और लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए. जनता से सीधा संवाद ही नेतृत्व की सबसे बड़ी ताकत होती है. ‘गलत लोगों के चक्कर में मत पड़ो’ साधु यादव ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें गलत लोगों की संगत से बचना चाहिए और सीधे कार्यकर्ताओं व आम लोगों से जुड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब नेता जनता के बीच जाता है तो उसे असली मुद्दों और लोगों की जरूरतों की जानकारी मिलती है. पप्पू यादव का भी किया जिक्र बातचीत के दौरान साधु यादव ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज भी पप्पू यादव उनसे मिलने उनके घर आते हैं और पुराने रिश्तों को निभाते हैं. छोटे भाई सुभाष यादव पर साधा निशाना इंटरव्यू में साधु यादव ने अपने छोटे भाई सुभाष यादव पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि राजद को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की, लेकिन सुभाष यादव की गतिविधियों की वजह से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा कि गलत काम कोई और करता था, लेकिन बदनामी उनके हिस्से में आती थी. कैसे पड़ा ‘साधु’ नाम? साधु यादव ने अपने नाम से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. उन्होंने बताया कि उनके जन्म के समय घर पर साधुओं का आना-जाना था. जन्म के बाद साधुओं ने उन्हें देखकर कहा था कि यह बच्चा साधु है. तभी से परिवार और गांव के लोग उन्हें साधु कहकर बुलाने लगे. लालू यादव को लेकर दिखे नरम करीब एक घंटे के पॉडकास्ट में साधु यादव का रुख लालू यादव को लेकर अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया. उन्होंने लालू यादव के संघर्ष और नेतृत्वक सफर का जिक्र किया. साधु यादव ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान लालू यादव लंबे समय तक उनके ससुराल में रहे थे. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कई नेताओं ने अलग-अलग समय पर लालू यादव को सामाजिक न्याय का बड़ा नेता बताया था. Also Read: बिहार के मंत्री बोले- मैं दलित हूं, इसलिए बंगला खाली नहीं कर रहीं राबड़ी देवी, नंद किशोर राम को आवंटित है आवास The post साधु यादव बोले- शहाबुद्दीन की वजह से यादव समाज बदनाम हुआ, भांजे तेजस्वी को भी दी नसीहत appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपके बच्चे भी हर स्नैक के साथ मांगते हैं टोमैटो सॉस? आज ही नोट करें बिना केमिकल्स वाली यह आसान रेसिपी

Tomato Sauce Recipe: टोमैटो सॉस एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल आज के समय में लगभग सभी घरों में किया जाता है. खासकर अगर आपके घर पर छोटे शिशु हैं तो यह तय है कि आप उन्हें समोसे, पकोड़े, फ्रेंच फ्राइज, सैंडविच या फिर पराठों के साथ उन्हें टोमैटो सॉस तो जरूर ही देते होंगे. जब आप इन चीजों को टोमैटो सॉस के साथ खाते हैं तो इनका स्वाद और भी कई गुना बढ़ जाता है. वैसे तो हम टोमैटो सॉस को बाजार से खरीदकर लाते हैं जिनमें भारी मात्रा में चीनी और प्रिजर्वेटिव्स पाए जाते हैं. ये सॉस महंगे भी होते हैं और इनके रेगुलर सेवन से बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचने का भी खतरा रहता है. अगर आप अपने शिशु की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते हैं और घर पर ही आधी से कम कीमत पर ज्यादा टोमैटो सॉस तैयार करना चाहते हैं तो आज की यह आर्टिकल आपके काम ही है. आज हम आपको घर पर ही आसानी से टोमैटो सॉस बनाने की रेसिपी बताने जा रहे हैं. टोमैटो सॉस बनाने के लिए जरूरी सामग्री पके हुए टमाटर – 1 किलो चीनी – 4 से 5 बड़े चम्मच नमक – 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर – एक चौथाई छोटा चम्मच विनेगर – 2 बड़े चम्मच कॉर्नफ्लोर – 1 बड़ा चम्मच, ऑप्शनल पानी – जरूरत के अनुसार टोमैटो सॉस बनाने की आसान रेसिपी टोमैटो सॉस बनाने के लिए सबसे पहले टमाटरों को अच्छी तरह धो लें. अब उन्हें बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें और फिर एक बर्तन में थोड़ा पानी डालकर टमाटरों को 10 से 15 मिनट तक उबालें, ताकि वे पूरी तरह सॉफ्ट हो जाएं. अब इन उबले हुए टमाटरों को थोड़ा ठंडा होने दें और इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीस लें. अब इस प्यूरी को छलनी से छान लें, ताकि टमाटर के बीज और छिलके अलग हो जाएं और सॉस एकदम स्मूद बने. इसके बाद छनी हुई प्यूरी को एक कड़ाही या पैन में डालकर मीडियम आंच पर पकाएं. अब इसमें चीनी, नमक, लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. इस प्यूरी को लगातार चलाते हुए 15 से 20 मिनट तक पकाएं. जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें सिरका डाल दें. अगर आपको ज्यादा गाढ़ी सॉस पसंद है तो थोड़ा सा कॉर्नफ्लोर पानी में घोलकर मिला सकते हैं. जब सॉस अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद साफ और सूखी कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें. टोमैटो सॉस बनाते समय ध्यान रखने वाली बातें अगर आप घर पर टोमैटो सॉस बनाने की सोच रहे हैं, तो हमेशा लाल और अच्छी तरह पके हुए टमाटरों का इस्तेमाल करें. इसके अलावा सॉस को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें विनेगर जरूर डालें. ये भी पढ़ें: बच्चों की सेहत से नो समझौता, घर पर बनाएं बाजार जैसी वाटरमेलन आइस कैंडी, स्वाद और हाइड्रेशन का डबल डोज The post क्या आपके शिशु भी हर स्नैक के साथ मांगते हैं टोमैटो सॉस? आज ही नोट करें बिना केमिकल्स वाली यह आसान रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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खेसारी लाल यादव बोले- मैं पवन सिंह का चमचा नहीं हूं, संघर्ष के दिनों को याद कर बताया कब बदली किस्मत

Pawan-Khesari Controversy: भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने एक बार फिर अभिनेता और गायक पवन सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है. एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान खेसारी ने अपने करियर, निजी जिंदगी और इंडस्ट्री के कई मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने पवन सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि सच बात सबको अच्छी नहीं लगती. मैं पवन सिंह का चमचा नहीं हूं कि मैं उनके गलत में भी हां बोलूं और सही में भी हां बोलूं. ‘मैं इंडस्ट्री में बाद में आया, लेकिन ज्यादा फिल्में की’ पवन सिंह के साथ रिश्तों को लेकर पूछे गए सवाल पर खेसारी ने कहा कि वह इंडस्ट्री में पवन सिंह के बाद आए, लेकिन उन्होंने उनसे ज्यादा फिल्मों में काम किया है. खेसारी ने आगे कहा कि उन्होंने कहा था कि वो मेरे साथ कभी काम नहीं करेंगे. इसके बावजूद मैं लगातार काम कर रहा हूं. मैंने उनके साथ सिर्फ एक फिल्म की है. काजल राघवानी को लेकर भी दिया जवाब पॉडकास्ट में खेसारी ने अभिनेत्री काजल राघवानी को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले वह उनके लिए सही थीं, आज भी वैसी ही हैं. उन्होंने कहा की इंसान को प्यार हो जाता है. मैं तो कहता हूं कि मर्द को प्यार नहीं, आदत हो जाती है. बचपन में घर-घर पहुंचाते थे दूध खेसारी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके परिवार के पास ज्यादा जमीन नहीं थी. वह अपने चाचा के साथ गांव में रहते थे, जबकि उनके पिता दिल्ली में मजदूरी करते थे. उन्होंने बताया कि बचपन में वह घर-घर जाकर दूध पहुंचाते थे. इसी दौरान गाने का भी अभ्यास करते थे और संगीत सीखते थे. दिल्ली में बेचा लिट्टी-चोखा खेसारी ने बताया कि 2004 से 2007 तक उन्होंने दिल्ली के ओखला इलाके में लिट्टी-चोखा की दुकान चलाई. दिन में दुकान संभालते थे और रात में गाना गाते थे. उन्होंने कहा कि साल 2006 में उनकी शादी हुई थी. उसी दौरान पिता ने उन्हें 11 हजार रुपये दिए थे, जिससे उन्होंने अपनी पहली ऑडियो कैसेट निकाली. पहली कैसेट फ्लॉप रही, दूसरी को थोड़ा प्यार मिला और तीसरी कैसेट ने उन्हें पहचान दिला दी. बेटी के जन्म के बाद बदली किस्मत खेसारी ने बताया कि साल 2008 में उनकी बेटी का जन्म हुआ. इसके बाद उनके कई गाने हिट हुए और धीरे-धीरे भोजपुरी इंडस्ट्री में उनकी पहचान मजबूत होती चली गई. मनोज तिवारी के घर में छिपकर रहे संघर्ष के दिनों को याद करते हुए खेसारी ने एक और दिलचस्प किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि मुंबई में रहने के दौरान वह भोजपुरी स्टार और सांसद मनोज तिवारी के घर में छिपकर रहते थे. खेसारी ने कहा कि मनोज तिवारी के घर के दो केयरटेकर उनके परिचित थे. उन्हीं की मदद से वह वहां रुके रहते थे. बाद में मनोज तिवारी को भी इस बात की जानकारी हो गई थी. Also Read: बिहार के मंत्री बोले- मैं दलित हूं, इसलिए बंगला खाली नहीं कर रहीं राबड़ी देवी, नंद किशोर राम को आवंटित है आवास The post खेसारी लाल यादव बोले- मैं पवन सिंह का चमचा नहीं हूं, संघर्ष के दिनों को याद कर बताया कब बदली किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में कल्याण बनर्जी पर हमला, बीच सड़क पर घायल होकर गिरे तृणमूल सांसद

Kalyan Banerjee: कोलकाता/चंदिताला : पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल-भाजपा की झड़प में अत्यधिक तनाव का माहौल है. तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तृणमूल को रविवार को चांदीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपना था. इससे पहले ही पुलिस स्टेशन के सामने काफी तनाव का माहौल था. भाजपा कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए ‘चोर चोर’ के नारे लगाने का आरोप है. इसी दौरान अशांति बढ़ गई. सेरामपुर से तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला कर दिया गया. इस हमले में वो घायल हो गए. उन्हें चोट आई है और खून बह रहा है. शनिवार को डायमंड हार्बर से तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी को सोनारपुर में पीटा गया था. इस बार कल्याण को चोट आई है और खून बह रहा है. लगातार दो दिनों से तृणमूल के दो सांसद घायल हो रहे हैं. अशांति को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है. विस्तृत समाचार के लिए जुड़े रहें…. The post बंगाल में कल्याण बनर्जी पर हमला, बीच सड़क पर घायल होकर गिरे तृणमूल सांसद appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के मंत्री बोले- मैं दलित हूं, इसलिए बंगला खाली नहीं कर रहीं राबड़ी देवी, नंद किशोर राम को आवंटित है आवास

Rabri Devi Bungalow Row: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर नेतृत्वक बयानबाजी तेज हो गई है. एक तरफ राबड़ी देवी ने साफ कर दिया है कि वह 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली नहीं करेंगी, वहीं दूसरी तरफ इस आवास के नए आवंटी और मंत्री नंद किशोर राम ने बड़ा बयान दिया है. मंत्री नंद किशोर राम ने कहा कि राबड़ी देवी के बंगला खाली नहीं करने के पीछे उनका दलित समाज से होना भी एक कारण हो सकता है. उन्होंने आरजेडी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आवंटित प्रशासनी आवास अब तक खाली नहीं किया गया है. उनका कहना है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और प्रशासनी आवास से जुड़ा मामला भी कानून के अनुसार ही तय होना चाहिए. पटना: ”मैं दलित हूं इसलिए इसीलिए राबड़ी देवी खाली नहीं कर रही हैं. यही कारण है क्योंकि ऐसा नहीं होता तो प्रशासन का निर्देश एक बार में पालन होता.” राबड़ी आवास प्रकरण के बाद पहली बार मंत्री नंदकिशोर राम का बयान आया सामने. #Bihar #Patna #Politics #RJD #prabhatkhabar @bjp… pic.twitter.com/hLmTP61iFf — Naya Vichar (@prabhatkhabar) May 31, 2026 राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने से किया इनकार राज्य प्रशासन की ओर से राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया प्रशासनी आवास आवंटित किया गया है. इसके बावजूद वह अभी भी 10 सर्कुलर रोड स्थित प्रशासनी बंगले में रह रही हैं. मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने स्पष्ट कहा है कि वह किसी भी हालत में बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे तो फोर्स बुलाकर आवास खाली करा ले. आवास पर पहुंची पुलिस टीम राबड़ी देवी के बयान के कुछ घंटे बाद पटना पुलिस की एक टीम उनके आवास पहुंची. पुलिस ने उन्हें नए आवंटित आवास में शिफ्ट होने की जानकारी दी और प्रशासनी आदेश से अवगत कराया. राबड़ी देवी को नए आवास में शिफ्ट होने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है. कई बार जारी हो चुका है नोटिस जानकारी के अनुसार नवंबर 2025 में एनडीए प्रशासन ने राबड़ी देवी का आवास बदलने का फैसला किया था. इसके बाद उन्हें कई बार नोटिस भेजा गया, लेकिन अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है. प्रशासन का कहना है कि जिस आवास में राबड़ी देवी रह रही हैं, वह अब मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया जा चुका है. Also Read: भारी संख्या में राबड़ी आवास पहुंची पुलिस की टीम, पूर्व सीएम ने कहा था- सम्राट चौधरी फोर्स भेजकर खाली करवा लें बंगला The post बिहार के मंत्री बोले- मैं दलित हूं, इसलिए बंगला खाली नहीं कर रहीं राबड़ी देवी, नंद किशोर राम को आवंटित है आवास appeared first on Naya Vichar.

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Mann Ki Baat : संबोधन की शुरुआत खेल जगत में देश की एक बड़ी उपलब्धि से पीएम मोदी ने की

Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (31 मई) को देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ में एक बार फिर आपसे जुड़कर मुझे बहुत खुशी हो रही है. कार्यक्रम में पीएम ने गर्मी का जिक्र करते हुए कहा कि अपना ध्यान रखें. आप इस गर्मी के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखें और पेय पदार्थ पीते रहें. देश के विभिन्न राज्यों में तरह-तरह के पेय मिलते हैं. खास बात है कि ये पेय आपकी किचन से ही निकलते हैं. प्रधानमंत्री ने आम का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही गर्मियों का मौसम आता है, आम की चर्चा शुरू हो जाती है. हिंदुस्तान में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां गर्मियों में आम की बात न होती हो. पीएम ने कहा कि आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि हिंदुस्तानीय संस्कृति, स्वाद और गर्मियों की यादों का अहम हिस्सा है. देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं : प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान में हर पीढ़ी के लोगों में खगोल विज्ञान को लेकर हमेशा जिज्ञासा रही है. यह क्षेत्र लोगों को नई खोजों और अनुसंधान के लिए प्रेरित करता रहा है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में भी अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र से जुड़कर ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में रुचि दिखा रहे हैं. चोल काल के प्राचीन तांबे के अभिलेख (कॉपर प्लेट्स) हिंदुस्तान को वापस सौंपे गये कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि नीदरलैंड में आयोजित एक विशेष समारोह में चोल काल के प्राचीन तांबे के अभिलेख (कॉपर प्लेट्स) हिंदुस्तान को वापस सौंपे गए. इस समारोह में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे. पीएम मोदी ने कहा कि यह हिंदुस्तान की सांस्कृतिक विरासत की वापसी का महत्वपूर्ण क्षण है और देश के इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है. कार्यक्रम की शुरुआत स्पोर्ट्स जगत में देश की एक बड़ी उपलब्धि से पीएम मोदी ने की पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं कार्यक्रम की शुरुआत स्पोर्ट्स जगत में देश की एक बड़ी उपलब्धि से करना चाहता हूं. हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन और शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया है. यह सफलता न केवल खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के रांची में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में चार अलग-अलग स्पर्धाओं में चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे. पीएम ने गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड सिर्फ दो दिनों में तीन बार टूटा, जिसे गुरिंदरवीर सिंह और अनीमेष कुजूर ने अपने शानदार प्रदर्शन से संभव बनाया. 🔴 LIVE : #MannKiBaat, 134th Episode.#PMonAkashvani | #MKBOnAkashvani https://t.co/pNcunRFxtV — All India Radio News (@airnewsalerts) May 31, 2026 The post Mann Ki Baat : संबोधन की शुरुआत स्पोर्ट्स जगत में देश की एक बड़ी उपलब्धि से पीएम मोदी ने की appeared first on Naya Vichar.

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खराब सड़कें और बड़े स्पीड ब्रेकर भी नहीं बनेंगे परेशानी, ये 5 इलेक्ट्रिक SUV देती हैं सबसे ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन खरीदारों के सामने एक बड़ी चुनौती आज भी वही है जो पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के साथ रहती है- खराब सड़कें, गड्ढे और ऊंचे स्पीड ब्रेकर. ऐसे में सिर्फ लंबी रेंज या आधुनिक फीचर्स ही काफी नहीं होते, बल्कि अच्छी ग्राउंड क्लीयरेंस भी बेहद जरूरी हो जाती है. अगर किसी इलेक्ट्रिक SUV का निचला हिस्सा सड़क से पर्याप्त ऊंचाई पर हो तो वह शहरों की टूटी सड़कों से लेकर हाईवे के खराब हिस्सों तक अधिक आत्मविश्वास के साथ चल सकती है. हिंदुस्तान में फिलहाल कुछ ऐसी इलेक्ट्रिक SUV मौजूद हैं जो लंबी रेंज के साथ शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस भी ऑफर करती हैं. महिंद्रा XEV 9e: ऊंची बॉडी और लंबी रेंज का दमदार मेल इस सूची में सबसे आगे महिंद्रा XEV 9e आती है। 207 मिमी की ग्राउंड क्लीयरेंस इसे खराब रास्तों पर अधिक सक्षम बनाती है. यह मॉडल 59 किलोवाट-घंटा और 79 किलोवाट-घंटा बैटरी विकल्पों के साथ उपलब्ध है. बड़ी बैटरी वाला वेरिएंट एक बार चार्ज करने पर 650 किलोमीटर से ज्यादा की दावा की गई रेंज देता है. तेज डीसी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के कारण लंबी दूरी की यात्रा भी आसान हो जाती है. केबिन में ट्रिपल-स्क्रीन लेआउट, पैनोरमिक सनरूफ, प्रीमियम ऑडियो सिस्टम और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स इसे तकनीक के मामले में भी काफी आगे रखते हैं. टाटा हैरियर EV: ऑफ-रोडिंग क्षमता के साथ इलेक्ट्रिक ताकत टाटा हैरियर EV को 205 मिमी की ग्राउंड क्लीयरेंस दी गई है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ऑल-व्हील ड्राइव विकल्प है, जो इसे कठिन रास्तों पर अतिरिक्त पकड़ दिलाता है. कंपनी इसमें 65 और 75 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक देती है. यह SUV एक बार चार्ज पर 600 किलोमीटर से अधिक की दावा की गई रेंज उपलब्ध कराती है. बड़े टचस्क्रीन डिस्प्ले, 540 डिग्री कैमरा व्यू, टेरेन मोड्स और कई स्मार्ट ड्राइविंग फीचर्स इसे प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाते हैं. टाटा पंच EV: शहरों के लिए कॉम्पैक्ट लेकिन मजबूत विकल्प अगर आप ऐसी इलेक्ट्रिक SUV चाहते हैं जो शहर की भीड़भाड़ में आसानी से चल सके और खराब सड़कों से भी निपट सके, तो टाटा पंच EV एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इसमें 195 मिमी की ग्राउंड क्लीयरेंस मिलती है, जो इस आकार की गाड़ी के लिए काफी प्रभावशाली मानी जाती है. नई पंच EV में बड़ी बैटरी के साथ लगभग 468 किलोमीटर तक की दावा की गई रेंज मिलती है. इसके अलावा वेंटिलेटेड सीट्स, 360 डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जिंग और एयर प्यूरीफायर जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं. महिंद्रा XUV 3XO EV और VinFast VF 7 भी सूची में शामिल महिंद्रा XUV 3XO EV और VinFast VF 7 दोनों में 190 मिमी की ग्राउंड क्लीयरेंस दी गई है. यह आंकड़ा हिंदुस्तानीय सड़क परिस्थितियों के हिसाब से पर्याप्त माना जाता है. XUV 3XO EV शहर और हाईवे दोनों तरह के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. वहीं VinFast VF 7 प्रीमियम ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश की गई इलेक्ट्रिक SUV है, जिसमें बड़ी बैटरी, एडवांस सेफ्टी टेक्नोलॉजी और आधुनिक केबिन फीचर्स दिए गए हैं. सिर्फ रेंज नहीं, ग्राउंड क्लीयरेंस भी बन रही खरीदारी का बड़ा आधार हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से विकसित हो रहा है. अब ग्राहक केवल बैटरी क्षमता और रेंज पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि यह भी देख रहे हैं कि गाड़ी रोजमर्रा की हिंदुस्तानीय सड़क परिस्थितियों में कितनी उपयोगी साबित होगी. यही वजह है कि ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली इलेक्ट्रिक SUV की मांग लगातार बढ़ रही है. आने वाले समय में कई नए मॉडल इसी जरूरत को ध्यान में रखकर बाजार में उतर सकते हैं. यह भी पढ़ें: EV खरीदने से पहले जान लें घर पर चार्जिंग सेटअप की ये जरूरी बातें, वरना बाद में होगी परेशानी The post खराब सड़कें और बड़े स्पीड ब्रेकर भी नहीं बनेंगे परेशानी, ये 5 इलेक्ट्रिक SUV देती हैं सबसे ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस appeared first on Naya Vichar.

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IPL चैंपियन बनने पर बरसेगा पैसा, हारने वाली टीम भी होगी मालामाल 

IPL 2026 Prize Money: आईपीएल 2026 का महामुकाबला आज आरसीबी और गुजरात के बीच स्पोर्ट्सा जा रहा है। दोनों ही टीमों की नजरें अपनी दूसरी ट्रॉफी पर हैं. शुभमन गिल बतौर कप्तान अपनी पहली ट्रॉफी उठाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे. दूसरी तरफ, रजत पाटीदार की कप्तानी में पिछले साल (2025) अपना पहला खिताब जीतने वाली RCB की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर बैक-टू-बैक चैंपियन बनने के लिए तैयार है. इस हाई-वोल्टेज मैच में न सिर्फ आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी दांव पर है, बल्कि दोनों टीमों पर पैसों की भी भारी बारिश होने वाली है. विजेता और उपविजेता को क्या मिलेगा स्थान (Rank) टीम / स्थिति इनामी राशि (Prize Money) विजेता (Winner) चैंपियन बनने वाली टीम 20 करोड़ रुपये उपविजेता (Runner-up) फाइनल हारने वाली टीम 13 करोड़ रुपये तीसरा स्थान राजस्थान रॉयल्स (Qualifier 2 हारने वाली) 7 करोड़ रुपये चौथा स्थान सनराइजर्स हैदराबाद (Eliminator हारने वाली) 6.5 करोड़ रुपये सीजन के मुख्य व्यक्तिगत पुरस्कार अवॉर्ड का नाम (Award) किस खिलाड़ी को मिलता है? इनामी राशि (Prize Money) ऑरेंज कप (Orange Cap) पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को 10 लाख रुपये पर्पल कैप (Purple Cap) पूरे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को 10 लाख रुपये इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ उभरते हुए युवा खिलाड़ी को 20 लाख रुपये मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) सीजन में सबसे बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को 10 लाख रुपये खिताबी भिड़ंत के लिए तैयार अहमदाबाद आईपीएल 2026 का महामुकाबला आज शाम आरसीबी और गुजरात के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. डिफेंडिंग चैंपियन RCB के पास लगातार दूसरा खिताब जीतने का मौका है, तो वहीं होम ग्राउंड पर गुजरात की टीम पासा पलटने के इरादे से उतरेगी. यह फाइनल मैच उसी ऐतिहासिक पिच पर होने जा रहा है, जहां पिछले सीजन का फाइनल स्पोर्ट्सा गया था. मैच और लाइव स्ट्रीमिंग की डिटेल्स विवरण समय / प्लेटफॉर्म टॉस का समय शाम 07:00 बजे IST मैच की शुरुआत शाम 07:30 बजे IST लाइव टीवी टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क डिजिटल लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट  फिल साल्ट के स्पोर्ट्सने पर सस्पेंस आईपीएल 2026 के इस महामुकाबले में आरसीबी के लिए फिल साल्ट के स्पोर्ट्सने पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, टीम प्रबंधन अपने विनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं है। अगर साल्ट नहीं स्पोर्ट्सते हैं, तो विराट कोहली के साथ वेंकटेश अय्यर पारी की शुरुआत करते दिख सकते हैं। दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस  की प्लेइंग 11 की बात करें तो वहां किसी बदलाव की गुंजाइश न के बराबर नजर आ रही है। दोनों ही टीमें आज रात मैदान पर अपने दूसरे आईपीएल खिताब के लिए पूरी जान लगाने वाली हैं. यह भी पढ़े- बारिश में धुला IPL फाइनल तो कौन बनेगा चैंपियन, जानिए बीसीसीआई का नियम The post IPL चैंपियन बनने पर बरसेगा पैसा, हारने वाली टीम भी होगी मालामाल  appeared first on Naya Vichar.

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