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Author name: Vinod Jha

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वायनाड सुरंग हादसे पर एक्शन, मानव निर्मित आपदा के आरोपों के बीच सीएम सतीशन ने दिए जांच के आदेश

Wayanad tunnel accident : केरल के वायनाड में सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन के बाद राज्य प्रशासन ने हादसे की दो अलग-अलग जांच कराने का फैसला किया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या निर्माण कंपनी ने केंद्र प्रशासन से मिली पर्यावरण मंजूरी की सभी शर्तों का पालन किया था. जांच पूरी होने तक सुरंग निर्माण का काम भी रोक दिया गया है. तीन मजदूरों की मौत, पांच अब भी लापता मेप्पाडी पंचायत क्षेत्र में हुए इस हादसे में मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं. दस लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है. एनडीआरएफ, पुलिस, दमकल विभाग और खोजी कुत्तों की मदद से लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश अभियान में बाधा बन रही है. ‘मानव निर्मित आपदा’ पर प्रशासन और कंपनी आमने-सामने राज्य प्रशासन ने इस हादसे को “मानव निर्मित आपदा” करार देते हुए आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर खुदाई से निकली भारी मात्रा में मिट्टी हटाने के निर्देश पहले ही दिए गए थे, लेकिन कंपनी ने उनका पालन नहीं किया. उधर, निर्माण कंपनी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि भूस्खलन निर्माण स्थल से काफी ऊपर हुआ था और जमा मलबे का इससे कोई संबंध नहीं है. पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. केंद्र प्रशासन ने भी मांगी रिपोर्ट, अमित शाह ने दिया सहयोग का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम सतीशन से फोन पर बात कर हादसे की जानकारी ली और केंद्र प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराने की भी सलाह दी. सीएम सतीशन ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल पहले ही विस्तृत जांच का निर्णय ले चुका है और दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. 2024 की त्रासदी के बाद फिर सवालों के घेरे में वायनाड यह हादसा उसी इलाके के पास हुआ है, जहां 2024 में भी विनाशकारी भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी. मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि उन्होंने विपक्ष में रहते हुए इस परियोजना से पहले विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन की मांग की थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया. अब सतीशन प्रशासन यह भी जांच करेगी कि कहीं पर्यावरणीय चेतावनियों की अनदेखी और निर्माण में लापरवाही ने इस नई त्रासदी को जन्म तो नहीं दिया. CPI नेता के राजन ने घटनास्थल का किया दौरा CPI नेता के राजन ने घटनास्थल का दौरा किया है. उन्होंने कहा कि इस घटना पर नेतृत्वक वार पलटवार से बचना चाहिए. इससे ज्यादा बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. यह भी पढ़ें-राजस्थान में अगले 2 से 3 दिन भारी बारिश की संभावना, मानसून आगे बढ़ा The post वायनाड सुरंग हादसे पर एक्शन, मानव निर्मित आपदा के आरोपों के बीच सीएम सतीशन ने दिए जांच के आदेश appeared first on Naya Vichar.

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बच्चे को स्कूल के लिए तैयार करना होगा अब पहले से आसान, बस अपनाएं ये 5 सिंपल और टाइम सेविंग टिप्स

Parenting Tips: सुबह का समय हर उस घर में भागदौड़ भरा होता है, जिनमें छोटे स्कूल जाने वाले शिशु होते हैं. सुबह सोकर उठने से लेकर, ब्रश कराने, नहलाने, ब्रेकफास्ट कराने और यहां तक कि स्कूल बस पर बच्चों को चढ़ाने तक, ऐसा लगता है मानो हम किसी जंग में हिस्सा ले रहे हों. अक्सर जब शिशु सुबह के समय नखरा करते हैं और एक भागदौड़ भरा माहौल घर पर बना देते हैं, तो माता-पिता चिड़चिड़े हो जाते हैं और बच्चों को डांटने और उनके साथ जबरदस्ती करने लग जाते हैं. कई बार तो शिशु रोते हुए भी स्कूल जाने को मजबूर हो जाते हैं. अगर आपके घर पर भी हर सुबह यही माहौल रहता है, तो अब आपको टेंशन लेने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है. आज हम आपको कुछ बेहद ही आसान और प्रैक्टिकल बदलावों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनी डेली आदतों में शामिल करके आप सुबह के इस समय को काफी ज्यादा शांत और खुशनुमा बना सकेंगे. तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसे ही आसान ट्रिक्स जो आपकी इस रोज-रोज की जंग को खत्म कर देंगे. रात को ही कर लें आधी तैयारी सुबह की हड़बड़ी और टेंशन को खत्म करने का सबसे बेस्ट तरीका है कि आप कुछ काम एक रात पहले ही खत्म कर लें. जब आप सुबह-सुबह शिशु की ड्रेस, मोजे, बेल्ट या किताबें ढूंढते हैं, तो समय भी बर्बाद होता है और गुस्सा भी आता है. इस प्रॉब्लम से बचने के लिए रात को सोने से पहले ही शिशु की स्कूल यूनिफॉर्म और जूते निकालकर एक जगह रख दें. इसके साथ ही शिशु का स्कूल बैग उसके टाइम-टेबल के हिसाब से रात में ही सेट करा लें और सुबह ब्रेकफास्ट और टिफिन में क्या बनाना है, यह भी रात में ही सोच लें. अगर आपके लिए पॉसिबल हो तो कुछ सब्जियां पहले से ही काटकर रख लें. इससे सुबह आपका लगभग आधा समय बच जाएगा. ये भी पढ़ें: गुस्से में कहे गए ये 6 शब्द दीमक की तरह चाट सकते हैं शिशु का कॉन्फिडेंस, आपकी छोटी सी बात बिगाड़ सकती है उसका फ्यूचर सोने और जागने का समय बदलें अक्सर सुबह के समय लड़ाई इसलिए होती है क्योंकि शिशु की नींद पूरी नहीं होती और वह बिस्तर से उठने में नखरे करता रहता है. इस प्रॉब्लम से बचने का सिंपल सा तरीका यह है कि आप अपने शिशु को रात में सही समय पर सोने की आदत डलवाएं. बता दें कि जो छोटे शिशु होते हैं, उनके लिए कम से कम 8 से 9 घंटे की नींद बहुत जरूरी है. जब आपका बच्चा रात को जल्दी सोएगा, तो सुबह उसकी नींद अपने आप पूरी हो जाएगी और वह बिना रोए, एक अच्छे मूड में उठेगा. इसके साथ ही, पैरेंट्स को भी शिशु के जागने से कम से कम 20 से 30 मिनट पहले उठ जाना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं, तो आपको अपने खुद के सभी कामों को निपटाने और रिलैक्स होने का भी पूरा समय मिल जाता है. ये छोटा सा पैरेंटिंग हैक आपका समय और एनर्जी दोनों ही बचा सकता है. सुबह के कामों के लिए एक फिक्स रूटीन बनाएं छोटे बच्चों को अगर सरप्राइज मिले तो यह उन्हें बहुत ही अच्छा लगता है, लेकिन यह सरप्राइज उन्हें सुबह-सुबह बिल्कुल नहीं मिलना चाहिए. अगर आप सुबह के कामों का कोई फिक्स रूटीन और टाइमिंग सेट नहीं करेंगे, तो आपका बच्चा कन्फ्यूज हो जाएगा. अपने शिशु को इस कन्फ्यूजन से बचाने के लिए सबसे पहले एक सिंपल सा रूटीन बनाएं. उदाहरण के लिए सबसे पहले सोकर उठना, इसके बाद ब्रश करना, फिर नहाना, फिर कपड़े पहनना और लास्ट में ब्रेकफास्ट करना. जब ये सारे काम हर दिन एक ही तरीके से होने लगेंगे, तो शिशु को भी इसकी आदत हो जाएगी और उसे बार-बार टोकना नहीं पड़ेगा. कुछ ही दिनों में बच्चा बिना कहे खुद ही अपने सारे काम एक के बाद एक करने लग जाएगा. ये भी पढ़ें: क्या आप भी अपने शिशु को बनाना चाहते हैं सफल? आज रात सोने से पहले उनसे जरूर कहें ये 5 जादुई बातें चिल्लाने के बजाय बच्चों को प्यार से जगाएं सुबह के समय जब हम स्कूल के लिए देर होने के चक्कर में शिशु पर चिल्लाते हैं या फिर उसे डांटकर जगाते हैं, तो शिशु का मूड खराब हो जाता है और वह चिड़चिड़ा सा भी रहने लगता है. जब आपका बच्चा चिड़चिड़ा होगा तो वह किसी भी काम को करने में ज्यादा समय लगाने लगेगा. आपके शिशु का मूड सही रहे, इसलिए उसकी सुबह की शुरुआत प्यार से करने की कोशिश करें. शिशु को डांटने की जगह पर उसे किस करके, प्यार से सहलाकर या फिर उसका फेवरेट गाना गाकर जगाना सबसे बेस्ट तरीका माना जाता है. जब आप ऐसा करेंगे तो आपका बच्चा खुश होकर उठेगा और आपकी सभी बातों को मानेगा भी. बच्चों को खुद जिम्मेदारी लेने का मौका दें कई बार पैरेंट्स की यह आदत होती है कि वे अपने शिशु के हर एक काम को खुद ही करने की कोशिश करने लग जाते हैं. जब आप हर दिन ऐसा करने लगते हैं, तो बच्चों पर प्रेशर बढ़ जाता है. एक सही पैरेंटिंग तब होती है जब आप अपने शिशु को इसकी उम्र के हिसाब से सेल्फ-डिपेंडेंट बनने का मौका देते हैं. उदहारण के लिए शिशु को अपने जूते खुद पहनने दें, अपनी ड्रेस खुद बदलने दें या अपना लंच बॉक्स खुद बैग में रखने को कहें. जब शिशु खुद अपना काम करते हैं, तो वे ज्यादा एक्साइटेड और मोटिवेटेड रहते हैं. शुरुआत में वे सभी कामों को थोड़ा धीरे-धीरे करेंगे, इसलिए आपको थोड़ा पेशेंस भी रखना पड़ेगा. मगर यकीन रखिये धीरे-धीरे उनकी स्पीड बढ़ जाएगी और आपका काम काफी हल्का हो जाएगा. ये भी पढ़ें: शिशु को कब डायपर पहनाना चाहिए और कब नहीं? जानिए ज्यादातर पैरेंट्स कहां कर देते हैं गलती The post शिशु को स्कूल के लिए तैयार करना होगा अब पहले से आसान, बस अपनाएं ये 5 सिंपल और टाइम सेविंग टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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Alpha Box Office Collection Day 5: सोमवार की सुस्ती के बाद ‘अल्फा’ ने पकड़ी रफ्तार, जानिए 5वें दिन कितना कमाया

Alpha Box Office Collection Day 5: आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई-एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है. सोमवार को फिल्म की कमाई में गिरावट जरूर आई थी, लेकिन मंगलवार को इसने फिर से शानदार वापसी कर ली. पांचवें दिन की कमाई के साथ फिल्म ने 40 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार कर लिया है. आइए जानते हैं फिल्म का डे 5 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और अब तक की पूरी कमाई. Alpha Box Office Day 5: मंगलवार को फिर बढ़ी फिल्म की रफ्तार Sacnilk की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अल्फा‘ ने रिलीज के पांचवें दिन यानी मंगलवार को 4.25 करोड़ रुपये की कमाई की. इससे पहले सोमवार को फिल्म ने 3.85 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. यानी वीकडे होने के बावजूद फिल्म की कमाई में हल्की बढ़त देखने को मिली. इसी के साथ फिल्म का हिंदुस्तान में कुल नेट कलेक्शन 42.10 करोड़ रुपये पहुंच गया है. अब फिल्म की नजर वीकेंड से पहले अपनी कमाई को और मजबूत करने पर होगी. Alpha Worldwide Collection: दुनियाभर में भी अच्छा प्रदर्शन Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अल्फा’ ने पांचवें दिन दुनियाभर में करीब 1.50 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड कमाई 70.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. Alpha vs Dhamaal 4: अब आगे क्या होगी सबसे बड़ी चुनौती? फिलहाल ‘अल्फा’ के पास कमाई बढ़ाने के लिए कुछ और दिन हैं. लेकिन 10 जुलाई 2026 से फिल्म की राह थोड़ी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि उसी दिन अजय देवगन की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. ऐसे में नई रिलीज का असर ‘अल्फा’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर पड़ सकता है और इसके स्क्रीन शेयर व कमाई में गिरावट देखने को मिल सकती है. Alpha Cast: फिल्म में कौन-कौन आया नजर? ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रवैल ने किया है. फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी लीड रोल में हैं. इनके साथ बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम किरदार निभा रहे हैं. वहीं, फिल्म में ऋतिक रोशन ने ‘वॉर’ के अपने मशहूर किरदार मेजर कबीर धालीवाल के रूप में खास कैमियो किया है. यह फिल्म YRF Spy Universe का हिस्सा है, इसलिए इसमें एक्शन और स्पाई मिशन का जबरदस्त तड़का देखने को मिलता है. यह भी पढ़ें: Alpha के सपोर्ट में उतरे करण जौहर, आलिया भट्ट के हुनर की तारीफ की, शरवरी और बॉबी देओल का नाम भी नहीं लिया यह भी पढ़ें: Alia Bhatt Net Worth: कितने करोड़ की मालकिन हैं आलिया भट्ट, एक फिल्म के लिए इतना करती हैं चार्ज The post Alpha Box Office Collection Day 5: सोमवार की सुस्ती के बाद ‘अल्फा’ ने पकड़ी रफ्तार, जानिए 5वें दिन कितना कमाया appeared first on Naya Vichar.

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₹10 लाख की रेंज में पैनोरमिक सनरूफ वाली कार चाहिए? Tata Nexon से Kia Syros तक ये 5 मॉडल्स हैं बेस्ट

अगर नई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं और आपकी विश लिस्ट में पैनोरमिक सनरूफ सबसे ऊपर है, तो अब इसके लिए 20 लाख रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में यह फीचर प्रीमियम कारों से निकलकर मिड-बजट सेगमेंट तक पहुंच चुका है. अब 10 से 12 लाख रुपये के बजट में भी कई ऐसी एसयूवी मौजूद हैं, जो स्टाइल, फीचर्स और पैनोरमिक सनरूफ का शानदार कॉम्बिनेशन ऑफर करती हैं. खास बात यह है कि टाटा नेक्सॉन के नए वेरिएंट ने इस सेगमेंट में कीमत का नया बेंचमार्क भी सेट कर दिया है. Tata Nexon बनी सबसे किफायती विकल्प अगर सबसे कम कीमत में पैनोरमिक सनरूफ वाली कार खरीदना चाहते हैं, तो Tata Nexon इस समय सबसे मजबूत विकल्प बनकर सामने आई है. कंपनी ने हाल ही में Pure+ PS वेरिएंट लॉन्च किया है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 9.59 लाख रुपये है. यही वजह है कि यह देश की पहली ऐसी कार बन गई है, जिसमें 10 लाख रुपये से कम कीमत पर वॉइस-असिस्टेड पैनोरमिक सनरूफ मिलता है. इसके साथ Nexon अपने मजबूत सेफ्टी पैकेज और एसयूवी स्टाइल के कारण भी ग्राहकों को आकर्षित करती है. Kia Syros और Mahindra XUV 3XO भी हैं शानदार विकल्प अगर बजट थोड़ा बढ़ाया जा सकता है, तो Kia Syros भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. इसका HTK+ वेरिएंट 10.74 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर पैनोरमिक सनरूफ के साथ आता है. Nexon के नए वेरिएंट के आने से पहले यही देश की सबसे किफायती पैनोरमिक सनरूफ वाली कार थी. वहीं Mahindra XUV 3XO का RevX A वेरिएंट भी इस फीचर के साथ उपलब्ध है. इसकी शुरुआती कीमत 11.16 लाख रुपये है. इसमें 1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 131hp की पावर और 230Nm टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों ट्रांसमिशन विकल्पों के साथ उपलब्ध है. MG Astor देती है प्रीमियम एक्सपीरिएंस अगर आपकी प्राथमिकता प्रीमियम केबिन और आरामदायक ड्राइविंग है, तो MG Astor भी इस लिस्ट में मजबूत दावेदार है. इसका Shine वेरिएंट 11.34 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर ड्यूल-पेन पैनोरमिक सनरूफ के साथ आता है. इसमें 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है, जिसे मैनुअल और CVT गियरबॉक्स दोनों के साथ खरीदा जा सकता है. Astor अपने फीचर-लोडेड केबिन और प्रीमियम फिनिश की वजह से अलग पहचान बनाती है. Tata Curvv भी देती है स्टाइल और फीचर्स का कॉम्बिनेशन अगर कूपे एसयूवी डिजाइन पसंद है, तो Tata Curvv भी इस बजट में एक आकर्षक विकल्प है. इसका Pure+ S वेरिएंट 11.65 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर पैनोरमिक सनरूफ के साथ आता है. इसमें 1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 120hp की पावर और 170Nm टॉर्क जेनरेट करता है. यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए बेहतर हो सकता है, जो स्टाइलिश डिजाइन के साथ आधुनिक फीचर्स चाहते हैं. किसे खरीदना रहेगा सबसे बेहतर? अगर सबसे कम कीमत में पैनोरमिक सनरूफ चाहिए, तो Tata Nexon फिलहाल सबसे बेहतर वैल्यू ऑफर करती है. वहीं Kia Syros और Mahindra XUV 3XO फीचर्स और परफॉर्मेंस का अच्छा संतुलन देती हैं. MG Astor प्रीमियम केबिन एक्सपीरिएंस ऑफर करती है, जबकि Tata Curvv अपने कूपे एसयूवी डिजाइन और मॉडर्न फीचर्स के कारण अलग पहचान बनाती है. खरीदने से पहले अपने बजट, इंजन विकल्प और जरूरत के हिसाब से इन सभी मॉडलों की तुलना जरूर करें. ये भी पढ़ें: टाटा सफारी से अपग्रेड करना चाहते हैं? ऑफ-रोडिंग से लेकर लग्जरी तक फील देंगे ये 5 SUV The post ₹10 लाख की रेंज में पैनोरमिक सनरूफ वाली कार चाहिए? Tata Nexon से Kia Syros तक ये 5 मॉडल्स हैं बेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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बारुईपुर मुठभेड़ पर बोलीं कामदुनी आंदोलन की नेता मौसुमी कयाल- यह असुरों के संहार की शुरुआत

Baruipur Encounter: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने पर स्त्रीओं ने खुशी का इजहार किया है. स्त्रीओं के खिलाफ यौन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाली चर्चित एक्टिविस्ट मौसुमी कयाल ने आरोपी की मौत पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे ‘असुरों के संहार की शुरुआत’ करार दिया है. मंगलवार देर रात मुठभेड़ में मारा गया प्रभाष मंडल मंगलवार देर रात बारुईपुर में पुलिस के साथ हुई कथित मुठभेड़ में मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को मार गिराया गया. इस समाचार पर प्रतिक्रिया देते हुए कयाल ने बुधवार को कहा कि आरोपी के मारे जाने से उन्हें बहुत सुकून मिला है. उन्होंने कहा कि राज्य में स्त्रीओं और मासूम बेटियों के खिलाफ बढ़ते जघन्य अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए ऐसे ही त्वरित और कड़े कदम समय की मांग हैं. बलात्कारियों के लिए यही असली सजा : मौसुमी कयाल मुठभेड़ की इस कार्रवाई को ‘प्रशंसनीय’ और पूरी तरह ‘जायज’ ठहराते हुए मौसुमी कयाल ने कहा कि ऐसे मामलों में ढिलाई की बजाय अपराधियों के खिलाफ तुरंत और कठोरतम कदम उठाए जाने चाहिए. कामदुनी आंदोलन की अगुवा ने कहा- जांच होनी चाहिए, आरोपियों के बयान दर्ज किये जाने चाहिए और उसके बाद उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया जाना चाहिए. यही असली न्याय है. बलात्कारियों के लिए यही सबसे बड़ा सबक और सजा है, ताकि कोई भी अपराधी इस राज्य में किसी भी स्त्री के खिलाफ अपराध करने की सोच भी न सके. ये भी पढ़ें : बारुईपुर कांड : शुभेंदु अधिकारी ने डीजीपी से 72 घंटे में मांगी रिपोर्ट, कहा- कट्टरपंथी और देश विरोधी ताकतों ने भड़कायी हिंसा ममता बनर्जी की प्रशासन पर साधा निशाना मौसुमी कयाल ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस प्रशासन के रवैये पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बलात्कार जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों को भी अक्सर ‘मनगढ़ंत’ या ‘सजायी गयी घटनाएं’ बताकर खारिज कर दिया जाता था. कामदुनी से आरजी कर तक के आरोपियों को मिला संरक्षण कयाल ने कहा कि वर्ष 2013 के कामदुनी कांड से लेकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की दुखद घटना तक, कई बार आरोपियों को प्रशासनी वकीलों और सीआईडी के कुछ अधिकारियों द्वारा संरक्षण दिये जाने की बातें सामने आयी थीं. कयाल ने याद दिलाया कि जब वह 2013 में कॉलेज छात्रा से गैंगरेप और हत्या के बाद इंसाफ मांगने सड़कों पर उतरी थीं, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें ‘माओवादी’ तक कह दिया था. लेकिन सामाजिक दबाव के बावजूद वे (कयाल) डरी नहीं और लंबी कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ी. ये भी पढ़ें : बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपी आनंद प्रशासन गिरफ्तार, अब तक 3 पकड़ाये ‘बदल रही हैं परिस्थितियां, आम लोग और माताएं खुश’ मौसुमी कयाल ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रशासन और उसके प्रशासनिक रुख की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य में अब स्थितियां तेजी से बदल रही हैं. नये प्रशासन ने स्त्री सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस का कड़ा संदेश दिया है. आम नागरिक और माताएं इस त्वरित कार्रवाई से खुश हैं, क्योंकि उन्होंने कभी इस तरह की सख्त और सीधी पुलिसिया कार्रवाई की कल्पना भी नहीं की थी. उन्होंने कहा कि इस मुठभेड़ से अपराधियों और असामाजिक तत्वों के मन में कानून का खौफ पैदा होगा. ये भी पढ़ें : बारुईपुर में नाबालिग की हत्या के बाद युवक को पीट-पीटकर मार डाला, कुलपी रोड जाम, पुलिस कैंप पर हमला ये भी पढ़ें : पश्चिम बंगाल : बारुईपुर दुष्कर्म के आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत, मां ने शव लेने से किया इनकार The post बारुईपुर मुठभेड़ पर बोलीं कामदुनी आंदोलन की नेता मौसुमी कयाल- यह असुरों के संहार की शुरुआत appeared first on Naya Vichar.

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30 हजार की ड्रेस में कोर्ट पहुंचीं सिया, सोशल मीडिया पर बवाल- आखिर हिरासत में महंगे कपड़े किसने दिए

Pune murder case : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल को जब पेशी के लिए कोर्ट लाया गया,तो इस बार चर्चा किसी कानूनी कार्रवाई की नहीं, बल्कि उनकी महंगी ड्रेस की हो रही है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के मुताबिक, बताया जा रहा है कि पेशी के दौरान सिया करीब 30 हजार रुपये की ड्रेस पहनकर अदालत पहुंचीं. सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान इस बात ने खींचा कि उनके चेहरे पर तनाव या घबराहट की बजाय सामान्य और आत्मविश्वास भरे भाव दिखाई दिए .उसकी इस तस्वीर केसामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. यूजर्स ने उठाए तीखे सवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि पुलिस कस्टडी में रहने के दौरान सिया गोयल को इतने महंगे कपड़े आखिर किसने उपलब्ध कराए. कुछ लोगों ने हिरासत की व्यवस्था और नियमों पर सवाल खड़े किए, जबकि कुछ ने इसे विशेष सुविधाएं मिलने का मामला बताया. हालांकि, इस संबंध में पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. पहले भी कई वजहों से चर्चा में रही हैं सिया सिया गोयल का नाम पहले से ही विवादों और जांच के कारण चर्चा में रहा है. उनके खिलाफ चल रही जांच और गिरफ्तारी को लेकर पहले भी कई समाचारें सामने आ चुकी हैं. अब पेशी के दौरान उनके महंगे पहनावे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ला दिया है और लोग पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. तस्वीरों ने बढ़ाई सस्पेंस, जवाब का इंतजार फिलहाल सवाल यह है कि क्या सिया गोयल को परिवार की ओर से कपड़े उपलब्ध कराए गए थे या कानूनी प्रक्रिया के तहत इसकी अनुमति दी गई थी. जब तक पुलिस या संबंधित अधिकारी इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देते, तब तक सोशल मीडिया पर अटकलों और सवालों का दौर जारी रहने की संभावना है. मामले की जांच के साथ-साथ अब लोगों की नजर इस नए विवाद पर भी टिकी हुई है. यह भी पढ़ें-केतन हत्याकांड में नया मोड़ : पॉलीग्राफ टेस्ट से पीछे हटे सिया-चेतन, अब बीड के युवक से पूछताछ The post 30 हजार की ड्रेस में कोर्ट पहुंचीं सिया, सोशल मीडिया पर बवाल- आखिर हिरासत में महंगे कपड़े किसने दिए appeared first on Naya Vichar.

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संजय राउत ने कहा- राम मंदिर किसी की जागीर नहीं, मंदिर ट्रस्ट पर उठाए गंभीर सवाल

Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर दान चोरी से जुड़े मामले में शिवसेना नेता संजय काउत ने मंदिर ट्रस्ट पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा तो दे दिया लेकिन घोटाले में और भी कई नाम शामिल हैं. मंदिरों में घोटाले का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हर मंदिरों में बीजेपी का ही कब्जा है. बीजेपी की सत्ता वाले हर राज्य के मंदिरों में घोटाले हो रहे हैं. “इकलौते बीजेपी वाले नहीं हैं रामभक्त” चंपत राय से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में काम करने वाला हर व्यक्ति चंपत राय है. उन्होंने अपने तीखे बयान में कोषाध्यक्ष से लेकर ट्रस्ट के अध्यक्ष तक हर व्यक्ति को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर बीजेपी की जागीर नहीं है. इकलौते राम भक्त बीजेपी और संघ वाले ही नहीं हैं. अन्य नेताओं का जिक्र उन्होंने आरोप लगाते हुए अपने बयान में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी सहित कई नेताओं का भी जिक्र किया. एक-एक कर नाम लेते हुए उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या अखिलेश यादव रामभक्त नहीं हैं? मायावती रामभक्त नहीं हैं? ममता बनर्जी रामभक्त नहीं हैं? अब तक कितनी चोरी का खुलासा रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 2 करोड़ से अधिक की दान चोरी को रिकवर किया जा चुका है. साइबर सेल की मदद से जब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन का डिलीट किया गया 1 साल पुराना डेटा और बैकअप रिकवर किया गया, तो उसमें ₹2 करोड़ से अधिक की चोरी से जुड़ी चैट्स और पुख्ता सबूत सामने आए हैं. इंडियन एक्सप्रेस की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 7 से 7.5 करोड़ रुपये तक की हेराफेरी किए जाने का आरोप है. पूर्व विधायक पवन पांडे की शिकायत और शुरुआती जांच के अनुसार, मंदिर के चढ़ावे और चंदे से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था. वहीं एसआईटी ने जब 27 अप्रैल से 5 जून तक की सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो सामने आया कि महज 45 दिनों के भीतर काउंटिंग रूम से 70 बार नोटों की गड्डियां और खुले पैसे गायब किए गए. The post संजय राउत ने कहा- राम मंदिर किसी की जागीर नहीं, मंदिर ट्रस्ट पर उठाए गंभीर सवाल appeared first on Naya Vichar.

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा, फर्जी रसीद छपवाकर श्रद्धालुओं से वसूली करते थे आरोपी

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में नया खुलासा हुआ है. आरोपियों की निशानदेही पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से छपवाई गई फर्जी चंदा रसीद बुक बरामद हुई है. पूछताछ में आरोपियों ने श्रद्धालुओं को फर्जी रसीद देकर दान राशि वसूलने की बात कबूल की है. अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए राज सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में आरोपियों की एक और बड़ी करतूत का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों को आरोपियों के पास से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम पर तैयार की गई पुरानी फर्जी चंदा रसीद बुक मिली है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल दान राशि में हेराफेरी नहीं करते थे, बल्कि फर्जी रसीदों के जरिए श्रद्धालुओं से रकम भी वसूलते थे. असली जैसी दिखती थी फर्जी रसीद, श्रद्धालु हो जाते थे शिकार सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की असली रसीद की तरह दिखने वाली फर्जी पर्चियां छपवाई थीं. इन रसीदों पर ट्रस्ट का लोगो और अन्य जरूरी जानकारियां भी दर्ज थीं, जिससे आम श्रद्धालुओं को धोखे का पता नहीं चलता था. आरोपी दान देने वाले लोगों को यही फर्जी रसीद थमाकर उनसे पैसे लेते थे. जांच में बरामद हुई रसीद बुक को पुलिस ने महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर कब्जे में लिया है. टिन्नू यादव समेत आरोपियों से पूछताछ में खुलासा मामले में गिरफ्तार टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, करुणेश और अनुकल्प मिश्रा समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से दान व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा था. आरोपियों की निशानदेही पर बरामद दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद बंद हुआ स्पोर्ट्स जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में ऑनलाइन दान व्यवस्था लागू होने और कागजी रसीदों का इस्तेमाल कम होने के बाद आरोपियों ने फर्जी रसीदों का उपयोग बंद कर दिया था. नई व्यवस्था के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते में दान करने लगे या मंदिर परिसर में बने आधिकारिक काउंटर से रसीद प्राप्त करने लगे. जांच एजेंसियां जुटा रहीं पूरे नेटवर्क की जानकारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और इससे कितनी रकम जुटाई गई. जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और बरामद दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. यह भी पढ़ें: सीएम योगी ने किया मेगा शुभारंभ, अब 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज का लाभ The post अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा, फर्जी रसीद छपवाकर श्रद्धालुओं से वसूली करते थे आरोपी appeared first on Naya Vichar.

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117Km रेंज, Boost Mode और स्पोर्टी डिजाइन के साथ आया Yamaha का सबसे महंगा इलेक्ट्रिक स्कूटर

अगर आप ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जो सिर्फ लंबी रेंज ही नहीं बल्कि स्पोर्टी लुक और दमदार परफॉर्मेंस भी दे, तो Yamaha का नया Aerox-E आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. कंपनी ने अपनी नयी इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox-E को हिंदुस्तान में 2.82 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दिया है. यह फिलहाल हिंदुस्तान में Yamaha का सबसे महंगा स्कूटर है. आइए जानते हैं इसमें क्या-क्या खास मिलता है. डिजाइन Aerox 155 जैसा डिजाइन की बात करें, तो Aerox-E काफी हद तक पेट्रोल वाले Aerox 155 जैसा ही दिखता है. इसमें ट्विन LED हेडलाइट, LED टेललाइट और स्पोर्टी बॉडी डिजाइन दिया गया है, जिससे इसकी पहचान बरकरार रहती है. बैटरी, मोटर और रेंज Yamaha Aerox-E में 1.5kWh के दो डिटैचेबल बैटरी पैक दिए गए हैं. इसमें लगा इलेक्ट्रिक मोटर 9.5kW (करीब 12.9hp) की मैक्सिमम पावर और 48Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. कंपनी के अनुसार, इसमें हाई-एनर्जी बैटरी सेल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे स्कूटर को बेहतर परफॉर्मेंस और स्मूद राइडिंग का एक्सपीरियंस मिलता है. रेंज की बात करें, तो कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर एक बार चार्ज करने पर 117km (IDC) तक की रेंज देता है, जो रोजमर्रा के शहर के सफर के लिए काफी मानी जाती है. इसका वजन 139 किलोग्राम है. हालांकि, ज्यादा वजन के बावजूद Yamaha ने इसे शहर में आरामदायक और आसान राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया है. Aerox-E में दिए गए हैं कई राइडिंग मोड्स Yamaha Aerox-E में अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से Eco, Standard और Power जैसे तीन राइडिंग मोड्स दिए गए हैं. राइडर ट्रैफिक और बैटरी की जरूरत के अनुसार इनमें से किसी भी मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा स्कूटर में Boost Mode भी मिलता है, जो कुछ समय के लिए ज्यादा पावर देता है. इससे ओवरटेक करना और शहर के ट्रैफिक में तेजी से निकलना आसान हो जाता है. इसके अलावा, बेहतर सुरक्षा के लिए स्कूटर में फ्रंट डिस्क ब्रेक के साथ ABS और रियर डिस्क ब्रेक दिया गया है. यह सेटअप इसे स्पोर्टी राइडिंग के साथ बेहतर ब्रेकिंग भी देता है. Yamaha ने Aerox-E को इस तरह तैयार किया है, कि पेट्रोल वाले Aerox 155 चलाने वाले राइडर्स को भी इसकी राइडिंग काफी एक जैसे लगे, जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटर होने की वजह से इसका रनिंग कॉस्ट भी कम रहेगा. मिलेंगे ये फीचर्स फीचर्स की बात करें तो Aerox-E में TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है, जो स्मार्टफोन ऐप कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है. यह रेगुलर Aerox 155 में मिलने वाले LCD डिस्प्ले के मुकाबले ज्यादा एडवांस्ड और प्रीमियम एक्सपीरियंस देता है. इसलिए अगर आप मॉडर्न टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं, तो Aerox-E एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. किन शहरों में मिलेगी? फिलहाल Yamaha Aerox-E की बिक्री दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और चेन्नई में शुरू की गई है. अगर आप प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जिसमें स्पोर्टी डिजाइन, दमदार परफॉर्मेंस और अच्छी रेंज मिले, तो Yamaha Aerox-E आपके लिए एक नया ऑप्शन बन सकता है. ये भी पढ़ें: 1.25 लाख की ई-बाइक की डिलीवरी शुरू, मिलेगी 180KM की रेंज और 110kmph की रफ्तार The post 117Km रेंज, Boost Mode और स्पोर्टी डिजाइन के साथ आया Yamaha का सबसे महंगा इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के रमकंडा स्कूल में उतरवा दिया गया बच्चों का कलावा और लॉकेट, जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम

रमकंडा से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय रमकंडा में छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधे धार्मिक कलावा (रक्षा सूत्र) और गले में पहने लॉकेट उतरवाने के आरोप ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली. मामला जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद उपायुक्त के निर्देश पर शिक्षा विभाग की जांच टीम विद्यालय पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी. फिलहाल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अरबी पढ़ाने वाले शिक्षक पर लगा आरोप ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, बुधवार को विद्यालय में पढ़ाई के दौरान अरबी विषय के एक शिक्षक ने कुछ छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधे कलावा और गले में पहने धार्मिक लॉकेट उतरवा दिए. आरोप है कि जब कुछ विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डांट-फटकार भी लगाई गई. इस घटना के बाद बच्चों ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया. हालांकि, इस मामले में संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. विद्यालय पहुंचकर अभिभावकों ने किया हंगामा घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए. उन्होंने स्कूल परिसर में विरोध जताते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी छात्र की धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुओं को हटाने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है. उनका कहना था कि विद्यालय शिक्षा का केंद्र है और वहां सभी धर्मों एवं समुदायों का समान सम्मान होना चाहिए. कुछ समय तक विद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन के प्रयास से स्थिति को शांत कराया गया. उपायुक्त के निर्देश पर जांच टीम पहुंची मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा के उपायुक्त के निर्देश पर शिक्षा विभाग की एक जांच टीम उत्क्रमित उच्च विद्यालय रमकंडा पहुंची. टीम ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक, संबंधित शिक्षक, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई. अधिकारियों ने यह भी जानने का प्रयास किया कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, क्या वास्तव में बच्चों से कलावा और लॉकेट उतरवाए गए तथा यदि ऐसा हुआ तो इसके पीछे क्या कारण था. जांच टीम ने विद्यालय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और अन्य तथ्य भी एकत्र किए. निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की जा रही है. किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. विद्यालय में शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद विद्यालय में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था. इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी अभिभावकों से शांति बनाए रखने तथा जांच प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया है. विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि विद्यालय का वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहे. इसे भी पढ़ें: भूमि विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीट-पीटकर मार डाला, गांव में मचा हड़कंप जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर फिलहाल इस पूरे मामले में सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है. अभिभावक आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा. यह मामला केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों में धार्मिक स्वतंत्रता, विद्यार्थियों के अधिकार और अनुशासन के बीच संतुलन जैसे संवेदनशील प्रश्न भी सामने लाता है. अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है. इसे भी पढ़ें: ‘मंत्री महोदया, सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं’, दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा The post झारखंड के रमकंडा स्कूल में उतरवा दिया गया बच्चों का कलावा और लॉकेट, जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम appeared first on Naya Vichar.

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