Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन बिल में ऐसा क्या है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाता है?

Transgender Persons Amendment Bill 2026 : विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट लिखा और उसमें उन्होंने यह बताया कि वे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित संशोधन विधेयक का विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि यह बिल ट्रांसजेडर के संवैधानिक अधिकारों और उनकी पहचान पर हमला है, इसलिए कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करेगी. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि इस बिल में किए गए प्रावधान ट्रांसजेंडर्स को अमानवीय परीक्षाओं से गुजरने पर मजबूर करते हैं, इसलिए वे इस बिल के विरोध में खड़े होंगे. ट्रांसजेंडर बिल में क्या है? ट्रांसजेंडर की पहचान 2019 का कानून नया संशोधन पहचान का अधिकार खुद तय कर सकते थे हटाया जा रहा है सर्टिफिकेट प्रक्रिया DM को सीधे आवेदन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद DM के पास आवेदन मेडिकल जांच जरूरी नहीं जरूरी परिभाषा व्यापक सीमित केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने 13 मार्च को ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक संसद में पेश किया है. अभी यह बिल संसद से पारित नहीं हुआ है, लेकिन ट्रांसजेंडर इस बिल का विरोध कर रहे हैं. विधेयक में ट्रांसजेंडर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई है, जो 2019 के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम से अलग हैं. 2019 के एक्ट में यह प्रावधान था कि कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से खुद को ट्रांसजेंडर घोषित कर सकता था और उसके बाद उसे डीएम से प्रमाणपत्र मिल जाता है. अब यह व्यवस्था समाप्त हो गई है और मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी कर दिया गया है. मेडिकल टेस्ट के बाद ही डीएम किसी को ट्रांसजेंडर का सर्टिफिकेट दे पाएंगे. साथ ही जबरन किसी को ट्रांसजेंडर बनाने पर सजा का प्रावधान किया गया है. साथ ही संशोधन विधेयक में यह भी बताया गया है कि कौन लोग ट्रांसजेंडर हो सकते हैं, इसमें अपनी मर्जी शामिल नहीं होगी, इस वजह से कई लोग ट्रांसजेंडर की श्रेणी से हटाए जा सकते हैं. इसी वजह से ट्रांसजेंडर इस संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को दिया है अपनी पहचान सुनिश्चित करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने नालसा बनाम हिंदुस्तान संघ (2014) (NALSA v Union of India) (2014) के केस में यह फैसला सुनाया था कि खुद की पहचान मौलिक अधिकार है. कोई भी व्यक्ति यह तय कर सकता है कि वह पुरुष है, स्त्री है या फिर ट्रांसजेंडर है. इसके लिए किसी मेडिकल जांच की जरूरत नहीं पड़ती थी. प्रशासन अब जो बिल लेकर आई है उसमें मेडिकल जांच को अनिवार्य बना दिया गया है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है. कोर्ट ने यह कहा था कि हर किसी को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है, लेकिन विधेयक में मेडिकल जांच की बात आ गई है, जो इसे प्रशासनी प्रक्रिया बना रहा है, जो ट्रांसजेडर्स के लािए परेशानी का सबब बन रहा है. ये भी पढ़ें : स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी, परिसीमन से पहले ही प्रशासन आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण जानिए, अगर कोई दलित अपना लेता है ईसाई धर्म, तो उसे क्यों नहीं मिलेगा कानूनी संरक्षण और आरक्षण हिंदुस्तान में सबसे लंबे समय तक प्रशासन चलाने वाले नेता बने पीएम मोदी, 2001 में शुरू हुआ था सफर The post ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन बिल में ऐसा क्या है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाता है? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Redmi Note 15 SE 5G की लॉन्च डेट हुई पक्की, चेक करें डिटेल्स

अगर आप नया स्मार्टफोन लेने का सोच रहे हैं, तो Redmi Note 15 5G से जुड़ी ये समाचार आपके काम की हो सकती है. इस फोन को हिंदुस्तान में इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया गया था. अब कंपनी इसे और खास बनाने की तैयारी में है. दरअसल, अप्रैल के पहले हफ्ते में इसका एक नया स्पेशल एडिशन लॉन्च होने वाला है, जिसे Redmi Note 15 SE 5G नाम दिया गया है. दिलचस्प बात ये है कि इस अपकमिंग फोन के लिए एक माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी गई है, जिससे इसके डिजाइन की झलक मिल रही है. आइए जानते हैं इसके बारे में. कब होगा लॉन्च Redmi Note 15 SE 5G?  कंपनी ने X (Twitter) पर कन्फर्म किया है कि ये फोन हिंदुस्तान में 2 अप्रैल को लॉन्च होने वाला है. इतना ही नहीं, Flipkart पर इसका माइक्रोसाइट भी लाइव हो चुका है, जिससे साफ है कि इसकी बिक्री इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होगी. This is #TheBolderNote. Introducing the all-new #REDMINote15SE, built to deliver a faster, bolder, and simply better experience across everything you do. Launching on 2nd April. Stay tuned. Get notified: https://t.co/EgWHEC0TWY#FasterBolderSimplyBetter pic.twitter.com/R5WJDRB96O — Redmi India (@RedmiIndia) March 24, 2026 Redmi Note 15 SE 5G का डिजाइन डिजाइन की बात करें तो टीजर में फोन एक स्टाइलिश रेड कलर में नजर आया है. इसके साथ गोल्डन फ्रेम दिया गया है. फोन के बैक पैनल पर बीच में Redmi की ब्रांडिंग दी गई है और इसमें स्क्विरकल (square + circle) शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा. इसमें दो कैमरे और LED फ्लैश होगा. डिजाइन लगभग वही हो सकता है जो स्टैंडर्ड Note 15 5G में देखने को मिलता है. Redmi Note 15 5G की कीमत  आपको याद दिला दें कि Redmi Note 15 5G इसी साल 6 जनवरी को हिंदुस्तान में लॉन्च हुआ था. इसकी शुरुआती कीमत ₹22,999 (8GB + 128GB) थी, जबकि 256GB वेरिएंट ₹24,999 में आया था. फिलहाल ये फोन Black, Glacier Blue और Mist Purple कलर ऑप्शन्स में उपलब्ध है. Redmi Note 15 5G के फीचर्स डिस्‍प्‍ले: 6.77 इंच का डिस्‍प्‍ले है जो 120Hz तक का रिफ्रेश रेट देता है. डिस्‍प्‍ले में 3,200 निट्स की पीक ब्राइटनैस मिलती है. चिपसेट: Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 रैम : 8GB तक  स्‍टोरेज:  256 तक ओएस: Android 15 पर बेस्‍ड HyperOS 2 वॉटरप्रूफ रेटिंग्‍स : IP65 कैमरा: 108MP का मेन कैमरा और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा   फ्रंट कैमरा: 20MP बैटरी: 5,520mAh चार्जिंग: 45W यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान में आज से शुरू हुई Vivo T5x 5G की बिक्री, जानें कीमत, ऑफर्स और फीचर्स The post Redmi Note 15 SE 5G की लॉन्च डेट हुई पक्की, चेक करें डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बालों का झड़ना नहीं हो रहा बंद? ये 4 घरेलू उपाय आपके काम जरूर आएंगे

Hair Fall Control: आज के समय में बालों के झड़ने की समस्या काफी आम हो गयी है. दुनिया की एक बड़ी आबादी इस समस्या से जूझ रही है और इससे छुटकारा पाने के लिए हर उपाय अपनाते हैं. बालों के झड़ने के पीछे कई कारण जैसे कि, बदलती लाइफस्टाइल, गलत डाइट, स्ट्रेस और पॉल्यूशन जैसे कारण हो सकते हैं. अगर आप समय रहते इनपर ध्यान नहीं देते हैं तो समय के साथ यह प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ने लगती है. अगर आप भी बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो आज की यह आर्टिकल खास आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप सिर्फ हेयर फॉल की प्रॉब्लम से छुटकारा नहीं पाते हैं, इन्हें अपनाकर आप उन्हें एक बार फिर से मजबूत भी बना सकते हैं. नारियल तेल से रेगुलर मसाज बालों के लिए नारियल के तेल को काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स आपके बालों को जड़ों से मजबूती देने का काम करते हैं. अगर आप हेयर फॉल की प्रॉब्लम से छुटकारा पाना चाहते हैं तो हफ्ते में 2 से 3 बार गुनगुने नारियल के तेल से अपने स्कैल्प की मसाज करें. जब आप ऐसा करते हैं तो इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और आपके बालों को जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी मिल जाते हैं. यह भी पढ़ें: सुबह की ये 5 आदतें आपके बालों को बना सकती हैं स्ट्रॉन्ग और शाइनी, ट्राय करेंगे तो कुछ ही दिनों में दिखेगा फर्क आंवला और रीठा का इस्तेमाल आंवला के बारे में हमें आपको ज्यादा कुछ बताने की जरुरत नहीं है. इसमें मौजूद विटामिन-C आपके बालों की ग्रोथ के लिए काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. बालों को झड़ने से रोकने के लिए आंवला पाउडर को रीठा के साथ मिक्स कर लें और एक पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं. नियमित तौर पर इस नुस्खे का जब आप इस्तेमाल करते हैं तो आपके बालों का झड़ना बंद होता है और वे मजबूत और घने भी बनते हैं. प्याज के रस का इस्तेमाल प्याज के रस को आपके बालों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जो आपके बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में काफी मदद करते हैं. हफ्ते में 1 से 2 बार अपने बालों और जड़ों पर प्याज के रस का इस्तेमाल करें और आधे घंटे बाद धो लें. इस नुस्खे को अपनाकर आप कुछ ही दिनों में हेयर फॉल की प्रॉब्लम से छुटकारा पा सकते हैं. सही डाइट और हाइड्रेशन बालों को झड़ने से रोकने और हेल्दी रखने के लिए सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि आपको अंदर से भी उनका ख्याल रखना चाहिए. अपनी डाइट में हरी सब्जियों, फलों, दालों और प्रोटीन से लोडेड चीजों को शामिल करना शुरू कर दें. इसके अलावा हर दिन सही मात्रा में पानी भी पीएं. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके बालों का झड़ना कम होता है और साथ ही वे ज्यादा मजबूत भी बनते हैं. यह भी पढ़ें: कंघी करने का गलत तरीका बना रहा है बालों को कमजोर, छोटी-सी लापरवाही बन सकती है बड़े नुकसान की वजह The post बालों का झड़ना नहीं हो रहा बंद? ये 4 घरेलू उपाय आपके काम जरूर आएंगे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दरक रहा ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक दुर्ग? ओवैसी, हुमायूं और नौशाद ने बढ़ायी तृणमूल की टेंशन

जरूरी बातें किंगमेकर बनने की तैयारी में छोटे दल और गठबंधन हुमायूं के 182 में 100 से अधिक उम्मीदवार होंगे मुस्लिम मालदा-मुर्शिदाबाद में कांग्रेस की घर वापसी मतदाता सूची (SIR) का ‘सस्पेंस’ और 100 सीटों का गणित अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहे छोटे दल – फिरहाद हकीम West Bengal Minority Vote Bank 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का सबसे महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक वोट बैंक चर्चा के केंद्र में है. 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सत्ता का मुख्य आधार रहे करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता इस बार कई विकल्पों के बीच बंटे नजर आ रहे हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में छोटे मुस्लिम संगठनों की बढ़ती सक्रियता और कांग्रेस की वापसी ने सत्तारूढ़ दल के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. बंगाल की 294 में से 114 सीटों पर यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है. किंगमेकर बनने की तैयारी में छोटे दल और गठबंधन नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला द्विपक्षीय नहीं रह गया है. कई नये मोर्चे मैदान में हैं. हुमायूं-ओवैसी गठबंधन : ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ हाथ मिलाया है. कबीर का दावा है कि वे 182 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और खंडित जनादेश की स्थिति में ‘किंगमेकर’ बनेंगे. उन्होंने पहली बार मुस्लिम मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री का मुद्दा भी उछाल दिया है. नौशाद सिद्दीकी का ISF : दक्षिण 24 परगना की भंगड़ विधानसभा सीट से विधायक नौशाद सिद्दीकी युवा मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ बना रहे हैं. उनका सीधा आरोप है कि टीएमसी अल्पसंख्यकों को सिर्फ ‘दूध देने वाली गाय’ समझती है. उसने मुसलमानों को वास्तविक विकास से दूर रखा है. पहले अल्पसंख्यक मतदाता लगभग तृणमूल के पीछे खड़े रहते थे. मुख्य रूप से भाजपा के कारण. नये दलों और स्थानीय शिकायतों के उभरने से छोटे स्तर पर हलचल पैदा हुई है, जो कड़े मुकाबले वाले चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है. विश्वनाथ चक्रवर्ती, नेतृत्वक विश्लेषक हुमायूं के 182 में 100 से अधिक उम्मीदवार होंगे मुस्लिम हुमायूं कबीर कहते हैं कि बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए यदि 100 मुस्लिम वोटर मतदान करें, तो 80 वोट एजेयूपी के उम्मीदवारों को मिलेंगे. तृणमूल के पूर्व नेता ने कहा कि बंगाल में 30 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद मुसलमानों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला. हमारी पार्टी में 100 से अधिक उम्मीदवार मुस्लिम होंगे. यह दिखाता है कि मुसलमानों को नेतृत्वक प्रतिनिधित्व देने के प्रति कौन गंभीर है. अल्पसंख्यक जानते हैं कि केवल तृणमूल ने उनके हितों की रक्षा की है. ISF या AJUP भाजपा की मदद कर रही हैं. अल्पसंख्यक तृणमूल के साथ खड़े रहेंगे. फिरहाद हकीम, मंत्री, पश्चिम बंगाल इस बार के चुनाव में अल्पसंख्यक वोट पूरी तरह से बंट जायेगा. कुछ मुसलमानों ने तृणमूल कांग्रेस प्रशासन पर अपना भरोसा खो दिया है. चुनाव के नतीजों में साफ हो जायेगा. शुभेंदु अधिकारी, लीडर ऑफ ऑपोजीशन, पश्चिम बंगाल विधानसभा मालदा-मुर्शिदाबाद में कांग्रेस की घर वापसी कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में पार्टी अपने पुराने गढ़ मालदा और मुर्शिदाबाद में फिर से सक्रिय हुई है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बढ़े मत प्रतिशत और सागरदीघी उपचुनाव की जीत ने कांग्रेस के हौसले बुलंद किये हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल्पसंख्यक मतदाता कांग्रेस की ओर झुकते हैं, तो इसका सीधा नुकसान तृणमूल को होगा. 2024 के लोकसभा चुनावों में वाम दलों के साथ चुनाव लड़ने पर मुर्शिदाबाद और मालदा में विपक्ष का मत प्रतिशत बढ़ा. हम 2023 में सागरदीघी उपचुनाव में तृणमूल को हरा भी चुके हैं. अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस मतदाता सूची (SIR) का ‘सस्पेंस’ और 100 सीटों का गणित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने भी इस हलचल को तेज कर दिया है. क्या कहते हैं आंकड़े? मुर्शिदाबाद : 11 लाख से अधिक नाम न्यायिक प्रक्रिया के अधीन. मालदा : 8.28 लाख मतदाताओं के नाम पर अब भी संशय. उत्तर व दक्षिण 24 परगना : करीब 11 लाख नामों पर सस्पेंस. ये जिले लगभग 100 विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं. विश्लेषकों का एक धड़ा मानता है कि नाम कटने से टीएमसी का आधार खिसक सकता है, जबकि दूसरा धड़ा इसे ‘ध्रुवीकरण’ के अवसर के रूप में देख रहा है. जिन सीटों पर भाजपा थोड़ी कमजोर है, कुछ मतदाता छोटे मुस्लिम दलों, कांग्रेस या वाम दलों की ओर जा सकते हैं. इससे विरोधी वोट बंट सकते हैं और तृणमूल के पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट बैंक को कुछ क्षेत्रों में नुकसान पहुंच सकता है. मोहम्मद कमरुज्जमां, महासचिव, ऑल बंगाल माइनॉरिटी यूथ फेडरेशन अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहे छोटे दल – फिरहाद हकीम बढ़ते विरोध के बीच तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि अल्पसंख्यक जानते हैं कि केवल ममता बनर्जी ने ही उनके हितों की रक्षा की है. दूसरी तरफ, हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि इस बार मुस्लिम वोट पूरी तरह बंट जायेगा. एक तर्क यह है कि वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटने से तृणमूल को नुकसान हो सकता है, क्योंकि ये उसके गढ़ हैं. दूसरी संभावना यह भी है कि जब मतदाता महसूस करते हैं कि उनकी नागरिकता पर सवाल उठ रहा है, तो वे अपनी सुरक्षा करने वाली पार्टी के पीछे और मजबूत होकर खड़े हो सकते हैं. संशोधित वक्फ कानून, ओबीसी आरक्षण के विवाद, मदरसा भर्ती और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को लेकर विभिन्न विवाद चुनाव से पहले बार-बार चर्चा में रहे हैं. नेतृत्वक विश्लेषक इसे भी पढ़ें भवानीपुर चुनाव 2026: ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, क्या बचेगा दीदी का सबसे मजबूत किला? ममता बनर्जी ने टीएमसी के 74 विधायकों की कर दी छुट्टी, शुभेंदु अधिकारी से भवानीपुर में होगा नंदीग्राम का हिसाब बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? बंगाल चुनाव 2026: चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल, देखें आपकी विधानसभा सीट पर कब होगा मतदान The post दरक रहा ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक दुर्ग? ओवैसी, हुमायूं और नौशाद ने बढ़ायी तृणमूल की टेंशन appeared

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

US Iran War: किसके कहने पर अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया नाम

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच बड़ा खुलासा किया है. ट्रंप ने बताया कि ईरान पर हमले की सबसे पहली सलाह उन्हें रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दी थी. ट्रंप के अनुसार, मिडिल ईस्ट के मुद्दों पर करीबी सहयोगियों के साथ बातचीत के दौरान यह सुझाव सामने आया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह खुलासा टेनेसी में आयोजित मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स गोलमेज बैठक में किया. उन्होंने कहा कि फैसले से पहले उन्होंने हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, वायु सेना के जनरल डैन केन समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर ईरान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी. ट्रंप ने क्या बताया? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर कार्रवाई से पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की. उन्होंने बताया- मैंने पीट हेगसेथ को फोन किया, जनरल डैन केन को फोन किया, और अपने कई सहयोगियों से बात की. ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के सामने एक महत्वपूर्ण मुद्दा है ईरान, जो पिछले 47 वर्षों से आतंकवाद का प्रसार कर रहा है और परमाणु हथियार के बेहद करीब है. उन्होंने कहा- या तो हम यूं ही आगे बढ़ते रह सकते हैं, या पश्चिम एशिया की ओर कदम बढ़ाकर इस बड़ी चुनौती का समाधान कर सकते हैं. ट्रंप ने की हेगसेथ की तारीफ मिडिल ईस्ट पर हमले के कारण देश में निंदा झेल रहे ट्रंप ने हेगसेथ की तुरंत प्रतिक्रिया की सराहना की है. ट्रंप ने कहा- पीट, मुझे लगता है कि आपने सबसे पहले कहा कि हमें कदम उठाना चाहिए, क्योंकि उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को पांच दिन टाला इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईओरान को दी गई समय सीमा बढ़ा दी है. ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया गया है. ट्रंप का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच हुई है सार्थक बातचीत इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के पूर्ण समाधान के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हुई है. ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि अमेरिकी दूत एक ईरान के एक नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं और ईरान समझौता करना चाहता है. ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालना और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना चाहेगा. हालांकि ट्रंप ने बातचीत का कोई भी डिटेल जारी नहीं किया है. ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज इधर ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए इन्हें फर्जी समाचार बताया है. ईरान की ओर से सोशल मीडिया पर कहा गया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. फर्जी समाचारें फैला कर वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसे हैं. इसे भी पढ़ें:ट्रंप ने कहा- ईरान को कभी नहीं मिलेगा परमाणु हथियार, अमेरिकी हमले में हो गया तबाह The post US Iran War: किसके कहने पर अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया नाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Instagram पर पोस्ट के बाद भी बदल सकते हैं कैरोसेल का ऑर्डर, जानें तरीका

क्या आपने कभी इंस्टाग्राम पर कैरोसेल (carousel) पोस्ट किया है और बाद में लगा हो कि सबसे अच्छी फोटो आखिर में चली गई या कोई बढ़िया वीडियो बीच में दबकर रह गया? अब तक अगर आपको कैरोसेल का ऑर्डर बदलना होता था, तो एक ही रास्ता था. और वो था पूरी पोस्ट डिलीट करो और फिर से शुरू करो. यह काम बड़ा ही झंझट वाला था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. इंस्टाग्राम ने हाल ही में एक नया फीचर रोलआउट किया है, जिससे आप अपनी लाइव कैरोसेल (live carousel) पोस्ट के फोटोज और वीडियोज का आर्डर आसानी से बदल सकते हैं. इस अपडेट की जानकारी खुद इंस्टाग्राम ने अपने ऑफिसियल क्रिएटर पेज के जरिए दी है. ध्यान रखने वाली बातें सबसे अच्छी बात ये है कि पोस्ट के इंगेजमेंट (engagement) पर इसका कोई असर नहीं होगा. यानी आपके लाइक्स, कमेंट्स और बाकी इंटरेक्शन्स पहले जैसे ही बने रहेंगे. लेकिन एक लिमिटेशन भी है. आप किसी एक्सिस्टिंग कैरोसेल यानी पोस्ट हो चुकी कैरोसेल में नई फोटो या वीडियो ऐड नहीं कर सकते. और हां, ये फीचर अभी धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंच रहा है, तो हो सकता है अभी आपके अकाउंट में ये ऑप्शन न दिखे. इंस्टाग्राम कैरोसेल को रीऑर्डर कैसे करें? सबसे पहले अपने Android या iOS फोन में Instagram ऐप खोलें स्क्रीन के नीचे बाईं तरफ दिख रहे Profile icon पर टैप करें अब उस कैरोसेल पोस्ट को ढूंढें, जिसमें आप बदलाव करना चाहते हैं पोस्ट खोलने के बाद ऊपर दाईं तरफ दिए गए तीन डॉट्स (⋮) पर टैप करें और Edit ऑप्शन चुनें अब जिस फोटो या वीडियो को आगे-पीछे करना है, उसे दबा रख रखें और खिसकाएं बाईं तरफ ले जाएंगे तो वो पहले आ जाएगा दाईं तरफ ले जाएंगे तो वो आखिर में चला जाएगा यह भी पढ़ें: Telegram पर चुटकियों में भेंजे हाई क्वालिटी फोटो और वीडियो, जानें फाइल शेयरिंग का सिंपल ट्रिक The post Instagram पर पोस्ट के बाद भी बदल सकते हैं कैरोसेल का ऑर्डर, जानें तरीका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ICC Rankings: स्मृति मंधाना का जलवा कायम, 15 साल की फैनी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

Highlights हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों का रैंकिंग में दबदबा  दीप्ति शर्मा और गेंदबाजों की स्थिति  विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन और छलांग  15 साल की फैनी का वर्ल्ड रिकॉर्ड  ICC Rankings: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) हर हफ्ते खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी करती है. मंगलवार को जारी नई रैंकिंग में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. इस नई रैंकिंग में हिंदुस्तान की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपना दूसरा स्थान कायम रखा है. इसके साथ ही कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी रैंकिंग में अपनी जगह बेहतर की है और वह अब 14वें नंबर पर आ गई हैं. इस बार की रैंकिंग अपडेट में हिंदुस्तान की कई अन्य खिलाड़ियों को भी फायदा मिला है. इसके अलावा रवांडा देश की 15 साल की युवा खिलाड़ी फैनी ने एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है.  हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों का रैंकिंग में दबदबा  आईसीसी रैंकिंग में हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. स्मृति मंधाना अपनी अच्छी बल्लेबाजी के कारण दूसरे नंबर पर बनी हुई हैं. उनके अलावा तेजी से रन बनाने वाली ओपनर शेफाली वर्मा छठे स्थान पर मौजूद हैं. वह टॉप 10 में शामिल दूसरी हिंदुस्तानीय खिलाड़ी हैं. मध्यक्रम की बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर काबिज हैं. हिंदुस्तानीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है और वह अब 14वें स्थान पर पहुंच गई हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने अपने स्पोर्ट्स से रैंकिंग में हिंदुस्तान का नाम ऊपर रखा है. स्त्री टी20 बैटर्स की ताजा रैंकिंग (24-03-2026), Pic- Screenshot/ICC दीप्ति शर्मा और गेंदबाजों की स्थिति  बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी हिंदुस्तान का नाम ऊपर है. स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा एक पायदान ऊपर चढ़कर गेंदबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गई हैं. अपनी शानदार फॉर्म के कारण दीप्ति ऑलराउंडर खिलाड़ियों की लिस्ट में भी तीसरे स्थान पर पहुंच गई हैं. तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर अपना छठा स्थान बचाने में सफल रही हैं. हालांकि तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी को इस बार थोड़ा नुकसान हुआ है. वह टॉप 10 लिस्ट से बाहर होकर 11वें नंबर पर खिसक गई हैं. विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन और छलांग  हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के अलावा कुछ विदेशी खिलाड़ियों ने भी रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है. ऑस्ट्रेलिया की सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वोल ने पहली बार बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप 10 में अपनी जगह पक्की की है. वहीं न्यूजीलैंड की दिग्गज खिलाड़ी सोफी डिवाइन ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो मैचों में अर्धशतक लगाया है. इस शानदार स्पोर्ट्स की वजह से सोफी दो स्थान ऊपर चढ़कर 18वें नंबर पर आ गई हैं. 15 साल की फैनी का वर्ल्ड रिकॉर्ड  इस हफ्ते की आईसीसी रैंकिंग में सबसे खास नाम रवांडा की खिलाड़ी फैनी उटागुशिमानिंदे का है. 15 साल की फैनी ने अपने पहले ही टी20 इंटरनेशनल मैच में घाना के खिलाफ शतक जड़ दिया है. वह अपने पहले मैच में शतक लगाने वाली दुनिया की पहली स्त्री क्रिकेटर बन गई हैं. इतना ही नहीं, वह पुरुष और स्त्री दोनों क्रिकेट को मिलाकर सबसे कम उम्र में टी20 शतक लगाने वाली खिलाड़ी भी बन गई हैं. इस ऐतिहासिक पारी के बाद उन्होंने आईसीसी रैंकिंग में सीधे 66वें नंबर पर अपनी जगह बनाई है. ये भी पढ़ें- IPL 2026: RCB का फैसला, चिन्नास्वामी में हमेशा खाली रहेंगी 11 सीटें, जानें वजह IPL 2026 से बाहर हुए यश दयाल, RCB के डायरेक्टर ने बताई गायब होने की असली वजह BCCI का एक्शन, IPL 2026 से पहले 7 नए कानून लागू, पढ़ें पूरी लिस्ट The post ICC Rankings: स्मृति मंधाना का जलवा कायम, 15 साल की फैनी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अब ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक बदलें स्टेशन, पर टिकट कैंसिलेशन पर कटेगा ज्यादा पैसा

New Railway Refund Rules 2026: हिंदुस्तानीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए अपने नियमों में बदलाव किए हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे. इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य उन कालाबाजारी को रोकना है जो पहले से टिकट बुक कर लेते हैं और ग्राहक न मिलने पर अंतिम समय में उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे. अब रिफंड के स्लैब सख्त होने से आम यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी. अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन रेलवे ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा में बड़ी ढील दी है, जिससे अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से महज 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे. पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब यात्री चार्ट बनने के बाद भी अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का विकल्प चुन सकते हैं. यह नियम विशेष रूप से उन बड़े शहरों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान साबित होगा जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं और ट्रैफिक की वजह से मुख्य स्टेशन पहुंचना मुश्किल होता है. यात्री IRCTC की वेबसाइट, ऐप या रेलवे काउंटर के जरिए यह बदलाव कर सकते हैं, हालांकि एक बार स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से ट्रेन पकड़ना संभव नहीं होगा. टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नए स्लैब टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के नियमों को पहले की तुलना में काफी सख्त कर दिया गया है ताकि टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ रोकी जा सके. नए नियमों के तहत, यदि आप ट्रेन छूटने के समय से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करते हैं, तभी आपको 50% रिफंड मिल पाएगा. पुराने नियमों में यह सुविधा ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक उपलब्ध थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है. 48 से 12 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 25% रिफंड का नियम भी अब समय सीमा के हिसाब से संशोधित किया जाएगा. हालांकि, वेटिंग और RAC टिकटों के कैंसिलेशन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उन पर पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही लागू रहेंगे. इन परिस्थितियों में मिलेगा पूरा रिफंड कठोर नियमों के बावजूद, रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष स्थितियों में यात्रियों को उनका पूरा पैसा वापस दिया जाएगा. यदि कोई ट्रेन अपने निर्धारित समय से 3 घंटे से अधिक लेट होती है या पूरी तरह कैंसिल हो जाती है, तो यात्री TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करके शत-प्रतिशत रिफंड का दावा कर सकते हैं. इसके अलावा, यदि चार्ट बनने के बाद भी आपका टिकट पूरी तरह से वेटिंग लिस्ट में रह जाता है, तो वह सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से कैंसिल कर दिया जाएगा और पूरा पैसा बिना किसी कटौती के यात्री के बैंक खाते में वापस आ जाएगा. यह सुनिश्चित करता है कि रेलवे की परिचालन संबंधी कमियों का खामियाजा यात्रियों को न भुगतना पड़े. Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “The third major decision today concerns the stretch from Barabanki to Bahraich, which is very important. The project has sanctioned the construction of a four-lane road and converting it into an access-controlled expressway…” pic.twitter.com/KITtkLBIkE — IANS (@ians_india) March 18, 2026 कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर रिफंड के 4 नए नियम समय (ट्रेन छूटने से पहले) रिफंड/चार्ज 72 घंटे से पहले केवल कैंसिलेशन चार्ज 24 से 72 घंटे 75% रिफंड 8 से 24 घंटे 50% रिफंड 8 घंटे से कम कोई रिफंड नहीं Also Read: 1 अप्रैल से बदल रहे हैं ATM नियम, कैश निकालना होगा महंगा, इन 3 बैंकों ने जारी किए नए आदेश The post अब ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक बदलें स्टेशन, पर टिकट कैंसिलेशन पर कटेगा ज्यादा पैसा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महिलाओं के लिए खुशखबरी, परिसीमन से पहले ही सरकार आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण

Women Reservation : नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को प्रशासन जल्दी ही लागू करना चाहती है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ें. प्रशासन की इस योजना से स्त्री सांसद खुश हैं और उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन इस योजना को लागू करती है, तो शासन में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ेगी. नेतृत्व में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ेगी पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए जनता दल (यू) की सांसद लवली आनंद ने कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है और इससे नेतृत्व में स्त्रीओं की अधिक भागीदारी होगी और देश प्रगति की ओर तेजी से जाएगा. उन्होंने संसद भवन परिसर में मीडिया से कहा कि जब स्त्रीएं आगे आएंगी, तभी देश प्रगति करेगा. पुरुष और स्त्रीएं एक गाड़ी के दो पहियों की तरह हैं. प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री दोनों ने स्त्रीओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है. भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि स्त्री आरक्षण कानून के पारित होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की ‘आधी आबादी’ से किया गया एक पुराना वादा पूरा हो गया है. सहरावत ने कहा, ‘इस देश में कई लोगों ने स्त्रीओं के बारे में बात की है, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने का प्रयास और ऐसा करने में सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है. विपक्ष की मांग, आरक्षण के मानदंड तय किए जाएं समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी इस पहल का स्वागत किया, लेकिन कहा कि आरक्षण कैसे लागू किया जाएगा, इस पर स्पष्टता की जरूरत है. उन्होंने कहा, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हमारे देश में स्त्रीओं के लिए आरक्षण हो, लेकिन इसे कैसे लागू किया जाएगा, आरक्षण के मानदंड क्या होंगे, यह सब देखने की जरूरत है.  सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि कि प्रशासन यह चाहती है कि वह लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले स्त्री आरक्षण कानून लागू कर दे, ताकि आगामी चुनावों में स्त्रीओं का इसका लाभ मिल सके. गृह मंत्री इसके लिए एनडीए के नेताओं के साथ बैठक करके उनमें आम सहमति बना रहे हैं, अगर सहमति बन गई तो संशोधन विधेयक इस सप्ताह लाए जा सकते हैं. विपक्षी दलों ने प्रशासन से मांग की है कि अगले महीने विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद स्त्री आरक्षण कानून पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि इसे लागू कैसे किया जाएगा इसपर बात हो सके. ये भी पढ़ें : जानिए, अगर कोई दलित अपना लेता है ईसाई धर्म, तो उसे क्यों नहीं मिलेगा कानूनी संरक्षण और आरक्षण हिंदुस्तान में सबसे लंबे समय तक प्रशासन चलाने वाले नेता बने पीएम मोदी, 2001 में शुरू हुआ था सफर  ईरान ने 4000 KM दूर अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागी मिसाइल, ट्रंप की उड़ाई नींद The post स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी, परिसीमन से पहले ही प्रशासन आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा में बोले पीएम मोदी- होर्मुज बंद मंजूर नहीं, ईरान-इजरायल-अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी

PM Modi Speech West Asia Conflict: राज्यसभा में PM मोदी ने कहा, पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुए 3 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं. इस युद्ध की वजह से दुनिया में एक गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है. हिंदुस्तान के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है. इस युद्ध ने हमारे व्यापार मार्गों पर असर डाला है. इसके चलते पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई है. जहाजों पर हमले और होर्मुज में रुकावट डालना मंजूर नहीं : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो बार बात की है. हम सभी खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमारा लक्ष्य बातचीत और कूटनीति के जरिए इस क्षेत्र में शांति बहाल करना है. हमने उनसे तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के बारे में भी बात की है. व्यापारिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में रुकावट डालना मंजूर नहीं है. हिंदुस्तान ने नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे, और ऊर्जा तथा परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमलों का विरोध किया है. #WATCH | West Asia conflict | In Rajya Sabha, PM Narendra Modi says, “…Movement of ships through Strait of Hormuz has become very challenging. Despite the challenging situation, our Govt has made efforts to make ways through dialogue and diplomacy. The efforts are to ensure… pic.twitter.com/g7yKqT5Bhl — ANI (@ANI) March 24, 2026 हिंदुस्तानीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कोशिशें जारी: पीएम मोदी हिंदुस्तान युद्ध के इन समयों में भी हिंदुस्तानीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है. इस संकट के समाधान के लिए, हिंदुस्तान ने बातचीत का सुझाव दिया है. इस युद्ध में किसी की भी जान को खतरा होना इंसानियत के हित में नहीं है. इसलिए, हिंदुस्तान की कोशिशें सभी पक्षों को शांतिपूर्ण समाधानों के लिए प्रोत्साहित करने की रही हैं. खाड़ी देशों में रह रहे 1 करोड़ हिंदुस्तानीय और होर्मुज में फंसे क्रू की सुरक्षा बड़ी चिंता: पीएम मोदी राज्यसभा में PM नरेंद्र मोदी ने कहा, लगभग 1 करोड़ हिंदुस्तानीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं. उनकी जान और रोजी-रोटी की सुरक्षा हिंदुस्तान के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है. होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाज फंसे हुए हैं. उन जहाजों पर बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय क्रू सदस्य फंसे हुए हैं. यह भी हिंदुस्तान के लिए चिंता का एक बड़ा कारण है. ऐसी मुश्किल स्थिति में, यह जरूरी है कि हिंदुस्तान का उच्च सदन शांति और बातचीत की एक एकजुट आवाज उठाए. 3,75,000 से ज़्यादा हिंदुस्तानीय सुरक्षित रूप से हिंदुस्तान लौटे : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, संकट की इस स्थिति में, दुनिया भर में हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है. अब तक 3,75,000 से ज्यादा हिंदुस्तानीय सुरक्षित रूप से हिंदुस्तान लौट चुके हैं. अकेले ईरान से 1000 से ज्यादा हिंदुस्तानीय लौटे हैं; इनमें से 700 से ज़्यादा मेडिकल छात्र हैं. संकट की इस घड़ी में, हमारी प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है. सभी देशों ने वहां मौजूद हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है. हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमलों में कुछ हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई और कुछ अन्य घायल हो गए. प्रभावित परिवारों को सभी जरूरी मदद दी जा रही है. घायलों के बेहतर इलाज को सुनिश्चित किया जा रहा है. हिंदुस्तान के पास कच्चे तेल का काफी भंडार है : पीएम मोदी राज्यसभा में PM नरेंद्र मोदी ने कहा, हिंदुस्तान की कोशिश यह रही है कि तेल, गैस, खाद या कोई भी दूसरी जरूरी चीज ले जाने वाले जहाज हिंदुस्तान तक सुरक्षित पहुंचें. लेकिन अगर युद्ध की वजह से बने वैश्विक हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहे, तो इसका गंभीर असर होना तय है. इसलिए, हिंदुस्तान उन कोशिशों को और तेज कर रहा है जो पिछले कुछ सालों में अपनी मजबूती बढ़ाने के लिए की गई थीं… मैं इस सदन और देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हिंदुस्तान के पास कच्चे तेल का काफी भंडार है और लगातार सप्लाई के लिए एक सिस्टम भी मौजूद है. तेल-गैस की आयात के लिए मेड इन इंडिया जहाज बनाएगी प्रशासन : पीएम मोदी राज्यसभा में PM नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारी प्रशासन की कोशिश यह पक्का करना है कि हम ईंधन के सिर्फ एक ही स्रोत पर बहुत ज्यादा निर्भर न रहें. LPG के अलावा, प्रशासन PNG पर भी जोर दे रही है. पिछले दस सालों में, PNG कनेक्शन के मामले में अभूतपूर्व काम हुआ है. पिछले कुछ दिनों में इस काम को और भी तेज किया गया है. LPG के घरेलू उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की कोशिशें भी की जा रही हैं. हिंदुस्तान का 90% से ज्यादा व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है. वैश्विक संकट के समय यह स्थिति हिंदुस्तान की स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर बना देती है. इसलिए, प्रशासन ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए लगभग 70,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है. The post राज्यसभा में बोले पीएम मोदी- होर्मुज बंद मंजूर नहीं, ईरान-इजरायल-अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top