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Author name: Vinod Jha

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सिर्फ पढ़ाई नहीं, 5 से 10 साल की उम्र में बच्चों को जरूर सिखाएं ये आदतें, जो बनाएंगी उन्हें जिंदगी में सफल और जिम्मेदार

Parenting Tips: 5 से 10 साल की उम्र किसी भी शिशु की जिंदगी का सबसे खास समय होता है. इस उम्र में शिशु जो कुछ भी देखते और सुनते हैं, उसे बहुत ही जल्दी अपने अंदर एब्जॉर्ब कर लेते हैं. इस उम्र में आप अपने शिशु को जो भी सिखाते हैं, वह बात उसके दिमाग में हमेशा के लिए बैठ जाती है. यही एक बड़ी वजह है कि माता-पिता को इस उम्र में अपने बच्चों को अच्छी चीजें सिखानी चाहिए. जब आप इस उम्र में शिशु को अच्छी और जरूरी चीजें सिखाते हैं, तो वह बड़ा होकर एक जिम्मेदार, समझदार और अपने पैरों पर खड़ा रहने वाला इंसान बन जाता है. आज का यह आर्टिकल हर उस माता-पिता के लिए है, जिनके घर पर 5 से 10 साल की उम्र के शिशु हैं. आज हम आपको 5 ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको अपने शिशु के अंदर जितनी जल्दी हो सके डेवलप करना शुरू कर देना चाहिए. तो चलिए इन आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं. good habits to teach kids अपने काम खुद करने की आदत 5 से 10 साल के बच्चों को अपने सभी काम खुद करना सीखना चाहिए. इस उम्र के बच्चों के लिए यह बहुत ही जरूरी हो जाता है. अपने काम खुद करना सिखाने के लिए उन्हें समय-समय पर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां देते रहें, जैसे स्पोर्ट्सने के बाद खिलौनों को सही जगह पर रखना, स्कूल बैग को खुद पैक करके रखना, अपने कपड़ों को संभालकर रखना और खाना खाने के बाद अपनी प्लेट को सही जगह पर रखना. जब आपका बच्चा अपने काम खुद करने लगता है, तो उसके अंदर जिम्मेदारी का अहसास होने लगता है. ऐसा होने से उसका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और साथ ही वह आगे चलकर किसी भी प्रॉब्लम को खुद सॉल्व करना सीख जाता है. ये भी पढ़ें: क्या आपका बच्चा नए लोगों के सामने चुप हो जाता है? उसकी झिझक दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके सच बोलने और ईमानदार रहने की आदत 5 से 10 साल के बच्चों को अपने सभी काम खुद करना सीखना चाहिए. इस उम्र के बच्चों के लिए यह बहुत ही जरूरी हो जाता है. अपने काम खुद करना सिखाने के लिए उन्हें समय-समय पर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां देते रहें, जैसे स्पोर्ट्सने के बाद खिलौनों को सही जगह पर रखना, स्कूल बैग को खुद पैक करके रखना, अपने कपड़ों को संभालकर रखना और खाना खाने के बाद अपनी प्लेट को सही जगह पर रखना. जब आपका बच्चा अपने काम खुद करने लगता है, तो उसके अंदर जिम्मेदारी का अहसास होने लगता है. ऐसा होने से उसका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और साथ ही वह आगे चलकर किसी भी प्रॉब्लम को खुद सॉल्व करना सीख जाता है. मोबाइल और टीवी कम देखने और बाहर स्पोर्ट्सने की आदत आजकल के शिशु अपने पूरे दिन का ज्यादातर समय मोबाइल, टीवी या फिर टैबलेट का इस्तेमाल करते हुए ही बिता देते हैं. लेकिन जब शिशु की उम्र 5 से 10 साल के बीच होती है, तो उनकी बॉडी और दिमाग का सही डेवलपमेंट होना बहुत ही जरूरी होता है. बेहतर मेंटल और फिजिकल डेवलपमेंट के लिए शिशु को हर दिन कम से कम 1 से 2 घंटे बाहर जाकर दोस्तों के साथ स्पोर्ट्सने, दौड़ने या फिर साइकिलिंग करने के लिए मोटिवेट करें. इसके अलावा मोबाइल और टीवी देखने का समय भी फिक्स और लिमिट कर दें. इस उम्र के बच्चों के लिए रात को सही समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत भी उनकी सेहत के लिए बहुत अच्छी रहेगी. ये भी पढ़ें: 1 से 3 साल के शिशु को बर्थडे पर क्या गिफ्ट दें? ये 5 चीजें बनेंगी उसकी सीखने की पहली सीढ़ी बड़ों की इज्जत करना और दूसरों की मदद करना अगर आपके शिशु छोटे हैं, तो पेरेंट्स होने के नाते आपको उन्हें अच्छे मैनर्स यानी कि संस्कार जरूर सिखाने चाहिए. किसी भी पेरेंट की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. अगर शिशु की उम्र 5 से 10 साल के बीच है, तो आपको उन्हें यह जरूर सिखाना चाहिए कि घर के बड़ों, टीचर्स और अपने दोस्तों से तमीज से बात कैसे की जाती है. इसके अलावा जब भी जरूरत हो, थैंक यू, प्लीज और सॉरी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना सिखाएं. छोटे बच्चों के अंदर दूसरों की मदद करने की आदत भी जरूर डालें. जब बच्चा दूसरों के प्रति दयालु बनेगा, तो लोग भी उसे पसंद करेंगे. अपनी चीजें शेयर करना और पैसों की कद्र करना छोटे बच्चों को अपनी चीजें दूसरों के साथ शेयर करना यानी कि बांटना जरूर सिखाना चाहिए. जब वे अपने दोस्तों या फिर भाई बहनों के साथ मिलकर स्पोर्ट्सते हैं या फिर खाना खाते हैं, तो उनके अंदर प्यार और निस्वार्थ भावना बढ़ने लगती है. इसके अलावा, अपने बच्चों को बचपन से ही पैसों की वैल्यू समझाएं. पैसों की कीमत समझाने के लिए शिशु को एक छोटी सी गुल्लक यानी कि एक पिगी बैंक लाकर दें. इस पिगी बैंक के अंदर आपका बच्चा अपने पैसों को सेव करके रखेगा. ऐसा करने से उसे यह समझ में आने लगेगा कि चीजें आसानी से नहीं मिलतीं और वह फालतू पैसे खर्च करने से बचेगा. ये भी पढ़ें: क्या आपके शिशु में भी दिख रही हैं ये 5 आदतें? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, वरना बाद में होगा पछतावा The post सिर्फ पढ़ाई नहीं, 5 से 10 साल की उम्र में बच्चों को जरूर सिखाएं ये आदतें, जो बनाएंगी उन्हें जिंदगी में सफल और जिम्मेदार appeared first on Naya Vichar.

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लोकसभा में बोले राहुल गांधी- पूरी शिक्षा व्यवस्था को RSS ने किया हाईजैक, छात्रों के दोषी हैं अमित शाह

एंटी पेपर लीक पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह गुस्सा नहीं था, हिंसा नहीं थी, नफरत नहीं थी. यह इस देश के युवाओं की, इस देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी और मुझे लगता है कि सभी नेतृत्वक पार्टियों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए. मुझे पूरा यकीन है कि अगर बीजेपी के मेरे दोस्त जाकर अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में उन्हें क्या लगता है, तो उन्हें अपने बच्चों में भी सहमति मिलेगी. जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर हिंदुस्तानीय को गर्व होना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली का बड़े पैमाने पर निजीकरण हो रहा है और एक संगठन आरएसएस ने इस पर कब्जा कर लिया है. अमित शाह पर राहुल गांधी ने किया हमला लोकसभा के नेता राहुल गांधी ने बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि गृहमंत्री जो सदन में अभी मौजूद नहीं हैं, उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया, लेकिन उनमें इतनी ताकत नहीं है कि वे सदन में बहस के दौरान आकर बैठे. राहुल गांधी के इस बयान के बाद पूरे सदन में हंगामा मच गया. सत्तापक्ष ने राहुल गांधी से इस बयान के लिए माफी मांगने को कहा. सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, उन्हें गंभीरता पूर्वक बयान देना चाहिए. मैं जब भी कुछ बोलता हूं सत्ता पक्ष के लोग चिल्लाना शुरू कर देते हैं राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि मैं जब भी कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोलता हूं, सत्तापक्ष के लोग चिल्लाना शुरू कर देते हैं. राहुल गांधी के बयान के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उठकर कहा कि मैं बहुत विनम्रता से कहता हूं कि विपक्ष के नेता द्वारा इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों को हटा दिया जाना चाहिए. मैं ट्रेजरी बेंच के नेताओं से भी अपील करता हूं कि वे चुप रहें और राहुल गांधी की बात सुनें. ये भी पढ़ें : CJP ने दी चेतावनी- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में, प्रशासन छात्रों को धोखा देने की ना सोचें The post लोकसभा में बोले राहुल गांधी- पूरी शिक्षा व्यवस्था को RSS ने किया हाईजैक, छात्रों के दोषी हैं अमित शाह appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा : खरगे और नड्डा के बीच तीखी बहस, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर भड़का विपक्ष

राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और बीजेपी नेता जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस हुई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की की और कहा कि आखिर पुलिस ने यह एक्शन कैसे लिया? क्या वे बिना इजाजत वहां गए थे? उन्होंने कहा कि मैं आपसे रिक्वेस्ट करता हूं कि जो लोग बिना इजाजत के वहां गए हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए.वे क्यों गए? वे कौन हैं? उन्हें किसने ऑर्डर दिया? मल्लिकार्जुन खरगे ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर यदि पुलिस ने बिना उचित अनुमति या प्रक्रिया के कार्रवाई की है तो दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए. कानून व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई थी मल्लिकार्जुन खरगे के सवाल उठाए जाने पर प्रशासन की ओर से सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि पुलिस ने सामान्य कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की थी.नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन कानून के अनुसार काम कर रही है और इसे नेतृत्वक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.इस मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और खूब नारेबाजी भी हुई. नड्डा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है. विपक्ष ने की जिम्मेदारी तय करने की मांग मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा के बीच इस मसले को लेकर तीखी बहस हुई. इस वजह से सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी. विपक्षी सदस्यों ने प्रशासन से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने पुलिस कार्रवाई को कानून के दायरे में बताया. पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के भीतर और बाहर नेतृत्वक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर प्रशासन को घेर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और उसी के तहत कार्रवाई की गई. ये भी पढ़ें : CJP ने दी चेतावनी- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में, प्रशासन छात्रों को धोखा देने की ना सोचें The post राज्यसभा : खरगे और नड्डा के बीच तीखी बहस, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर भड़का विपक्ष appeared first on Naya Vichar.

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CJP ने दी चेतावनी- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में, सरकार छात्रों को धोखा देने की ना सोचें

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने केंद्र प्रशासन पर यह आरोप लगाया है कि उसने अभी तक छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया है. पार्टी ने कहा कि यदि प्रशासन अपने वादे पर अमल नहीं करती है तो वह देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू करेगी. पार्टी की ओर से देर रात एक्स पर यह पोस्ट किया गया है कि हमें डर है कि हिंदुस्तान प्रशासन और बीजेपी शासित राज्य चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच द्वारा 20 जुलाई के प्रदर्शन पर मंगलवार को जो टिप्पणी की है उसका इस्तेमाल हथियार बनाकर अलग-अलग प्रोटेस्टर्स के खिलाफ एफआईआर जारी रखने और उन्हें परेशान करने की कोशिश कर सकते हैं. कोर्ट की टिप्पणी का इस्तेमाल नेतृत्वक फायदे के लिए नहीं किया जा सकता है. स्टूडेंट्‌स के साथ धोखा नहीं कर सकती है प्रशासन सौरभ दास ने अपने एक्स पोस्ट पर कहा है कि हजारों युवा स्टूडेंट्स और प्रोटेस्टर्स को दिया गया भरोसा, बाद के कानूनी डेवलपमेंट के जरिए, चुपके से कमजोर या बेमतलब नहीं किया जा सकता.इससे जनता का भरोसा टूटता है. किसी भी हाल में, अंतरिम ऑर्डर में ऐसा कुछ भी नहीं है जो हिंदुस्तान प्रशासन या राज्य प्रशासनों को एफआईआर वापस लेने या शांतिपूर्ण प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई न करने का फैसला करने से रोकता हो. प्रशासन को 25 जुलाई को किए गए अपने वादे से मुकरने के लिए कोर्ट के आदेश का हवाला नहीं देना चाहिए. प्रशासन ने धोखा किया तो देशव्यापी विरोध ही रास्ता कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कहा गया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कॉकरोच जनता पार्टी के पास उन स्टूडेंट्स और युवा प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए अपना देशव्यापी विरोध फिर से शुरू करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होगा. जो प्रशासन अपना वादा तोड़ती है, वह युवाओं से चुप रहने की उम्मीद नहीं कर सकती. अगर गारंटियों का अपमान किया जाता है, तो हिंदुस्तान की सड़कें एक बार फिर युवाओं की आवाज बनेंगी. सौरभ दास ने देर रात एएनआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मंगलवार तक की डेडलाइन तय की गई थी और कुछ ही घंटे बचे होने पर भी प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिला है. उन्होंने दोहराया कि आंदोलन ऐसे किसी भी आदेश या फैसले को स्वीकार नहीं करेगा जो प्रशासन की गारंटी का उल्लंघन करता हो. ये भी पढ़ें :Anti Paper Leak Bill : रिजिजू ने कहा- विपक्ष बिल पर बात नहीं कर रहा, राहुल गांधी अभद्र भाषा का कर रहे हैं प्रयोग The post CJP ने दी चेतावनी- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में, प्रशासन छात्रों को धोखा देने की ना सोचें appeared first on Naya Vichar.

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बाबा रामदेव ने छात्रों के आंदोलन पर साधा निशाना, बोले- Gen Z ने जंतर-मंतर पर भारत को किया बदनाम

Baba Ramdev on Gen Z protest : हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन और हालिया नेतृत्वक घटनाक्रम पर अपना रिएक्शन दिया. उन्होंने कहा कि देश सड़कों से नहीं, बल्कि संसद और संविधान से चलता है. रामदेव ने कहा कि शिक्षा मंत्री कौन होगा, इसका फैसला सड़क पर प्रदर्शन करने वाले लोग नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और संसद करेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने आंदोलन के दौरान ‘ब्राह्मणवाद से आजादी’ और ‘आरएसएस से आजादी’ जैसे नारे लगाए. रामदेव ने कहा कि अगर किसी ने आरएसएस से राष्ट्रवाद सीखा है तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संविधान ब्राह्मणों, दलितों और सभी वर्गों को समान अधिकार देता है. ऐसे में किसी भी जाति या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना संविधान की भावना के खिलाफ है. ‘Gen Z ने जंतर-मंतर पर हिंदुस्तान को बदनाम किया’ बाबा रामदेव ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि Gen Z के कुछ युवाओं ने वहां हिंदुस्तान की छवि खराब करने का काम किया. उन्होंने कहा कि गाली-गलौज हिंदुस्तानीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. हिंदुस्तान की परंपरा बड़ों का सम्मान करने और गुरुजनों के बताए रास्ते पर चलने की रही है. ‘मतभेद हों तो संवैधानिक तरीके से दूर करें’ रामदेव ने कहा कि नया हिंदुस्तान समानता की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अब बेटियां भी वेद-पुराण पढ़ रही हैं, यज्ञोपवीत धारण कर रही हैं और यज्ञ कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्म हो सकते हैं, लेकिन हमारे पूर्वज अलग नहीं हैं. सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ने का अधिकार है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मुद्दे पर असहमति है, तो उसे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से दूर करने की कोशिश की जानी चाहिए. ये भी पढ़ें : “जो देखते हैं, वही बोलते हैं…” मोहम्मद इरफान की बहन ने बताया कैसे बनी उनकी अलग पहचान The post बाबा रामदेव ने छात्रों के आंदोलन पर साधा निशाना, बोले- Gen Z ने जंतर-मंतर पर हिंदुस्तान को किया बदनाम appeared first on Naya Vichar.

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सावन 2026: देवघर बैद्यनाथ धाम में कब और कैसे करें दर्शन? जानें मंदिर की टाइमिंग, अर्घा व्यवस्था और जरूरी नियम

Sawan Baidyanath Dham: सावन 2026 की शुरुआत के साथ ही झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है. द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देशभर से लाखों कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर दर्शन व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सावन मेले के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. सावन मेले को देखते हुए कांवरियों के लिए विशेष रूट लाइन तैयार की गई है. श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से ही मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन की ओर से: क्यू कॉम्प्लेक्स में शेड की व्यवस्था की गई है. पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं. पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है. स्त्री और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की गई है. श्रद्धालुओं के लिए जरूरी नियम बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले भक्तों को सुरक्षा व्यवस्था का पालन करना होगा. दर्शन के लिए आते समय अपना पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) जरूर साथ रखें. मंदिर प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी. बड़े बैग और अनावश्यक सामान लाने से बचें. भीड़ को देखते हुए धैर्य रखें और कतार व्यवस्था का पालन करें. सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. प्रशासन ने भक्तों से सहयोग करने और नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि सभी श्रद्धालु सुगमता से बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें. यह भी पढ़ें: हैप्पी गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु के प्रति जताएं सम्मान, भेजें ये खास शुभकामनाएं और संदेश The post सावन 2026: देवघर बैद्यनाथ धाम में कब और कैसे करें दर्शन? जानें मंदिर की टाइमिंग, अर्घा व्यवस्था और जरूरी नियम appeared first on Naya Vichar.

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Anti Paper Leak Bill : रिजिजू ने कहा- विपक्ष बिल पर बात नहीं कर रहा, राहुल गांधी अभद्र भाषा का कर रहे हैं प्रयोग

पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक जैसे जरूरी बिल पर चर्चा हो रही है, लेकिन कांग्रेस के सदस्य बिल पर कोई बात नहीं कर रहे हैं. वे सिर्फ नेतृत्व करने में व्यस्त रहे हैं. किरेन रिजिजू ने कहा-हमें उम्मीद है कि आज राहुल गांधी और दूसरे लोग बिल पर बोलेंगे. यह बिल स्टूडेंट्स की मांगों के जवाब में लाया गया है और प्रधानमंत्री के बड़े फैसले से स्टूडेंट्स में एक नया कॉन्फिडेंस आया है. अगर कांग्रेस पार्टी के पास एग्जाम प्रोसेस के बारे में कोई और सुझाव है, तो वे दे सकते हैं. अलोकतांत्रिक और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं राहुल गांधी किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधीहर तरह की अनडेमोक्रेटिक और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में बातचीत के लिए सही नहीं है. हमें सभ्य भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए. हम एक-दूसरे से अलग राय रख सकते हैं, लेकिन जिस तरह से राहुल गांधी अभद्र और बेइज्जती करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह डेमोक्रेसी और हमारे देश के लिए अच्छा नहीं है. प्रियंका गांधी ने भी बिल के दायरे से बाहर बातें की मंत्री रिजिजू ने कहा कि मंगलवार को प्रियंका वाड्रा ने भी चर्चा में हिस्सा लिया. लेकिन वे बिल के दायरे से पूरी तरह बाहर के मामलों पर बात करती रहीं. विपक्ष के हर सांसद ने असली बिल पर बात किए बिना चर्चा में भागीदारी की. चूंकि उन्होंने बिल पर बात नहीं की, इसलिए मुझे आज उम्मीदें है कि राहुल गांधी कुछ सुझाव देंगे. मुझे उम्मीद है कि 20 या 30 मिनट के भाषण में वह कम से कम 5 मिनट बिल के बारे में बोलेंगे. इतने जरूरी बिल पर बोलने से बचना ठीक नहीं है. ये भी पढ़ें : Parliament Session Live: लोकसभा 12 बजे तक स्थगित, विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू होते ही रोकनी पड़ी कार्यवाही The post Anti Paper Leak Bill : रिजिजू ने कहा- विपक्ष बिल पर बात नहीं कर रहा, राहुल गांधी अभद्र भाषा का कर रहे हैं प्रयोग appeared first on Naya Vichar.

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तेज प्रताप यादव की जेल से रिहाई पर गुस्से में छात्र, बोले- यहां वीआईपी कल्चर चल रहा

Bihar Student Arrest: ‘ये क्या बात हुई कि तेज प्रताप यादव को जेल से छोड़ दिया गया और बाकी सब को नहीं छोड़ा जाएगा. यहां वीआईपी कल्चर चल रहा है. अगर तेज प्रताप को छोड़ा गया तो सभी छात्रों को रिहा करना चाहिए.’ यह बात बेऊर जेल के बाहर एक छात्र ने कही, जो अपने दोस्त के जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहा था. बिहार प्रशासन के नोटिस के बाद तेज प्रताप रिहा बिहार प्रशासन की तरफ से जारी नोटिस के बाद जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को जेल से रिहा कर दिया गया. उनके अलावा चार अन्य छात्रों को भी छोड़ कर दिया गया है. इन सभी के जमानत के कागजात मंगलवार की देर शाम बेऊर जेल प्रशासन के पास पहुंचे और फिर उन्हें आवश्यक कागजी प्रक्रिया करने के बाद रिहा कर दिया गया. बेऊर जेल अधीक्षक ने तेजप्रताप यादव सहित पांच को रिहा करने की पुष्टि की. बेऊर जेल के बाहर मौजूद छात्रों ने क्या कहा? जानकारी के मुताबिक, पहले 13 छात्रों को जेल से रिहा करने की समाचार थी. कहा गया था कि इन 13 छात्रों की परीक्षा होने की वजह से जेल से रिहा किया जाएगा. लेकिन सिर्फ 4 छात्रों को रिहा किया गया. साथ ही तेज प्रताप यादव को भी छोड़ दिया गया. बेऊर जेल के बाहर कई छात्र मौजूद थे जो अपने दोस्त के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे. उन्हीं में से एक छात्र अपने दोस्त की रिहाई नहीं होने पर भड़क गया. उसने तेज प्रताप यादव को स्पेशल ट्रीटमेंट देने की बात कही. एक छात्र ने कहा, तेज प्रताप, लालू प्रसाद के बेटे हैं, इसलिए उन्हें पहले छोड़ दिया गया. बाकी छात्रों को नहीं छोड़ा गया. छात्र ने इस दौरान बताया कि किसे छोड़ा जाएगा किसे नहीं, यह अब तक क्लियर नहीं है. मेरे दोस्त को एग्जाम देने जाना है, ऐसे में कोई भी पुलिसकर्मी बात सुनने तक के लिए नहीं हैं. View on Instagram तेज प्रताप पर लगाए गए थे ये आरोप तेज प्रताप यादव के खिलाफ गांधी मैदान थाने में केस दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर दंगा कराने और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसके बाद तेज प्रताप को बीते शनिवार को फ्रेजर रोड के सेंट्रल मॉल से हिरासत में ले लिया गया था और देर रात बेऊर जेल भेज दिया गया था. इसके बाद प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान तमाम प्राथमिकी को रद्द करने का फैसला ले लिया. साथ ही तेजप्रताप यादव की ओर से जमानत की अर्जी भी दाखिल की गयी थी. कोर्ट ने तेज प्रताप की जमानत याचिका को मंजूर कर ली. इसके बाद जमानत से संबंधित कागजात बेऊर जेल पहुंच गए. इसके बाद जेल प्रशासन ने तेज प्रताप को रिहा कर दिया. Also Read: बांकीपुर उपचुनाव: वोटर्स के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी, बूथों की लाइव वेबकास्टिंग से लेकर गश्ती तक का इंतजाम The post तेज प्रताप यादव की जेल से रिहाई पर गुस्से में छात्र, बोले- यहां वीआईपी कल्चर चल रहा appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Session Live : लोकसभा 12 बजे तक स्थगित, विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू होते ही रोकनी पड़ी कार्यवाही

संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे. इसके अलावा सदन में कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा और कार्यवाही होने की संभावना है. संसद की महत्वपूर्ण अपडेट्स के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post Parliament Session Live : लोकसभा 12 बजे तक स्थगित, विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू होते ही रोकनी पड़ी कार्यवाही appeared first on Naya Vichar.

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शेयर बाजार में दमदार शुरुआत, Sensex 790 अंक तक उछला, L&T के शानदार नतीजों से बढ़ा जोश

बुधवार, 29 जुलाई को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की. बाजार खुलते ही Sensex करीब 794 अंक तक चढ़ गया, जबकि Nifty 50 ने 24,203 का इंट्राडे हाई छू लिया. सुबह करीब 9:24 बजे Sensex 649 अंकों की बढ़त के साथ 77,415 पर और Nifty 195 अंक चढ़कर 24,181 पर कारोबार कर रहा था. बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह देश की दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen & Toubro (L&T) रही. कंपनी ने मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के ऐसे नतीजे पेश किए, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे. इसका असर बुधवार सुबह शेयर पर साफ दिखा. L&T के नतीजों ने क्यों बढ़ाया बाजार का उत्साह? L&T का शेयर शुरुआती कारोबार में 3.55% चढ़कर ₹3,968 तक पहुंच गया. कंपनी के जून तिमाही के प्रमुख आंकड़े: आंकड़ा स्थिति शुद्ध मुनाफा ₹4,122.85 करोड़ (करीब 14% सालाना बढ़त) पिछले साल का मुनाफा ₹3,617.19 करोड़ तिमाही आधार पर बदलाव 22.58% की गिरावट ऑपरेशन से आय ₹67,942 करोड़ (6.69% सालाना बढ़त) EBITDA ₹6,116 करोड़ (करीब 3% सालाना गिरावट) यानी कंपनी का मुनाफा और आय बढ़ी, हालांकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट और पिछली तिमाही की तुलना में मुनाफे में कुछ कमजोरी देखने को मिली. दुनिया के बाजारों का क्या रहा हाल? हिंदुस्तानीय बाजार में तेजी जरूर रही, लेकिन एशिया के ज्यादातर बाजार दबाव में दिखे. इसकी वजह AI सेक्टर के वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंता, चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक से पहले निवेशकों की सतर्कता रही. एशियाई बाजारों की स्थिति: दक्षिण कोरिया का KOSPI 7.4% गिरा. जापान का Nikkei 1.64% फिसला. चीन का Shanghai Composite 0.54% नीचे रहा. हांगकांग का Hang Seng 1.5% चढ़ा. वहीं अमेरिका में मंगलवार को Dow Jones 1.03% और S&P 500 0.21% बढ़े, जबकि टेक शेयरों के दबाव से Nasdaq 0.22% गिर गया. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली. किन सेक्टरों और शेयरों में रही सबसे ज्यादा खरीदारी? बाजार में लगभग सभी बड़े सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली. सिर्फ रियल्टी इंडेक्स दबाव में रहा. सबसे ज्यादा तेजी वाले सेक्टर: निफ्टी आईटी  (2% से ज्यादा उछाल) FMCG मेटल  फार्मा मिडिया हेल्थकेयर  ऑटो बैंक  फाइनेंशियल सर्विसेज  इसके अलावा Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों करीब 0.5% चढ़े. Nifty 50 में Infosys, Hindustan Unilever, TCS, Tata Consumer Products, Tech Mahindra, Bharti Airtel, HCL Tech, Wipro, ITC, Tata Motors PV और HDFC Bank के शेयर 1.35% से 3.34% तक मजबूत रहे. वहीं Bharat Electronics, IndiGo, Coal India, Adani Ports, Axis Bank, Power Grid, Titan, Trent और Dr Reddy’s Labs में गिरावट दर्ज की गई. बाजार की चौड़ाई क्या संकेत दे रही है? सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा. NSE पर 2,049 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 752 शेयरों में गिरावट आई. यह संकेत देता है कि शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान व्यापक रूप से खरीदारी की तरफ रहा और बाजार का मूड सकारात्मक बना हुआ है. ये भी पढ़ें: 33 लाख बैरल स्टॉक घटते ही भागा कच्चा तेल, ब्रेंट 86 डॉलर के पार The post शेयर बाजार में दमदार शुरुआत, Sensex 790 अंक तक उछला, L&T के शानदार नतीजों से बढ़ा जोश appeared first on Naya Vichar.

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