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Author name: Vinod Jha

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ATM से मिलेगा LPG सिलेंडर, दो से तीन मिनट में मिलेगी गैस, जानें कैसे करता है काम?

LPG Gas ATM: हिंदुस्तान गैस के ग्राहक LPG ATM का लाभ उठा सकते हैं. कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर अमित खटाना ने बताया- ग्राहकों को एटीएम में पहले अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना होगा. फिर एक OTP मिलेगा. उसके बाद, वे अपना खाली सिलेंडर वेइंग मशीन पर रखेंगे. उसे स्कैन किया जाएगा. एक खिड़की खुलेगी जहां वे अपना सिलेंडर रखेंगे. फिर, वे पेमेंट करेंगे. पेमेंट करने के बाद, एक और खिड़की खुलेगी. वे वहां से भरा हुआ सिलेंडर ले सकते हैं. कैसे काम करता है यह ATM? मशीन में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP वेरिफाई करें. खाली सिलेंडर को वेइंग मशीन पर रखें, जहाँ इसे स्कैन किया जाएगा. मशीन की विंडो खुलने पर खाली सिलेंडर अंदर रखें और पेमेंट करें. भुगतान सफल होते ही दूसरी खिड़की से आपको 10 किलो का भरा हुआ सिलेंडर मिल जाएगा. दो से तीन मिनट में मिल जाएगा गैस एलपीजी एटीएम से घरेलू गैस केवल दो से तीन मिनट मिल जाएगा. यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड है. यहां 10 kg के सिलेंडर उपलब्ध हैं. एक बार में 10 सिलेंडर रखे जा सकते हैं फैसिलिटीज के असिस्टेंट मैनेजर अमित खटाना ने बताया- सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली में एक LPG वेंडिंग मशीन लगाई गई है, जिसमें एक बार में 10 सिलेंडर रखे जा सकते हैं. The post ATM से मिलेगा LPG सिलेंडर, दो से तीन मिनट में मिलेगी गैस, जानें कैसे करता है काम? appeared first on Naya Vichar.

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असम में कांग्रेस 100 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, 5 पार्टियों से मिलाया हाथ

Assam Election: असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बताया- कांग्रेस विधानसभा चुनाव 5 अन्य पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया कि कांग्रेस असम की 126 सीटों में से 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. असम में किन-किन पार्टियों से कांग्रेस ने किया गठबंधन? असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने असम जातीय परिषद, रायजोर दल, सीपीआई (एम), सीपीआई (एमएल) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन किया है. जबकि 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है. कांग्रेस ने गठबंधन सहयोगी रायजोर दल के लिए 11 सीट छोड़ी हैं. कांग्रेस अब तक 94 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अब तक 126 सीटों में से 94 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है. कांग्रेस ने 3 मार्च को 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची, 7 मार्च को 23 उम्मीदवारों की दूसरी सूची, 19 मार्च को 22 उम्मीदवारों की तीसरी और 20 मार्च को 7 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की. कांग्रेस 2016 से सत्ता से बाहर है कांग्रेस 2016 से इस पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता से बाहर है, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाली प्रशासन लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगी. निवर्तमान विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के 64 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के 9 विधायक, यूपीपीएल के 7और बीपीएफ के 3 विधायक हैं. विपक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक, एआईयूडीएफ के 15 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक विधायक हैं. एक निर्दलीय विधायक भी हैं. 9 अप्रैल को असम में होंगे चुनाव असम विधानसभा की 126 सीट के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे. जबकि मतों की गिनती चार मई को होगी. The post असम में कांग्रेस 100 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, 5 पार्टियों से मिलाया हाथ appeared first on Naya Vichar.

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JDU में ‘नया चेहरा’ एक्टिव, 20 दिन में ‘टेस्ट’! क्‍या JDU की कमान संभालने को तैयार हैं निशांत? मीटिंग, रणनीति और सियासी संकेत

हाईलाइट्स कमान संभालने को तैयार निशांत समय कम, चुनौती बड़ी नेतृत्व की शुरुआत सियासी संदेश साफ Nishant Kumar JDU Role Nitish Kumar successor : बिहार की सियासत में इन दिनों तेजी से बदलाव देखे जा रहे हैं. जिस पर पूरे देश की निगाह बनी हुई. इस बदलाव के केंद्र में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार हैं. उन्हें महज 20 दिनों से भी कम समय में पार्टी की कमान अपने हाथ में लेना है और ये भी साबित करना है कि वो नीतीश कुमार की विरासत को संभालने में सक्षम हैं. इसी दिशा में उन्होंने आज अपना पहला बड़ा कदम बढ़ा दिया है. जदयू प्रवक्ताओं के साथ निशांत की बैठक की तस्वीरें. मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक. पार्टी रणनीति और संदेश पर चर्चा. निशांत की पहली बड़ी नेतृत्वक बैठक मानी जा रही.#Patna #NishantKumar #JDU #BiharPolitics #PrabhatKhabar @Nishantjdu @Jduonline @RajivRanjanJDU @neerajkumarmlc pic.twitter.com/HmXIS27Bfx — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 21, 2026 कमान संभालने को तैयार निशांत निशांत कुमार ने आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख प्रवक्ताओं की पहली बैठक (first meeting) बुलाई. इसे नेतृत्वक तौर पर बड़ा नेतृत्वक संकेत माना जा रहा है. वहीं, निशांत तेजी से जनता दल यूनाइटेड की लगाम अपने हाथ में लेने की तैयारी में भी नजर आ रहे हैं. आज सुबह भी उन्होंने पटना के गांधी मैदान पहुंचकर अपने पिता नीतीश कुमार की कमी पूरी की. वो पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के आवास पर भी गए. यहां उन्होंने पार्टी की संरचना को समझने की कोशिश की. ऐसे में माना जा रहा है कि अब Nishant Kumar पार्टी की कमान संभालने का मन बना चुके हैं. पटना: ईद पर फुलवारी शरीफ पहुंचे निशांत कुमार. मुस्लिम समाज को दी मुबारकबाद. खानकाह मुजीबिया और इमारत-ए-शरिया में मुलाकात. धार्मिक और सामाजिक हस्तियों से मिले. वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों के आवास भी पहुंचे. कहा – ईद भाईचारे और प्रेम का संदेश देती है. नीतीश कुमार की ओर से भी दी… pic.twitter.com/ynI8wfhLXz — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 21, 2026 समय कम, चुनौती बड़ी इधर, टेक्निकली देखा जाए तो निशांत के पास भी पार्टी को समझने का बहुत ज्‍यादा वक्‍त नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि नीतीश कुमार को राज्यसभा जाना है. इसके लिए उन्हें 30 मार्च से पहले विधान परिषद से इस्‍तीफा देना होगा. वर्ना उनकी राज्यसभा की सदस्यता चली जाएगी. उसके बाद उन्‍हें राज्‍यसभा जाने के लिए भी 9 अप्रैल से पहले बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी करवानी है. इसके लिए भी उन्हें अधिकतम 6 अप्रैल तक बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना है. ऐसे में निशांत के पास तो पार्टी की संरचना को समझने के लिए 20 दिन भी नहीं हैं.  नेतृत्व की शुरुआत देखा जाए तो अब निशांत पिता नीतीश कुमार की जिम्मेदारियों को संभालने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. उन्हें भी पता है कि नीतीश कुमार भले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. मगर अधिकतम 9 अप्रैल से पहले तो उन्हें भी बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना है! और बिहार में बनने वाली नई प्रशासन में JDU की भूमिका तय करनी है. पटना: गांधी मैदान में ईद की मुबारकबाद देने के बाद निशांत जी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन जी) से मिलने पहुंचे. उन्होंने उनका हालचाल जाना और स्नेहपूर्वक आशीर्वाद लिया.#Eid #Patna #prabhatkhabar @Nishantjdu @LalanSingh_1 @Jduonline pic.twitter.com/5zWfIyubr5 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 21, 2026 सियासी संदेश साफ नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक बैठक नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा नेतृत्वक संकेत है. इस संकेत के साथ निशांत कुमार अब बैकफुट से फ्रंटफुट की नेतृत्व में आते नजर आ रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 20 दिनों में निशांत कुमार खुद को उस भूमिका में स्थापित कर पाएंगे, जिसकी जमीन नीतीश कुमार इतने वर्षों से तैयार कर रहे हैं? पटना: ईद का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की. सीएम नीतीश कुमार की जगह निशांत पहुंचे और सभी को ईद की मुबारकबाद दी. इस मौके पर मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहे.#Eid #Patna #Festival #prabhatkhabar @AshokChoudhaary @Jduonline… pic.twitter.com/dDl8yZPPYU — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 21, 2026 Also Read : Nitish Politics : जेडीयू में ‘निशांत युग’ तय! नीतीश की गैरमौजूदगी ने कर दिया सब क्लियर? The post JDU में ‘नया चेहरा’ एक्टिव, 20 दिन में ‘टेस्ट’! क्‍या JDU की कमान संभालने को तैयार हैं निशांत? मीटिंग, रणनीति और सियासी संकेत appeared first on Naya Vichar.

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दुनिया के 22 देशों ने ईरान से हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की

Iran Israel US War: संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत 22 देशों ने मिडिल ईस्ट में ईरान के हमलों की निंदा की है. ईरान की कार्रवाई से कमजोर तबके पर पड़ेगा असर ईरान से जंग रोकने की अपील करने वाले देशों ने कहा- ईरान की इन कार्रवाइयों का असर दुनिया के हर हिस्से के लोगों खासकर सबसे कमजोर तबके पर पड़ेगा. ईरान के हमले ने ट्रंप की नींद उड़ाई इस बीच ईरान ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया द्वीप पर ब्रिटिश-अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल से हमला किया. जो ईरान से करीब 2,500 मील (4,000 किलोमीटर) दूर है. ईरान की इस कारवाई से डोनाल्ड ट्रंप की नींद उड़ गई होगी. जबकि ब्रिटेन ने ईरान की इस कार्रवाई की निंदा की है. इजराइल ने भी ईरान को दी बड़े हमले की धमकी इजराइल ने भी ईरान को बड़े हमले की धमकी दी है. इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरान के खिलाफ हमलों में काफी वृद्धि होगी. ये भी पढ़ें: ईरान ने 4000 KM दूर अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागी मिसाइल, ट्रंप की उड़ाई नींद ईरान ने ट्रंप को दी चेतावनी, बोला- ‘जमीनी हमला किया तो सैनिकों के ताबूत भी नहीं ले जा पाओगे’ ईरानी राष्ट्रपति का प्रस्ताव: ‘मिडिल ईस्ट इस्लामिक सभा’ बनानी होगी, पड़ोसी मुल्कों से बोले- दुश्मन की चाल…. The post दुनिया के 22 देशों ने ईरान से हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की appeared first on Naya Vichar.

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ईद के दिन ममता बनर्जी का विवादित बयान- पीएम मोदी को कहा सबसे बड़ा घुसपैठिया, शुभेंदु ने किया पलटवार

Table of Contents ममता बनर्जी ने रेड रोड पर नमाजियों को किया संबोधित ममता बोलीं- SIR पर कोलकाता से दिल्ली तक लड़ी ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा पर साधा निशाना बंगाल में घुसपैठ भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा ममता बोलीं- बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगा दिया चुनावी साल में नेतृत्वक मंच बन जाता है ईद समागम बंगाल को निशाना बनाने वालों को TMC सुप्रीमो की चेतावनी गर्दन कट जायेगा पर झुकेगा नहीं – अभिषेक बनर्जी ममता बनर्जी को तुरंत रांची जाना चाहिए – शुभेंदु अधिकारी भाजपा ने मुख्यमंत्री के आरोपों को किया खारिज PM Modi Biggest Infiltrator: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को एक विवादित बयान दे दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सबसे बड़ा घुसपैठिया कह दिया. इस पर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को संवैधानिक पद पर बैठने का अधिकार नहीं. ममता बनर्जी ने रेड रोड पर नमाजियों को किया संबोधित ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद नमाजियों को संबोधित करते हुए केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों के ‘मतदान का अधिकार छीनने’ का आरोप लगाया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘सबसे बड़ा घुसपैठ’ करने वाला करार दिया. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लोकतांत्रिक अधिकारों और बंगाल के सामाजिक ताने-बाने की रक्षा की लड़ाई करार दिया. ममता बोलीं- SIR पर कोलकाता से दिल्ली तक लड़ी मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए उन्होंने कोलकाता से लेकर दिल्ली तक की अदालतों में लड़ाई लड़ी है. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर के कारण वैध मतदाताओं के नाम हटा दिये गये हैं, खासकर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों से. ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने आप फिर नाम हटाने और लोगों को घुसपैठिया करार देने की बात करते हैं. मैं कहूंगी कि आप और आपकी प्रशासन सबसे बड़ी घुसपैठ करने वाले हैं. ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल जो भी देश के प्रधानमंत्री को घुसपैठिया कहता है, वह संवैधानिक पद पर रहने के योग्य नहीं है. उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. उन्हें तुरंत रांची जाना चाहिए. शुभेंदु अधिकारी, नेता प्रतिपक्ष, पश्चिम बंगाल घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा पर साधा निशाना ममता ने मोदी और भाजपा द्वारा सीमावर्ती राज्य में घुसपैठ के बार-बार लगाये जा रहे आरोपों को लेकर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा- आप फिर नाम हटाने और लोगों को घुसपैठिया करार देने की बात करते हैं. मैं कहूंगी कि आप और आपकी प्रशासन सबसे बड़ी घुसपैठ करने वाले हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल में घुसपैठ भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा बंगाल में घुसपैठ भाजपा के प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक है. केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता बार-बार तृणमूल प्रशासन पर अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक को मजबूत करने के लिए पड़ोसी बांग्लादेश से घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं. ममता बोलीं- बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगा दिया मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ लागू कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘आपने हमारी प्रशासन पर कब्जा कर लिया है और अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है. लेकिन हम डरेंगे नहीं.’ जब आप विदेश जाते हैं, तो नेताओं से हाथ मिलाते हैं और मित्रता की बातें करते हैं. यह आपकी पसंद है. मैं सभी देशों का सम्मान करती हूं. लेकिन जब आप हिंदुस्तान लौटते हैं, तो अचानक हिंदू-मुस्लिम विवाद शुरू हो जाता है, और लोगों को घुसपैठिया कहा जाने लगता है. ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल चुनावी साल में नेतृत्वक मंच बन जाता है ईद समागम रेड रोड पर होने वाला वार्षिक ईद समागम पूर्वी हिंदुस्तान के इस प्रकार के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है. इसे चुनावी वर्ष में अक्सर नेतृत्वक मंच के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे दलों को राज्य के बड़े मुस्लिम मतदाता वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलता है. यह वर्ग राज्य की आबादी का करीब 30 प्रतिशत है. बंगाल को निशाना बनाने वालों को TMC सुप्रीमो की चेतावनी ममता ने राज्य को नेतृत्वक रूप से निशाना बनाने का प्रयास करने वाले लोगों को कड़ी चेतावनी दी. कहा कि जो लोग बंगाल को निशाना बना रहे हैं और लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें नरक में भेज दिया जायेगा. तृणमूल सुप्रीमो ने भाजपा पर निशाना साधते हुए नारा दिया- भाजपा हटाओ, देश बचाओ. गर्दन कट जायेगा पर झुकेगा नहीं – अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नमाजियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के संदेश को दोहराया कि बंगाल की सामाजिक सद्भाव की रक्षा की जायेगी. डायमंड हार्बर के सांसद ने आक्रामक लहजे में कहा- गर्दन कट जायेगा पर झुकेगा नहीं. ममता बनर्जी को तुरंत रांची जाना चाहिए – शुभेंदु अधिकारी भाजपा ने ममता बनर्जी की इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने उन पर संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया. भाजपा विधायक और राज्य विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा- जो कोई भी देश के प्रधानमंत्री को घुसपैठिया कहता है, वह संवैधानिक पद पर रहने के योग्य नहीं है. मुझे लगता है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. उन्हें तुरंत रांची जाना चाहिए. भाजपा ने मुख्यमंत्री के आरोपों को किया खारिज भाजपा ने मतदाता सूची के एसआईआर के संबंध में तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को भी खारिज कर दिया. पार्टी ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा यह प्रक्रिया मतदाताओं के नाम के दोहराव को समाप्त करने और अपात्र लोगों को हटाने के लिए की जा रही है. राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे. मतगणना 4 मई को होगी. इसे भी पढ़ें तृणमूल के संरक्षण और सिंडिकेट राज के चलते बंगाल में बढ़ रही घुसपैठ, मालदा में बोले पीएम मोदी ममता ने पूछा- घुसपैठिये सिर्फ बंगाल में हैं तो पहलगाम और दिल्ली में हमला कैसे हुआ? बंगाल के रास्ते घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशियों को झारखंड में प्रशासन ने दिया संरक्षण : गौरव

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लैपटॉप के चार्जर से आखिर फोन कैसे चार्ज हो जाता है? जानें यह सेफ है या नहीं

फोन की बैटरी खत्म होना और वो भी बिल्कुल गलत समय पर ये चीज लगभग हर किसी के साथ होता है. और अगर चार्जर भी पास में नहीं है, तो अक्सर लैपटॉप का चार्जर ही आखिरी उम्मीद लगती है. कई लोग यही करते हैं, खासकर क्योंकि आजकल के ज्यादातर स्मार्टफोन और लैपटॉप में USB-C पोर्ट होता है. इससे सब कुछ बहुत आसान लगने लगता है. तभी एक सवाल सामने आ जाती है कि क्या अपने फोन को लैपटॉप के चार्जर चार्ज करना सेफ है? लैपटॉप के चार्जर आमतौर पर ज्यादा पावर देते हैं, इसलिए बैटरी डैमेज और लंबे समय के असर को लेकर यूजर्स थोड़े परेशान रहते हैं. लेकिन अगर आप समझ लें कि USB-C चार्जिंग कैसे काम करती है और डिवाइस पावर मैनेजमेंट कैसे करता है, तो सही फैसला लेना आसान हो जाता है. तो आइए जानते हैं, फोन को लैपटॉप चार्जर से चार्ज करने से पहले आपको क्या-क्या जानना चाहिए. फोन में लैपटॉप का चार्जर कैसे काम करता है? आजकल के स्मार्टफोन और लैपटॉप में ज्यादातर USB-C पोर्ट होते हैं, जो USB Power Delivery (USB-PD) जैसे यूनिवर्सल चार्जिंग स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं. इसका मतलब ये है कि अगर आपका फोन और लैपटॉप चार्जर दोनों USB-C और पावर डिलीवरी सपोर्ट करते हैं, तो आप अपने फोन को आसानी से और सेफ तरीके से लैपटॉप चार्जर से भी चार्ज कर सकते हैं. फोन को लैपटॉप चार्जर से चार्ज करना सेफ है? फोन को लैपटॉप चार्जर से चार्ज करना आमतौर पर सेफ माना जाता है, बस कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहले, ये देख लें कि आपका फोन और चार्जर दोनों USB-C Power Delivery (PD) को सपोर्ट करते हों. इससे दोनों डिवाइस एक-दूसरे से सही तरीके से ‘बात’ कर पाएंगे और चार्जिंग सेफ रहेगी. दूसरा, चार्जर ऐसा होना चाहिए जो अपने पावर आउटपुट को अपने आप फोन की जरूरत के अनुसार एडजस्ट कर सके. और हां, हमेशा सर्टिफाइड या ओरिजिनल केबल का ही इस्तेमाल करें. फिर भी, आजकल के स्मार्टफोन इतने स्मार्ट बने हैं कि वो हाई-वाटेज चार्जर को भी बढ़िया से हैंडल कर लेते हैं. यानी अगर आप अपना फोन 65W या 100W वाले लैपटॉप चार्जर से लगाते भी हैं, तो आपका फोन उतनी ही पावर खींचेगा जितनी उसे असल में चाहिए. इस तरह चार्जिंग सेफ और इफिशिएंट दोनों बनी रहती है. लैपटॉप का चार्जर स्मार्टफोन को स्लो कर देगा? असल में, चार्जर सिर्फ आपके फोन की बैटरी को पावर सप्लाई करता है. यह आपके फोन की प्रोसेसर, RAM या ऐप्स पर कोई असर नहीं डालता. अब स्मार्टफोन इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे पावर को सेफ तरीके से मैनेज करें. कुछ मामूली बदलाव महसूस हो सकते हैं. अगर फोन चार्ज होते समय हल्का गर्म हो जाए, तो यह अपने आप परफॉरमेंस को थोड़ी देर के लिए स्लो कर सकता है, ताकि हीट कंट्रोल हो सके. यह भी पढ़ें: क्यों अब नए स्मार्टफोन्स में हेडफोन जैक नहीं मिलता? जानें कारण The post लैपटॉप के चार्जर से आखिर फोन कैसे चार्ज हो जाता है? जानें यह सेफ है या नहीं appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi: कार ड्राइव कर सिरमटोली सरना स्थल पहुंचे CM हेमंत, कहा- प्रकृति से ही सृजन और विलय

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन शनिवार को कार से सिरमटोली चौक स्थित सरना स्थल पहुंचे. सीएम हेमंत खुद कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे थे, जबकि विधायक कल्पना सोरेन और उनका बेटा पीछे ही सीट पर थे. सीएम खुद कार चला रहे थे और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गया. लोग वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं. सीएम हेमंत और कल्पना पारंपरिक परिधान में थे. इससे पहले सीएम आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली पहुंचे. दोनों ने प्रकृति पर्व सरहुल पर यहां आयोजित महोत्सव में शामिल होकर पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा की. साथ ही समस्त झारखंड वासियों के कल्याण की प्रार्थना की. राज्यवासियों को सरहुल की दी बधाई मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्साह और हर्षोल्लास का दिन है. आदिवासी समुदाय के लिए खास दिन है. हर वर्ष हमलोग इस प्रांगण में मिलते रहे हैं. आगे भी आते रहेंगे और आप सभी से मिलते भी रहेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमारे पूर्वजों ने सरहुल महोत्सव जैसी समृद्ध परंपराओं के निर्वाह की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर दी है, हम आने वाले समय में अपनी पीढ़ी के कंधों पर इन परंपराओं के निर्वहन का जिम्मा सौंपेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति से बड़ी पूजा और कुछ नहीं है. प्रकृति से ही सभी चीजों का सृजन और उसी में विलय होता है. यह पर्व खुशियाँ मनाने का है। आप भी अपने परिवार के साथ सरहुल मनाएँ एवं प्रकृति के प्रति अपने जुड़ाव को और मजबूत करें। pic.twitter.com/0L4CpzgEAY — Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) March 21, 2026 प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. अगर प्रकृति न होती, तो संसार में कोई जीव-जंतु भी नहीं होते. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रकृति द्वारा रचाई और बसाई गयी व्यवस्था है और इस व्यवस्था के प्रति आदिवासी समूह की अटूट आस्था है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मांदर बजाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. प्रकृति की रक्षा कर अपने जीवन को सुरक्षित करें मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति से हम सभी को जुड़ने की जरूरत है. प्रकृति जब सुरक्षित रहेगी, तब हमारा अस्तित्व भी रहेगा. आज के भौतिकवादी युग में आपा-धापी के बीच जीवनयापन हो रहा है. हमारे पूर्वजों ने योजनाबद्ध तरीके से दीर्घकालीन सोच के साथ कुछ ऐसी व्यवस्था बनायी है, जिसके तहत हम लोग एक साथ एक मंडप में एक छत के नीचे एकत्रित होते हैं. इन सभी व्यवस्थाओं को हमें प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है. हम सभी लोग प्रकृति की रक्षा करें और अपने जीवन को सुरक्षित करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के पावन अवसर पर सिर्फ मानव ही नहीं, बल्कि प्रकृति भी झूम रही है. निश्चित रूप से हमें गर्व होना चाहिए कि हम एक ऐसी व्यवस्था के उपासक हैं, जहां से जीवन शुरू होता है. आज के इस पावन अवसर पर हमारी ओर से आपको एवं आपके परिवारजनों सहित समस्त राज्यवासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की ढेर सारी शुभकामनाएं. मौके पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एवं विधायक कल्पना सोरेन ने भी झारखंड वासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की शुभकामनाएं दी. ये भी पढ़ें… सरहुल विशेष : सूर्य और धरती के विवाह का उत्सव है प्रकृति पर्व सरहुल ईद और सरहुल के दिन रांची में उड़ीं नियमों की धज्जियां, नो एंट्री में दनादन दौड़े भारी वाहन The post Ranchi: कार ड्राइव कर सिरमटोली सरना स्थल पहुंचे CM हेमंत, कहा- प्रकृति से ही सृजन और विलय appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi: झमाझम बारिश में भी कम नहीं हुआ सरहुल का उत्साह, मांदर की थाप पर नाचते रहे लोग

राजलक्ष्मी की रिपोर्टRanchi: राजधानी रांची में झमाझम बारिश भी सरहुल के रंग को फीका नहीं कर सकी. बारिश के बावजूद शहर में निकले सरहुल जुलूस में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग मांदर की थाप पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया. रांची के विभिन्न जगहों की निकले सरहुल जुलूस का महाजुटान सिरमटोली सरना स्थल पर होता है. जुलूस में शामिल युवक-युवतियों के साथ-साथ बुजुर्गों और बच्चों ने भी पूरे जोश के साथ भाग लिया. हल्की बारिश के बीच सड़कों पर उमड़े लोगों ने सरहुल के प्रति अपनी गहरी आस्था और उत्साह का परिचय दिया. कई स्थानों पर लोग छाता लेकर तो कई बिना छाते के ही नृत्य करते नजर आए. दोपहर बाद से रांची में मूसलाधार बारिश राजधानी रांची में दोपहर बाद से ही कई स्थानों से सरहुल का जुलूस निकला और सभी की एक ही मंजिल था, सिरमटोली सरना स्थल. कई जुलूस रांची के मेन रोड में थे, तभी मौसम खराब हुआ और ओले पड़ने लगे. ओले की वजह से कुछ देर के लिए भीड़ तितर-बितर हो गई. उसके बाद बारिश भी होने लगी. लेकिन ओले बंद होने के बाद बारिश में ही लोगों ने एक बार फिर से उसी जोश के साथ पारंपरिक गानों पर नृत्य करना शुरू किया और जुलूस आगे की ओर बढ़ चला. बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम सरहुल जुलूस के दौरान आदिवासी संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी. ढोल-नगाड़ों और मांदर की गूंज के बीच पारंपरिक नृत्य और गीतों ने सभी का मन मोह लिया. बारिश की फुहारें इस उत्सव में और रंग घोलती नजर आईं. प्रशासन की ओर से जुलूस को लेकर सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था पहले से ही की गई थी. पुलिस बल तैनात रहा और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया. बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह प्रकृति से जुड़ाव का संदेश सरहुल प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ा पर्व है, और बारिश के बीच इसका आयोजन मानो प्रकृति के साथ एक जीवंत संवाद जैसा प्रतीत हुआ. इस मौके पर लोगों ने एकता, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया. झारखंड के कई बड़े नेता, विधायक और मंत्री भी सरना जुलूस में उत्साह के साथ शामिल हुए. कुल मिलाकर तेज बारिश और ओलावृष्टि में भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. ये भी पढ़ें… सरहुल विशेष : सूर्य और धरती के विवाह का उत्सव है प्रकृति पर्व सरहुल ईद और सरहुल के दिन रांची में उड़ीं नियमों की धज्जियां, नो एंट्री में दनादन दौड़े भारी वाहन The post Ranchi: झमाझम बारिश में भी कम नहीं हुआ सरहुल का उत्साह, मांदर की थाप पर नाचते रहे लोग appeared first on Naya Vichar.

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आरजी कर अस्पताल की लिफ्ट में मौत पर बवाल, शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी सरकार पर वार

Kolkata RG Kar Hospital Lift Death: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आयी है. इसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिये हैं. उत्तर कोलकाता के प्रतिष्ठित प्रशासनी अस्पताल आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) में शुक्रवार को यह घटना हुई. हादसा उस वक्त हुआ, जब मृतक अपने 4 साल के बेटे के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था. विपक्ष ने प्रशासनिक हत्या करार दिया विधानसभा चुनाव 2026 की दहलीज पर खड़े बंगाल में इस घटना पर नेतृत्व शुरू हो गयी है. विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया है. मासूम बेटे के सामने पिता ने तोड़ा दम प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिजनों ने बताया कि अस्पताल की एक लिफ्ट में मरम्मत का काम चल रहा था. वहां न तो कोई सुरक्षा घेरा था, न ही कोई ऑपरेटर तैनात था. जैसे ही व्यक्ति लिफ्ट के पास पहुंचा, वह अचानक तकनीकी खराबी का शिकार होकर उसमें फंस गया. अस्पताल प्रशासन ने उसे लहूलुहान हालत में बाहर निकाला. उसकी नाक से तेजी से खून निकल रहा था. आनन-फानन में उसे इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया न जा सका. जिस वक्त घटना हुई, मृतक की पत्नी ट्रॉमा केयर यूनिट में थी और वह खुद अपने शिशु की मदद के लिए वहां आया था. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे कोलकाता पुलिस ने जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट साझा की है, वह इस हादसे की भयावहता को बयां करती है. रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण पॉलीट्रॉमा (Polytrauma) है. लिफ्ट के दबाव के कारण मृतक के सीने, हृदय, फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटें आयीं और शरीर के आंतरिक अंग फट गये. इसके अलावा उसके हाथ, पैर और पसलियों की कई हड्डियां टूटी पायी गयीं. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच अब जासूसी विभाग के होमिसाइड सेल (हत्या प्रकोष्ठ) को सौंप दी है. दुर्घटना नहीं, सोची-समझी हत्या है : शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. पूर्व मेदिनीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा- मेरे पास पुख्ता दस्तावेज हैं कि लिफ्ट की मरम्मत में लापरवाही बरती गयी. यह जान-बूझकर की गयी हत्या है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (जो स्वास्थ्य मंत्री भी हैं) और स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के अस्पतालों का बुनियादी ढांचा भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है. मृतक के घर पहुंचे कांग्रेस नेता पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर प्रशासन के निर्देश पर उत्तर 24 परगना जिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तापस मजूमदार ने शनिवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात की. उनके प्रति संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. प्रशासन ने मानी चूक, होगी सख्त कानूनी कार्रवाई चौतरफा घिरे अस्पताल प्रशासन और सत्ताधारी दल ने इस घटना को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है. आरजी कर अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष और कोलकाता के उपमहापौर अतिन घोष ने स्वीकार किया है कि संभवतः सुरक्षा मानकों में कुछ बड़ी चूक हुई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. इसे भी पढ़ें कोलकाता में अस्पताल के लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की मौत, पांचवीं मंजिल पर भर्ती था बेटा बंगाल के अस्पताल में मिला लटका हुआ शव, सफाईकर्मी की मौत बना रहस्य The post आरजी कर अस्पताल की लिफ्ट में मौत पर बवाल, शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी प्रशासन पर वार appeared first on Naya Vichar.

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ईरान ने 4000 KM दूर अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागी मिसाइल, ट्रंप की उड़ाई नींद

Iran War : कतर के LNG भंडार रास लाफान पर हमला करने के बाद ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस डिएगो गार्सिया पर पर मिसाइलें दागी हैं. हालांकि ईरान का यह हमला कामयाब नहीं हुआ, क्योंकि एक मिसाइल उड़ान के दौरान फेल हो गई और दूसरे को अमेरिकी वाॅरशिप ने निष्क्रिय कर दिया. बावजूद इसके यह हमला बहुत मायने रखता है क्योंकि ईरान ने 4000 किलोमीटर की दूरी तक के रेंज में मिसाइल दागा है. ब्रिटेन ने इस हमले की निंदा की है और इसे गलत बताया है. क्या है डिएगो गार्सिया? डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप है, जहां अमेरिका और यूके का ज्वाइंट मिलिट्री बेस है. इस बेस को रणनीतिक रूप से बहुत अहम माना जाता है. यह बेस अमेरिका के लिए लॉजिस्टिक हब और पावर प्रोजेक्शन प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है. यह द्वीप भौगोलिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. डिएगो गार्सिया मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया के बीच में स्थित है. जिसकी वजह से अमेरिकी सेना आसानी से खाड़ी क्षेत्र, दक्षिण एशिया और अफ्रीका में ऑपरेशन चला सकती है. इस द्वीप को भारी बमवर्षक विमान की तैनाती के लिए जाना जाता है. साथ ही यह द्वीप अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों और पनडुब्बियों के लिए भी खास बेस है. ईरान ने बढ़ा ली है अपनी मिसाइल क्षमता ईरान ने आधिकारिक रूप से अपनी मिसाइल की जो क्षमता बताई है वह 2000 से 2500 किलोमीटर रेंज की है. ईरान पिछले दो दशकों में अपनी बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक पर लगातार काम कर रहा है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तहत मिसाइल प्रोग्राम को विकसित किया गया है. डिएगो गार्सिया पर हुआ हमला यह साबित करता है कि ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता को काफी बढ़ा लिया है. शहाब–3 और सेजिल मिसाइल के जरिए ईरान पूरे खाड़ी क्षेत्र को कवर करता है, लेकिन डिएगो गार्सिया पर मिसाइल दागकर ईरान ने अमेरिका की नींद उड़ा दी है इसमें कोई शक नहीं है. ईरान का युद्ध अब खाड़ी क्षेत्र से निकलकर वैश्विक सैन्य संतुलन को प्रभावित कर रहा है. ये भी पढ़ें : कनाडा जा रहा एयर इंडिया का विमान, 7 घंटे हवा में रहने के बाद क्यों वापस दिल्ली लौटा? ईरान युद्ध में हिंदुस्तान के पश्चिमी तट का इस्तेमाल करेगा अमेरिका? जानिए वायरल समाचार की सच्चाई The post ईरान ने 4000 KM दूर अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागी मिसाइल, ट्रंप की उड़ाई नींद appeared first on Naya Vichar.

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