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Author name: Vinod Jha

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घर के अंदर गीले कपड़े सुखाना सही है या गलत? जानें वास्तु शास्त्र के नियम

Vastu Tips: क्या आपके दिमाग में कभी यह सवाल आया है कि घर के अंदर जिन गीले कपड़ों को आप सुखा रहे हैं उनका असर आपको किस्मत और मूड पर कैसा पड़ सकता है? हम में से ज्यादातर लोग वही हैं जिन्हें लगता है कि यह एक नॉर्मल आदत है और इसमें कोई बुराई नहीं है. कई बार बारिश की वजह से तो कई बार जगह को कमी या फिर ठंड की वजह से हम गीले कपड़ों को घर के अंदर ही सुखाने लगते हैं. अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए आंखें खोल देने वाली हो सकती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार आपकी यह आदत घर की एनर्जी, मेंटल पीस और यहां तक की फिनांशियल कंडीशन पर भी काफी गहरा असर डाल सकती है. अगर आप भी घर पर कपड़े सुखाते हैं तो आपके लिए इस आर्टिकल को पढ़ना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. आज हम आपको बताने वाले हैं कि आपकी इस आदत का कैसा असर आपकी जिंदगी पर पड़ता है और क्या आपको वाकई में ऐसा करना चाहिए. घर के अंदर कपड़े सुखाने का असर वास्तु शास्त्र के अनुसार आपके घर पर पॉजिटिव और निगेटिव एनर्जी का बैलेंस होना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. जब आप गीले कपड़ों को घर के अंदर सुखाते हैं तो इसकी वजह से मॉइस्चर बढ़ने लगता है. यही मॉइस्चर आगे चलकर निगेटिव एनर्जी को बढ़ाने का काम करता है. अगर आप घर के अंदर कपड़े सुखाते हैं तो कुछ ही समय में आपको अपने घर का माहौल भारी और अजीब सा लगने लगेगा. यह भी पढ़ें: घर घुसते समय कहीं आप भी तो नहीं करते ये 5 गलतियां? जानिए इनका असर आपकी जिंदगी पर सेहत पर पड़ सकता है असर जब आप घर के अंदर गीले कपड़ों को सुखाते हैं तो इसकी वजह से हवा में मॉइस्चर बढ़ जाता है जिस वजह से फंगस और बैक्टीरिया का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसा होना आपकी सेहत के लिए भी काफी हानिकारक साबित हो सकता है. अगर आप एलर्जी, अस्थमा या फिर सांस लेने से जुड़ी प्रॉब्लम्स है, तो आपकी सेहत के लिए यह आदत काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है. फिनांशियन कंडीशन पर भी पड़ता है असर वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस घर में हर समय एक भीगा हुआ सा एहसास रहता है उस घर में मां लक्ष्मी कभी ठहरती नहीं हैं. जब आपके घर से मां लक्ष्मी चली जाती है तो इसका सीधा असर आपकी फिनांशियल कंडीशन पर पड़ता है. घर के अंदर कपड़े सुखाने की आपकी आदत की वजह से बेवजह के खर्चे बढ़ जाते हैं और साथ ही आपको पैसों की कमी से भी जूझना पड़ जाता है. मजबूरी में अंदर सुखाना पड़े तो क्या करें? अगर आपके पास कपड़ों को घर के अंदर सुखाने के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है तो ऐसे में आप कुछ उपाय अपनाकर इसकी वजह से होने वाले निगेटिव इफेक्ट को कम कर सकते हैं. आपको गीले कपड़ों को उसी जगह पर सुखाना है जहां पर हवा अच्छी तरह से आ-जा सकती हो. इसके अलावा आपको मॉइस्चर के बाहर निकलने के लिए खिड़कियों और दरवाजों को भी खोलकर रख देना है. गीले कपड़ों को आपको कभी भी बेडरूम या फिर पूजाघर में नहीं सुखाना चाहिए. यह भी पढ़ें: बाथरूम का दरवाजा खुला रखना पड़ सकता है महंगा, हो सकती हैं ये बड़ी परेशानियां The post घर के अंदर गीले कपड़े सुखाना सही है या गलत? जानें वास्तु शास्त्र के नियम appeared first on Naya Vichar.

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खद्दी, बा परब या बहा: नाम अनेक पर आस्था एक, झारखंड में सरहुल की धूम, जानें 3 दिनों का पूरा विधान

Sarhul Jharkhand 2026, रांची : झारखंड में मनाया जाने वाला सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ जुड़कर जीने की परंपरा है. ‘सर’ का अर्थ सरई (साल का फूल) और ‘हूल’ का मतलब क्रांति होता है. यह पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी संस्कृति को जीवित रखने का प्रतीक है. हालांकि इस पर्व को धरती माता और सूर्य के विवाह से भी जोड़कर जाता है. क्योंकि इस दौरान नई फसल (धान) और आम के फल को धरती माता को समर्पित किया जाता है. अलग-अलग समुदायों में अलग नाम सरहुल को विभिन्न जनजातीय समुदायों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. उरांव समुदाय इसे ‘खद्दी’, मुंडा समुदाय ‘बा परब’ और संथाल समाज ‘बहा परब’ के नाम से मनाता है. यह पर्व झारखंड के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में मनाया जाता है, लेकिन झारखंड में इसकी भव्यता देखते ही बनती है. प्रकृति के प्रति आभार का पर्व आदिवासी समाज के लिए सरहुल नया साल भी माना जाता है. इस दिन लोग प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करते हैं और अच्छी फसल की कामना करते हैं. मान्यता है कि मनुष्य प्रकृति से जीवन प्राप्त करता है, इसलिए उसका सम्मान करना जरूरी है. Also Read: जादूगोड़ा के मृत मजदूरों के घर पहुंचे विधायक संजीव सरदार, मदद का दिया भरोसा सखुआ वृक्ष की विशेष पूजा इस पर्व में सखुआ (साल) के वृक्ष की विशेष पूजा की जाती है. जनजातीय मान्यता के अनुसार, इसी वृक्ष में उनके आराध्य देव निवास करते हैं. साथ ही इस मौसम में इस पर नये फूल आते हैं, जो नवजीवन का प्रतीक है. तीन दिनों तक चलता है उत्सव सरहुल का पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है. पहले दिन घरों की साफ-सफाई होती है और गांव के पाहन उपवास रखते हैं. दूसरे दिन सरना स्थल पर जल स्तर देखकर वर्षा का अनुमान लगाया जाता है और पूजा के बाद ‘तहरी’ प्रसाद के रूप में बांटी जाती है. तीसरे दिन ‘फूल खोंसी’ की परंपरा निभाई जाती है, जिसमें पाहन घर-घर जाकर सखुआ के फूल देकर आशीर्वाद देते हैं. परंपरा से जुड़ाव का संदेश समय के साथ सरहुल का स्वरूप बदला है. अब यह केवल सरना स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है. ढोल, नगाड़े और मांदर की थाप पर लोग पारंपरिक वेशभूषा में सड़कों पर भव्य शोभायात्रा निकालते हैं. Also Read: सरायकेला: 1 शिक्षक, आठ क्लास और 15 मिनट की कक्षा! उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मजाक बनी पढ़ाई The post खद्दी, बा परब या बहा: नाम अनेक पर आस्था एक, झारखंड में सरहुल की धूम, जानें 3 दिनों का पूरा विधान appeared first on Naya Vichar.

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सांसद शांभवी चौधरी बनीं LJP(R) छात्र विंग की नेशनल प्रेसिडेंट, चिराग पासवान का बड़ा फैसला

Chirag Paswan: शांभवी चौधरी को लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के छात्र प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. पार्टी ने उनकी योग्यता, सक्रियता और युवाओं के बीच पकड़ को देखते हुए यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. यह नियुक्ति चिराग पासवान के नेतृत्व में की गई है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक ने ऑफिसियल पत्र जारी कर इस फैसले की जानकारी दी. इसमें कहा गया है कि शांभवी चौधरी के नेतृत्व में छात्र प्रकोष्ठ को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी. शांभवी चौधरी का सोशल मीडिया पोस्ट क्या बोलीं चौधरी इस जिम्मेदारी मिलने के बाद शांभवी चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया. उन्होंने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह पद उनके लिए सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज को मजबूत करने का मौका है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरी ईमानदारी और मेहनत से इस भूमिका को निभाएंगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पार्टी की विचारधारा को बढ़ाने के लिए करेंगी काम शांभवी चौधरी ने यह भी कहा कि पार्टी की विचारधारा और मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए वह लगातार काम करेंगी. उन्होंने कहा कि युवाओं को संगठित करना और उन्हें सही दिशा देना उनकी प्राथमिकता होगी. उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया. पार्टी के अंदर इस फैसले को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि शांभवी चौधरी के आने से छात्र प्रकोष्ठ और ज्यादा सक्रिय होगा और युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत होगी. इसे भी पढ़ें: बिहार के 3 जिलों में ऑरेंज और 22 जिलों में येलो अलर्ट, IMD ने भारी बारिश और वज्रपात की जारी की चेतावनी बिहार में विजिलेंस का एक्शन, 12000 घूस लेते हुए पकड़ी गईं पंचायत राज पदाधिकारी The post सांसद शांभवी चौधरी बनीं LJP(R) छात्र विंग की नेशनल प्रेसिडेंट, चिराग पासवान का बड़ा फैसला appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी की 10 ‘महा-प्रतिज्ञाएं’: लक्ष्मी भंडार की राशि बढ़ी, बेरोजगारों को भत्ता, जानें दीदी के पिटारे से और क्या निकला

TMC manifesto 2026: तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस बार ममता बनर्जी ने 88 पेज के मेनिफेस्टो में ‘दीदी की 10 प्रतिज्ञा’ (Protigya) जारी की है. ममता बनर्जी की इस 10 महा-प्रतिज्ञा में स्त्रीओं, युवाओं और आवास योजनाओं पर खास फोकस है. पिछले चुनावों की तुलना में कई नयी घोषणाएं हैं, जो सीधे मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं. ममता बनर्जी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के हर प्रखंड में ‘दुआरे चिकित्सा’ शिविर आयोजित किये जायेंगे. ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत स्त्रीओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में 500 रुपए की वृद्धि का वादा किया गया है. घोषणा पत्र को ‘इस्तहार 2026’ नाम दिया गया है. समाचार बढ़ायी जा रही है. West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee tweets, “Under Lakshmir Bhandar, with an increase of ₹500, women will continue to receive monthly financial assistance of ₹1,500 for General category beneficiaries (₹18,000 annually) and ₹1,700 for SC/ST beneficiaries (₹20,400… pic.twitter.com/DGDiEOtsc8 — ANI (@ANI) March 20, 2026 The post ममता बनर्जी की 10 ‘महा-प्रतिज्ञाएं’: लक्ष्मी भंडार की राशि बढ़ी, बेरोजगारों को भत्ता, जानें दीदी के पिटारे से और क्या निकला appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका के घमंड स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को निशाना बनाने वाला पहला देश बना ईरान?

Fighter jet F-35 : क्या ईरान ने अमेरिका के F-35 जैसे एडवांस्ड स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराया है? यह सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह दावा किया कि उन्होंने ईरान के डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और उसके कुछ ही समय बाद ईरान ने उसके सबसे एडवांस स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को ट्रैक किया और इंटरसेप्ट किया, जिसकी कीमत $100 मिलियन से ज्यादा थी. हालांकि अमेरिका यह कह रहा है कि इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान यह दुर्घटना हुई है. यह घटना युद्ध के इतिहास में पहली बार हुई है, क्योंकि इतने उन्नत फाइटर जेट को कभी निशाना नहीं बनाया गया था. ईरान ने फाइटर जेट को मारने का दावा किया अल जजीरा में छपी समाचार के अनुसार CNN ने दो अनजान सोर्स के हवाले से यह रिपोर्ट किया कि प्लेन, जिसकी कीमत $100 मिलियन तक थी, उसे शायद ईरान ने ही मारा है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक स्टेटमेंट जारी कर कहा है कि उसने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट को टारगेट किया था. अमेरिका ने यह बात तो स्वीकारा है कि उनके फाइटर जेट F-35 को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, लेकिन क्यों करनी पड़ी, इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया है. क्या स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को ट्रैक किया जा सकता है? स्टील्थ फाइटर जेट F-35 रडार की पकड़ से बच सकता है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इसके कुछ संकेत नहीं मिलते हैं. इस फाइटर जेट से निकलने वाली गर्मी इसके उपस्थित होने का प्रमाण होती है और जब कई रडार मिल कर इसे ट्रैक करते हैं, तो इसका अनुमान लगाया जा सकता है. यह अनुमान उसी तरह का हो सकता है जैसे घने कोहरे में दिखने वाली कोई गाड़ी. इस लिहाज से यह माना जा सकता है कि ईरान ने फाइटर जेट को ट्रैक कर उसपर निशाना लगाया. ये भी पढ़ें : ट्रंप और नेतन्याहू के बीच पड़ी दरार, क्या होगा ईरान युद्ध का परिणाम?  गैस की कमी से कंपनियां हो रहीं बंद, भूखों मरने से बचने के लिए प्रवासी मजदूर लौट रहे गांव युद्ध के 20वें दिन ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को हड़काया, बदला डोनाल्ड ट्रंप का सुर The post अमेरिका के घमंड स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को निशाना बनाने वाला पहला देश बना ईरान? appeared first on Naya Vichar.

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NIFT एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी, BDes में मिलेगा एडमिशन

NIFTEE 2026 Result: फैशन डिजाइन और फैशन टेक्नोलॉजी में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी समाचार है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NIFT एंट्रेंस एग्जाम 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस परीक्षा में शामिल हुए कैंडिडेट्स अब अपना रिजल्ट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. यह परीक्षा देश के प्रतिष्ठित फैशन संस्थान National Institute of Fashion Technology में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है. इस बार परीक्षा 8 फरवरी 2026 को देश के 97 शहरों में 129 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. ऐसे चेक करें NIFTEE 2026 का रिजल्ट सबसे पहले NIFT की ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/nift पर जाएं. होमपेज पर NIFTEE 2026 Result के लिंक पर क्लिक करें. अब लॉगिन पेज खुलेगा जहां अपना Application Number और Password दर्ज करें. इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें. स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा. भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंट या स्क्रीनशॉट जरूर सेव कर लें. NIFTEE 2026 Result Check Here आगे होगी स्टेज 2 परीक्षा NIFT एंट्रेंस परीक्षा दो चरणों में होती है. पहले चरण यानी स्टेज 1 का रिजल्ट अब घोषित कर दिया गया है. इसके आधार पर उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. स्टेज 2 में Situation Test, Studio Test और Personal Interview जैसे राउंड शामिल होते हैं. इनकी तारीखें जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी. NIFTEE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 8 दिसंबर 2025 से शुरू हुई थी. ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 6 जनवरी 2026 थी. इसके बाद परीक्षा 8 फरवरी 2026 को आयोजित की गई. इन कोर्सेज में मिलेगा एडमिशन NIFT एंट्रेंस परीक्षा के जरिए कई अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिला मिलता है. इसमें मुख्य रूप से BDes यानी बैचलर ऑफ डिजाइन और BFTech यानी बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स शामिल हैं. इसके अलावा MDes, MFM और MFTech जैसे पीजी कोर्सेज में भी एडमिशन इसी परीक्षा के जरिए दिया जाता है. इन कोर्सेज के लिए देशभर के छात्र हर साल इस परीक्षा में शामिल होते हैं. यह भी पढ़ें: रोल नंबर से ऐसे चेक करें राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट The post NIFT एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी, BDes में मिलेगा एडमिशन appeared first on Naya Vichar.

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क्या CM हेमंत से बगावत पूर्व मंत्री को पड़ गया भारी? कांग्रेस ने दिखाया सीधा बाहर का रास्ता

Yogendra Sao Jharkhand, रांची : झारखंड की नेतृत्व से एक बड़ी समाचार सामने आ रही है. पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र साव पर कांग्रेस ने सख्त कार्रवाई की है. उन्हें संगठन के प्राथमिक सदस्यता से तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया है. यह कदम पार्टी गाइडलाइन से हटकर बयान देने के आरोपों के बाद उठाया गया है. अनुशासन समिति ने लिया कड़ा निर्णय कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी. बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने हाल के बयानों को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला किया है, जिससे संगठन में अनुशासन बनाया रखा जा सके. Also Read: Jamshedpur: एमजीएम अस्पताल के चौथे तल्ले से कूदकर मरीज ने दी जान, गंभीर रोग से था पीड़ित हेमंत सोरेन पर बयान बना वजह जानकारी के मुताबिक, योगेंद्र साव बीते कुछ दिनों से लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे थे. गुरुवार को उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ भी बयान दिया था, जिसे पार्टी ने अनुशासनहीनता माना. प्रदेश कांग्रेस ने दी जानकारी इस पूरे मामले की जानकारी झारखंड कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी गाइडलाइन का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. कांग्रेस के इस फैसले को संगठन में अनुशासन कायम रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा. Also Read: चतरा में बेखौफ अपराधी: नाश्ता करने रुका शख्स और पलक झपकते बाइक की डिक्की से उड़ा लिये 6 लाख The post क्या CM हेमंत से बगावत पूर्व मंत्री को पड़ गया भारी? कांग्रेस ने दिखाया सीधा बाहर का रास्ता appeared first on Naya Vichar.

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ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स पर सरकार का वार, 300 वेबसाइट्स और ऐप्स हुए ब्लॉक

प्रशासन ने अब अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती और बढ़ा दी है. प्रशासनी सूत्रों के हवाले से ANI ने बताया कि करीब 300 वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया गया है. दरअसल, ये प्लेटफॉर्म्स लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे. जैसे ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग, कैसीनो जैसे गेम्स और पीयर-टू-पीयर सट्टेबाजी सिस्टम. अब प्रशासन इन पर लगातार नजर रख रही है और ऐसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त एक्शन ले रही है. अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर प्रशासन का बड़ा एक्शन प्रशासन के एक बयान के मुताबिक, इस कार्रवाई में कई तरह के अवैध प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया गया है. इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग वेबसाइट्स, वर्चुअल कसीनो (जहां स्लॉट्स, रूलेट और लाइव डीलर जैसे गेम्स स्पोर्ट्से जाते हैं) और पीयर-टू-पीयर मॉडल पर चलने वाले बेटिंग एक्सचेंज शामिल हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, अधिकारियों ने सट्टा और मटका जैसे ट्रेडिशनल जुए के नेटवर्क्स पर भी शिकंजा कसा है. साथ ही उन ऐप्स पर भी कार्रवाई की है जहां असली पैसे लगाकर कार्ड और कसीनो गेम्स स्पोर्ट्से जाते हैं. दरअसल, ये पूरी कार्रवाई प्रशासन की उस बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसका मकसद अवैध ऑनलाइन गेमिंग पर लगाम लगाना और लोगों को फाइनेंशियल फ्रॉड और लत (एडिक्शन) के खतरे से बचाना है. Government sources say, “Government comes down heavily on illegal gambling and betting websites, blocks 300 such websites and applications. These pertain to 1.⁠ ⁠Online Sports Betting Platforms2.⁠ ⁠Online Casinos offering slots, roulette, live dealer tables3.⁠… — ANI (@ANI) March 20, 2026 8,000 से ज्यादा ऐसी वेबसाइट्स और ऐप्स पर बैन प्रशासनी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 8,400 ऐसी वेबसाइट्स और ऐप्स पर रोक लगाई जा चुकी है. इनमें से लगभग 4,900 प्लेटफॉर्म्स को तो खास तौर पर Online Gaming Act लागू होने के बाद बंद किया गया, जिसने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी पर लगाम कसने के लिए कानून को और मजबूत बना दिया है. प्रशासन का ये एक्शन यहीं रुकने वाला नहीं है. आगे भी ऐसी साइट्स और ऐप्स पर कड़ी नजर रखी जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी. साथ ही, यूजर्स से भी अपील की गई है कि वे अलर्ट रहें और किसी भी अनऑथराइज्ड बेटिंग या जुआ प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें. बता दें कि इसी साल जनवरी में भी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 242 अवैध बेटिंग और जुआ वेबसाइट्स के लिंक ब्लॉक कर दिए थे. यह भी पढ़ें: क्या आपका स्मार्टफोन हो रहा है ट्रैक? दिखें ये संकेत तो हो जाएं अलर्ट The post ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स पर प्रशासन का वार, 300 वेबसाइट्स और ऐप्स हुए ब्लॉक appeared first on Naya Vichar.

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6 महीने से शराब नहीं पी… युजवेंद्र चहल ने IPL 2026 से पहले फिटनेस पर दिया अपडेट

Highlights पिछले सीजन में लगी थी गंभीर चोट PBKS के लिए 150 प्रतिशत देने की तैयारी पोंटिंग और अय्यर की लीडरशिप की तारीफ 31 मार्च को होगा PBKS का पहला मैच Yuzvendra Chahal Quits Alcohol: युजवेंद्र चहल ने आईपीएल 2026 से पहले अपनी फिटनेस को लेकर एक अहम जानकारी दी है. चहल ने बताया है कि उन्होंने शराब पीना पूरी तरह छोड़ दिया है. उन्होंने यह बात एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल ‘एबी डिविलियर्स 360’ पर बातचीत के दौरान कही. ईएसपीएन क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक चहल ने अपने शरीर और स्पोर्ट्स पर पूरा ध्यान देने के लिए पिछले छह महीने से शराब को हाथ नहीं लगाया है. पिछले सीजन में लगी थी गंभीर चोट चहल ने पिछले आईपीएल सीजन में लगी अपनी चोटों के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मैच के बाद उनके हिप (कूल्हे) में फ्रैक्चर हो गया था. इसके बाद टूर्नामेंट के बीच में उनकी उंगली की हड्डी (नकल) भी टूट गई थी. इस वजह से वह सेमीफाइनल (क्वालीफायर) और फाइनल मैच में अपनी सही लेग स्पिन गेंदबाजी बिल्कुल नहीं कर पाए थे. इसी कारण उन्होंने इस साल अपने शरीर का सबसे ज्यादा ध्यान रखने का फैसला किया है. PBKS के लिए 150 प्रतिशत देने की तैयारी 35 साल के युजवेंद्र चहल इस बार आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स (PBKS) की टीम से स्पोर्ट्सेंगे. उनका लक्ष्य पूरी तरह से फिट रहना और अपनी टीम के लिए अपना 150 प्रतिशत देना है. चहल का मानना है कि एक सीनियर गेंदबाज और खिलाड़ी होने के नाते युवा खिलाड़ी उनसे सीखते हैं. इसलिए वह मैदान पर ज्यादा एक्टिव रहना चाहते हैं ताकि लोग उन्हें देखकर अच्छी बातें सीख सकें. पोंटिंग और अय्यर की लीडरशिप की तारीफ चहल ने रिकी पोंटिंग और श्रेयस अय्यर की लीडरशिप की काफी तारीफ की है. उन्होंने कहा कि पोंटिंग और अय्यर ने दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) में एक साथ काम किया है, जिससे उनकी आपस में बहुत अच्छी बॉन्डिंग है. चहल ने बताया कि पोंटिंग खिलाड़ियों को उनका रोल बहुत साफ तरीके से समझाते हैं. एक खिलाड़ी के तौर पर आपको यही चाहिए होता है. साथ ही इन दोनों से बात करना बहुत आसान है. चहल के मुताबिक श्रेयस अय्यर एक कप्तान से ज्यादा एक दोस्त की तरह बर्ताव करते हैं. 31 मार्च को होगा PBKS का पहला मैच आईपीएल 2025 में रनर-अप रही पंजाब किंग्स की टीम इस नए सीजन में अपने अभियान की शुरुआत 31 मार्च से करेगी. पंजाब की टीम का पहला मुकाबला गुजरात टाइटंस के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस मैच में चहल अपनी नई टीम और नई फिटनेस के साथ मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ये भी पढ़ें- चैंपियन बनने के बाद अजीत अगरकर की मांग, 2027 तक बढ़ाना चाहते हैं कॉन्ट्रैक्ट IPL 2026 से पहले सीएसके का मास्टरस्ट्रोक, पुराने चैंपियंस के साथ सजेगी महफिल The post 6 महीने से शराब नहीं पी… युजवेंद्र चहल ने IPL 2026 से पहले फिटनेस पर दिया अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप और नेतन्याहू के बीच पड़ी दरार, क्या होगा ईरान युद्ध का परिणाम?

Trump Netanyahu rift : साउथ पारस गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति बिलकुल बदल गई है, क्योंकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कतर स्थित दुनिया के सबसे बड़े LNG भंडार रास लाफान पर बड़ा हमला किया. इस हमले से दुनिया में हड़कंप मच गया और पहली बार अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद नजर आए. ईरान के गैस फील्ड पर हमले के बाद ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इजरायल, ईरान के तेल भंडार साउथ पारस गैस फील्ड पर हमला करने वाला है. ट्रंप ने इजरायल से यह कहा कि वे संयम बरतें और ऊर्जा भंडारों पर हमले ना करें. ट्रंप और नेतन्याहू के बीच मतभेद क्यों उभरें? ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के तीसरे हफ्ते में दोनों देशों के रुख में बदलाव आया है, इसमें कोई शक नहीं है, जिसकी वजह से दरार साफ नजर आ रही है. न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार प्रेसिडेंट ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने ईरान के सबसे बड़े गैस फील्ड्स में से एक पर बमबारी के बारे में जानकारी नहीं थी और उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ऐसा ना करने को कहा है. वही इजरायली सेना के उच्च अधिकारियों ने यह कहा है कि अमेरिका को इस हमले के बारे में बता दिया गया था. यह बयान दोनों देशों की अलग–अलग रणनीति के बारे में बताया है. हालांकि दोनों नेता यह कह रहे हैं कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है और वे इस मसले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. बाद में बेंजामिन नेतन्याहू ने यह कहा कि ईरान पर हमला इजरायल की अपनी पहल थी. अमेरिका और इजरायल की अलग–अलग रणनीति आई सामने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच जो दरार दिख रही है उसकी बड़ी वजह दोनों देशों की रणनीति और उनका लक्ष्य है. दरअसल अमेरिका यह चाहता है कि वह ईरान को डिसआर्म कर दे, जबकि इजरायल उसे स्टेट कोलैप्स की स्थिति में लाना चाहता है. किसी व्यक्ति का देश को डिसआर्म करने का मतलब है उसे शक्तिहीन बना देना, जबकि स्टेट कोलैप्स का अर्थ है उस देश को खत्म कर देना. रणनीति का यही अंतर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच दूरी को बढ़ा रहा है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें ट्रंप और नेतन्याहू के मतभेद के क्या हो सकते हैं परिणाम? ईरान पर हमला दोनों नेताओं का संयुक्त अभियान है, अगर दोनों के बीच मतभेद हुए तो संयुक्त सैन्य अभियान कमजोर पड़ सकता है और ईरान के खिलाफ जो रणनीति बनाई गई है, वो कमजोर पड़ सकती है. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में तनाव भी बढ़ सकता है जिसकी वजह से पूरे विश्व को ऊर्जा संकट झेलना पड़ सकता है. ये भी पढ़ें : गैस की कमी से कंपनियां हो रहीं बंद, भूखों मरने से बचने के लिए प्रवासी मजदूर लौट रहे गांव युद्ध के 20वें दिन ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को हड़काया, बदला डोनाल्ड ट्रंप का सुर The post ट्रंप और नेतन्याहू के बीच पड़ी दरार, क्या होगा ईरान युद्ध का परिणाम? appeared first on Naya Vichar.

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