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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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असम में बाढ़ से हाहाकार: 6.5 लाख लोग प्रभावित, 66 से अधिक की मौत; पीएम मोदी ने फोन पर ली जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिनों में दूसरी बार असम के हालात का जायजा लिया. शनिवार को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से बातचीत करने के बाद, रविवार को पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर बाढ़ और राहत कार्यों की जानकारी ली. केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने एक्स पर बताया, “प्रधानमंत्री ने असम की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली. मैं इस समय डिब्रूगढ़ के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा हूं. मोदी प्रशासन असम के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और केंद्र की ओर से राहत व पुनर्वास के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है.” ऊपरी असम के जिलों में सुधार, शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMC) के अनुसार, ऊपरी असम के अधिकांश इलाकों- विशेषकर चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में जलस्तर घट रहा है. हालांकि, मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर के 810 गांव अब भी जलमग्न हैं. बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान शिवसागर जिले को पहुंचा है, जहां लगभग 2.90 लाख लोग प्रभावित हैं. इसके बाद चराइदेव में 1.90 लाख और जोरहाट में 1.30 लाख लोग राहत की बाट जोह रहे हैं. बीते 24 घंटे में हुई चार मौतों में से तीन शिवसागर और एक चराइदेव से दर्ज की गई है. नदियों के जलस्तर की बात करें तो फिलहाल शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राहत शिविरों में 18 हजार से अधिक लोग, केंद्र की टीम भी पहुंची बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन ने छह जिलों में 274 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र बनाए हैं, जहां इस समय 18,902 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं. थल सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियां लगातार बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. पीड़ितों के बीच बड़े पैमाने पर चावल, दाल, नमक और सरसों के तेल का वितरण किया जा रहा है. ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल के छह जिलों में बरसात का मौसम, सोमवार तक मछुआरों को समुद्र में जाने पर रोक The post असम में बाढ़ से हाहाकार: 6.5 लाख लोग प्रभावित, 66 से अधिक की मौत; पीएम मोदी ने फोन पर ली जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया- मैं कार्यों की समीक्षा कर रहा हूं

शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया और विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की. प्रह्लाद जोशी उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. शिक्षा मंत्रालय का एडिशनल चार्ज लेने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे भरोसे के साथ मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है. मैं कल कर्नाटक में था. मैं कल रात यहां पहुंचा और आज सुबह चार्ज लेने आया. मैंने चार्ज संभाल लिया है. प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मैं अभी पूरे कार्यों की समीक्षा कर रहा हूं. मैं जानकारी इकट्ठा कर रहा हूं और पूरे मंत्रालय के कामकाज को समझने की कोशिश कर रहा हूं. आज हमारी लगातार मीटिंग्स हुईं. यह मेरे लिए एक नया विभाग है, बहुत बड़ा डिपार्टमेंट है, इसलिए इसे पूरी तरह समझने के बाद मैं आपसे डिटेल में बात करूंगा. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी थी कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक के बाद देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. उनकी तीन प्रमुख मांगें थी, जिनमें से सर्वप्रमुख था शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा. छात्रों के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया. उनके इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए दिया इस्तीफा अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस्तीफा देना उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. देश में पिछले कुछ दिनों से जो कुछ हो रहा है, उससे वे बहुत दुखी हैं. वे यह नहीं चाहते हैं कि राष्ट्रविरोधी ताकतों को इस अवसर का लाभ उठाने का मौका मिले, इसलिए वे अपना इस्तीफा सौंप रहे हैं. उन्होंने कहा था कि उन्होंने नीट पेपर लीक के बाद हर जरूरी कदम उठाएं थे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी. ये भी पढ़ें : उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी पर हमला- वोट चुराए जा सकते हैं, लोग नहीं The post शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया- मैं कार्यों की समीक्षा कर रहा हूं appeared first on Naya Vichar.

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NEET पेपर लीक: फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार, दो आरोपियों की जमानत पर होगी सुनवाई

यह पहला मौका होगा जब नवगठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट NEET UG पेपर लीक से जुड़े मामले में सुनवाई करेगी. आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी कोर्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. ये दोनों आरोपी सीबीआई (CBI) द्वारा NEET UG पेपर लीक साजिश के तहत गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में शामिल हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों का संबंध उस नेटवर्क से है जिसने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक किया और उसे आगे विभिन्न अभ्यर्थियों तक पहुंचाया. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और उद्देश्य देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया था. उन्होंने 23 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, प्रशासन द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की शृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.” संसद में विधेयक पेश करेगी मोदी प्रशासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 23 जुलाई को घोषणा की थी कि संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे. इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी. 10 साल की सजा और 10 करोड़ का जुर्माना केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जुलाई को प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी. इसमें 10 साल तक की जेल की सजा और अधिकतम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल तक की कैद का प्रावधान है. ये भी पढ़ें: NEET विवाद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक: CJP Protest को ग्लोबल मीडिया ने कैसे देखा? The post NEET पेपर लीक: फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार, दो आरोपियों की जमानत पर होगी सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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IND vs ZIM: अशोक शर्मा को मिल सकता है मौका, प्लेइंग XI में दिखेंगे कई बदलाव

IND vs ZIM 3rd T20I: टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है. अब रविवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में स्पोर्ट्से जाने वाले तीसरे और आखिरी मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम की नजर क्लीन स्वीप पर होगी. सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी हिंदुस्तानीय टीम इस मैच में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दे सकती है. प्रिंस यादव ​हुए चोटिल दूसरे टी20 मुकाबले में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव अपना दूसरा ओवर पूरा नहीं कर सके थे. उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके बाद वह मैदान से बाहर चले गए. मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी संकेत दिए कि चोट के कारण अंतिम मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव हो सकता है. ऐसे में माना जा रहा है कि अशोक शर्मा को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है. बेंच स्ट्रेंथ को परखेगा हिंदुस्तान अशोक शर्मा को फिर से मौका मिलने पर हिंदुस्तानीय गेंदबाजी आक्रमण को नई ऊर्जा मिल सकती है. टीम प्रबंधन भी सीरीज जीतने के बाद बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के मूड में दिखाई दे रहा है. वहीं बल्लेबाजी क्रम में बड़े बदलाव की संभावना कम है, क्योंकि शीर्ष क्रम ने दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया था.सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया के पास बिना किसी दबाव के अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने का शानदार मौका है. ऐसे में तीसरे टी20 में एक या दो बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनमें अशोक शर्मा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर हिंदुस्तानीय टीम की नजर सिर्फ क्लीन स्वीप पर ही नहीं होगी, बल्कि कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी रहेगी. सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अब तक उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बना सके हैं, हालांकि दूसरे टी20 में उन्होंने गेंद से तीन विकेट लेकर इतिहास रच दिया था. वहीं जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा बल्ले और गेंद दोनों से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं. ऐसे में मेजबान टीम अंतिम मुकाबले में सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी. India Squad: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, सूर्यांश शेडगे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, हर्ष दुबे, रवि बिश्नोई. Zimbabwe Squad: ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मरुमानी (विकेटकीपर), डियोन मायर्स, सिकंदर रज़ा (कप्तान), रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, वेस्ली मधेवेरे, मिल्टन शुम्बा, रिचर्ड नगारवा, तनाका चिवांगा, ब्लेसिंग मुज़ारबानी, बेन करन, तफाद्ज़वा त्सिगा, न्यूमैन न्याम्हुरी. Also Read: अंतरिम कोच बनते ही फिर चमके लक्ष्मण, टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे पर जमाया सीरीज जीत का कब्जा The post IND vs ZIM: अशोक शर्मा को मिल सकता है मौका, प्लेइंग XI में दिखेंगे कई बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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कब पड़ती है IT की रेड? जानिए किन गलतियों पर पहुंच जाता है इनकम टैक्स विभाग आपके घर

अक्सर समाचारों में सुनने को मिलता है कि किसी कारोबारी, नेता या बड़ी कंपनी पर इनकम टैक्स विभाग ने रेड (IT Raid) डाली. इसके बाद करोड़ों रुपये कैश, सोना, गहने या अहम दस्तावेज मिलने की बातें सामने आती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इनकम टैक्स की रेड आखिर पड़ती क्यों है? और अब तक हिंदुस्तान की सबसे बड़ी रेड कौन-सी रही है? आइए जानते हैं.  आखिर IT Raid कब और क्यों होती है? इनकम टैक्स विभाग तब रेड करता है, जब उसे पक्की जानकारी मिलती है कि किसी व्यक्ति या संस्था ने अपनी असली कमाई छिपाई है या टैक्स चोरी की है. रेड का मकसद होता है: छिपी हुई आय और संपत्ति का पता लगाना ब्लैक मनी पर रोक लगाना टैक्स नियमों का पालन सुनिश्चित करना गलत तरीके से रखे गए कैश और दस्तावेजों की जांच करना यानी रेड का उद्देश्य सिर्फ पैसा पकड़ना नहीं, बल्कि टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना भी है. किन मामलों ने पूरे देश का ध्यान खींचा? हिंदुस्तान में कई ऐसी रेड हुईं, जो लंबे समय तक चर्चा में रहीं. 2016, बेंगलुरु: दो इंजीनियरों और ठेकेदारों के यहां करीब ₹5.7 करोड़ नकद, 7 किलो सोना और 9 किलो ज्वेलरी मिली. 2015, ‘बाहुबली’ फिल्म के निर्माता: हैदराबाद में हुई कार्रवाई के दौरान ₹60 करोड़ के विमुद्रीकृत नोट मिलने की बात सामने आई. 2019, चेन्नई: एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के कर्मचारियों के करीब 400 बैंक खातों में ₹8 करोड़ की अघोषित रकम मिली. 2014, सहारा ग्रुप: कथित टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए बड़ी कार्रवाई हुई. 2022: ऑक्सफैम इंडिया और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) में FCRA फंड से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई. 2022: पंजाब में भूपिंदर सिंह हनी के यहां कार्रवाई में ₹10 करोड़ से ज्यादा नकद, सोना और महंगी घड़ी बरामद हुई. हिंदुस्तान की सबसे लंबी IT Raid कौन-सी थी? 1981 में पूर्व सांसद और उद्योगपति सरदार इंदर सिंह के यहां हुई कार्रवाई को हिंदुस्तान की सबसे लंबी इनकम टैक्स रेड माना जाता है. इस ऑपरेशन में 90 से ज्यादा इनकम टैक्स अधिकारी और करीब 200 पुलिसकर्मी शामिल थे. कानपुर, दिल्ली और मसूरी समेत कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई हुई. जांच के दौरान नकदी, सोना, गहने और फिक्स्ड डिपॉजिट मिले. यह पूरी जांच करीब एक महीने तक चली, इसलिए इसे हिंदुस्तान की सबसे लंबी IT Raid माना जाता है. The post कब पड़ती है IT की रेड? जानिए किन गलतियों पर पहुंच जाता है इनकम टैक्स विभाग आपके घर appeared first on Naya Vichar.

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उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी पर हमला- वोट चुराए जा सकते हैं, लोग नहीं

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि यह प्रदर्शन बीजेपी के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं. युवाओं ने स्वर्णिम अध्याय लिखा मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कर एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है. उनका यह प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शन बन चुका है. शिवसेना की इस सभा में उनके चचेरे भाई राज ठाकरे भी मौजूद थे. उन्होंने दावा किया कि आज कोई चुनाव नहीं जीता गया है पर देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है. यह एक बड़े संघर्ष की शुरुआत है. यह लड़ाई भाजपा और हिंदुस्तान के बीच है. उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि अब देश पर ध्यान देने का समय आ गया है. आपके मंत्री नेतृत्वक दलों को तोड़ने में व्यस्त हैं. उनसे कहिए कि वे देश के लिए काम करना शुरू करें. धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाना पीएम के लिए कितना पीड़ादायक केंद्र प्रशासन पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से सवाल किया-अपने पसंदीदा धर्मेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाना कितना पीड़ादायक था? क्या यह पीड़ा उस पीड़ा से बड़ी थी जो उन छात्रों के परिवारों ने तब सही जब उनके बच्चों ने अपनी जान दी थी? मैं उस दर्द को नहीं भूल सकता और कभी नहीं भूलूंगा. युवाओं से अपना अभियान जारी रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस जागरूकता को फीका मत पड़ने देना. सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार को बर्दाश्त मत करना. आपने जनता की ताकत दिखाई है. इस देश को दोबारा किसी को कमजोर मत करने देना. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूछा-छात्रों के खिलाफ बर्बर व्यवहार का दोषी कौन? The post उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी पर हमला- वोट चुराए जा सकते हैं, लोग नहीं appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर बोले- CJP बिहार आती है तो उसका स्वागत करेंगे, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार पर साधा निशाना

Prashant kishor On CJP: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई नेतृत्वक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने CJP, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) बिहार में आती है, तो जन सुराज उसका स्वागत करेगा. उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संगठन प्रशासन के अलोकतांत्रिक रवैये और कामकाज को चुनौती देना चाहता है, जन सुराज उसके साथ खड़ा होगा. उन्होंने कहा कि अगर CJP के कार्यकर्ता बिहार आकर छात्रों के मुद्दों पर काम करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा. सोनम वांगचुक को बताया अपना मित्र प्रशांत किशोर ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक उनके व्यक्तिगत मित्र हैं. उन्होंने कहा कि बहुत कम लोग जानते हैं कि लद्दाख में हिरासत में लिए जाने के बाद सोनम वांगचुक को जयपुर की जेल में महीनों तक रखा गया था. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक पहले से छात्रों और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं. यदि उन्होंने CJP के मंच से अपनी बात रखी है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. ‘यह किसी पार्टी का नहीं, जनता का आंदोलन है’ प्रशांत किशोर ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेतृत्वक दल की नहीं है. उन्होंने कहा कि जब जनता अपने अधिकारों के लिए खड़ी होती है, तो सत्ता में बैठे लोगों को भी फैसले बदलने पड़ते हैं. उनके अनुसार, छात्र किसी नेता के समर्थन में नहीं, बल्कि अपने भविष्य और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हैं. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले? प्रशांत किशोर ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि जनता के दबाव के कारण प्रशासन को यह फैसला लेना पड़ा.उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कमजोर हो सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र में जनता का विपक्ष कभी कमजोर नहीं होता. ‘पेपर लीक और बेरोजगारी से परेशान हैं युवा’ प्रशांत किशोर ने कहा कि हाल के आंदोलनों में शामिल युवा किसी एक संगठन के लिए नहीं, बल्कि पेपर लीक, बेरोजगारी और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. उन्होंने कहा कि यही जनदबाव प्रशासन पर पड़ा और इसके परिणामस्वरूप बड़ा फैसला लेना पड़ा. उनके अनुसार, यह सिर्फ शुरुआत है और जवाबदेही की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार तभी संभव है, जब शिक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बने. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में शिक्षा की गुणवत्ता से अधिक वैचारिक प्रभाव बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस दौरान पेपर लीक की घटनाएं हुईं, उस समय के शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा. अब नए शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वे कदाचार मुक्त और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में काम करेंगे. Also Read: क्या विजय सिन्हा, पवन सिंह और रामकृपाल यादव के कार्यक्रम में मचा था हंगामा? वायरल वीडियो की सच्चाई जानिए The post प्रशांत किशोर बोले- CJP बिहार आती है तो उसका स्वागत करेंगे, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रशासन पर साधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूछा-छात्रों के खिलाफ बर्बर व्यवहार का दोषी कौन?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है और उनसे पूछा है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर हमले क्यों किए गए और इसकी जवाबदेही किसके ऊपर है. उन्होंने लिखा है कि छात्रों पर हुए बर्बर हमले की जवाबदेही तय की जाए. राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा है कि 20 जुलाई को हमारे छात्र एक बिल्कुल वैध मांग कर रहे थे. वे जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे. उनकी मांगों पर विचार करने की बजाय उनपर आंसू गैस छोड़े गए. उन्हें रबर की गोलियों और पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा. स्त्रीओं के छात्रावासों में पुलिस ने जबरन प्रवेश किया गया और छात्राओं के साथ मारपीट की गई. राहुल गांधीने अपने पत्र में लिखा है कि सबसे दुखद घटना यह हुई कि पैलेट गन का शिकार होने की वजह से एक 19 साल के लड़के को गंभीर चोट आई है. साहिल लोचब नाम के उस लड़के की आंख में गोली लग गई है, जिसकी वजह से उसकी आंखों की रोशनी जा सकती है.सोशल मीडिया में जिस तरह के वीडियो आ रहे हैं, उससे यह पता चलता है कि वह गंभीर दर्द में है. राहुल गांधी ने पत्र में यह लिखा है कि दिल्ली पुलिस आपके अधीन आती है इसलिए मैं आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूं- पैलेट गन चलाने की अनुमति उन्हें किसने दी? .क्या गृह मंत्री के रूप में आपने छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित घातक बल प्रयोग की अनुमति दी थी? यदि नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? सादे कपड़ों में छात्रों की पिटाई करते दिखाई दे रहे लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती की अनुमति किसने दी थी? लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत सबको है. फिर छात्रों के साथ इस तरह का बर्बर व्यवहार क्यों किया गया? इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए. इस सवाल का जवाब पूरा देश आपसे जानना चाहता है. ये भी पढ़ें :PHOTO : जब जंतर-मंतर खाली हुआ… तिरंगे समेटे गए, टेंट उखड़े और हजारों सपने अपने घर लौट गए The post राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूछा-छात्रों के खिलाफ बर्बर व्यवहार का दोषी कौन? appeared first on Naya Vichar.

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चांदी की चमक हुई गायब? ट्राई करें ये आसान होम हैक्स

Silver Cleaning Tips: चांदी के गहने, पूजा की थाली, सिक्के या बर्तन समय के साथ अपनी चमक खोने लगते हैं. ऐसा हवा में मौजूद सल्फर कंपाउंड के कॉन्टेक्ट में आने से होता है, जिससे चांदी पर काली परत जम जाती है. हालांकि बाजार में कई सिल्वर पॉलिश उपलब्ध हैं, लेकिन घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से भी चांदी को सुरक्षित तरीके से साफ किया जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान होम हैक्स, जो चांदी (Silver Cleaning Tips At Home) की खोई हुई चमक वापस लाने में मदद कर सकते हैं. हल्के साबुन और गुनगुने पानी से करें सफाई अगर चांदी पर सिर्फ धूल, उंगलियों के निशान या हल्की गंदगी जमी है, तो गुनगुना पानी और माइल्ड लिक्विड साबुन ही काफी है. कैसे करें इस्तेमाल? एक बाउल में गुनगुना पानी लें. उसमें कुछ बूंदें माइल्ड डिशवॉश लिक्विड मिलाएं. मुलायम स्पंज या कपड़े से चांदी को धीरे-धीरे साफ करें. साफ पानी से धोकर तुरंत सूखे और मुलायम कपड़े से पोंछ दें. ध्यान रखें कि चांदी पर पानी ज्यादा देर तक न रहने दें, इससे दाग पड़ सकते हैं. यह भी पढ़ें: इस सीजन ट्रेंड में हैं ये खूबसूरत चांदबाली ईयररिंग्स, हर आउटफिट के साथ लगेंगी परफेक्ट चॉक पेस्ट से हटाएं जिद्दी दाग अगर चांदी पर गहरी टार्निश जम गई है, तो प्रेसिपिटेटेड चॉक (Precipitated Chalk) का पेस्ट इस्तेमाल किया जा सकता है. कैसे करें इस्तेमाल? चॉक पाउडर में थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं. मुलायम कपड़े से इसे चांदी पर सीधी दिशा में हल्के हाथ से रगड़ें. इसके बाद साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. सामान्य चॉक या व्हाइटिंग पाउडर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इनके कण खुरदरे हो सकते हैं और चांदी पर हल्के स्क्रैच छोड़ सकते हैं. एल्युमिनियम फॉयल और वॉशिंग सोडा का तरीका यह तरीका पुरानी काली पड़ चुकी चांदी की सफाई के लिए काफी इफेक्टिव माना जाता है. हालांकि अक्सर लोग इसमें बेकिंग सोडा इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, जबकि इस प्रोसेस में वॉशिंग सोडा ज्यादा प्रभावी होता है. कैसे करें इस्तेमाल? एक बर्तन में एल्युमिनियम फॉयल बिछाएं. उसमें गर्म पानी डालें. अब वॉशिंग सोडा मिलाकर घोल तैयार करें. चांदी की आइटम को फॉयल में डाल के इस घोल में कुछ मिनट के लिए डाल दें. बाद में निकालकर साफ पानी से धोएं और अच्छी तरह सुखा लें. इस प्रक्रिया से चांदी पर जमी काली परत हटने लगती है और उसकी चमक वापस आने लगती है. सफाई के दौरान इन बातों का रखें ध्यान सिर्फ सही तरीका अपनाना ही काफी नहीं है, बल्कि चांदी को संभालने का तरीका भी उसकी चमक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. कोशिश करें कि सफाई के समय कॉटन के ग्लव्स पहनें. रबर या लेटेक्स के ग्लव्स से बचें, क्योंकि इनमें मौजूद सल्फर चांदी को जल्दी काला कर सकता है. अगर किसी चांदी की आइटम में लकड़ी, हड्डी या हाथीदांत का हैंडल लगा हो, तो उसे पानी में न भिगोएं. खोखले या चिपकाए गए हिस्सों वाली वस्तुओं को लंबे समय तक पानी में रखने से बचें. Silver Cleaning Tips: चांदी को सही तरीके से स्टोर करें चांदी को बार-बार साफ करने की जरूरत न पड़े, इसके लिए सही तरीके से स्टोर करना भी जरूरी है. चांदी को ठंडी और सूखी जगह पर रखें. पॉलीएथिलीन बैग या एसिड-फ्री टिश्यू पेपर में लपेटकर रखें. नमी कम रखने के लिए सिलिका जेल या एक्टिवेटेड चारकोल का छोटा पैकेट साथ रख सकते हैं. डिस्प्ले में रखी चांदी के लिए एंटी-टार्निश कपड़ा इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. यह भी पढ़ें: सोने की बाली का ऐसा कलेक्शन, जिसे हर स्त्री करना चाहेगी ट्राई The post चांदी की चमक हुई गायब? ट्राई करें ये आसान होम हैक्स appeared first on Naya Vichar.

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ठेठ बात : उसे पहली बार मारा गया है…

क्या यूं ही तुम्हें मारा गया है? बदमिजाज, बदहवास थे वो लोग जिन्होंने तुम्हारे ख़िलाफ नारे लगाए? नहीं. वो होश में थे. उन्होंने तुम्हारी सत्ता को नकार दिया. तुम मजबूर थे अपनी माइक से लोगो-आईडी निकालने के लिए. अपने ब्रांड का नाम छिपाने के लिए. नहीं करते ये शिशु तुम पर भरोसा. रोना मत रोओ, तुम्हारी हस्ती खतरे में है दोस्त जिस मास ऑडियंस की शेखी तुम बघारते थे, मुंह पर पानी मारो, वो मास तुम्हारी मांस खिंचने को तैयार है. कोविड से किसान आंदोलन तक, तुम जनता की आवाज़ नहीं बने. दलीलें, मिसालें तो खूब हैं. पहले भी सत्ता और मीडिया का संबंध ऐसा ही था. जब जिसकी गद्दी, वहां मधुमक्खी का छत्ता, मक्खियां वहीं भिनभिनाती हैं. पर क्या खूब कही एक लड़के ने. वो पीढ़ी गई साहब जब सुबह से दोपहर, दोपहर से शाम एसएसपी ऑफिस की चौखट तकती रहती थी. खिड़की पर लगे पर्दे खिसका कर देखने का दुस्साहस नहीं करती थी. अब आपका जिनसे पाला है, वो आंसू-गैस के बुलेट की व्यवस्था है कि नहीं एसएसपी साहब से ही पूछ लेते हैं. जिस देश में तुम जी रहे थे, वहां सिपाही देखकर किवाड़ सटा दिए जाते थे. जिस देश में तुम्हें रहना है, वहां के शिशु पुलिस देखकर कहते हैं, अंकल- vaate gunhanghayiyan फ़र्क़ इतना है कि शास्त्रार्थ करने बैठ गए तो vaate gunhanghayiyan कोई मीम, कार्टून, मसखराबाज़ी नहीं, भगवदगीता के अध्याय 14 (गुणत्रयविभाग योग) का श्लोक 19 है. नान्यं गुणेभ्यः कर्तारं यदा द्रष्टानुपश्यति। गुणेभ्यश्च परं वेत्ति मद्भावं सोऽधिगच्छति॥ इसका ठेठ मतलब है- हमसे बचके रहना गुरु. वरना बेआबरू करके कूचे से निकाल देंगे. The post ठेठ बात : उसे पहली बार मारा गया है… appeared first on Naya Vichar.

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